18,100 करोड़ रुपये से अधिक की कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया
गंगा नदी पर छह लेन पुल की आधारशिला रखी
बिहार में तीन रेलवे परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं
बिहार में नमामि गंगे के तहत लगभग 2,190 करोड़ रुपये की लागत से विकसित 12 परियोजनाओं का उद्घाटन किया
पटना में यूनिटी मॉल की आधारशिला रखी
"बिहार के गौरव श्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिलना पूरे बिहार का सम्मान है"
"हमारी सरकार देश के हर गरीब, आदिवासी, दलित और वंचित व्यक्ति की क्षमताएं बढ़ाने में जुटी है"
"बिहार का विकास, शांति, बिहार में कानून-व्यवस्था का राज, बिहार की बहनों-बेटियों को अधिकार- यही मोदी की गारंटी है"

बिहार के राज्यपाल श्रीमान राजेंद्र अर्लेकर जी, मुख्यमंत्री श्रीमान नीतीश कुमार जी, और भी सभी वरिष्ठ नेता यहां बैठे हैं, मैँ सबका नाम तो स्मरण नहीं कर रहा हूं लेकिन पुराने सभी साथियों का आज मिलन और मैं इतनी बड़ी तादाद में आप सब अन्य महानुभाव जो यहां आए हैं, जनता जनार्दन का मैं हृदय से अभिनंदन करता हूं।

विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर, उम्गेश्वरी माता और देव कुंड के इ पवित्र भूमि के हम नमन करीत ही! रउनि सब के प्रणाम करीत ही! भगवान भास्कर के कृपा रउआ सब पर बनल रहे!

साथियों,

औरंगाबाद की ये धरती अनेक स्वतंत्रता सेनानियों की जन्मस्थली है। ये बिहार विभूति अनुग्रह नारायण सिन्हा जी जैसे महापुरुषों की जन्मभूमि है। आज उसी औरंगाबाद की भूमि पर बिहार के विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। आज यहां करीब साढ़े 21 हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है। इन परियोजनाओं में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई परियोजनाएं हैं, इनमें रेल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम भी हैं, और इनमें आधुनिक बिहार की मजबूत झलक भी है। आज यहाँ आमस-दरभंगा फोरलेन कॉरिडोर का शिलान्यास हुआ है। आज ही दानापुर-बिहटा फोरलेन एलिवेटेड रोड का शिलान्यास भी हुआ है। पटना रिंग रोड के शेरपुर से दिघवारा खंड का शिलान्यास भी हुआ है। और यही NDA की पहचान है। हम काम की शुरुआत भी करते हैं, काम पूरा भी करते हैं, और हम ही उसे जनता जनार्दन को समर्पित भी करते हैं। ये मोदी की गारंटी है, ई मोदी के गारंटी हई ! आज भी, भोजपुर जिले में आरा बाईपास रेल लाइन की नींव भी रखी गई है। आज नमामि गंगे अभियान के तहत भी बिहार को 12 परियोजनाओं की सौगात मिली है। मुझे पता है कि बिहार के लोग, और खासकर औरंगाबाद के मेरे भाई-बहन बनारस-कोलकाता एक्सप्रेस वे का भी इंतज़ार कर रहे हैं। इस एक्सप्रेस वे से यूपी भी केवल कुछ घंटों की दूरी पर रहेगा, और कुछ घंटे में ही कोलकाता भी पहुँच जाएंगे। और यही एनडीए के काम करने का तरीका है। बिहार में विकास की ये जो गंगा बहने जा रही है, मैं इसके लिए आप सभी को, बिहारवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

साथियों,

आज बिहार की धरती पर मेरा आना कई मायनों में खास है। अभी कुछ दिन पहले ही बिहार के गौरव कर्पूरी ठाकुर जी को देश ने भारत रत्न दिया है। ये सम्मान पूरे बिहार का सम्मान है, ई सम्मान समुच्चे बिहार के सम्मान हई! अभी कुछ दिन पहले अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा भी हुई है। अयोध्या में रामलला विराजमान हुए हैं, तो स्वाभाविक है कि सबसे ज्यादा खुशी माता सीता की धरती पर ही मनाई जाएगी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बिहार जिस आनंद में डूबा, बिहार के लोगों ने जैसा उत्सव मनाया, रामलला को जो उपहार भेजे, मैं वो खुशी आपसे साझा करने आया हूँ। और इसके साथ ही, बिहार ने एक बार फिर डबल इंजन की रफ्तार भी पकड़ ली है। इसलिए, बिहार इस समय पूरे उत्साह में भी है, और आत्मविश्वास से भी भरा हुआ है। मैं ये उत्साह मेरे सामने इतनी बड़ी संख्या में मौजूद माताएं, बहनें, नौजवान और जहां पर मेरी नजर पहुंच रही है, उत्साह उमंग से भरे आप लोग इतनी बड़ी तादाद में आशीर्वाद देने आए हैं। आपके चेहरों की ये चमक, बिहार को लूटने का सपना देखने वालों के चेहरों पर हवाइयाँ उड़ा रही है।

साथियों,

NDA की शक्ति बढ़ने के बाद बिहार में परिवारवादी राजनीति हाशिए पर जाने लगी है। परिवारवादी राजनीति की एक और विडंबना है। माँ-बाप से विरासत में पार्टी और कुर्सी तो मिल जाती है, लेकिन माँ-बाप की सरकारों के काम का एक बार भी ज़िक्र करने की हिम्मत नहीं पड़ती है। ये है परिवारवादी पार्टियों की हालत। मैंने तो सुना है कि इनकी पार्टी के बड़े-बड़े नेता भी इस बार बिहार में लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए तैयार ही नहीं हो रहे हैं। और मैंने तो पार्लियामेंट में कहा था कि सब भाग रहे हैं। आपने देखा होगा अब लोकसभा का चुनाव लड़ना नहीं चाहते हैं। राज्यसभा की सीटें खोज रहे हैं ये लोग। जनता साथ देने को तैयार नहीं है। और ये है आपके विश्वास, आपके उत्साह, आपके संकल्प की ताकत। मोदी इसी विश्वास के लिए बिहार की जनता को धन्यवाद करने के लिए आया है।

साथियों,

एक दिन में इतने व्यापक स्तर पर विकास का ये आंदोलन इसका गवाह है कि डबल इंजन सरकार में बदलाव कितनी तेजी से होता है! आज जो सड़क और हाइवे से जुड़े काम हुये हैं, उनसे बिहार के अनेक जिलों की तस्वीर बदलने जा रही है। गया, जहानाबाद, नालंदा, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा के लोगों को आधुनिक यातायात का अभूतपूर्व अनुभव मिलेगा। इसी तरह, बोधगया, विष्णुपद, राजगीर, नालंदा, वैशाली, पावापुरी, पोखर और जहानाबाद में नागार्जुन की गुफाओं तक पहुँचना भी आसान हो जाएगा। बिहार के सभी शहर, तीर्थ और पर्यटन की अपार संभावनाओं से जुड़े हैं। दरभंगा एयरपोर्ट और बिहटा में बनने वाले नए एयरपोर्ट भी इस नए रोड इनफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ेंगे। इससे बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी आसानी होगी।

साथियों,

एक वो दौर था, जब बिहार के ही लोग अपने ही घरों से निकलने में डरते थे। एक ये दौर है, जब बिहार में पर्यटन की संभावनाएं विकसित हो रही हैं। बिहार को वंदेभारत और अमृतभारत जैसी आधुनिक ट्रेनें मिलीं, अमृत स्टेशनों का विकास किया जा रहा है। बिहार में जब पुराना दौर था, राज्य को अशांति, असुरक्षा और आतंक की आग में झोंक दिया गया था। बिहार के युवाओं को प्रदेश छोड़कर पलायन करना पड़ा। और एक आज का दौर है, जब हम युवाओं का स्किल डेवलपमेंट करके, उनका कौशल विकास कर रहे हैं। बिहार के हस्त शिल्प को बढ़ावा देने के लिए हमने 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले एकता मॉल की नींव रखी है। ये नए बिहार की नई दिशा है। ये बिहार की सकारात्मक सोच है। ये इस बात की गारंटी है कि बिहार को हम वापस पुराने उस दौर में नहीं जाने देंगे।

साथियों,

बिहार आगे बढ़ेगा, जब बिहार का गरीब आगे बढ़ेगा। बिहार तब्बे आगे बढ़तई जब बिहार के गरीब आगे बढ़तन! इसीलिए, हमारी सरकार देश के हर गरीब, आदिवासी, दलित, वंचित का सामर्थ्य बढ़ाने में जुटी है। बिहार के लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों को पीएम गरीब कल्याण योजना का लाभ मिल रहा है। बिहार में उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया है। बिहार के करीब 90 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इन किसानों के बैंक खातों में 22 हजार करोड़ रुपए से अधिक ट्रांसफर किए गए हैं। 5 वर्ष पहले तक बिहार के गांवों में सिर्फ 2 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंच रहा था। आज यहां के 90 प्रतिशत से ज्यादा घरों तक नल से जल पहुंच रहा है। बिहार में 80 लाख से ज्यादा आयुष्मान कार्ड धारक हैं, जिन्हें 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। हमारी सरकार दशकों से ठप पड़े उत्तर कोयल जलाशय, इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस जलाशय से बिहार-झारखंड के 4 जिलों में एक लाख हेक्टेयर खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिलने लगेगा।

साथियों,

बिहार का विकास- ये मोदी की गारंटी है। बिहार में शांति और कानून व्यवस्था का राज- ये मोदी की गारंटी है। बिहार में बहन-बेटियों को अधिकार- ये मोदी की गारंटी है। तीसरे टर्म में हमारी सरकार इन्हीं गारंटियों को पूरा करने और विकसित बिहार बनाने के लिए काम करने के लिए संकल्पबद्ध है।

आप सभी को एक बार बहुत-बहुत बधाई। आज विकास का उत्सव है, मैं आप सबसे आग्रह करता हूं अपना मोबाईल फोन निकालिये, उसको फ्लैशलाईट चालू कीजिए, आपके सबके मोबाईल की फ्लैशलाईट चालू कीजिए , ये विकास का उत्सव मनाइये, सब जो दूर-दूर हैं वो भी करें, हर कोई अपना मोबाईल फोन बाहर निकालें, ये विकास का उत्सव मनाइये। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की – जय,

भारत माता की – जय,

भारत माता की – जय,

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।