"स्वामी विवेकानन्द ने गुलामी की अवधि के दौरान देश को नई ऊर्जा और उत्साह से भर दिया था"
"राम मंदिर की प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर देश के सभी मंदिरों में स्वच्छता अभियान चलाएं"
"दुनिया आज भारत को एक नई कुशल-शक्ति के रूप में देख रही है"
“आज युवाओं के पास मौका है, इतिहास बनाने का, इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का”
“आज देश का मिजाज भी युवा हैं और देश का अंदाज भी युवा हैं”
“अमृत काल का आगमन भारत के लिए गर्व से भरा हुआ है,” 'विकसित भारत' का निर्माण करने के लिए युवाओं को इस अमृत काल में देश को आगे ले जाना चाहिए''
“लोकतंत्र में युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी से देश का भविष्य बेहतर बनेगा''
“पहली बार के मतदाता भारत के लोकतंत्र में नई ऊर्जा और ताकत ला सकते हैं''
'अमृत ​​काल के आगामी 25 वर्ष युवाओं के लिए कर्तव्य निभाने की अवधि है; जब युवा अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखेंगे, तो समाज भी प्रगति करेगा और देश भी आगे बढ़ेगा''

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

महाराष्ट्र के लोकप्रिय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी अनुराग ठाकुर, भारती पवार, निसिथ प्रामाणिक, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार जी, सरकार के अन्य मंत्रीगण, अन्य महानुभाव, और मेरे युवा साथियों,

आज का ये दिन भारत की युवाशक्ति का दिन है। ये दिन उस महापुरुष को समर्पित है, जिसने गुलामी के कालखंड में भारत को नई ऊर्जा से भर दिया था। ये मेरा सौभाग्य है कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मैं आप सब नौजवानों के बीच नासिक में हूँ। मैं आप सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देता हूं। आज ही भारत की नारीशक्ति की प्रतीक राजमाता जिजाऊ माँ साहेब की भी जन्मजयंती है। राजमाता जिजाऊ माँ साहेब यांच्या जयंतीदिनी त्यांना वंदन करण्यासाठी, मला महाराष्ट्राच्या वीर भूमीत येण्याची संधी मिळाली, याचा मला अतिशय आनंद आहे. मी त्यांना कोटी कोटी वंदन करतो!

साथियों,

ये केवल एक संयोग नहीं है कि भारत की अनेक महान विभूतियों का संबंध महाराष्ट्र की धरती से रहा है। ये इस पुण्यभूमि का, इस वीरभूमि का और इस तपोभूमि का प्रभाव है। इस धरती पर राजमाता जिजाऊ माँ साहेब जैसी मातृशक्ति ने छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महानायक को गढ़ा। इसी धरती ने देवी अहिल्या बाई होलकर, रमाबाई आंबेडकर जैसी महान नारियां हमें दीं। इसी धरती ने लोकमान्य तिलक, वीर सावरकर, आनंद कन्हेरे, दादा साहेब पोटनिस, चापेकर बंधु जैसे अनेक सपूत हमें दिए। नासिक-पंचवटी की इस भूमि में प्रभु श्रीराम ने काफी समय बिताया था। मैं आज इस भूमि को भी नमन करता हूं, श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैंने आह्वान किया था कि जनवरी तक हम सभी 22 जनवरी तक हम सभी देश के तीर्थस्थानों की, मंदिरों की साफ-सफाई करें, स्वच्छता का अभियान चलाएं। आज मुझे कालाराम मंदिर में दर्शन करने का, मंदिर परिसर में सफाई करने का सौभाग्य मिला है। मैं देशवासियों से फिर अपना आग्रह दोहराऊंगा कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर के निमित्त, देश के सभी मंदिरों में, सभी तीर्थ क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाएं, अपना श्रमदान करें।

मेरे युवा साथियों,

हमारे देश के ऋषियों-मुनियों-संतों से लेकर सामान्य मानवी तक, सभी ने हमेशा युवाशक्ति को सर्वोपरि रखा है। श्री ऑरोबिन्दो कहते थे कि अगर भारत को अपने लक्ष्य पूरे करने हैं, तो भारत के युवाओं को

एक स्वतंत्र सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। स्वामी विवेकानंद जी भी कहते थे भारत की उम्मीदें, भारत के युवाओं के चरित्र, उनकी प्रतिबद्धता पर टिकी है, उनकी बौद्धिकता पर टिकी है। श्री ऑरोबिन्दो,

स्वामी विवेकानंद का ये मार्गदर्शन आज 2024 में, भारत के युवा के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है। आज भारत दुनिया की टॉप फाइव इकॉनमी में आया है, तो इसके पीछे भारत के युवाओं की ताकत है। आज भारत, दुनिया के टॉप थ्री स्टार्ट अप इकोसिस्टम में आया है, तो इसके पीछे भारत के युवाओं की ताकत है। आज भारत एक से बढ़कर एक इनोवेशन कर रहा है। आज भारत रिकॉर्ड पेटेंट फाइल कर रहा है। आज भारत दुनिया का बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग हब बन रहा है, तो इसका आधार भारत के युवा हैं, भारत के युवाओं का सामर्थ्य है।

साथियों,

समय हर किसी को अपने जीवनकाल में एक सुनहरा मौका जरूर देता है। भारत के युवाओं के लिए समय का वो सुनहरा मौका अभी है, अमृतकाल का ये कालखंड है। आज आपके पास मौका है इतिहास बनाने का, इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का। आप याद करिए...आज भी हम सर एम विश्वेश्वरैया की याद में इंजीनियर्स डे मनाते हैं। उन्होंने 19वीं और 20वीं शताब्दी में अपना जो इंजीनियरिंग कौशल दिखाया, उसका आज भी मुकाबला मुश्किल है। आज भी हम मेजर ध्यानचंद को याद करते हैं। उन्होंने हॉकी की स्टिक से जो जादू दिखाया, वो आज तक लोग भूल नहीं पाए हैं। आज भी हम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, बटुकेश्वर दत्त जैसे अनगिनत क्रांतिकारियों को याद करते हैं। उन्होंने अपने पराक्रम से अंग्रेजों को पस्त करके रख दिया था। आज हम महाराष्ट्र की वीर भूमि पर हैं। आज भी, हम सभी महात्मा फुले, सावित्रीबाई फुले को इसलिए याद करते हैं क्योंकि उन्होंने शिक्षा को सामाजिक सशक्तीकरण का एक माध्यम बनाया। आजादी के पहले के कालखंड में, ऐसे सभी महान व्यक्तित्वों ने देश के लिए काम किया, वो जिये तो देश के लिए, वो जूझे तो देश के लिए, उन्होंने सपने संजोये तो देश के लिए, उन्होंने संकल्प किए तो देश के लिए और उन्होंने देश को नई दिशा दिखाई। अब अमृतकाल के इस कालखंड में आज वो दायित्व आप सभी मेरे युवा साथियों के कंधों पर है। अब आपको अमृतकाल में भारत को एक नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। आप ऐसा काम करिए कि अगली शताब्दी में उस वक्त की पीढ़ी आपको याद करे, आपके पराक्रम को याद करे। आप अपने नाम को भारत और पूरी दुनिया के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिख सकते हैं। इसलिए मैं आपको 21वीं सदी के भारत की सबसे सौभाग्यशाली पीढ़ी मानता हूं। मैं जानता हूं आप ये कर सकते हैं, भारत के युवा ये लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। मेरा सबसे ज्यादा भरोसा आप सभी पर है, भारत के युवाओं पर है। मैं मेरा युवा भारत संगठन से जिस तेजी के साथ देश के कोने-कोने में युवा जुड़ रहे हैं, उससे भी बहुत उत्साहित हूं। मेरा युवा भारत MY Bharat संगठन की स्थापना के बाद ये पहला युवा दिवस है। अभी इस संगठन को बने 75 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं और 1 करोड़ 10 लाख के आसपास युवा इसमें अपना नाम रजिस्टर करा चुके हैं। मुझे विश्वास है, आपका सामर्थ्य, आपका सेवाभाव, देश को, समाज को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। आपका प्रयास, आपका परिश्रम, युवा भारत की शक्ति का पूरी दुनिया में परचम लहराएगा। मैं MY Bharat संगठन में रजिस्टर कराने वाले सभी युवाओं का आज विशेष अभिनंदन करता हूं। और मैं देख रहा हूं MY Bharat में रजिस्ट्रेशन में हमारे युवा और हमारी युवतियां दोनों के बीच में कंपटीशन चलती है, कौन ज्यादा रजिस्ट्री करवाए। कभी युवक आगे निकल जाते हैं, कभी युवतियां आगे निकल जाती हैं। बड़ी जोरो की स्पर्धा चल रही है।

साथियों,

हमारी सरकार को अब 10 साल हो रहे हैं। इन 10 वर्षों में हमने पूरा प्रयास किया है कि युवाओं को खुला आसमान दें, युवाओं के सामने आने वाली हर रुकावट को दूर करें। आज चाहे शिक्षा हो, रोजगार हो, Entrepreneurship या Emerging Sectors हों, स्टार्टअप हों, स्किल्स या स्पोर्ट्स हों, देश के युवाओं को सपोर्ट करने के लिए हर क्षेत्र में एक आधुनिक dynamic Ecosystem तैयार हो रहा है। आपको 21वीं सदी की आधुनिक शिक्षा देने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। युवाओं के लिए अब देश में आधुनिक Skilling Ecosystem भी तैयार हो रहा है। हाथ के हुनर से कमाल करने वाले नौजवानों की मदद के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। पीएम कौशल विकास योजना की मदद से करोड़ों युवाओं को स्किल्स से जोड़ा गया है। देश में नए IIT , नए NIT लगातार खुलते जा रहे हैं। आज पूरी दुनिया भारत को एक स्किल्ड फोर्स के रूप में देख रही है। विदेश में हमारे युवा अपना कौशल दिखा पाएं इसके लिए सरकार विदेश जाने वाले युवाओं को ट्रेनिंग भी दे रही है। फ्रांस, जर्मनी, यूके, ऑस्ट्रेलिया, इटली, ऑस्ट्रिया जैसे अनेक देशों के साथ सरकार ने जो Mobility समझौते किए हैं, उसका बड़ा लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा।

साथियों,

युवाओं के लिए नए अवसरों का आसमान खोला जाए, सरकार इसके लिए हर क्षेत्र में, पूरी शक्ति से काम कर रही है। देश में Drone Sector के लिए नियम सरल बनाए गए हैं। सरकार आज Animation, Visual Effects, Gaming और Comic Sectors को प्रमोट कर रही है। Atomic Sector, Space और Mapping सेक्टर को भी खोला गया है। आज हर क्षेत्र में पिछली सरकारों से दोगुनी-तिगुनी रफ्तार से काम किया जा रहा है। ये जो बड़े-बड़े हाईवे बन रहे हैं, वो किसके लिए हैं? आपके लिए...भारत के युवाओं के लिए। ये जो नई-नई वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं...वो किसकी सहूलियत के लिए हैं? आपके लिए...

भारत के युवाओं के लिए। हमारे लोग विदेश जाते थे, वहां के पोर्ट, वहां के एयरपोर्ट देखकर सोचते थे कि भारत में ऐसा कब होगा। आज भारत के एयरपोर्ट्स, दुनिया के बड़े से बड़े एयरपोर्ट का मुकाबला कर रहे हैं। कोरोना के समय में आपने देखा है, विदेशों में वैक्सीन के सर्टिफिकेट के नाम पर कागज थमाया जाता था। ये भारत है जिसने हर भारतवासी को वैक्सीन लगाने के बाद डिजिटल सर्टिफिकेट दिया। आज दुनिया के कितने ही बड़े देश हैं जहां पर लोग मोबाइल डेटा इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचते हैं। वहीं आप भारत के युवा हैं, जो इतना सस्ता मोबाइल डेटा इस्तेमाल कर रहे हैं कि दुनिया के लोगों के लिए अजूबा है, ये कल्पना से भी परे है।

साथियों,

आज देश का मिजाज भी युवा है, और देश का अंदाज़ भी युवा है। और जो युवा होता है, वो पीछे नहीं चलता, वो स्वयं लीड करता है। इसलिए आज टेक्नोलॉजी की फील्ड में भी भारत फ्रंट से लीड कर रहा है। चंद्रयान और आदित्य L-1 उसकी सफलता हमारी आंखों के सामने है। मेड इन इंडिया INS विक्रांत जब समंदर की लहरों से टकराता है, तो हम सभी का सीना चौड़ा हो जाता है। जब लाल किले से मेड इन इंडिया तोप गरजती है, तो देश में एक नई चेतना जग जाती है। जब भारत में बना फाइटर प्लेन तेजस आसमान की ऊंचाई नापता है, तो हम गर्व से भर जाते हैं। आज भारत में बड़े-बड़े मॉल्स से लेकर छोटी-छोटी दुकान तक, हर तरफ UPI का इस्तेमाल हो रहा है और दुनिया हैरान है। अमृतकाल का आरंभ गौरव से भरा हुआ है। अब आप युवाओं को इस अमृतकाल में इससे भी आगे लेकर जाना है, विकसित राष्ट्र बनाना है।

साथियों,

आपके लिए ये समय सपनों को विस्तार देने का समय है। अब हमें केवल समस्याओं के समाधान नहीं खोजने हैं। हमें केवल चुनौतियों पर विजय नहीं पानी है। हमें खुद अपने लिए नए challenges तय करने होंगे। हमने 5 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य सामने रखा है। हमें दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। हमें आत्मनिर्भर भारत अभियान के सपने को सिद्धि देनी है। हमें सर्विसेस

और IT सेक्टर की तरह ही भारत को विश्व का manufacturing hub भी बनाना है। इन आकांक्षाओं के साथ-साथ भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारियाँ भी हैं। जलवायु परिवर्तन की चुनौती हो, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना हो, हमें लक्ष्य बनाकर तय समय में इन्हें प्राप्त करना है।

साथियों,

अमृतकाल की आज की युवा पीढ़ी पर मेरे विश्वास की एक और खास वजह है और वो खास वजह है। इस कालखंड में देश में वो युवा पीढ़ी तैयार हो रही है, जो गुलामी के दबाव और प्रभाव से पूरी तरह मुक्त है। इस पीढ़ी का युवा खुलकर कह रहा है- विकास भी, और विरासत भी। ये लोग आयुर्वेद तो हमारे देश में योग हो या आयुर्वेद हो, हमेशा भारत के लिए एक पहचान के रूप में रहा है। लेकिन आजादी के बाद इन्हें ऐसे ही भुला दिया गया। आज दुनिया इन्हें स्वीकार कर रही है। आज भारत का युवा योग-आयुर्वेद का ब्रैंड एंबेसडर बन रहा है।

साथियों,

आप अपने दादा-दादी, अपने नाना-नानी से पूछिएगा, वो आपको बताएंगे कि उनके दौर में रसोई में बाजरे की रोटी, कोदो-कुटकी, रागी-ज्वार यही तो हुआ करता था। लेकिन गुलामी की मानसिकता में इस अन्न को गरीबी के साथ जोड़ दिया गया। इन्हें रसोई से बाहर कर दिया गया। आज यही अन्न मिलेट्स के रूप में, सुपरफूड के रूप में वापस रसोई में पहुंच रहे हैं। सरकार ने इन मिलेट्स को, मोटे अनाज को श्रीअन्न की नई पहचान दी है। अब आपको इन श्रीअन्न का ब्रैंड एंबेसेडर बनना है। श्रीअन्न से आपकी सेहत भी सुधरेगी और देश के छोटे किसानों का भी भला होगा।

साथियों,

आखिर में मैं एक बात राजनीति के माध्यम से देश की सेवा की भी करूंगा। मैं जब भी Global Leaders या Investors से मिलता हूं, तो इनमें मुझे एक अद्भुत आशा दिखती है। इस आशा की, इस आकांक्षा की एक वजह है- Democracy लोकतंत्र, भारत Mother of Democracy है। लोकतंत्र की जननी है। लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी जितनी अधिक होगी, राष्ट्र का भविष्य उतना ही बेहतर होगा। इस भागीदारी के कई तरीके हैं। अगर आप सक्रिय राजनीति में आते हैं, तो आप परिवारवाद की राजनीति के प्रभाव को उतना ही कम करेंगे। आप जानते हैं कि परिवारवाद की राजनीति ने देश का कितना नुकसान किया है। लोकतंत्र में भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण तरीका है कि आप अपनी राय वोट के जरिए जाहिर करें। आप में से बहुत से लोग ऐसे होंगे, जो इस बार जीवन में पहली बार वोट डालेंगे। First Time Voters हमारे लोकतंत्र में नई ऊर्जा और शक्ति ला सकते हैं। इसलिए वोट करने के लिए आपका नाम लिस्ट में आए, इसके लिए जल्दी से जल्दी सारी प्रक्रिया पूरी कर लीजिए। आपके Political Views से ज्यादा जरूरी है कि आप देश के भविष्य के लिए अपना वोट डालते हैं, अपनी भागीदारी कराते हैं।

साथियों,

अगले 25 वर्षों का ये अमृतकाल, आपके लिए कर्तव्य-काल भी है। जब आप अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखेंगे, तो समाज भी आगे बढ़ेगा, देश भी आगे बढ़ेगा। इसलिए आपको कुछ सूत्र याद रखने होंगे। जितना हो सके आप लोकल को, स्थानीय प्रॉडक्ट्स को प्रमोट करिए, मेड इन इंडिया प्रॉडक्ट्स का ही इस्तेमाल करिए। किसी भी तरह की ड्रग्स और नशे की लत से बिल्कुल दूर रहिए, इन्हें अपने जीवन से दूर रखिए। और माताओं-बहनों-बेटियों के नाम अपशब्दों का, गालियों का इस्तेमाल करने का जो चलन है उसके खिलाफ आवाज उठाइए, इसे बंद करवाईये। मैंने लाल किले से भी इसका आग्रह किया था, आज फिर से दोहरा रहा हूं।

साथियों,

मुझे विश्वास है, आप सब हमारे देश का एक-एक युवा अपने हर दायित्व को पूरी निष्ठा और सामर्थ्य से पूरा करेगा। सशक्त, समर्थ और सक्षम भारत के स्वप्न की सिद्धि का जो दीप हमने जलाया है, वो इसी अमृतकाल में अमर ज्योति बनकर विश्व को प्रदीप्त करेगा। इसी संकल्प के साथ, आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद!

भारत माता की जय। दोनों मुटठी बंद करके पूरी ताकत से आप जिस राज्य से आए हैं, वहां तक आपकी आवाज पहुंचनी चाहिए।

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

भारत माता की जय,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

वंदे मातरम,

धन्यवाद!

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Prime Minister pays tributes to NTR Garu on his birth anniversary
May 28, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, paid tributes to NTR Garu on his birth anniversary.

The Prime Minister said that NTR Garu is fondly remembered for his commitment towards public welfare and governance which ensured dignity for the poor and marginalised.

The Prime Minister also noted that NTR Garu’s contributions to cinema continue to captivate generations and said that his life and ideals remain a source of immense inspiration.

The Prime Minister wrote on X;

“Tributes to the great NTR Garu on his birth anniversary. He is fondly remembered for his commitment towards public welfare and governance which ensured dignity for the poor and marginalised. His contributions to cinema continue to captivate generations. His life and ideals remain a source of immense inspiration. The NDA Government in Andhra Pradesh, under the leadership of my friend Chandrababu Naidu Garu, is committed to advancing the aspirations he cherished for the people.

@ncbn”