वायु योद्धाओं और सैनिकों के साथ बातचीत की, हमारे राष्ट्र की रक्षा में उनका साहस और पेशेवर रूख सराहनीय है: प्रधानमंत्री
'भारत माता की जय' सिर्फ एक नारा नहीं है, यह हर उस सैनिक की शपथ है जो अपने देश के सम्मान और मर्यादा के लिए अपना जीवन दांव पर लगाता है : प्रधानमंत्री
ऑपरेशन सिंदूर भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता की एक त्रिमूर्ति है : प्रधानमंत्री
जब हमारी बहनों और बेटियों का सिंदूर मिटाया गया, तो हमने आतंकवादियों को उनके ठिकानों में ही कुचल दिया : प्रधानमंत्री
आतंक के आकाओं को अब पता है कि भारत के विरूद्ध आंख उठाने से उन्हें विनाश के अलावा कुछ नहीं प्राप्त होगा: प्रधानमंत्री
पाकिस्तान में न केवल आतंकवादी ठिकानों और एयरबेसों को नष्ट कर दिया गया, बल्कि उनके दुर्भावनापूर्ण इरादों और दुस्साहस को भी पराजित किया गया: प्रधानमंत्री
आतंकवाद के खिलाफ भारत की लक्ष्मण रेखा अब स्पष्ट है, अगर कोई और आतंकी हमला होता है, तो भारत जवाब देगा और यह एक निर्णायक जवाब होगा : प्रधानमंत्री
ऑपरेशन सिंदूर का हर क्षण भारत के सशस्त्र बलों की शक्ति का प्रमाण है: प्रधानमंत्री
यदि पाकिस्तान आगे कोई आतंकवादी गतिविधि या सैन्य आक्रमण करता है, तो हम निर्णायक जवाब देंगे, यह जवाब हमारी शर्तों पर, हमारे तरीके से होगा: प्रधानमंत्री
ये नया भारत है! यह भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर मानवता पर हमला होता है, तो भारत युद्ध के मैदान में दुश्मन को कुचलना भी जानता है: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

इस जयघोष की ताकत अभी-अभी दुनिया ने देखी है। भारत माता की जय, ये सिर्फ उद्घोष नहीं है, ये देश के हर उस सैनिक की शपथ है, जो मां भारती की मान-मर्यादा के लिए जान की बाजी लगा देता है। ये देश के हर उस नागरिक की आवाज़ है, जो देश के लिए जीना चाहता है, कुछ कर गुजरना चाहता है। भारत माता की जय, मैदान में भी गूंजती है और मिशन में भी। जब भारत के सैनिक मां भारती की जय बोलते हैं, तो दुश्मन के कलेजे काँप जाते हैं। जब हमारे ड्रोन्स, दुश्मन के किले की दीवारों को ढहा देते हैं, जब हमारी मिसाइलें सनसनाती हुई निशाने पर पहुँचती हैं, तो दुश्मन को सुनाई देता है- भारत माता की जय! जब रात के अंधेरे में भी, जब हम सूरज उगा देते हैं, तो दुश्मन को दिखाई देता है- भारत माता की जय! जब हमारी फौजें, न्यूक्लियर ब्लैकमेल की धमकी की हवा निकाल देती हैं, तो आकाश से पाताल तक एक ही बात गूंजती है- भारत माता की जय!

साथियों,

वाकई, आप सभी ने कोटि-कोटि भारतीयों का सीना चौड़ा कर दिया है, हर भारतीय का माथा गर्व से ऊंचा कर दिया है। आपने इतिहास रच दिया है। और मैं आज सुबह-सुबह आपके बीच आया हूं, आपके दर्शन करने के लिए। जब वीरों के पैर धरती पर पड़ते हैं, तो धरती धन्य हो जाती है, जब वीरों के दर्शन का अवसर मिलता है, तो जीवन धन्य हो जाता है। और इसलिए मैं आज सुबह-सुबह ही आपके दर्शन करने के लिए यहां पहुंचा हूं। आज से अनेक दशक बाद भी जब भारत के इस पराक्रम की चर्चा होगी, तो उसके सबसे प्रमुख अध्याय आप और आपके साथी होंगे। आप सभी वर्तमान के साथ ही देश की आने वाली पीढ़ियों की, और उनके लिए भी नई प्रेरणा बन गए हैं। मैं वीरों की इस धरती से आज एयरफोर्स, नेवी और आर्मी के सभी जांबाजों, BSF के अपने शूरवीरों को सैल्यूट करता हूं। आपके पराक्रम की वजह से आज ऑपरेशन सिंदूर की गूंज हर कोने में सुनाई दे रही है। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान हर भारतीय आपके साथ खड़ा रहा, हर भारतीय की प्रार्थना आप सभी के साथ रही। आज हर देशवासी, अपने सैनिकों, उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञ है, उनका ऋणी है।

साथियों,

ऑपरेशन सिंदूर कोई सामान्य सैन्य अभियान नहीं है। ये भारत की नीति, नीयत और निर्णायक क्षमता की त्रिवेणी है। भारत बुद्ध की भी धरती है और गुरु गोबिंद सिंह जी की भी धरती है। गुरू गोबिंद सिंह जी ने कहा था- सवा लाख से एक लड़ाऊं, चिड़ियन ते मैं बाज़ तुड़ाऊं, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहाऊं।” अधर्म के नाश और धर्म की स्थापना के लिए शस्त्र उठाना, ये हमारी परंपरा है। इसलिए जब हमारी बहनों, बेटियों का सिंदूर छीना गया, तो हमने आंतकियों के फ़न को उनके घर में घुसके कुचल दिया। वो कायरों की तरह छिपकर आए थे, लेकिन वो ये भूल गए, उन्होंने जिसे ललकारा है, वो हिन्द की सेना है। आपने उन्हें सामने से हमला करके मारा, आपने आतंक के तमाम बड़े अड्डों को मिट्टी में मिला दिया, 9 आतंकी ठिकाने बर्बाद हुए, 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई, आतंक के आकाओं को अब समझ आ गया है, भारत की ओर नज़र उठाने का एक ही अंजाम होगा- तबाही! भारत में निर्दोष लोगों का खून बहाने का एक ही अंजाम होगा- विनाश और महाविनाश! जिस पाकिस्तानी सेना के भरोसे ये आतंकी बैठे थे, भारत की सेना, भारत की एयरफोर्स और भारत की नेवी ने, उस पाकिस्तानी सेना को भी धूल चटा दी है। आपने पाकिस्तानी फौज को भी बता दिया है, पाकिस्तान में ऐसा कोई ठिकाना नहीं है, जहां बैठकर आतंकवादी चैन की सांस ले सके। हम घर में घुसकर मारेंगे और बचने का एक मौका तक नहीं देंगे। और हमारे ड्रोन्स, हमारी मिसाइलें, उनके बारे में तो सोचकर पाकिस्तान को कई दिन तक नींद नहीं आएगी। कौशल दिखलाया चालों में, उड़ गया भयानक भालों में। निर्भीक गया वह ढालों में, सरपट दौड़ा करवालों में। ये पंक्तियां महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक पर लिखी गई हैं, लेकिन ये पंक्तियां आज के आधुनिक भारतीय हथियारों पर भी फिट बैठती हैं।

मेरे वीर साथियों,

ऑपरेशन सिंदूर से आपने देश का आत्मबल बढ़ाया है, देश को एकता के सूत्र में बाँधा है, और आपने भारत की सीमाओं की रक्षा की है, भारत के स्वाभिमान को नई ऊंचाई दी है।

साथियों,

आपने वो किया, जो अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है, अद्भुत है। हमारी एयरफोर्स ने पाकिस्तान में इतना डीप, आतंक के अड्डों को टारगेट किया। सिर्फ 20-25 मिनट के भीतर, सीमापार लक्ष्यों को भेदना, बिल्कुल पिन पॉइंट टारगेट्स को हिट करना, ये सिर्फ एक मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस, प्रोफेशनल फोर्स ही कर सकती है। आपकी स्पीड और प्रिसीजन, इस लेवल की थी, कि दुश्मन हक्का-बक्का रह गया। उसको पता ही नहीं चला कि कब उसका सीना छलनी हो गया।

साथियों,

हमारा लक्ष्य, पाकिस्तान के अंदर terror हेडक्वार्टर्स को हिट करने का था, आतंकियों को हिट करने का था। लेकिन पाकिस्तान ने अपने यात्री विमानों को सामने करके जो साजिश रची, मैं कल्पना कर सकता हूं, वो पल कितना कठिन होगा, जब सिविलियन एयरक्राफ्ट दिख रहा है, और मुझे गर्व है आपने बहुत सावधानी से, बहुत सतर्कता से सिविलियन एयरक्राफ्ट को नुकसान किए बिना, तबाह करके दिखाया, उसका जवाब दे दिया आपने। मैं गर्व के साथ कह सकता हूं, कि आप सभी अपने लक्ष्यों पर बिल्कुल खरे उतरे हैं। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों और उनके एयरबेस ही तबाह नहीं हुए, बल्कि उनके नापाक इरादे और उनके दुस्साहस, दोनों की हार हुई है।

साथियों,

ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए दुश्मन ने इस एयरबेस के साथ-साथ, हमारे अनेक एयरबेस पर हमला करने की कई बार कोशिश की। बार-बार उसने हमें टारगेट किया, लेकिन पाक के नाकाम, नापाक इरादे हर बार नाकाम हो गए। पाकिस्तान के ड्रोन, उसके UAV, पाकिस्तान के एयरक्राफ्ट और उसकी मिसाइलें, हमारे सशक्त एयर डिफेंस के सामने सब के सब ढेर हो गए। मैं देश के सभी एयरबेस से जुड़ी लीडरशिप की, भारतीय वायुसेना के हर एयर-वॉरियर की हृदय से सराहना करता हूं, आपने वाकई बहुत शानदार काम किया है।

साथियों,

आतंक के विरुद्ध भारत की लक्ष्मण रेखा अब एकदम स्पष्ट है। अब फिर कोई टैरर अटैक हुआ, तो भारत जवाब देगा, पक्का जवाब देगा। ये हमने सर्जिकल स्ट्राइक के समय देखा है, एयर स्ट्राइक के समय देखा है, और अब तो ऑपरेशन सिंदूर, भारत का न्यू नॉर्मल है। और जैसा मैंने कल भी कहा, भारत ने अब तीन सूत्र तय कर दिए हैं, पहला- भारत पर आतंकी हमला हुआ तो हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर, अपने समय पर जवाब देंगे। दूसरा- कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। तीसरा- हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। दुनिया भी भारत के इस नए रूप को, इस नई व्यवस्था को समझते हुए ही आगे बढ़ रही है।

साथियों,

ऑपरेशन सिंदूर का एक-एक क्षण भारत की सेनाओं के सामर्थ्य की गवाही देता है। इस दौरान हमारी सेनाओं का को-ऑर्डिनेशन, वाकई मैं कहूंगा, शानदार था। आर्मी हो, नेवी हो या एयरफोर्स, सबका तालमेल बहुत जबरदस्त था। नेवी ने समुद्र पर अपना दबदबा बनाया। सेना ने बॉर्डर पर मजबूती दी। और, भारतीय वायुसेना ने अटैक भी किया और डिफेंड भी किया। BSF और दूसरे बलों ने भी अद्भुत क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। Integrated air and land combat systems ने शानदार काम किया है। और यही तो है, jointness, ये अब भारतीय सेनाओं के सामर्थ्य की एक मजबूत पहचान बन चुकी है।

साथियों,

ऑपरेशन सिंदूर में मैनपावर के साथ ही मशीन का को-ऑर्डिनेशन भी अद्भुत रहा है। भारत के पारंपरिक एयर डिफेंस सिस्टम हों, जिन्होंने अनेक लड़ाइयां देखी हैं, या फिर आकाश जैसे हमारे मेड इन इंडिया प्लेटफॉर्म हों, इनको S-400 जैसे आधुनिक और सशक्त डिफेंस सिस्टम ने अभूतपूर्व मज़बूती दी है। एक मजबूत सुरक्षा कवच भारत की पहचान बन चुकी है। पाकिस्तान की लाख कोशिश के बाद भी, हमारे एयरबेस हों, या फिर हमारे दूसरे डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर, इन पर आंच तक नहीं आई। और इसका श्रेय आप सभी को जाता है, और मुझे गर्व है आप सब पर, बॉर्डर पर तैनात हर सैनिक को जाता है, इस ऑपरेशन से जुड़े हर व्यक्ति को इसका श्रेय जाता है।

साथियों,

आज हमारे पास नई और cutting edge technology का ऐसा सामर्थ्य है, जिसका पाकिस्तान मुकाबला नहीं कर सकता। बीते दशक में एयरफोर्स सहित, हमारी सभी सेनाओं के पास, दुनिया की श्रेष्ठ टेक्नोलॉजी पहुंची है। लेकिन हम सब जानते हैं, नई टेक्नोलॉजी के साथ चुनौतियां भी उतनी ही बड़ी होती हैं। Complicated और sophisticated systems को मैंटेन करना, उन्हें efficiency के साथ ऑपरेट करना, एक बहुत बड़ी स्किल है। आपने tech को tactics से जोड़कर दिखा दिया है। आपने सिद्ध कर दिया है कि आप इस गेम में, दुनिया में बेहतरीन हैं। भारत की वायुसेना अब सिर्फ हथियारों से ही नहीं, डेटा और ड्रोन से भी दुश्मन को छकाने में माहिर हो गई है।

साथियों,

पाकिस्तान की गुहार के बाद भारत ने सिर्फ अपनी सैन्य कार्रवाई को स्थगित किया है। अगर, अगर पाकिस्तान ने फिर से आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस दिखाया, तो हम उसका मुंहतोड़ जवाब देंगे। ये जवाब, अपनी शर्तों पर, अपने तरीके से देंगे। और इस निर्णय की आधारशिला, इसके पीछे छिपा विश्वास, आप सबका धैर्य, शौर्य, साहस और सजगता है। आपको ये हौसला, ये जुनून, ये जज्बा, ऐसे ही बरकरार रखना है। हमें लगातार मुस्तैद रहना है, हमें तैयार रहना है। हमें दुश्मन को याद दिलाते रहना है, ये नया भारत है। ये भारत शांति चाहता है, लेकिन, अगर मानवता पर हमला होता है, तो ये भारत युद्ध के मोर्चे पर दुश्मन को मिट्टी में मिलाना भी अच्छी तरह जानता है। इसी संकल्प के साथ, आइए एक बार फिर बोलें-

भारत माता की जय। भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

वंदे मातरम। वंदे मातरम।

वंदे मातरम। वंदे मातरम।

वंदे मातरम। वंदे मातरम।

वंदे मातरम। वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.