10 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि अंतरण किया
2800 करोड़ रुपए से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित किया
1000 करोड़ रुपए से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया
पीएमएवाई के 26 लाख लाभार्थियों के गृह-प्रवेश समारोह में भाग लिया
अतिरिक्त परिवारों के सर्वेक्षण के लिए आवास+2024 ऐप शुभांरभ किया
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 के परिचालन दिशानिर्देश जारी किए
"इस राज्य ने हम पर बहुत विश्वास जताया है और हम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे"
"केंद्र में एनडीए सरकार के 100 दिनों की अवधि के दौरान, गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं"
"कोई भी देश व राज्य तभी प्रगति करता है जब उसकी आधी आबादी, यानि हमारी महिला शक्ति, उसके विकास में समान भागीदारी करती है"
"प्रधानमंत्री आवास योजना भारत में महिला सशक्तिकरण का प्रतिबिंब है"
"सरदार पटेल ने असाधारण इच्छाशक्ति के बल पर देश को एकजुट किया"

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

ओडिशा के गवर्नर रघुबर दास जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन मांझी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी जुएल ओराम जी, धर्मेंद्र प्रधान जी, अन्नपूर्णा देवी जी, ओडिशा के डिप्टी सीएम के. वी. सिंहदेव जी, श्रीमती प्रभाती परीडा जी, सांसदगण, विधायकगण, देश के कोने-कोने से आज हमारे साथ जुड़े हुए सभी अन्य महानुभाव और ओडिशा के मेरे भाइयों और बहनों।

ओडिशा-रो प्रिय भाई ओ भौउणी मानंकु,

मोर अग्रिम सारदीय सुभेच्छा।

भगवान जगन्नाथ की कृपा से आज एक बार फिर मुझे ओडिशा की पावन धरती पर आने का सौभाग्य मिला है। जब भगवान जगन्नाथ की कृपा होती है, जब भगवान जगन्नाथ जी का आशीर्वाद बरसता है, तब भगवान जगन्नाथ की सेवा के साथ ही जनता जनार्दन की सेवा का भी भरपूर अवसर मिलता है।

साथियों,

आज देश भर में गणेश उत्सव की धूम है, गणपति को विदाई दी जा रही है। आज अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व भी है। आज ही विश्वकर्मा पूजा भी है। दुनिया में भारत ही ऐसा देश है, जहां श्रम और कौशल को विश्वकर्मा के रूप में पूजा जाता है। मैं सभी देशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की भी शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

ऐसे पवित्र दिन अभी मुझे ओडिशा की माताओं-बहनों के लिए सुभद्रा योजना का शुभारंभ करने का अवसर मिला है। और ये भी महाप्रभु की कृपा है कि माता सुभद्रा के नाम से योजना का आरंभ हो और स्वयं इंद्र देवता आशीर्वाद देने के लिए पधारे हैं। आज देश के 30 लाख से ज्यादा परिवारों को यहीं भगवान जगन्नाथ जी की धरती से देशभर के अलग-अलग गांवों में लाखों परिवारों को पक्के घर भी दिये गए हैं। इनमें से 26 लाख घर हमारे देश के गांवों में और 4 लाख घर हमारे देश के अलग-अलग शहरों में ये घर दिए गए हैं। यहां ओडिशा के विकास के लिए हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। मैं आप सबको, ओडिशा के सभी लोगों को, सभी देशवासियों को इस अवसर पर बधाई देता हूँ।

भाइयों-बहनों,

ओडिशा में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनते समय मैं शपथ ग्रहण समारोह में आया था। उसके बाद ये मेरी पहली यात्रा है। जब चुनाव चल रहे थे, तब मैंने आपसे कहा था, यहां डबल इंजन की सरकार बनेगी तो ओडिशा विकास की नई उड़ान भरेगा। जो सपने यहाँ के गाँव-गरीब, दलित-आदिवासी ऐसे हमारे वंचित परिवारों ने देखे हैं, जो सपने हमारी माताओं, बहनों, बेटियों ने, महिलाओं ने, जो सपने हमारे नौजवानों ने, हमारे नौजवान बेटियों ने, जो सपने हमारे मेहनतकस मध्यम वर्ग ने देखे हैं, उन सबके सपने भी पूरे होंगे, ये मेरा विश्वास है और महाप्रभु का आशीर्वाद है। आज आप देखिए जो वादे हमने किए थे, वो अभूतपूर्व गति से पूरे हो रहे हैं। हमने कहा था, हम सरकार बनते ही भगवान जगन्नाथ के मंदिर के चारों द्वार खोलेंगे। सरकार बनते ही हमने भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर के बंद द्वार खुलवा दिये। जैसा हमने कहा था, मंदिर का रत्न भंडार भी खोल दिया गया। भाजपा सरकार दिन रात जनता-जनार्दन की सेवा के लिए काम कर रही है। हमारे मोहन जी, के. वी. सिंह देव जी, बहन प्रभाती परीडा जी, और सभी मंत्रियों के नेतृत्व में सरकार खुद जनता के पास जा रही है, उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रही है। और मैं इसके लिए यहां की मेरी पूरी टीम की, मेरे सभी साथियों की भरपूर प्रशंसा करता हूं, मैं उनकी सराहना करता हूं।

भाइयों-बहनों,

आज का ये दिन एक और वजह से भी विशेष है। आज केंद्र की एनडीए सरकार के 100 दिन भी हो रहे हैं। इस दौरान, गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति के सशक्तिकरण के लिए बड़े-बड़े फैसले लिए गए हैं। बीते 100 दिन में तय हुआ कि गरीबों के लिए 3 करोड़ पक्के घर बनाएंगे। बीते 100 दिनों में नौजवानों के लिए 2 लाख करोड़ रुपए का पीएम पैकेज घोषित किया गया है। युवा साथियों को इसका बहुत लाभ होगा। इसके तहत प्राइवेट कंपनियों में नौजवानों की पहली नौकरी की पहली सैलरी सरकार देने वाली है। ओडिशा सहित पूरे देश में 75 हज़ार नई मेडिकल सीटें जोड़ने का भी फैसला किया गया है। कुछ दिन पहले ही 25 हज़ार गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने की योजना को भी स्वीकृति दी गई है। इसका फायदा मेरे ओडिशा के गांवों को भी होगा। बजट में जनजातीय मंत्रालय के बजट में करीब दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। देशभर में करीब 60 हज़ार आदिवासी गांवों के विकास के लिए विशेष योजना की घोषणा की गई है। बीते 100 दिनों में ही सरकारी कर्मचारियों के लिए एक शानदार पेंशन योजना की भी घोषणा की गई है। जो कर्मचारी हैं, जो दुकानदार हैं, मध्यम वर्ग के उद्यमी हैं, उनके इनकम टैक्स में भी कमी की गई है।

साथियों,

बीते 100 दिन में ही ओडिशा सहित पूरे देश में 11 लाख नई लखपति दीदी बनी हैं। हाल में ही धान किसानों, तिलहन और प्याज किसानों के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। विदेशी तेल के आयात पर शुल्क बढ़ाया गया है, ताकि देश के किसानों से ज्यादा कीमत पर खरीद हो। इसके अलावा बासमती के निर्यात पर लगने वाला शुल्क घटाया गया है। इससे चावल के निर्यात को बल मिलेगा और बासमती उगाने वाले किसानों को ज्यादा फायदा होगा। खरीफ की फसलों पर MSP बढ़ाया गया है। इससे देश के करोड़ों किसानों को करीब 2 लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा। बीते 100 दिन में सबके हित में ऐसे कई बड़े कदम उठाए गए हैं।

साथियों,

कोई भी देश, कोई भी राज्य तभी आगे बढ़ता है, जब उसके विकास में उसकी आधी आबादी यानि हमारी नारीशक्ति की बराबर भागीदारी होती है। इसलिए, महिलाओं की उन्नति, महिलाओं का बढ़ता सामर्थ्य, ये ओडिशा के विकास का मूलमंत्र होने वाला है। यहाँ तो भगवान जगन्नाथ जी के साथ देवी सुभद्रा की मौजूदगी भी हमें यही बताती है, यही सिखाती है। मैं यहां देवी सुभद्रा स्वरूपा सभी माताओं-बहनों-बेटियों को आदरपूर्वक नमन करता हूं। मुझे खुशी है कि भाजपा की नई सरकार ने अपने सबसे शुरुआती फैसलों में ही सुभद्रा योजना की सौगात हमारी माताओं-बहनों को दी है। इसका लाभ ओडिशा की 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा। इस योजना के तहत महिलाओं को कुल 50 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। ये पैसा समय-समय पर आपको मिलता रहेगा। ये राशि सीधे माताओं-बहनों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, बीच में कोई बिचौलिया नहीं, सीधा आपके पास। RBI की डिजिटल करेंसी के पायलट प्रोजेक्ट से भी इस योजना को जोड़ा गया है। इस डिजिटल करेंसी को आप सभी बहनें, जब मन आए डिजिटल तरीके से खर्च भी कर पाएंगी। देश में डिजिटल करेंसी की अपनी तरह की इस पहली योजना से जुड़ने के लिए मैं ओडिशा की माताओं, बहनों, बेटियां सभी महिलाओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। सुभद्रा जोजोना मा ओ भौउणी मानंकु सशक्त करू, मा सुभद्रांक निकट-रे एहा मोर प्रार्थना।

भाइयों-बहनों,

मुझे बताया गया है, सुभद्रा योजना को ओडिशा की हर माता-बहन-बेटी तक पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में कई यात्राएं भी निकाली जा रही हैं। इसके लिए माताओं-बहनों को जागरूक किया जा रहा है। योजना से जुड़ी सारी जानकारी दी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के, भाजपा के लाखों कार्यकर्ता भी इस सेवा अभियान में पूरे जोर-शोर से जुटे हैं। मैं इस जनजागरण के लिए सरकार, प्रशासन के साथ-साथ भाजपा के विधायक, भाजपा के सांसद और भाजपा के लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

साथियों,

भारत में महिला सशक्तिकरण का एक और प्रतिबिंब है- प्रधानमंत्री आवास योजना। इस योजना के कारण छोटे से छोटे गाँव में भी अब संपत्ति महिलाओं के नाम होने लगी है। आज ही यहाँ देश भर के लगभग 30 लाख परिवारों का गृहप्रवेश करवाया गया है। अभी तीसरे कार्यकाल में हमारी सरकार के कुछ महीने ही हुए हैं, इतने कम समय में ही 15 लाख नए लाभार्थियों को आज स्वीकृति पत्र भी दे दिए गए हैं। 10 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, ये शुभ काम भी हमने ओडिशा की, महाप्रभु की इस पवित्र धरती से किया है, और इसमें बड़ी संख्या में मेरे ओडिशा के गरीब परिवार भी शामिल हैं। जिन लाखों परिवारों को आज पक्का घर मिला है, या पक्का घर मिलना पक्का हुआ है, उनके लिए ये जीवन की नई शुरुआत है और पक्की शुरूआत है।

भाइयों-बहनों,

यहाँ आने से पहले मैं हमारे एक आदिवासी परिवार के गृहप्रवेश के कार्यक्रम में उनके घर भी गया था। उस परिवार को भी अपना नया पीएम आवास मिला है। उस परिवार की खुशी, उनके चेहरों का संतोष, मैं कभी नहीं भूल सकता। उस आदिवासी परिवार ने मुझे मेरी बहन ने खुशी से खीरी भी खिलाई! और जब मैं खीरी खा रहा था तो स्वाभाविक था कि मुझे मेरी मां की याद आना, क्योंकि जब मेरी मां जीवित थी तो मैं जन्मदिन पर हमेशा मां के आशीर्वाद लेने जाता था, और मां मेरे मुंह में गुड़ खिलाती थी। लेकिन मां तो नहीं है आज एक आदिवासी मां ने खीर खिलाकर मुझे जन्मदिन का आशीर्वाद दिया। ये अनुभव, ये अहसास मेरे पूरे जीवन की पूंजी है। गाँव-गरीब, दलित, वंचित, आदिवासी समाज के जीवन में आ रहा ये बदलाव, उनकी ये खुशियाँ ही मुझे और मेहनत करने की ऊर्जा देती हैं।

साथियों,

ओडिशा के पास वो सब कुछ है, जो एक विकसित राज्य के लिए जरूरी होता है। यहाँ के युवाओं की प्रतिभा, महिलाओं का सामर्थ्य, प्राकृतिक संसाधन, उद्योगों के लिए अवसर, पर्यटन की अपार संभावनाएं, क्या कुछ यहाँ नहीं है? पिछले 10 वर्षों में केवल केंद्र में रहते हुये ही हमने ये साबित किया है कि ओडिशा हमारे लिए कितनी बड़ी प्राथमिकता है। 10 वर्ष पहले केंद्र की तरफ से ओडिशा को जितना पैसा मिलता था, आज उससे तीन गुना ज्यादा पैसा मिलता है। मुझे खुशी है कि अब ओडिशा में वो योजनाएं भी लागू हो रही हैं, जो पहले लागू नहीं थीं। आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज का लाभ अब ओडिशा के लोगों को भी मिलेगा। और इतना ही नहीं, अब तो केंद्र सरकार ने 70 साल के ऊपर के बुजुर्ग के लिए भी 5 लाख रुपए का इलाज मुफ्त कर दिया है। आपकी आय चाहे कितनी ही हो, आपके घर में अगर 70 साल के ऊपर के बुजुर्ग हैं, उनकी उम्र 70 साल से ऊपर है तो उनके इलाज की चिंता मोदी करेगा। लोकसभा चुनाव के समय मोदी ने आपसे ये वायदा किया था और मोदी ने अपनी गारंटी पूरी करके दिखाई है।

साथियों,

गरीबी के खिलाफ भाजपा के अभियान का सबसे बड़ा लाभ ओडिशा में रहने वाले दलित, वंचित और आदिवासी समाज को मिला है। आदिवासी समाज के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय बनाना हो, आदिवासी समाज को जड़-जंगल-जमीन के अधिकार देने की बात हो, आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर देना हो या ओडिशा की आदिवासी महिला को देश की माननीय राष्ट्रपति बनाना हो, ये काम पहली बार हमने किए हैं।

साथियों,

ओडिशा में कितने ही ऐसे आदिवासी इलाके, कितने ऐसे जनजातीय समूह थे, जो कई-कई पीढ़ियों तक विकास से वंचित थे। केंद्र सरकार ने जनजातियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना शुरू की है। ओडिशा में ऐसी 13 जनजातियों की पहचान की गई है। जनमन योजना के तहत सरकार इन सभी समाजों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। आदिवासी क्षेत्रों को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 3 महीने में इस अभियान के तहत 13 लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।

भाइयों और बहनों,

आज हमारा देश पारंपरिक कौशल के संरक्षण पर भी अभूतपूर्व रूप से फोकस कर रहा है। हमारे यहां सैकड़ों-हजारों वर्षों से लोहार, कुम्हार, सुनार, मूर्तिकार जैसे काम करने वाले लोग रहे हैं। ऐसे 18 अलग-अलग पेशों को ध्यान में रखते हुए पिछले साल विश्वकर्मा दिवस पर विश्वकर्मा योजना शुरू की गई थी। इस योजना पर सरकार 13 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। अभी तक 20 लाख लोग इसमें रजिस्टर हो चुके हैं। इसके तहत विश्वकर्मा साथियों को ट्रेनिंग दी जा रही। आधुनिक औज़ार खरीदने के लिए हज़ारों रुपए दिए जा रहे हैं। साथ ही बिना गारंटी का सस्ता लोन बैंकों से दिया जा रहा है। गरीब के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा तक की ये गारंटी, उनके जीवन में आ रहे ये बदलाव, यही विकसित भारत की असली ताकत बनेंगे।

साथियों,

ओडिशा के पास इतना बड़ा समुद्री तट है। यहाँ इतनी खनिज सम्पदा है, इतनी प्राकृतिक सम्पदा है। हमें इन संसाधनों को ओडिशा का सामर्थ्य बनाना है। अगले 5 साल में हम ओडिशा को रोड और रेलवे की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। आज भी, यहाँ रेल और रोड से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। आज मुझे लांजीगढ़ रोड-अंबोदला-डोइकालू रेल लाइन देश को समर्पित करने का सौभाग्य मिला है। लक्ष्मीपुर रोड-सिंगाराम-टिकरी रेल लाइन भी आज देश को समर्पित की जा रही है। इसके साथ ही ढेंकनाल-सदाशिवपुर-हिंडोल रोड रेल लाइन भी राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। पारादीप से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी आज काफी काम शुरू हुए हैं। मुझे जयपुर-नवरंगपुर नई रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का सौभाग्य भी मिला है। इन प्रोजेक्ट्स से ओडिशा के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। वो दिन दूर नहीं जब पुरी से कोणार्क रेलवे लाइन पर भी तेजी से काम शुरू होगा। हाइटेक ‘नमो भारत रैपिड रेल’ भी बहुत जल्द ही ओडिशा को मिलने वाली है। ये आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर ओडिशा के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा।

साथियों,

आज 17 सितंबर को देश हैदराबाद मुक्ति दिवस भी मना रहा है। आज़ादी के बाद हमारा देश जिन हालातों में था, विदेशी ताक़तें जिस तरह देश को कई टुकड़ों में तोड़ना चाहती थीं। अवसरवादी लोग जिस तरह सत्ता के लिए देश के टुकड़े-टुकड़े करने के लिए तैयार हो गए थे। उन हालातों में सरदार पटेल सामने आए। उन्होंने असाधारण इच्छाशक्ति दिखाकर देश को एक किया। हैदराबाद में भारत-विरोधी कट्टरपंथी ताकतों पर नकेल कसकर 17 सिंतबर को हैदराबाद को मुक्त कराया गया। इसलिए हैदराबाद मुक्ति दिवस, ये केवल एक तारीख नहीं है। ये देश की अखंडता के लिए, राष्ट्र के प्रति हमारे दायित्वों के लिए एक प्रेरणा भी है।

साथियों,

आज के इस अहम दिन हमें उन चुनौतियों पर भी ध्यान देना है जो देश को पीछे धकेलने में जुटी हैं। आज जब हम गणपति बप्पा को विदाई दे रहे हैं तो मैं एक विषय इसी से जुड़ा उठा रहा हूं। गणेश उत्सव, हमारे देश के लिए केवल एक आस्था का पर्व ही नहीं है। गणेश उत्सव ने हमारे देश की आज़ादी में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। जब सत्ता की भूख में अंग्रेज़ देश को बांटने में लगे थे। देश को जातियों के नाम पर लड़वाना, समाज में जहर घोलना, ‘बांटो और राज करो’, ये अंग्रेजों का हथियार बन गया था, तब लोकमान्य तिलक ने गणेश उत्सव के सार्वजनिक आयोजनों के जरिए भारत की आत्मा को जगाया था। ऊंच-नीच, भेदभाव, जात-पात, इन सबसे ऊपर उठकर हमारा धर्म हमें जोड़ना सिखाता है, गणेश उत्सव इसका प्रतीक बन गया था। आज भी, जब गणेश उत्सव होता है, हर कोई उसमें शामिल होता है। कोई भेद नहीं, कोई फर्क नहीं, पूरा समाज एक शक्ति बनकर के, एक सामर्थ्यवान बनकर के खड़ा होता है।

भाइयों और बहनों,

‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चलने वाले अंग्रेजों की नज़रों में उस समय भी ‘गणेश उत्सव’ खटकता था। आज भी, समाज को बांटने और तोड़ने में लगे सत्ता के भूखे लोगों को गणेश पूजा से परेशानी हो रही है। आपने देखा होगा काँग्रेस और उसके ecosystem के लोग पिछले कुछ दिनों से इसलिए भड़के हुए हैं, क्योंकि मैंने गणपति पूजन में हिस्सा लिया था। और तो और कर्नाटक में, जहां इनकी सरकार है, वहाँ तो इन लोगों ने और भी बड़ा अपराध किया। इन लोगों ने भगवान गणेश की प्रतिमा को ही सलाखों के पीछे डाल दिया। पूरा देश उन तस्वीरों से विचलित हो गया। ये नफरत भरी सोच, समाज में जहर घोलने की ये मानसिकता, ये हमारे देश के लिए बहुत खतरनाक है। इसलिए ऐसी नफरती ताकतों को हमें आगे नहीं बढ़ने देना है।

साथियों,

हमें साथ मिलकर अभी कई बड़े मुकाम हासिल करने हैं। हमें ओडिशा को, अपने देश को, सफलता की नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है। ओड़िसा बासींकरो समर्थनो पाँईं मूँ चीरअ रुणी, मोदी-रो आस्सा, सारा भारत कोहिबो, सुन्ना-रो ओड़िसा। मुझे विश्वास है, विकास की ये रफ्तार आने वाले समय में और तेज होगी। मैं एक बार फिर आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। मेरे साथ बोलिए-

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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आज शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स से पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक्स सिस्टम और मजबूत होगा: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पीएम मोदी
March 14, 2026
These initiatives will boost connectivity and improve the quality of life for people: PM
Today, a vigorous nationwide campaign to modernise railways is underway, and we are determined that West Bengal should not be left behind in this effort: PM
The central government is rapidly expanding the railway infrastructure in West Bengal: PM
Ports like Kolkata and Haldia have long been major centers of trade in Eastern India: PM
Mechanisation at the Haldia Dock Complex will speed up cargo operations, enhance port capacity and strengthen trade facilities: PM

राज्यपाल श्रीमान आर एन रवि जी, केंद्र में मेरे सहयोगी शांतनु ठाकुर जी, सुकांता मजूमदार जी, पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी जी, संसद में मेरे साथी शॉमिक भट्टाचार्य जी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, देवियों और सज्जनों,

 आज कोलकाता की धरती से पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। सड़क, रेलवे और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, इनसे जुड़ी 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक, 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। यह प्रोजेक्ट्स पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत को नई रफ्तार देंगे, इनसे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, लाखों लोगों का जीवन आसान होगा, उन्हें नए अवसर मिलेंगे, खड़गपुर–मोरेग्राम एक्सप्रेसवे के पूरा होने से पश्चिम बंगाल के अनेक हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। दुबराजपुर बाईपास, कांग्सावती, शीलावती नदियों पर बनने वाले बड़े पुल और इनसे भी कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मैं इन परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल समेत पूरे पूर्वी भारत के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। 

साथियों,

आज देश में रेलवे को आधुनिक बनाने का तेज अभियान चल रहा है। हमारा यह संकल्प है कि पश्चिम बंगाल इस अभियान में पीछे न रहे! इसलिए, केंद्र सरकार, पश्चिम बंगाल के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का भी तेज विस्तार करने के लिए प्रयास कर रही है। आज कलाईकुंडा और कानिमहुली सेक्शन में ऑटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इनसे व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी, यात्रा सुरक्षित होगी, साथ ही, यात्रियों के लिए स्पीड और सुविधा भी बढ़ेगी।

साथियों,

आज कामाख्या गुड़ी, अनारा, तमलुक, हल्दिया, बराभूम और सिउड़ी, इन छह स्टेशनों का अमृत स्टेशन के तौर पर उद्घाटन हुआ है। हमारे बंगाल की महान संस्कृति की झलक अब इन स्टेशनों पर और भी निखर कर आ रही है। अभी यहां कई और स्टेशनों का भी पुनर्विकास किया जा रहा है। पुरुलिया और आनंद विहार टर्मिनल के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इस ट्रेन सेवा का लाभ पश्चिम बंगाल के साथ झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लोगों को भी मिलेगा।

साथियों,

सड़क और रेल कनेक्टिविटी जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम भूमिका पोर्ट और वाटर ट्रांसपोर्ट भी निभाते हैं। दशकों तक, पूर्वी भारत के इस सामर्थ्य की बड़ी उपेक्षा हुई है। लेकिन, आज वॉटरवेज व्यापार और औद्योगिक प्रगति के नए रास्ते खोल रहे हैं। इसी दिशा में, आज पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अहम परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ। कोलकाता और हल्दिया जैसे बंदरगाह लंबे समय से पूर्वी भारत में व्यापार के प्रमुख केंद्र रहे हैं। हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स, इसका मशीनीकरण हो रहा है। इससे कार्गो ऑपरेशन और तेज होगा, बंदरगाह की क्षमता बढ़ेगी और व्यापार के लिए नई सुविधाएं तैयार होंगी। कोलकाता डॉक सिस्टम में बास्कुल ब्रिज का रिनोवेशन भी किया जा रहा है। खिदिरपुर डॉक में कार्गो हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने पर भी हमारा जोर है। इन सभी परियोजनाओं से पूर्वी भारत का लॉजिस्टिक सिस्टम और मजबूत होगा।

साथियों,

सड़क, रेल और पोर्ट से जुड़ी नई-नई परियोजनाएं, यह पश्चिम बंगाल के आधुनिक भविष्य के लिए नया रास्ता खोल रही हैं। इसका फायदा किसान, व्यापारी, उद्यमी, स्टूडेंट्स, हर किसी को मिलेगा। पर्यटन जैसे सेक्टर्स में भी नए अवसर पैदा होंगे। स्थानीय उद्योग और सेवाओं को गति मिलेगी। हमारा संकल्प है, बंगाल ने हमेशा जिस तरह भारत को दिशा दिखाई है, बंगाल एक बार फिर ‘विकसित बंगाल’ बनकर उस गौरव को हासिल करे। मुझे पूरा विश्वास है, मजबूत कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, यह विकसित बंगाल की बुनियाद बनेंगे। इसी कामना के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को इन विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। अब यह सरकारी कार्यक्रम पूरा होते ही मैं जरा खुले मैदान में जाऊंगा, वहां पूरा बंगाल आज इकट्ठा हुआ है, मुझे पूरे बंगाल के दर्शन होने वाले हैं और बहुत महत्वपूर्ण विषयों की चर्चा बंगाल की जनता जनार्दन के बीच में करूंगा। इस कार्यक्रम में इतना काफी है।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

बहुत-बहुत शुभकामनाएं!