10 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में धनराशि अंतरण किया
2800 करोड़ रुपए से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित किया
1000 करोड़ रुपए से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया
पीएमएवाई के 26 लाख लाभार्थियों के गृह-प्रवेश समारोह में भाग लिया
अतिरिक्त परिवारों के सर्वेक्षण के लिए आवास+2024 ऐप शुभांरभ किया
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 के परिचालन दिशानिर्देश जारी किए
"इस राज्य ने हम पर बहुत विश्वास जताया है और हम लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे"
"केंद्र में एनडीए सरकार के 100 दिनों की अवधि के दौरान, गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं"
"कोई भी देश व राज्य तभी प्रगति करता है जब उसकी आधी आबादी, यानि हमारी महिला शक्ति, उसके विकास में समान भागीदारी करती है"
"प्रधानमंत्री आवास योजना भारत में महिला सशक्तिकरण का प्रतिबिंब है"
"सरदार पटेल ने असाधारण इच्छाशक्ति के बल पर देश को एकजुट किया"

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

ओडिशा के गवर्नर रघुबर दास जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मोहन मांझी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी जुएल ओराम जी, धर्मेंद्र प्रधान जी, अन्नपूर्णा देवी जी, ओडिशा के डिप्टी सीएम के. वी. सिंहदेव जी, श्रीमती प्रभाती परीडा जी, सांसदगण, विधायकगण, देश के कोने-कोने से आज हमारे साथ जुड़े हुए सभी अन्य महानुभाव और ओडिशा के मेरे भाइयों और बहनों।

ओडिशा-रो प्रिय भाई ओ भौउणी मानंकु,

मोर अग्रिम सारदीय सुभेच्छा।

भगवान जगन्नाथ की कृपा से आज एक बार फिर मुझे ओडिशा की पावन धरती पर आने का सौभाग्य मिला है। जब भगवान जगन्नाथ की कृपा होती है, जब भगवान जगन्नाथ जी का आशीर्वाद बरसता है, तब भगवान जगन्नाथ की सेवा के साथ ही जनता जनार्दन की सेवा का भी भरपूर अवसर मिलता है।

साथियों,

आज देश भर में गणेश उत्सव की धूम है, गणपति को विदाई दी जा रही है। आज अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व भी है। आज ही विश्वकर्मा पूजा भी है। दुनिया में भारत ही ऐसा देश है, जहां श्रम और कौशल को विश्वकर्मा के रूप में पूजा जाता है। मैं सभी देशवासियों को विश्वकर्मा जयंती की भी शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

ऐसे पवित्र दिन अभी मुझे ओडिशा की माताओं-बहनों के लिए सुभद्रा योजना का शुभारंभ करने का अवसर मिला है। और ये भी महाप्रभु की कृपा है कि माता सुभद्रा के नाम से योजना का आरंभ हो और स्वयं इंद्र देवता आशीर्वाद देने के लिए पधारे हैं। आज देश के 30 लाख से ज्यादा परिवारों को यहीं भगवान जगन्नाथ जी की धरती से देशभर के अलग-अलग गांवों में लाखों परिवारों को पक्के घर भी दिये गए हैं। इनमें से 26 लाख घर हमारे देश के गांवों में और 4 लाख घर हमारे देश के अलग-अलग शहरों में ये घर दिए गए हैं। यहां ओडिशा के विकास के लिए हजारों करोड़ की विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। मैं आप सबको, ओडिशा के सभी लोगों को, सभी देशवासियों को इस अवसर पर बधाई देता हूँ।

भाइयों-बहनों,

ओडिशा में भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनते समय मैं शपथ ग्रहण समारोह में आया था। उसके बाद ये मेरी पहली यात्रा है। जब चुनाव चल रहे थे, तब मैंने आपसे कहा था, यहां डबल इंजन की सरकार बनेगी तो ओडिशा विकास की नई उड़ान भरेगा। जो सपने यहाँ के गाँव-गरीब, दलित-आदिवासी ऐसे हमारे वंचित परिवारों ने देखे हैं, जो सपने हमारी माताओं, बहनों, बेटियों ने, महिलाओं ने, जो सपने हमारे नौजवानों ने, हमारे नौजवान बेटियों ने, जो सपने हमारे मेहनतकस मध्यम वर्ग ने देखे हैं, उन सबके सपने भी पूरे होंगे, ये मेरा विश्वास है और महाप्रभु का आशीर्वाद है। आज आप देखिए जो वादे हमने किए थे, वो अभूतपूर्व गति से पूरे हो रहे हैं। हमने कहा था, हम सरकार बनते ही भगवान जगन्नाथ के मंदिर के चारों द्वार खोलेंगे। सरकार बनते ही हमने भगवान जगन्नाथ मंदिर परिसर के बंद द्वार खुलवा दिये। जैसा हमने कहा था, मंदिर का रत्न भंडार भी खोल दिया गया। भाजपा सरकार दिन रात जनता-जनार्दन की सेवा के लिए काम कर रही है। हमारे मोहन जी, के. वी. सिंह देव जी, बहन प्रभाती परीडा जी, और सभी मंत्रियों के नेतृत्व में सरकार खुद जनता के पास जा रही है, उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रही है। और मैं इसके लिए यहां की मेरी पूरी टीम की, मेरे सभी साथियों की भरपूर प्रशंसा करता हूं, मैं उनकी सराहना करता हूं।

भाइयों-बहनों,

आज का ये दिन एक और वजह से भी विशेष है। आज केंद्र की एनडीए सरकार के 100 दिन भी हो रहे हैं। इस दौरान, गरीब, किसान, नौजवान और नारीशक्ति के सशक्तिकरण के लिए बड़े-बड़े फैसले लिए गए हैं। बीते 100 दिन में तय हुआ कि गरीबों के लिए 3 करोड़ पक्के घर बनाएंगे। बीते 100 दिनों में नौजवानों के लिए 2 लाख करोड़ रुपए का पीएम पैकेज घोषित किया गया है। युवा साथियों को इसका बहुत लाभ होगा। इसके तहत प्राइवेट कंपनियों में नौजवानों की पहली नौकरी की पहली सैलरी सरकार देने वाली है। ओडिशा सहित पूरे देश में 75 हज़ार नई मेडिकल सीटें जोड़ने का भी फैसला किया गया है। कुछ दिन पहले ही 25 हज़ार गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने की योजना को भी स्वीकृति दी गई है। इसका फायदा मेरे ओडिशा के गांवों को भी होगा। बजट में जनजातीय मंत्रालय के बजट में करीब दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। देशभर में करीब 60 हज़ार आदिवासी गांवों के विकास के लिए विशेष योजना की घोषणा की गई है। बीते 100 दिनों में ही सरकारी कर्मचारियों के लिए एक शानदार पेंशन योजना की भी घोषणा की गई है। जो कर्मचारी हैं, जो दुकानदार हैं, मध्यम वर्ग के उद्यमी हैं, उनके इनकम टैक्स में भी कमी की गई है।

साथियों,

बीते 100 दिन में ही ओडिशा सहित पूरे देश में 11 लाख नई लखपति दीदी बनी हैं। हाल में ही धान किसानों, तिलहन और प्याज किसानों के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। विदेशी तेल के आयात पर शुल्क बढ़ाया गया है, ताकि देश के किसानों से ज्यादा कीमत पर खरीद हो। इसके अलावा बासमती के निर्यात पर लगने वाला शुल्क घटाया गया है। इससे चावल के निर्यात को बल मिलेगा और बासमती उगाने वाले किसानों को ज्यादा फायदा होगा। खरीफ की फसलों पर MSP बढ़ाया गया है। इससे देश के करोड़ों किसानों को करीब 2 लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा। बीते 100 दिन में सबके हित में ऐसे कई बड़े कदम उठाए गए हैं।

साथियों,

कोई भी देश, कोई भी राज्य तभी आगे बढ़ता है, जब उसके विकास में उसकी आधी आबादी यानि हमारी नारीशक्ति की बराबर भागीदारी होती है। इसलिए, महिलाओं की उन्नति, महिलाओं का बढ़ता सामर्थ्य, ये ओडिशा के विकास का मूलमंत्र होने वाला है। यहाँ तो भगवान जगन्नाथ जी के साथ देवी सुभद्रा की मौजूदगी भी हमें यही बताती है, यही सिखाती है। मैं यहां देवी सुभद्रा स्वरूपा सभी माताओं-बहनों-बेटियों को आदरपूर्वक नमन करता हूं। मुझे खुशी है कि भाजपा की नई सरकार ने अपने सबसे शुरुआती फैसलों में ही सुभद्रा योजना की सौगात हमारी माताओं-बहनों को दी है। इसका लाभ ओडिशा की 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा। इस योजना के तहत महिलाओं को कुल 50 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। ये पैसा समय-समय पर आपको मिलता रहेगा। ये राशि सीधे माताओं-बहनों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, बीच में कोई बिचौलिया नहीं, सीधा आपके पास। RBI की डिजिटल करेंसी के पायलट प्रोजेक्ट से भी इस योजना को जोड़ा गया है। इस डिजिटल करेंसी को आप सभी बहनें, जब मन आए डिजिटल तरीके से खर्च भी कर पाएंगी। देश में डिजिटल करेंसी की अपनी तरह की इस पहली योजना से जुड़ने के लिए मैं ओडिशा की माताओं, बहनों, बेटियां सभी महिलाओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। सुभद्रा जोजोना मा ओ भौउणी मानंकु सशक्त करू, मा सुभद्रांक निकट-रे एहा मोर प्रार्थना।

भाइयों-बहनों,

मुझे बताया गया है, सुभद्रा योजना को ओडिशा की हर माता-बहन-बेटी तक पहुंचाने के लिए पूरे प्रदेश में कई यात्राएं भी निकाली जा रही हैं। इसके लिए माताओं-बहनों को जागरूक किया जा रहा है। योजना से जुड़ी सारी जानकारी दी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के, भाजपा के लाखों कार्यकर्ता भी इस सेवा अभियान में पूरे जोर-शोर से जुटे हैं। मैं इस जनजागरण के लिए सरकार, प्रशासन के साथ-साथ भाजपा के विधायक, भाजपा के सांसद और भाजपा के लाखों पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

साथियों,

भारत में महिला सशक्तिकरण का एक और प्रतिबिंब है- प्रधानमंत्री आवास योजना। इस योजना के कारण छोटे से छोटे गाँव में भी अब संपत्ति महिलाओं के नाम होने लगी है। आज ही यहाँ देश भर के लगभग 30 लाख परिवारों का गृहप्रवेश करवाया गया है। अभी तीसरे कार्यकाल में हमारी सरकार के कुछ महीने ही हुए हैं, इतने कम समय में ही 15 लाख नए लाभार्थियों को आज स्वीकृति पत्र भी दे दिए गए हैं। 10 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, ये शुभ काम भी हमने ओडिशा की, महाप्रभु की इस पवित्र धरती से किया है, और इसमें बड़ी संख्या में मेरे ओडिशा के गरीब परिवार भी शामिल हैं। जिन लाखों परिवारों को आज पक्का घर मिला है, या पक्का घर मिलना पक्का हुआ है, उनके लिए ये जीवन की नई शुरुआत है और पक्की शुरूआत है।

भाइयों-बहनों,

यहाँ आने से पहले मैं हमारे एक आदिवासी परिवार के गृहप्रवेश के कार्यक्रम में उनके घर भी गया था। उस परिवार को भी अपना नया पीएम आवास मिला है। उस परिवार की खुशी, उनके चेहरों का संतोष, मैं कभी नहीं भूल सकता। उस आदिवासी परिवार ने मुझे मेरी बहन ने खुशी से खीरी भी खिलाई! और जब मैं खीरी खा रहा था तो स्वाभाविक था कि मुझे मेरी मां की याद आना, क्योंकि जब मेरी मां जीवित थी तो मैं जन्मदिन पर हमेशा मां के आशीर्वाद लेने जाता था, और मां मेरे मुंह में गुड़ खिलाती थी। लेकिन मां तो नहीं है आज एक आदिवासी मां ने खीर खिलाकर मुझे जन्मदिन का आशीर्वाद दिया। ये अनुभव, ये अहसास मेरे पूरे जीवन की पूंजी है। गाँव-गरीब, दलित, वंचित, आदिवासी समाज के जीवन में आ रहा ये बदलाव, उनकी ये खुशियाँ ही मुझे और मेहनत करने की ऊर्जा देती हैं।

साथियों,

ओडिशा के पास वो सब कुछ है, जो एक विकसित राज्य के लिए जरूरी होता है। यहाँ के युवाओं की प्रतिभा, महिलाओं का सामर्थ्य, प्राकृतिक संसाधन, उद्योगों के लिए अवसर, पर्यटन की अपार संभावनाएं, क्या कुछ यहाँ नहीं है? पिछले 10 वर्षों में केवल केंद्र में रहते हुये ही हमने ये साबित किया है कि ओडिशा हमारे लिए कितनी बड़ी प्राथमिकता है। 10 वर्ष पहले केंद्र की तरफ से ओडिशा को जितना पैसा मिलता था, आज उससे तीन गुना ज्यादा पैसा मिलता है। मुझे खुशी है कि अब ओडिशा में वो योजनाएं भी लागू हो रही हैं, जो पहले लागू नहीं थीं। आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज का लाभ अब ओडिशा के लोगों को भी मिलेगा। और इतना ही नहीं, अब तो केंद्र सरकार ने 70 साल के ऊपर के बुजुर्ग के लिए भी 5 लाख रुपए का इलाज मुफ्त कर दिया है। आपकी आय चाहे कितनी ही हो, आपके घर में अगर 70 साल के ऊपर के बुजुर्ग हैं, उनकी उम्र 70 साल से ऊपर है तो उनके इलाज की चिंता मोदी करेगा। लोकसभा चुनाव के समय मोदी ने आपसे ये वायदा किया था और मोदी ने अपनी गारंटी पूरी करके दिखाई है।

साथियों,

गरीबी के खिलाफ भाजपा के अभियान का सबसे बड़ा लाभ ओडिशा में रहने वाले दलित, वंचित और आदिवासी समाज को मिला है। आदिवासी समाज के कल्याण के लिए अलग मंत्रालय बनाना हो, आदिवासी समाज को जड़-जंगल-जमीन के अधिकार देने की बात हो, आदिवासी युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर देना हो या ओडिशा की आदिवासी महिला को देश की माननीय राष्ट्रपति बनाना हो, ये काम पहली बार हमने किए हैं।

साथियों,

ओडिशा में कितने ही ऐसे आदिवासी इलाके, कितने ऐसे जनजातीय समूह थे, जो कई-कई पीढ़ियों तक विकास से वंचित थे। केंद्र सरकार ने जनजातियों में भी सबसे पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना शुरू की है। ओडिशा में ऐसी 13 जनजातियों की पहचान की गई है। जनमन योजना के तहत सरकार इन सभी समाजों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। आदिवासी क्षेत्रों को सिकल सेल एनीमिया से मुक्त करने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 3 महीने में इस अभियान के तहत 13 लाख से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई है।

भाइयों और बहनों,

आज हमारा देश पारंपरिक कौशल के संरक्षण पर भी अभूतपूर्व रूप से फोकस कर रहा है। हमारे यहां सैकड़ों-हजारों वर्षों से लोहार, कुम्हार, सुनार, मूर्तिकार जैसे काम करने वाले लोग रहे हैं। ऐसे 18 अलग-अलग पेशों को ध्यान में रखते हुए पिछले साल विश्वकर्मा दिवस पर विश्वकर्मा योजना शुरू की गई थी। इस योजना पर सरकार 13 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। अभी तक 20 लाख लोग इसमें रजिस्टर हो चुके हैं। इसके तहत विश्वकर्मा साथियों को ट्रेनिंग दी जा रही। आधुनिक औज़ार खरीदने के लिए हज़ारों रुपए दिए जा रहे हैं। साथ ही बिना गारंटी का सस्ता लोन बैंकों से दिया जा रहा है। गरीब के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से लेकर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा तक की ये गारंटी, उनके जीवन में आ रहे ये बदलाव, यही विकसित भारत की असली ताकत बनेंगे।

साथियों,

ओडिशा के पास इतना बड़ा समुद्री तट है। यहाँ इतनी खनिज सम्पदा है, इतनी प्राकृतिक सम्पदा है। हमें इन संसाधनों को ओडिशा का सामर्थ्य बनाना है। अगले 5 साल में हम ओडिशा को रोड और रेलवे की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। आज भी, यहाँ रेल और रोड से जुड़ी कई परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया है। आज मुझे लांजीगढ़ रोड-अंबोदला-डोइकालू रेल लाइन देश को समर्पित करने का सौभाग्य मिला है। लक्ष्मीपुर रोड-सिंगाराम-टिकरी रेल लाइन भी आज देश को समर्पित की जा रही है। इसके साथ ही ढेंकनाल-सदाशिवपुर-हिंडोल रोड रेल लाइन भी राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। पारादीप से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भी आज काफी काम शुरू हुए हैं। मुझे जयपुर-नवरंगपुर नई रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का सौभाग्य भी मिला है। इन प्रोजेक्ट्स से ओडिशा के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। वो दिन दूर नहीं जब पुरी से कोणार्क रेलवे लाइन पर भी तेजी से काम शुरू होगा। हाइटेक ‘नमो भारत रैपिड रेल’ भी बहुत जल्द ही ओडिशा को मिलने वाली है। ये आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर ओडिशा के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा।

साथियों,

आज 17 सितंबर को देश हैदराबाद मुक्ति दिवस भी मना रहा है। आज़ादी के बाद हमारा देश जिन हालातों में था, विदेशी ताक़तें जिस तरह देश को कई टुकड़ों में तोड़ना चाहती थीं। अवसरवादी लोग जिस तरह सत्ता के लिए देश के टुकड़े-टुकड़े करने के लिए तैयार हो गए थे। उन हालातों में सरदार पटेल सामने आए। उन्होंने असाधारण इच्छाशक्ति दिखाकर देश को एक किया। हैदराबाद में भारत-विरोधी कट्टरपंथी ताकतों पर नकेल कसकर 17 सिंतबर को हैदराबाद को मुक्त कराया गया। इसलिए हैदराबाद मुक्ति दिवस, ये केवल एक तारीख नहीं है। ये देश की अखंडता के लिए, राष्ट्र के प्रति हमारे दायित्वों के लिए एक प्रेरणा भी है।

साथियों,

आज के इस अहम दिन हमें उन चुनौतियों पर भी ध्यान देना है जो देश को पीछे धकेलने में जुटी हैं। आज जब हम गणपति बप्पा को विदाई दे रहे हैं तो मैं एक विषय इसी से जुड़ा उठा रहा हूं। गणेश उत्सव, हमारे देश के लिए केवल एक आस्था का पर्व ही नहीं है। गणेश उत्सव ने हमारे देश की आज़ादी में भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। जब सत्ता की भूख में अंग्रेज़ देश को बांटने में लगे थे। देश को जातियों के नाम पर लड़वाना, समाज में जहर घोलना, ‘बांटो और राज करो’, ये अंग्रेजों का हथियार बन गया था, तब लोकमान्य तिलक ने गणेश उत्सव के सार्वजनिक आयोजनों के जरिए भारत की आत्मा को जगाया था। ऊंच-नीच, भेदभाव, जात-पात, इन सबसे ऊपर उठकर हमारा धर्म हमें जोड़ना सिखाता है, गणेश उत्सव इसका प्रतीक बन गया था। आज भी, जब गणेश उत्सव होता है, हर कोई उसमें शामिल होता है। कोई भेद नहीं, कोई फर्क नहीं, पूरा समाज एक शक्ति बनकर के, एक सामर्थ्यवान बनकर के खड़ा होता है।

भाइयों और बहनों,

‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चलने वाले अंग्रेजों की नज़रों में उस समय भी ‘गणेश उत्सव’ खटकता था। आज भी, समाज को बांटने और तोड़ने में लगे सत्ता के भूखे लोगों को गणेश पूजा से परेशानी हो रही है। आपने देखा होगा काँग्रेस और उसके ecosystem के लोग पिछले कुछ दिनों से इसलिए भड़के हुए हैं, क्योंकि मैंने गणपति पूजन में हिस्सा लिया था। और तो और कर्नाटक में, जहां इनकी सरकार है, वहाँ तो इन लोगों ने और भी बड़ा अपराध किया। इन लोगों ने भगवान गणेश की प्रतिमा को ही सलाखों के पीछे डाल दिया। पूरा देश उन तस्वीरों से विचलित हो गया। ये नफरत भरी सोच, समाज में जहर घोलने की ये मानसिकता, ये हमारे देश के लिए बहुत खतरनाक है। इसलिए ऐसी नफरती ताकतों को हमें आगे नहीं बढ़ने देना है।

साथियों,

हमें साथ मिलकर अभी कई बड़े मुकाम हासिल करने हैं। हमें ओडिशा को, अपने देश को, सफलता की नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है। ओड़िसा बासींकरो समर्थनो पाँईं मूँ चीरअ रुणी, मोदी-रो आस्सा, सारा भारत कोहिबो, सुन्ना-रो ओड़िसा। मुझे विश्वास है, विकास की ये रफ्तार आने वाले समय में और तेज होगी। मैं एक बार फिर आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। मेरे साथ बोलिए-

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

जय जगन्नाथ!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।