भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल पड़ा है: प्रधानमंत्री
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आज भारत दुनिया के शीर्ष 5 देशों में शामिल है: प्रधानमंत्री
आत्मनिर्भर बनने के लिए भारत को दो प्रमुख चीजों - ऊर्जा और सेमीकंडक्टर की आवश्यकता है, असम इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है: प्रधानमंत्री
हम असम की पहचान को निरंतर मजबूत बना रहे हैं: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय! असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व शर्मा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी सर्बानंद सोनोवाल जी, हरदीप सिंह पुरी जी, असम सरकार के मंत्री गण, सांसद और विधायक गण और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे भाइयों और बहनों!

मोइ होमूह, ऑहोमबासीक आगोतीयाकोइ, हारोदीया दुर्गा पूजार, उलोग आरु हुभेच्छा जोनाइशु। महापुरुष श्रीमोंतो हंकरदेबोर, जन्मोत्सव, उपोलेख्यो, गुरुजनार प्रोति, श्रद्धा निबेदोन करिइशु।

साथियों,

मैं बीते दो दिन से नॉर्थ ईस्‍ट में हूं। जब भी मैं नॉर्थ ईस्‍ट आता हूं, तो अभूतपूर्व स्नेह और आशीर्वाद मिलता है। खासतौर पर असम के इस क्षेत्र में जो स्नेह, जो अपनापन मिलता है, वो अद्भुत है। मैं आप सभी जनता-जनार्दन का हृदय से बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

विकसित असम, विकसित भारत की गौरव यात्रा के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। आज करीब 18 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्‍ट्स असम को मिले हैं। थोड़ी देर पहले मैं दरांग में था। वहां मुझे कनेक्टिविटी और हेल्थ से जुड़े प्रोजेक्‍ट्स की नींव रखने का अवसर मिला है। अब यहां पर एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़े हुए प्रोजेक्‍ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन हुआ है। यह प्रयास विकसित असम का रास्ता और मजबूत करेंगे।

साथियों,

असम भारत के ऊर्जा सामर्थ्य को बढ़ाने वाली धरती है। यहां से निकले पेट्रोलियम प्रोडक्ट देश के विकास को गति देते हैं। असम की इस ताकत को बीजेपी एनडीए सरकार नई बुलंदी तक पहुंचाने में जुटी है। इस मंच पर आने से पहले मैं पास में ही एक और कार्यक्रम में गया था, वहां बांस से बायो इथेनॉल बनाने वाले आधुनिक प्‍लांट का उद्घाटन किया गया है। यही असम के लिए बहुत गर्व की बात है। इथेनॉल प्‍लांट के लोकार्पण के साथ ही आज यहां पॉली-प्रोपलीन प्लांट का शिलान्यास भी हुआ है। यह प्‍लांट असम में उद्योगों को बल देंगे। असम के विकास को गति देंगे। किसानों, नौजवानों, सभी के लिए नए अवसर बनाएंगे। मैं आप सभी को इतने सारे प्रोजेक्‍ट्स के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज भारत दुनिया का सबसे तेजी से विकसित होने वाला देश है। जैसे-जैसे भारत विकसित हो रहा है, वैसे-वैसे हमारी बिजली की, गैस की, इंधन की जरूरतें भी बढ़ रही हैं। हम इन चीजों के लिए विदेशों पर निर्भर रहे हैं। हम बहुत बड़ी मात्रा में कच्‍चा तेल और गैस विदेशों से आयात करते हैं और बदले में लाखों-करोड़ों रुपये हर साल भारत को दूसरे देशों को देना पड़ता है। हमारे पैसों से विदेशों में रोजगार बनते हैं, वहां के लोगों की आमदनी बढ़ती है। इस स्थिति को बदला जाना आवश्यक था। इसलिए भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल पड़ा है।

साथियों,

हम एक तरफ देश में कच्चे तेल और गैस से जुड़े नए भंडार खोज रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रीन एनर्जी के अपने सामर्थ्य को भी बढ़ा रहे हैं। आप सभी ने सुना होगा, इस बार लाल किले से मैंने समुद्र मंथन की घोषणा की है। एक्सपर्ट बताते हैं कि हमारे समुद्र में भी बहुत बड़ी मात्रा में ऑयल एंड गैस के भंडार हो सकते हैं। यह संसाधन देश के काम आए, इनकी तलाश हो, इसके लिए हम नेशनल डीप वाटर एक्सप्लोरेशन मिशन शुरू करने जा रहे हैं।

साथियों,

ग्रीन एनर्जी के मामले में, हरित ऊर्जा के उत्पादन में भी भारत तेजी से कदम उठा रहा है। एक दशक पहले भारत सोलर पावर के मामले में बहुत पीछे था। लेकिन आज सोलर पावर के मामले में भारत दुनिया के टॉप फाइव देशों में आ गया।

साथियों,

बदलते हुए इस समय में भारत को तेल और गैस के विकल्प के रूप में और भी ईंधनों की जरूरत है। ऐसा ही एक विकल्प है इथेनॉल, आज यहां बांस से इथेनॉल, बैंबू से इथेनॉल बनाने वाले प्लांट की शुरुआत हुई है। इसका बहुत बड़ा फायदा असम के किसानों को होगा, मेरे ट्राइबल भाई-बहन और परिवारों को होगा।

साथियों,

बायो इथेनॉल प्‍लांट को चलाने के लिए जरूरी बांस का इंतजाम भी किया जा रहा है। सरकार यहां के किसानों को बांस की खेती करने के लिए मदद देगी और बांस की खरीदी भी करेगी। यहाँ बांस चिपिंग से जुड़ी छोटी-छोटी यूनिट्स लगेंगी। हर साल करीब-करीब 200 करोड़ रुपए इस क्षेत्र में खर्च किए जाएंगे। इस एक प्‍लांट से यहां के हजारों लोगों को फायदा होगा।

साथियों,

आज हम बांस से इथेनॉल बनाने जा रहे हैं। लेकिन आपको वो दिन भी भूलना नहीं है, जब कांग्रेस की सरकार बांस काटने पर जेल में डाल देती थी, वो बांस जो हमारे आदिवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है, उसे काटने पर पाबंदी लगी हुई थी। हमारी सरकार ने बैंबू कटिंग से बैन हटा दिया और आज यह निर्णय नॉर्थ ईस्ट के लोगों को बहुत फायदा पहुंचा रहा है।

साथियों,

आप सभी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक से बनी बहुत सारी चीजें इस्तेमाल करते हैं। प्लास्टिक की बाल्टी, मग, बॉल, कुर्सी, टेबल, पैकेजिंग मटेरियल, इस प्रकार की बहुत सारी चीजों की जरूरत हमें रोज पड़ती है। आप जानते हैं, यह सब बनाने के लिए जो चीज चाहिए, वो है पॉली-प्रोपाइलीन। पॉली-प्रोपाइलीन के बिना आज के जीवन की कल्पना भी मुश्किल है। इसी से कारपेट, रस्सी, बैग, फाइबर, मास्क, मेडिकल किट, टैक्‍सटाइल, न जाने क्‍या-क्‍या बनता है, ये गाड़ियों में काम आता है, मेडिकल और खेती के उपकरण बनाने में काम आता है। आज इसी पॉली-प्रोपाइलीन के आधुनिक प्‍लांट का उपहार असम को मिलेगा, आपको मिलेगा। इस प्‍लांट से मेक इन असम, मेक इन इंडिया, इसकी नींव मजबूत होने वाली है। यहां दूसरे मैन्‍युफैक्‍चरिंग उद्योगों को भी बल मिलेगा।

साथियों,

जैसे असम गोमोशा के लिए जाना जाता है, एरी और मुगा सिल्क के लिए जाना जाता है, अभी इसी तरह असम की पहचान में पॉली-प्रोपाइलीन से बना टैक्‍सटाइल भी जुड़ने जा रहा है।

साथियों,

आज हमारा देश आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए परिश्रम की पराकाष्ठा करके दिखा रहा है। असम इस अभियान के प्रमुख केंद्रों में से एक है। मुझे असम के सामर्थ्य पर बहुत भरोसा है, इसलिए असम को हमने बहुत बड़े अभियान के लिए चुना है और यह अभियान है सेमीकंडक्टर मिशन, असम पर मेरे विश्वास का कारण भी उतना ही बड़ा है। गुलामी के दौर में असम टी की उतनी पहचान नहीं थी, लेकिन देखते ही देखते असम की मिट्टी और असम के लोगों ने असम टी को ग्लोबल ब्रांड बना दिया। अब नया दौर आया है, भारत को आत्मनिर्भर होने के लिए दो चीजें चाहिए, एक ऊर्जा और दूसरा सेमीकंडक्टर और असम इसमें बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है।

साथियों,

आज बैंकों के कार्ड से लेकर, मोबाइल फोन, कार, हवाई जहाज और स्‍पेस मिशन तक हर इलेक्ट्रॉनिक चीज की आत्मा एक छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक चिप में समाई जाती है। अगर हमें ये सारे सामान भारत में बनाने हैं, तो चिप हमारी होनी चाहिए। इसलिए भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया है और इसका बहुत बड़ा आधार असम को बनाया है। मोरीगांव में तेजी से सेमीकंडक्टर फैक्ट्री का निर्माण चल रहा है। इस पर 27 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, यह असम के लिए बहुत गर्व की बात है।

साथियों,

कांग्रेस ने देश में लंबे समय तक शासन किया है। यहां असम में भी कांग्रेस ने कई दशकों तक सरकार चलाई है। लेकिन जब तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, तब तक यहां विकास की रफ्तार भी धीमी रही और विरासत भी संकट में रही। बीजेपी की डबल इंजन की सरकार असम की पुरानी पहचान को सशक्त कर रही है और असम को आधुनिक पहचान से भी जोड़ रही है। कांग्रेस ने असम को, नॉर्थ ईस्‍ट को अलगाव दिया, हिंसा दी, विवाद दिए। बीजेपी असम को विकास और विरासत से समृद्ध राज्य बना रही है। यह हमारी सरकार है, जिसने असमिया भाषा को क्लासिकल लैंग्वेज का दर्जा दिया। मुझे खुशी है कि असम की बीजेपी सरकार नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को भी तेजी से लागू कर रही है। यहां स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

साथियों,

कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्‍ट के, असम के महान सपूतों को भी कभी सही सम्मान नहीं दिया। इस धरती पर वीर लासित बोरफुकन जैसे जांबाज योद्धा हुए, लेकिन कांग्रेस ने कभी उनको वो सम्मान नहीं दिया, जिसके वो हकदार थे। हमारी सरकार ने लासित बोरफुकन की विरासत को सम्मान दिया। हमने उनकी 400वीं जन्मजयंती राष्ट्रीय स्तर पर मनाई। हमने उनकी जीवनी को 23 भाषाओं में प्रकाशित किया। यहां जोरहाट में मुझे उनकी विशाल प्रतिमा का अनावरण करने का भी अवसर मिला था। कांग्रेस ने जिसकी उपेक्षा की, हम उसे अग्रिम पंक्ति में लेकर के चल रहे हैं।

साथियों,

यहां शिवसागर का ऐतिहासिक रंगघर उपेक्षित पड़ा हुआ था, हमारी सरकार ने इसका नवीनीकरण किया। हमारी सरकार श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली, बटाद्रवा को विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने का काम कर रही है। जैसे वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम परिसर बना है, उज्जैन में महाकाल महालोक बना है, वैसे ही असम में हमारी सरकार, माँ कामाख्या कॉरिडोर भी बना रही है।

साथियों,

असम की संस्कृति और इतिहास से जुड़े अनेक ऐसे प्रतीक हैं, अनेक ऐसे स्थान हैं, जिन्हें बीजेपी सरकार नई पीढ़ी के लिए संरक्षित कर रही है। इससे असम की विरासत को तो फायदा हो ही रहा है, असम में टूरिज्म का भी दायरा बढ़ रहा है। असम में जितना अधिक टूरिज्म बढ़ेगा, उतना ही ज्यादा रोजगार हमारे नौजवानों को मिलेगा।

साथियों,

विकास के इन प्रयासों के बीच, असम के सामने एक चुनौती विकराल होती जा रही है। यह चुनौती है, घुसपैठ की। जब यहां कांग्रेस की सरकार थी, तो उसने घुसपैठियों को ज़मीनें दीं, अवैध कब्जों को संरक्षण दिया। कांग्रेस ने वोटबैंक के लालच में असम में डेमोग्राफी का संतुलन बिगाड़ दिया। अब बीजेपी सरकार असम के लोगों के साथ मिलकर इस चुनौती का मुकाबला कर रही है। हम घुसपैठियों से आपकी जमीनों को मुक्त करा रहे हैं। जिनके पास जमीन नहीं है, जिन आदिवासी परिवारों को ज़रूरत है, उनको हमारी सरकार जमीन के पट्टे दे रही है। मैं मिशन बसुंधरा के लिए भी असम सरकार की प्रशंसा करूंगा। इसके तहत लाखों परिवारों को भूमि के पट्टे दिए जा चुके हैं। अहोम, कोच राजबोंगशी और गोरखा समुदायों के भूमि अधिकारों को कुछ जनजातीय क्षेत्रों में मान्यता दी गई है, उनको संरक्षित वर्गों की सूची में शामिल किया गया है। जनजातीय समाज के साथ जो ऐतिहासिक अन्याय हुआ है, बीजेपी उसको ठीक करने में पूरी प्रतिबद्धता से जुटी है।

साथियों,

बीजेपी सरकार के विकास का एक ही मंत्र है, वो मंत्र है- नागरिक देवो भव:, नागरिक देवो भव:। यानी देश के नागरिकों को असुविधा न हो, उनको छोटी-छोटी जरूरतों के लिए यहां-वहां भटकना न पड़े। लंबे समय तक कांग्रेस के शासनकाल में गरीबों को तरसाया गया, ठुकराया गया। क्योंकि कांग्रेस का काम एक वर्ग के तुष्टिकरण से हो जाता था। उनको सत्ता मिल जाती थी। लेकिन बीजेपी, तुष्टिकरण नहीं संतुष्टिकरण पर जोर देती है। कोई भी गरीब, कोई भी इलाका, पीछे न रहे, इस भाव से हम काम कर रहे हैं। आज असम में, गरीबों के पक्के घर बनाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, अभी तक असम में 20 लाख से अधिक पक्के घर गरीबों को मिल चुके हैं। घर-घर नल से जल पहुंचाने का काम भी असम में तेज गति से चल रहा है।

साथियों,

भाजपा सरकार की गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ यहां चाय बागानों में काम करने वाले मेरे भाइयों और बहनों को भी हो रहा है। चाह-श्रमिकों का हित हमारी प्राथमिकता है। सरकार द्वारा टी-गार्डन में काम करने वाली महिलाओं और बच्चों को मदद दी जा रही है। महिलाओं के स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा पर हमारा बहुत जोर है। यहां माता मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम से कम करने के लिए भी सरकार योजनाएं चला रही हैं। कांग्रेस के समय में टी-गार्डन वर्कर्स को टी-कंपनियों के मैनेजमेंट के भरोसे छोड़ दिया गया था। लेकिन भाजपा सरकार, उनके घरों की, उनके घरों में बिजली कनेक्शन की, घर में पानी की, उनके स्वास्थ्य की चिंता कर रही है। इन योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

साथियों,

असम के विकास का नया दौर शुरु हो चुका है, असम ट्रेड और टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनेगा। हम मिलकर विकसित असम बनाएंगे, विकसित भारत बनाएंगे। एक बार फिर आप सभी को विकास की परियोजनाओं के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय! हाथ ऊपर करके पूरी ताकत से आवाज दीजिए, भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय! बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Prime Minister congratulates Rastriya Swatantra Party leaders on electoral success in Nepal
March 09, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, had warm telephone conversations with Mr. Rabi Lamichhane, Chairman of the Rastriya Swatantra Party (RSP), and Mr. Balendra Shah, Senior Leader of the RSP.

Shri Modi congratulated both leaders on their electoral victories and the RSP’s resounding success in the Nepal elections. He conveyed his best wishes for the forthcoming new Government and reaffirmed India’s commitment to work with them for mutual prosperity, progress and well-being of the people of both countries.

Expressing confidence in the future of India-Nepal relations, the Prime Minister said that with joint endeavours, the partnership between the two nations will scale new heights in the years ahead.

In a X post, the Prime Minister said;

“Had warm telephone conversations with Mr. Rabi Lamichhane, Chairman of the Rastriya Swatantra Party (RSP) and Mr. Balendra Shah, Senior Leader of the RSP.

Congratulated both leaders on their electoral victories and RSP’s resounding success in the Nepal elections. Conveyed my best wishes for their forthcoming new Government and India's commitment to work with them for mutual prosperity, progress and well-being of our two countries.

I am confident that with our joint endeavours, India and Nepal relations will scale new heights in the years ahead.

@hamrorabi

@ShahBalen

@party_swatantra”