पिछले 2 महीनों में छठी वंदे भारत ट्रेन को रवाना किया
“राजस्थान को आज अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस मिली, इससे परिवहन-संपर्क में वृद्धि होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा”
"वंदे भारत ने 'भारत प्रथम, हमेशा प्रथम' की भावना को साकार किया"
"वंदे भारत ट्रेन विकास, आधुनिकता, स्थिरता और आत्मनिर्भरता का पर्याय बन गई है"
"दुर्भाग्य से रेलवे जैसी नागरिकों की एक महत्वपूर्ण और बुनियादी जरूरत को राजनीति के अखाड़े में बदल दिया गया"
"राजस्थान के लिए रेल बजट 2014 की तुलना में 14 गुना बढ़ा दिया गया है, जो 2014 के 700 करोड़ रुपये से बढ़कर इस वर्ष 9500 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है"
"भारत गौरव सर्किट ट्रेनें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को लगातार मजबूत कर रही हैं"
“जब रेलवे जैसी परिवहन-संपर्क की अवसंरचना मजबूत होती है, तो देश मजबूत होता है, इससे देश के आम नागरिक को लाभ होता है, देश के गरीब और मध्यम वर्ग को लाभ होता है।”

नमस्कार, राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्र जी, राजस्थान के मुख्यमंत्री मेरे मित्र श्रीमान अशोक गहलोत जी, रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी, राजस्थान सरकार के मंत्रीगण, विधानसभा और विधान परिषद में नेता विपक्ष, मंच पर विराजमान सभी सांसदगण, विधायकगण, अन्य सभी महानुभाव, और राजस्थान के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,

मां भारती की वंदना करने वाली राजस्थान की धरती को आज पहली वंदे भारत ट्रेन मिल रही है। दिल्ली कैंट-अजमेर वंदेभारत एक्सप्रेस से, जयपुर-दिल्ली आना-जाना और आसान हो जाएगा। ये ट्रेन, राजस्थान की टूरिज्म इंडस्ट्री को भी बहुत मदद करेगी। तीर्थराज पुष्कर हो या फिर अजमेर शरीफ, आस्था के ऐसे महत्वपूर्ण स्थलों तक पहुंचने में भी अब श्रद्धालुओं को ज्यादा आसानी होगी।

भाइयों और बहनों,

बीते 2 महीनों में ये छठी वंदेभारत एक्सप्रेस है जिसे हरी झंडी दिखाने का मुझे सौभाग्य मिला है। मुंबई-शोलापुर वंदेभारत एक्सप्रेस, मुंबई-शिरडी वंदे भारत एक्सप्रेस, रानी कमलापति-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-तिरुपति वंदेभारत एक्सप्रेस, चेन्नई कोयंबटूर वंदेभारत एक्सप्रेस, और अब ये जयपुर-दिल्ली वंदेभारत एक्सप्रेस आज शुरू हो रही है। जब से ये आधुनिक ट्रेनें शुरू हुई हैं, तब से करीब-करीब 60 लाख लोग, इन ट्रेनों में सफर कर चुके हैं। तेज रफ्तार वंदे भारत की सबसे बड़ी विशेषता है, कि ये लोगों का समय बचा रही हैं। और एक स्टडी है कि एक वंदे भारत की यात्रा करने पर लोगों के कुल मिलाकर, हर ट्रिप में करीब-करीब ढाई हजार घंटे बचते हैं। यात्रा में बचने वाले ये ढाई हजार घंटे, लोगों को अन्य कार्यों के लिए उपलब्ध हो रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग कौशल से लेकर सुरक्षा की गारंटी तक, तेज रफ्तार से लेकर खूबसूरत डिजाइन तक, वंदे भारत तमाम खूबियों से संपन्न है। इन्हीं सब खूबियों को देखते हुए आज देशभर में वंदेभारत ट्रेन का गौरवगान हो रहा है। वंदे भारत ने एक तरह से कई नई शुरुआत की है। वंदे भारत, पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है जो मेड इन इंडिया है। वंदे भारत, पहली ऐसी ट्रेन है जो इतनी compact और efficient है। वंदे भारत, पहली ट्रेन है जो स्वदेशी safety system कवच के अनुकूल है। वंदे भारत, भारतीय रेलवे के इतिहास की वो पहली ट्रेन है, जिसने बिना अतिरिक्त इंजन के सह्याद्रि घाट की ऊंची चढ़ाई पूरी कर दी। वंदे भारत एक्सप्रेस India की First, always first! की भावना समृद्ध करती है। मुझे खुशी है कि वंदे भारत ट्रेन आज विकास, आधुनिकता, स्थिरता और आत्म-निर्भरता का पर्याय बन चुकी है। आज की वंदे भारत की यात्रा, कल हमें विकसित भारत की यात्रा की ओर ले जाएगी। ये राजस्थान के लोगों को वंदेभारत ट्रेन के लिए मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारे देश का दुर्भाग्य रहा कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था, जो सामान्य मानवी के जीवन का इतना बड़ा हिस्सा है, उसे भी राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया था। आजादी के बाद भी भारत को एक बड़ा रेलवे नेटवर्क मिला था। लेकिन रेलवे के आधुनिकीकरण पर हमेशा राजनीतिक स्वार्थ हावी रहा। राजनीतिक स्वार्थ को देखकर तब ये तय किया जाता था कि कौन रेल मंत्री बनेगा, कौन नहीं बनेगा। राजनीतिक स्वार्थ ही तय करता था कि कौन सी ट्रेन किस स्टेशन पर चलेगी। राजनीतिक स्वार्थ ने ही बजट में ऐसी-ऐसी ट्रेनों की घोषणाएं करवाईं, जो कभी चली ही नहीं। हालत ये थी कि रेलवे की भर्तियों में राजनीति होती थी, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था। हालत ये थी कि गरीब लोगों की जमीन छीनकर उन्हें रेलवे में नौकरी का झांसा दिया गया। देश में मौजूद हजारों मानव रहित क्रॉसिंग को भी अपने ही हाल पर छोड़ दिया गया था। रेलवे की सुरक्षा, रेलवे की स्वच्छता, रेलवे प्लेटफॉर्म्स की स्वच्छता, सब कुछ नजरअंदाज कर दिया गया था। इन सारी परिस्थितियों में बदलाव 2014 के बाद से आना शुरू हुआ है। जब देश के लोगों ने स्थिर सरकार बनवाई, जब देश के लोगों ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनवाई, जब सरकार पर राजनीतिक सौदेबाजी का दबाव हटा, तो रेलवे ने भी चैन की सांस ली और नई ऊंचाई पाने के लिए दौड़ पड़ी। आज हर भारतवासी, भारतीय रेल का कायाकल्प होते देखकर गर्व से भरा हुआ है।

भाइयों और बहनों,

राजस्थान के लोगों ने हमेशा हम सभी को अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है। शूरवीरों की इस धरती को आज हमारी सरकार, नई संभावनाओं और नए अवसरों की धरती भी बना रही है। राजस्थान, देश के टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में से एक है। ये बहुत जरूरी है कि राजस्थान आने वाले सैलानियों का समय बचे, उन्हें ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले। इसमें बहुत बड़ी भूमिका कनेक्टिविटी की है। राजस्थान की कनेक्टिविटी को लेकर जो काम बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने किया है, वो वाकई स्वीकार करना होगा ये काम अभूतपूर्व हुआ है। फरवरी में ही मुझे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दिल्ली-दौसा-लालसोट हिस्से के लोकार्पण के लिए दौसा आने का मौका मिला था। इस एक्सप्रेसवे से दौसा के साथ ही, अलवर, भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा जिलों के लोगों को बहुत लाभ होगा। केंद्र सरकार राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लगभग 1400 किलोमीटर सड़कों पर काम कर रही है। अभी करीब एक हजार किलोमीटर की सड़कें राजस्थान में और बनाने का प्रस्ताव है।

साथियों,

हमारी सरकार, रोड के साथ ही राजस्थान में रेल कनेक्टिविटी को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। तारंगाहिल से अंबाजी होते हुये आबूरोड़ तक नई रेल लाइन के निर्माण पर भी काम शुरू हो चुका है। इस रेल लाइन की मांग 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है, जो अब भाजपा सरकार ने ही पूरी की है। उदयपुर से अहमदाबाद के बीच रेल लाइन को भी ब्रॉड गेज में बदलने का काम हम पूरा कर चुके हैं। इससे मेवाड़ क्षेत्र, गुजरात सहित देश के अन्य भागों से बड़ी लाइन से कनेक्ट हो गया है। बीते 9 वर्षों में राजस्थान के करीब 75 प्रतिशत नेटवर्क का Electrification पूरा किया जा चुका है। 2014 से पहले की तुलना में राजस्थान के रेल बजट में अभी हमारे अश्विनी जी ने विस्तार से बताया 14 गुणा से अधिक की बढ़ोतरी भी की गई है। 2014 के पहले जो मिलता था और आज जो मिलता है 14 गुणा बढ़ोतरी। 2014 से पहले राजस्थान के लिए औसत रेल बजट का जहां लगभग 700 करोड़ के आसपास था, वहीं इस वर्ष साढ़े 9 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक है। इस दौरान रेल लाइनों को डबल करने की गति भी दोगुने से अधिक हुई है। रेलवे में गेज परिवर्तन और दोहरीकरण के जो काम बीते वर्षों में हुए हैं, उनका बहुत बड़ा लाभ राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों को हुआ है। डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौडगढ़, पाली और सिरोही जिलों में रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है। रेलवे लाइनों के साथ-साथ राजस्थान के रेलवे स्टेशनों का भी कायाकल्प किया जा रहा है। राजस्थान के दर्जनों स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है।

साथियों,

टूरिस्ट्स की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सरकार, अलग-अलग तरह की सर्किट ट्रेनों का भी संचालन कर रही है। भारत गौरव सर्किट ट्रेन अब तक 70 से ज्यादा ट्रिप्स लगा चुकी है। इन ट्रेनों में 15 हजार से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं। अयोध्या-काशी, या फिर दक्षिण के क्षेत्रों के दर्शन हों, द्वारका जी के दर्शन हों, सिख समाज के गुरुओं के तीर्थ स्थल हों, ऐसे अनेक स्थानों के लिए भारत गौरव सर्किट ट्रेनें आज चलाई जा रही हैं। हम अक्सर सोशल मीडिया पर देखते हैं कि इन यात्रियों से कितना अच्छा फीडबैक मिल रहा है, इन ट्रेनों को कितनी सराहना मिल रही है। ये ट्रेनें, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को भी निरंतर सशक्त कर रही हैं।

साथियों,

भारतीय रेलवे ने बीते वर्षों में एक और प्रयास किया है जिसने राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को भी देश भर में पहुंचाने में मदद की है। ये है वन स्टेशन वन प्रोडक्ट अभियान। भारतीय रेल ने राजस्थान में लगभग 70 वन स्टेशन वन प्रोडक्ट स्टॉल लगाए हैं। इन स्टॉल्स में जयपुरी रजाईयां, सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट की चादरें, गुलाब से बने उत्पाद, दूसरे हस्तशिल्प की जमकर बिक्री हो रही है। यानि राजस्थान के छोटे किसान, कारीगरों, हस्तशिल्पियों को बाज़ार तक पहुंचने का ये नया माध्यम मिल गया है। ये विकास में सबकी भागीदारी यानि सबका विकास का प्रयास है। जब रेल जैसा कनेक्टिविटी का इंफ्रास्ट्रक्चर सशक्त होता है तो देश सशक्त होता है। इससे देश के सामान्य नागरिक को लाभ होता है, देश के गरीब और मध्यम वर्ग को लाभ होता है। मुझे विश्वास है कि आधुनिक वंदेभारत ट्रेन, राजस्थान के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी। और मुझे गहलोत जी का विशेष रूप से मैं आभार व्यक्त करता हूं कि इन दिनों वो राजनीतिक आपादापी में उनका अनेक संकटों से वो गुजर रहे हैं। उसके बावजूद भी विकास के काम के लिए समय निकालकर के आए, रेलवे कार्यक्रम में हिस्स लिया। ये मैं उनका स्वागत भी करता हूं, अभिनंदन भी करता हूं और मैं गहलोत जी को कहना चाहता हूं। गहलोत जी आपके तो दो-दो हाथ में लड्डू हैं। आपके रेल मंत्री राजस्थान के हैं और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन भी राजस्थान के हैं। तो आपको तो दो-दो हाथ में लड्डू हैं और दूसरा जो काम आजादी के तुरंत बाद होना चाहिए था, अब तक नहीं हो पाया लेकिन आपका मुझ पर इतना भरोसा है, इतना भरोसा है कि आज वो काम भी आपने मेरे सामने रखे हैं। आपका से विश्वास यही मेरी मित्रता की अच्छी ताकत है और एक मित्र के नाते आप जो भरोसा रखते हैं इसके लिए मैं आपका बहुत आभार व्यक्त करता हूं। आप सभी को फिर से मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं, राजस्थान को बधाई देता हूं, बहुत-बहुत धन्यवाद!

 

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Text of PM Modi's speech in a massive public meeting in Palakkad, Keralam
March 29, 2026
केरलम में BJP-NDA सरकार तेजी से विकास सुनिश्चित करेगी। यह मोदी की गारंटी है: पलक्कड़ में पीएम मोदी
कांग्रेस और लेफ्ट का ट्रैक रिकॉर्ड दिखाता है कि वे जहां भी सत्ता में आते हैं, सब कुछ बिगड़ जाता है: पीएम मोदी
पलक्कड़ में, पीएम मोदी ने कहा कि UDF और LDF दोनों, BJP को टारगेट कर रहे हैं क्योंकि उन्हें डर है कि पार्टी उनके पिछले गलत कामों का पर्दाफाश कर देगी।
अगर BJP सत्ता में आती है, तो LDF और UDF द्वारा किए गए सभी घोटालों की पूरी जांच की जाएगी, और न्याय मिलेगा: पीएम

जय केरलम...
जय केरलम...
जय विकसिता केरलम
जय केरलम...

केरालथिले एंटे...
प्रियप्पेट्टा सहोदरी सहोदरनमारक्क…//
विनीथमाया//
नमस्कारम !

मैं कल्पाती श्री विशालाक्षी समेत श्री विश्वनाथ स्वामी जी के चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं देख रहा हूं, इस बार केरलम में एक अलग ही माहौल है! केरलम बदलाव का संदेश दे रहा है। NDA की बढ़ती लोकप्रियता, बीजेपी के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास, आज आप सबका उत्साह और समर्थन, इतनी बड़ी संख्या में आपकी ये उपस्थिति। पालक्काड़ ये बता रहा है- केरलम का मूड अब एक मूवमेंट बन चुका है। अब केरलम के युवाओं का विश्वास है- बीजेपी और एनडीए। अब केरलम की महिलाओं का स्नेह है- बीजेपी और एनडीए। अब केरलम के किसानों का प्रेम है- बीजेपी और एनडीए।

एंडे सुहुर्तगले,

इस बदलाव के पीछे केरलम की जनता का आशीर्वाद है। इसके पीछे, केरलम बीजेपी के लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत है। हमारे कितने ही कार्यकर्ताओं ने यहां पॉलिटिकल वॉयलेंस के कारण अपना जीवन खोया है। मैं आज केरलम की मेरी पहली चुनाव सभा में उन सभी कार्यकर्ताओं को इस मंच से आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम् को सुंदरतम क्यों कहा जाता है, इसका अहसास हमें पालक्काड़ आते ही हो जाता है। हमारा पालक्काड़ केरलम का ये प्रवेश द्वार है। यहां प्रकृति की अद्भुत सुंदरता भी है। केरलम की प्राचीन जीवंत संस्कृति भी है और ये केरलम की प्रतिभा और परिश्रम का एक बड़ा केंद्र भी है। यहां कल्पाती मंदिर का महत्व बताते हुए काशी का उदाहरण दिया जाता है। काशी का सांसद होने के नाते ये मेरे लिए और भी विशेष है।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं इस पावन भूमि को नमन करता हूं। यहां के महान संत और समाज सुधारक

पूज्य श्री नारायण गुरु, पूज्य चत्तम्बी स्वामीकल, पूज्य मन्नत्त पद्मनाभन, पूज्य महात्मा अय्यनकाली और संत कुरियाकोस// एलियास चावरा, मैं इन महान विभूतियों को भी प्रणाम करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

दशकों से केरलम स्वार्थी राजनीति के दो मुखौटों के बीच फंसा हुआ है। एक ओर LDF, तो दूसरी ओर UDF। एक ओर कम्युनिस्ट, तो दूसरी ओर कांग्रेस।

एक भ्रष्ट, तो दूसरा महा-भ्रष्ट। एक सांप्रदायिक, तो दूसरा महा-सांप्रदायिक। LDF-UDF की सारी नीतियां केवल वोटबैंक पॉलिटिक्स के लिए ही होती हैं।

इन्हें केरलम के विकास की कोई परवाह नहीं। अब मैं आपको भरोसा देता हूं कि यहां बनने वाली बीजेपी-एनडीए सरकार केरलम का तेज विकास करेगी।

विकसित केरलम बनाएगी और ये मोदी की गारंटी है।

What remained unchanged will change.

Now Keralam will develop.

मारात्ततु इनी मारुम।

इनी केरलम वल़रुम

एंडे सुहुर्तगले,

LDF और UDF ने दशकों तक मिल-बांटकर केरलम को लूटा। इनके बीच एक टैक्टिकल समझौता रहा है। कुछ साल LDF वाले सरकार चलाएंगे, अपनी जेबें भरेंगे, उसके बाद, UDF वाले आकर लूटेंगे। इनके इस गठजोड़ में हमारा केरलम उलझकर रह गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

इन दिनों कम्युनिस्ट और कांग्रेस ने मिलकर एक नया propaganda शुरू किया है। कम्युनिस्ट कहते हैं कि- कांग्रेस बीजेपी की B टीम है! और कांग्रेस वाले कहते हैं- कम्युनिस्ट बीजेपी की B टीम है! यानी, LDF और UDF, इन लोगों ने भी मान लिया है। इस बार केरलम चुनाव में A टीम अगर कोई है, A टीम अगर कोई है...तो वो सिर्फ और सिर्फ बीजेपी ही है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में LDF-UDF दोनों ही बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। इसका मतलब ये कि ये दोनों भ्रष्टाचारी पार्टियां अगर किसी से डरी हुई हैं, तो वो है बीजेपी।

इन्हें बीजेपी का डर इसलिए है, क्योंकि इनको लगता है कि अगर बीजेपी यहां सरकार में आ गई, तो इनके सारे काले कारनामों का सच सामने आ जाएगा।

दशकों से LDF-UDF ने यहां बड़े-बड़े घोटाले किए हैं। लेकिन इन दलों की सरकारें कभी भी एक दूसरे पर कार्रवाई नहीं करती। ये आपके सामने सिर्फ झूठे बयान देती हैं। बीजेपी सरकार आई तो LDF-UDF के हर घोटालों की जांच कराएगी, केरलम की जनता को न्याय दिलाएगी। इसलिए, ये दोनों गठबंधन केरलम में बीजेपी सरकार बनने के डर से, इस जनसैलाब के समर्थन से, इनकी नींद हराम हो गई है, ये डर रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

चुनाव में पर्दे के पीछे कौन किसकी B टीम है, मैं केरलम के लोगों के सामने इसकी भी सच्चाई रखूंगा। कांग्रेस और कम्युनिस्ट पूरे देश में एक दूसरे से गठबंधन करते हैं। बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश से लेकर मणिपुर, त्रिपुरा, असम तक इन दोनों का गठबंधन है। इंडी अलायंस में साथ में हैं, दिल्ली में सरकार साथ में चलाई थी। तमिलनाडू में भी ये दोनों एक साथ अलायंस में हैं।

लेकिन यहां केरलम में कांग्रेस और लेफ्ट वाले एक दूसरे को झूठी गाली देते हैं। इसलिए आपको इन दोनों से ही सावधान रहना है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में टीम बीजेपी और टीम NDA सरकार बनाने के लिए मैदान में हैं।

हम केरलम की जनता के आशीर्वाद से, आप सबसे आशीर्वाद से यहां सरकार बनाएंगे। हम केरलम की सेवा में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। NDA का लक्ष्य है- केरलम के लोगों के सपने पूरे करना! हमने केंद्र में रहते हुए केरलम के विकास के लिए हर प्रयास किए हैं। जब कांग्रेस केंद्र सरकार में थी, तब केरलम को केंद्र से 10 साल में जितना पैसा मिला, हमने उससे 5 गुना ज्यादा बजट केरलम को दिया है। अर्बन development, रोड निर्माण, रेलवे का विकास एग्रिकल्चर development, जल जीवन मिशन, पीएम-आवास....

ये पैसा हर क्षेत्र के लिए दिया गया। लेकिन, यहां की राज्य सरकार ने इस पैसे का सही इस्तेमाल नहीं किया। इन पैसों पर आपका अधिकार था, उन्होंने लूटने का काम किया है।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम पर 5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज हो गया है। 10 साल में ये कर्ज 3 गुने से ज्यादा बढ़ा है। ऐसे में केरलम के लोग सवाल पूछ रहे हैं। केरलम के हिस्से का, जनता की मेहनत का ये पैसा कहां जा रहा है? जवाब एक ही है- LDF वालों की जेबों में! जब यहां NDA सरकार आएगी, तो भ्रष्टाचारियों से ये पैसा वसूला जाएगा और केरलम की जनता के विकास में लगाया जाएगा।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम के पास भरपूर सामर्थ्य है। यहां प्राकृतिक संसाधन हैं, समुद्र है, खेती है, पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां के शिक्षित युवा, युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और क्षमता, ये सब केरलम की बहुत बड़ी पूंजी है। फिर भी केरलम आज पलायन की विभीषिका से जूझ रहा है। पिछले 10 वर्षों में यहां राज्य सरकार द्वारा कोई ऐसा बड़ा औद्योगिक प्रोजेक्ट नहीं शुरू हुआ, जिससे युवाओं को रोजगार मिलता।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस और लेफ्ट का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, ये जहां सत्ता में आते हैं, वहां सब चौपट करके ही जाते हैं। बंगाल में लेफ्ट ने क्या किया, ये पूरा देश जानता है। त्रिपुरा में लेफ्ट ने क्या किया, ये पूरा देश जानता है। कांग्रेस ने देश भर में क्या किया, ये भी सबने देखा है। इनके उसी कुचक्र में केरलम भी पिसता रहा है।
यहां सरकारी कर्मचारियों के वेतन में देरी की खबरें आती हैं। पेंशन के भुगतान में भी परेशानी की बातें सामने आती हैं। केरलम में नौकरी करने वाले परिवार की चिंता यही रहती है कि अगले महीने उनका वेतन आएगा या नहीं।

एंडे सुहुर्तगले,

हाल ही में भी केरल में सरकारी कर्मचारियों के DA और लीव सरेंडर के बकाया भुगतान को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। कांग्रेस इस सबके लिए लेफ्ट वालों पर हमला करती है। लेकिन, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहाँ भी हालात इतने ही बुरे हैं। पड़ोसी कर्नाटका को ही देख लीजिए। वहां भी विकास के ज़्यादातर काम रुक गए हैं। हिमाचल प्रदेश भी अब आर्थिक संकट में है।
यही कांग्रेस का गवर्नेंस मॉडल है।

एंडे सुहुर्तगले,

पालक्काड में यहां 22 साल तक लेफ्ट के MLA रहे। करीब पांच दशक कांग्रेस समर्थक MLA रहे। लेकिन इतने वर्षों में इस क्षेत्र का विकास नहीं हुआ। जैसे ही केंद्र में बीजेपी की सरकार आई, पालक्काड में केरलम को पहला IIT मिला। हम यहां रेलवे स्टेशन अपग्रेड करा रहे हैं। नेशनल हाईवे को आधुनिक बना रहे हैं। हम पालक्काड में स्मार्ट इंडस्ट्रियल सिटी भी बनवा रहे हैं। इससे पालक्काड के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी ने हमेशा Women led development की अप्रोच को बढ़ावा दिया है। चाहे financial inclusion हो, healthcare हो या housing, आज केंद्र सरकार की योजनाओं में सबसे ज्यादा प्राथमिकता महिलाओं को मिलती है।
महिलाओं को विधानसभा और संसद में भागीदारी मिले, इसके लिए हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी पास किया।

एंडे सुहुर्तगले,

एनडीए ने अपने संकल्प की वजह से एक साधारण परिवार की बेटी को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाया है। दूसरी ओर कांग्रेस, पालक्काड में ही आपने देखा है। इनके नेता ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। कल ही कांग्रेस को अपने एक और नेता को महिला शोषण के गंभीर आरोप के बाद मजबूरी में पार्टी से निकालना पड़ा है। यही इन पार्टियों की सच्चाई है, जिससे केरलम की महिलाओं को सावधान रहना है।

यहां एक छोटी बच्ची बहुत बढ़िया कमल का निशान और मुझे भी पेंट कर दिया है। बेटी तुमने बनाया है। अच्छा शाबाश, मेरे एसपीजी के लोगों को दे दो, अगर तुम्हारा एड्रेश होगा, तो मैं तुम्हें चिट्ठी लिखूंगा।

एंडे सुहुर्तगले,

पिछले चुनाव में बीजेपी ने पालक्काड से, देश जिनके लिए गौरव करता है, दुनिया में जिनकी प्रतिष्ठा है, ऐसे हमारे मेट्रो मैन ई श्रीधरन जी को चुनाव मैदान में उतारा था। लेकिन वो यहां दूसरे नंबर पर रहे थे। और इन नतीजे से हम दिल्ली में जितने दुखी हुए, उससे ज्यादा पालक्काड के मेरे भाई-बहन दुखी हुए थे। इस बार शोभा सुरेंद्रन जी को बीजेपी ने अपना कैंडिडेट बनाया है। शोभा जी आप सभी की पुरानी परिचित हैं, आपके बीच रहकर उन्होंने जनसेवा का काम किया है। इस बार उन्हें रिकॉर्ड वोटों से विजयी बनाना है। और मेरे जो साथी बैठे हैं, उनको भी भारी मतों से विजयी बनाना है।

साथियों,

पालक्काड को केरलम का “नेल्लारा” कहा जाता है। इसकी ये पहचान बनाने के पीछे हमारे किसान भाई-बहनों की मेहनत है। लेकिन, केरलम का वही किसान आज संघर्ष कर रहा है। आप सब जानते हैं, धान की खरीद में यहां बार-बार देरी होती है, भुगतान समय पर नहीं मिलता। हजारों किसान इस अव्यवस्था से परेशान हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

किसानों की समस्याओं का समाधान भी अगर कोई कर सकता है तो सिर्फ और सिर्फ बीजेपी ही कर सकती है और बीजेपी कर के रहेगी। केंद्र सरकार की योजनाएं इसका सबूत हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत यहां के 27 लाख से अधिक किसानों को सीधे उनके खाते में पैसा मिला है। केंद्र सरकार ने पालक्काड के किसानों को लगभग 700 करोड़ रुपए देकर किसानों के खर्च को कम किया है। हमने धान के एमएसपी में भी भारी बढ़ोतरी की है।

इसका लाभ यहां के किसानों को हुआ है। लेकिन राज्य सरकार यहां किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें कर्ज में धकेल रही है। केरलम में BJP-NDA की सरकार आएगी, तो केरलम के किसानों की समस्याएं भी खत्म होंगी और
ये मोदी की गारंटी है।

एंडे सुहुर्तगले,

इस समय वेस्ट एशिया में चल रहे युद्ध पर सबकी नजर है। इस युद्ध का प्रभाव भारत पर कम से कम पड़े। इसके लिए हमारी सरकार लगातार काम कर रही है। यहां केरलम के बहुत सारे लोग युद्धग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से ही मैं ज्यादातर राष्ट्राध्यक्षों से लगातार बात कर रहा हूं, संपर्क में हूं। सारे ही देश युद्ध क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहां पर हमारे भाई-बहनों को कोई तकलीफ ना हो, इसके लिए भारतीय दूतावास भी दिन-रात काम कर रहा है। भारतीयों के हितों की सुरक्षा भाजपा-एनडीए सरकार के लिए सर्वोपरि है। वहीं इस संवेदनशील मामले में कांग्रेस जिस तरह की बयानबाजी कर रही है, वो भी आपको याद रखना है।

कांग्रेस जिस तरह के बयान दे रही है, वो खतरनाक हैं। कांग्रेस चाहती है कि खाड़ी देशों में रहने वाले करीब एक करोड़ भारतीयों की जिंदगी खतरे में पड़ जाए और फिर कांग्रेस इसका सियासी फायदा उठा सके।

यहां एक मेरा बाल मित्र चित्र बनाकर लाया है। बेटा आप गिर जाओगे, मैं मेरे एसपीजी को कहता हूं, वे चित्र ले लेंगे। और अगर आपका एड्रेस होगा तो मैं चिट्ठी लिखूंगा।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में भाजपा का एक ही संकल्प है- विकसित केरलम! NDA की गारंटी है- केरलम के युवाओं के सामने पलायन की मजबूरी समाप्त होगी। NDA की गारंटी है- हर युवा की प्रतिभा का सम्मान होगा। NDA की गारंटी है- सबका साथ, सबका विकास होगा। NDA की गारंटी है- आस्था के स्थान राजनीति और भ्रष्टाचार से मुक्त होंगे। NDA की गारंटी है- जो अभूतपूर्व विकास देश के अन्य हिस्सों में हुआ है, वही विकास अब केरलम की धरती पर भी दिखेगा।
एनडीए की गारंटी का मतलब है कि ये मोदी की भी गारंटी है। मेरे भाषण का आगे का हिस्सा बताने से पहले मैं सभी कैंडिडेट से प्रार्थना करता हूं कि सारे कैंडिडेट्स थोड़ा आगे आ जाएं। जो चुनाव लड़ रहे हैं, कैंडिडेट आगे आ जाएं। आगे आ जाएं सब लोग, चुनाव लड़ रहे सब लोग एक लाइन में खड़े हो जाएं ताकि मैं उनसे फिर मिल करके आपके पास आता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं एक बार फिर आप सभी यहां इतनी विशाल संख्या में आने के लिए, बीजेपी-एनडीए को आशीर्वाद देने के लिए हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

मेरे साथ बोलिए
भारत माता की जय
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वंदे मातरम्
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वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्