ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की ताकत, और कुछ ही घंटों में पाकिस्तान को घुटनों पर लाने की क्षमता; पूरी दुनिया ने भारत का यह नया रूप देखा है: पीएम
आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है: प्रधानमंत्री
पिछले 11 वर्षों में हमारी अर्थव्यवस्था 10वें स्थान से ऊपर उठकर शीर्ष पांच में पहुंच गई है, अब हम शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं: प्रधानमंत्री
विकसित भारत की यात्रा डिजिटल इंडिया के साथ-साथ आगे बढ़ेगी: प्रधानमंत्री
हमारी अगली बड़ी प्राथमिकता तकनीक में आत्मनिर्भर बनना होनी चाहिए: प्रधानमंत्री

नमस्कार!

बेंगळूरु नगरदा आत्मीया नागरिका बंधु-भगिनियरे, निमगेल्ला नन्ना नमस्कारगळु!

कर्नाटका के गवर्नर श्री थावर चंद गहलोत जी, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जी, केंद्र में मेरे सहयोगी मनोहर लाल खट्टर जी, एच डी कुमारस्वामी जी, अश्विनी वैष्णव जी, वी सोमन्ना जी, सुश्री शोभा जी, उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार जी, कर्नाटका सरकार में मंत्री बी सुरेश जी, नेता विपक्ष आर अशोक जी, सांसद तेजस्वी सूर्या जी, डॉक्टर मंजूनाथ जी, MLA विजयेंद्र येडियुरप्पा जी, और कर्नाटका के मेरे भाइयों और बहनों,

कर्नाटका की धरती पर कदम रखते ही अपनापन सा महसूस होता है, यहां की संस्कृति, यहां के लोगों का प्यार और कन्नड़ा भाषा की मिठास, दिल को छू जाती है। सबसे पहले मैं, बेंगलुरु शहर की अधिष्ठात्री देवी, अण्णम्मा ताई के चरणों में प्रणाम करता हूं। सदियों पहले नाड-प्रभु केम्पेगौड़ा जी ने बेंगलुरु शहर की नींव रखी थी। उन्होंने एक ऐसे शहर की संकल्पना की थी, जो अपनी परम्पराओं से भी जुड़ा हो और साथ ही, प्रगति की नई ऊंचाइयों को भी छुए। बेंगलुरु ने अपनी उस स्पिरिट को हमेशा जिया, हमेशा उसे सहेजकर रखा। और आज, बेंगलुरु उस सपने को साकार कर रहा है।

साथियों,

बेंगलुरु को हम एक ऐसे शहर के रूप में उभरता देख रहे हैं, जो न्यू इंडिया के राइज़ का सिम्बल बन चुका है। एक ऐसा शहर, जिसकी आत्मा में तत्व-ज्ञान है और जिसके actions में टेक-ज्ञान है। एक ऐसा शहर, जिसने ग्लोबल IT मैप पर भारत का परचम लहराया है। बेंगलुरु की इस सक्सेस स्टोरी के पीछे अगर कोई है, तो वो यहाँ के लोगों की, आप सबकी मेहनत और आपका सबका टैलेंट है।

Friends,

21वीं सदी में अर्बन प्लानिंग और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, हमारे शहरों की बहुत बड़ी आवश्यकता है। बेंगलुरु जैसे शहरों को हमें भविष्य के लिए भी तैयार करना है। बीते समय में बेंगलुरू के लिए भारत सरकार की तरफ से हजारों करोड़ रुपए की योजनाएं शुरू की गई हैं। आज इस अभियान को नई गति मिल रही है। आज बेंगलुरु मेट्रो यलो लाइन का शुभारंभ हुआ है। मेट्रो फेज-3 की आधारशिला भी रखी गई है। साथ ही, देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए 3 नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी भी दिखाई गई है। बेंगलुरु से बेळगावी के बीच वंदे भारत की सेवा शुरू हुई है। इससे बेळगावी के व्यापार और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, नागपुर से पुणे और श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा से अमृतसर के बीच भी वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू हुई हैं। इससे लाखों श्रद्धालुओं को लाभ होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मैं इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए, वंदेभारत ट्रेनों के लिए बेंगलुरु, कर्नाटका और देश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

साथियों,

आज ऑपरेशन सिंदूर के बाद मैं पहली बार बेंगलुरु आया हूँ। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं की सफलता, सीमा पार कई किलोमीटर भीतर आतंकवादी ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की ताकत और आतंकवादियों के बचाव में उतरे पाकिस्तान को कुछ ही घंटों में घुटनों पर लाने की हमारी क्षमता पूरी दुनिया ने नए भारत के इस स्वरूप के दर्शन किए हैं। ऑपरेशन सिंदूर की इस सफलता के पीछे बहुत बड़ी वजह हमारी टेक्नोलॉजी और डिफेंस में मेक इन इंडिया की ताकत है। और इसमें बेंगलुरु और कर्नाटका के युवाओं का भी बहुत बड़ा योगदान है। मैं इसके लिए भी आज आप सभी का अभिनंदन करता हूँ।

साथियों,

आज बेंगलुरु की पहचान दुनिया के बड़े सिटीज़ के साथ होती है। हमें ग्लोबली compete भी करना है, इतना ही नहीं, lead भी करना है। हम तभी आगे निकलेंगे, जब हमारे शहर स्मार्ट होंगे, फास्ट होंगे, efficient होंगे! इसलिए आज मॉर्डन इंफ्रा के लिए प्रोजेक्ट्स पूरे कराने पर हमारा इतना जोर है। आज RV रोड से बोम्मासंद्रा तक यलो लाइन शुरू हुई है। ये बेंगलुरु के कई अहम areas को आपस में कनेक्ट करेगी। बसवन-गुडी से इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक, ये सफर में भी अब कम समय लगेगा। इससे लाखों लोगों के जीवन में ease of living बढ़ेगी, ease of working बढ़ेगी।

साथियों,

आज यलो लाइन के लोकार्पण के साथ ही हमने फेज-3 यानी ऑरेंज लाइन का भी शिलान्यास किया है। जब ये लाइन शुरू होगी, तो येलो लाइन के साथ मिलकर डेली 25 लाख पैसेंजर्स को facilitate करेगी, 25 लाख पैसेंजर्स। ये बेंगलुरू के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को एक नई ताकत देगी, एक नई ऊंचाई देगी।

साथियों,

बेंगलुरु मेट्रो ने देश को पब्लिक इनफ्रास्ट्रक्चर development का एक नया मॉडल भी दिया है। बेंगलुरु मेट्रो कई अहम स्टेशनों के लिए Infosys Foundation, Biocon और Delta Electronics जैसी कंपनियों ने पार्ट फंडिंग की है। CSR के इस्तेमाल का ये मॉडल एक बड़ी प्रेरणा है। मैं इस अभिनव प्रयास के लिए कॉर्पोरेट सेक्टर को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

साथियों,

आज भारत दुनिया की fastest growing major economy है। पिछले 11 years में हमारी economy 10वें नंबर से टॉप 5 में पहुँच गई है। हम बहुत तेजी से टॉप-3 इकॉनॉमी बनने की ओर आगे बढ़ रहे हैं। ये स्पीड हमें कैसे मिली है? ये स्पीड हमें Reform-Perform-Transform की स्पिरिट से मिली है। ये स्पीड हमें साफ नीयत और ईमानदार प्रयासों से मिली है। आप याद करिए, 2014 में मेट्रो सिर्फ 5 शहरों तक सीमित थी, 5 cities। अब Twenty-Four शहरों में One thousand किलोमीटर से ज़्यादा मेट्रो नेटवर्क है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन गया है। 2014 से पहले लगभग Twenty thousand किलोमीटर रेलरूट का electrification हुआ था, यानी देश आजाद होने से 2014 तक, हमने पिछले 11 years में ही Forty thousand किलोमीटर से अधिक रेलरूट पर इलेक्ट्रिफिकेशन किया है

साथियों,

जल, थल, नभ, कुछ भी अछूता नहीं रखा है। Friends, जमीन ही नहीं, देश की उपलब्धियों का परचम आसमान में भी लहरा रहा है। 2014 तक भारत में सिर्फ 74 एयरपोर्ट्स थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है। नभ की सिद्धि, थल की सिद्धि और जल की भी वॉटर-वेज का आंकड़ा भी उतना ही शानदार है। 2014 में सिर्फ़ 3 नेशनल वाटर-वेज operational थे, अब यह संख्या बढ़कर 30 हो चुकी है।

साथियों,

हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर में भी देश ने एक बड़ी जंप लगाई है। 2014 तक हमारे देश में सिर्फ़ 7 AIIMS और 387 मेडिकल कॉलेज थे। अब 22 एम्स और 704 मेडिकल कॉलेज लोगों की सेवा में जुटे हैं। बीते 11 साल में देश में मेडिकल की एक लाख से ज्यादा नई सीटें जुड़ी हैं। आप कल्पना कर सकते हैं, इससे हमारे मिडिल क्लास के बच्चों को कितना फायदा है! इन 11 वर्षों में, I.I.Ts की संख्या भी 16 से बढ़कर 23, ट्रिपल IT’s की संख्या 09 से बढ़कर 25, और IIMs की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो चुकी है। यानि आज स्टूडेंट्स के लिए हायर एजुकेशन में ज्यादा से ज्यादा मौके बन रहे हैं।

साथियों,

आज देश जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसी गति से गरीब और वंचित का जीवन भी बदल रहा है। हमने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक पक्के घर दिए हैं। अब हमारी सरकार 3 करोड़ घर और बनाने जा रही है। हमने सिर्फ Eleven years में 12 करोड़ से अधिक टॉयलेट्स बनाए हैं। इससे देश की करोड़ों माता–बहनों को गरिमा, स्वच्छता और सुरक्षा का अधिकार मिला है।

साथियों,

देश आज जिस गति से विकास कर रहा है, इसके पीछे हमारी economic growth एक बड़ा फ़ैक्टर है। आप देखिए, 2014 से पहले भारत का टोटल एक्सपोर्ट 468 बिलियन डॉलर तक पहुंचा था। आज ये 824 बिलियन डॉलर हो गया है। पहले हम मोबाइल इम्पोर्ट करते थे, वहीं अब हम मोबाइल हैंडसेट के टॉप फाइव एक्सपोर्टर बन गए हैं। और बेंगलुरू की भी इसमें बहुत बड़ी भूमिका भी है। 2014 से पहले हमारा इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट लगभग 06 बिलियन डॉलर्स था। अब ये भी लगभग 38 बिलियन डॉलर्स तक पहुंच गया है।

साथियों,

Eleven years पहले तक भारत का ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट लगभग 16 बिलियन डॉलर्स था। आज ये दोगुने से अधिक हो चुका है, डबल हो चुका है। और भारत, ओटोमोबाइल का चौथा सबसे बड़ा एक्सपोर्टर बन गया है। ये उपलब्धियाँ आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प को मज़बूती देती हैं। हम मिलकर आगे बढ़ेंगे और देश को विकसित बनाएंगे।

साथियों,

विकसित भारत, न्यू इंडिया की ये यात्रा, डिजिटल इंडिया के साथ कदम से कदम मिलाकर पूरी होगी। आज हम देख रहे हैं, India AI Mission जैसी योजनाओं से भारत ग्लोबल AI लीडरशिप की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर मिशन भी अब स्पीड पकड़ रहा है। भारत को जल्द ही मेड इन इंडिया चिप मिलने जा रही है। आज भारत low-cost high-tech स्पेस मिशन का ग्लोबल उदाहरण बन गया है। यानी, futuristic technology से जुड़ी जो भी संभावनाएं हैं, भारत उन सबमें आगे बढ़ रहा है। और, भारत के इस advancement की सबसे खास बात है- Empowerment of poor! आप देखिए, आज देश में डिजिटाइजेशन का दायरा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। UPI के जरिए दुनिया का 50 परसेंट से ज्यादा रियल टाइम ट्रांजैक्शन भारत में हो रहा है। दुनिया का 50 परसेंट। टेक्नोलॉजी की मदद से हम सरकार और नागरिकों के बीच की दूरी कम कर रहे हैं। आज देश में 2200 से ज्यादा सरकारी सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध हैं। उमंग ऐप से आम नागरिक घर बैठे सरकारी काम निपटा रहा है। Digilocker से सरकारी प्रमाण-पत्रों का झंझट खत्म हुआ है। अब हम AI-powered threat detection जैसी technologies में भी निवेश कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि देश में Digital Revolution का फायदा समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। और इस प्रयास में बेंगलुरु पूरी सक्रियता से काम कर रहा है।

साथियों,

वर्तमान उपलब्धियों के बीच अब हमारी अगली बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए- टेक आत्मनिर्भर भारत! इंडियन टेक कंपनियों ने पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ी है। हमने पूरे वर्ल्ड के लिए सॉफ्टवेयर्स और प्रॉडक्ट्स बनाए हैं। अब समय है, हम भारत की जरूरतों को और ज्यादा priority दें। हमें नए Products develop करने में और तेजी से आगे बढ़ना है। आज हर Domain में Software और Apps का इस्तेमाल हो रहा है, इसमें भारत नई ऊंचाई पर पहुंचे, ये बहुत जरूरी है। जो emerging fields हैं, हमें उनमें भी लीड लेने के लिए काम करना होगा। हमें

मेक इन इंडिया में, manufacturing सेक्टर में भी बेंगलुरु और कर्नाटका की प्रेजेंस को और मजबूत करना है। और मेरा आग्रह है, हमारे प्रॉडक्ट्स zero defect, zero effect के स्टैंडर्ड पर टॉप क्वालिटी के होने चाहिए। यानी बिना डिफेक्ट वाले प्रॉडक्ट हों और उन्हें बनाने का नेगेटिव इफेक्ट पर्यावरण पर भी ना पड़े। मेरी अपेक्षा है, कर्नाटका का टैलेंट आत्मनिर्भर भारत के इस विज़न को लीड करे।

साथियों,

केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, हम सभी जनता की सेवा के लिए हैं। हमें देशवासियों की बेहतरी के लिए साथ मिलकर कदम उठाने हैं। इस दिशा में एक जो सबसे जरूरी ज़िम्मेदारी है, वो है- नए reforms! बीते एक दशक में हमने लगातार reforms को आगे बढ़ाया है। उदाहरण के तौर पर, भारत सरकार ने कानूनों को decriminalize करने के लिए जन-विश्वास बिल पास किया है। और अब इसका जन-विश्वास 2.0 भी पारित करने जा रहे हैं। राज्य सरकारें भी ऐसे कानूनों की पहचान कर सकती हैं, जिनमें अनावश्यक आपराधिक प्रावधान हैं, उन्हें खत्म किया जा सकता है। हम मिशन कर्मयोगी चला रहे हैं, ताकि सरकारी कर्मचारियों को competency-based training दी जा सके। राज्य भी अपने अधिकारियों के लिए इस learning framework को अपना सकते हैं। हमने Aspirational Districts Programme और Aspirational Block Programme पर बहुत जोर दिया है। राज्य भी इसी तरह अपने यहां ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर सकते हैं, जिन्हें विशेष ध्यान की आवश्यकता है। हमें राज्य सरकार के स्तर पर भी नए reforms को लगातार push करना चाहिए। मुझे विश्वास है, हमारे ये साझे प्रयास कर्नाटका को विकास की नई ऊंचाई पर लेकर जाएंगे। हम साथ मिलकर विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेंगे। इसी भाव के साथ, मैं एक बार फिर आप सभी को इन development projects की बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। बहुत-बहुत धन्यवाद!

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।