6,100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई हवाईअड्डा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया
आज की विकास पहलों से नागरिकों, विशेषकर हमारी युवा शक्ति को बहुत लाभ होगा: प्रधानमंत्री
बीते 10 सालों में हमने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है: प्रधानमंत्री
काशी एक मॉडल सिटी है जहां विकास भी हो रहा है और विरासत भी संरक्षित हो रही है: प्रधानमंत्री
सरकार ने महिला सशक्तीकरण को नई शक्ति दी है, समाज का विकास तब होता है जब समाज की महिलाएं और नौजवान सशक्त होते हैं: प्रधानमंत्री

नम: पार्वती पतये…

हर-हर महादेव !

मंच पर विराजमान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, इस कार्यक्रम में टेक्नॉलॉजी के माध्यम से जुड़े अन्य राज्यों के सम्मानित गवर्नर, मुख्यमंत्री गण, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी श्री नायडू जी, टेक्नोलॉजी के माध्यम से जुड़े केंद्र में मंत्रिमंडल के मेरे अन्य साथी, यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक जी, यूपी सरकार के अन्य मंत्रिगण, सांसद और विधायकगण, और बनारस के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

आज एक बार फिर बनारस के घरे आवे के मौका मिलल हौ...आज चेतगंज में - नक्कटैया क मेला भी हौ...धनतेरस, दीपावली अऊर छठी मईया के त्योहार- सब आवते हौ...औसे पहिले, आज काशी विकास के पर्व क साक्षी बनत हौ. आप सबके बहुत खूब बधाई।

साथियों,

काशी के लिए आज का दिन, बहुत ही शुभ है। अभी मैं आंखों के एक बड़े अस्पताल का लोकार्पण करके आपके पास आया हूं, और इसलिए आने में थोड़ी देर भी हो गई। शंकरा नेत्र अस्पताल से बुजुर्गों और बच्चों को बहुत मदद मिलने वाली है। बाबा के आशीर्वाद से अभी यहां हज़ारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। इनमें देश और यूपी के विकास की, उसको नई ऊंचाई देने वाले प्रोजेक्ट्स भी हैं। आज यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, एमपी और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग एयरपोर्ट्स का शुभारंभ हुआ है। इसमें बाबतपुर एयरपोर्ट के अलावा आगरा और सहारनपुर का सरसावा एयरपोर्ट भी शामिल है। कुल मिलाकर देखें तो आज शिक्षा, कौशल विकास, खेल, स्वास्थ्य, पर्यटन हर सेक्टर के प्रोजेक्ट्स बनारस को मिले हैं। ये सारे प्रोजेक्ट्स सुविधा के साथ-साथ, हमारे नौजवानों के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर भी लेकर आए हैं। यहां तो सारनाथ है, भगवान बुद्ध की उपदेश भूमि है। कुछ दिन पहले ही मैं अधिधम्म महोत्सव में सम्मिलित हुआ था। आज मुझे, सारनाथ के विकास से जुड़ी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण करने का भी अवसर मिला है, और आप तो जानते हैं कुछ समय पहले हमने कुछ भाषाओं को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी, उसमें पाली और प्राकृत भाषाएं भी हैं। और पाली भाषा का सारनाथ से विशेष नाता है, काशी से विशेष नाता है, प्राकृत भाषा का भी विशेष नाता है। और इसलिए उसका शास्त्रीय भाषा के रूप में गौरव प्राप्त होना ये हम सबके लिए गौरव का विषय है। मैं विकास की इन सभी परियोजनाओं के लिए आप सब मेरे काशीवासियों को और देश के सभी नागरिकों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आपने मुझे जब लगातार तीसरी बार सेवा करने का आदेश दिया था, तब मैंने तीन गुना गति से काम करने की बात कही थी। अभी सरकार को बने सवा सौ दिन भी नहीं हुए हैं। इतने कम समय में ही देश में 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं-परियोजनाओं पर हम काम शुरु कर चुके हैं। इसमें से ज्यादातर बजट गरीबों, किसानों और नौजवानों के नाम पर रहा है। आप सोचिए, 10 साल पहले तक सरकार के लाखों करोड़ रुपए के घोटालों की चर्चा अखबारों में छाई रहती थी, बातचीत का मुद्दा ही लाखों-करोड़ों का घोटाला होता था। आज सिर्फ सवा सौ दिन में ही 15 लाख करोड़ रुपए के काम शुरु होने की चर्चा घर-घर में हो रही है। यही तो वो बदलाव है, जो देश चाहता है। जनता का पैसा, जनता पर खर्च हो, देश के विकास पर खर्च हो, पूरी ईमानदारी से खर्च हो, ये हमारी बड़ी प्राथमिकता है।

साथियों,

बीते 10 सालों में हमने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का एक बहुत बड़ा अभियान शुरू किया है। और इंफ्रास्ट्रक्चर के इस अभियान के दो सबसे बड़े लक्ष्य हैं। पहला लक्ष्य- निवेश से नागरिकों की सुविधा बढ़ाने की है। दूसरा लक्ष्य- निवेश से नौजवानों को नौकरी देने का है। आज देश भर में आधुनिक हाईवे बन रहे हैं, नए-नए रूट्स पर रेलवे ट्रैक्स बिछाए जा रहे हैं, नए-नए एयरपोर्ट बन रहे हैं, और ये सिर्फ ईंट-पत्थर और लोहे-सरिया का काम नहीं हो रहा, बल्कि इससे लोगों की सुविधा बढ़ रही है, देश के युवाओं को नौकरियां भी मिल रही हैं।

साथियों,

आप देखिए, जब हमने बाबतपुर एयरपोर्ट वाला हाईवे बनाया, एयरपोर्ट पर आधुनिक सुविधाएं बढ़ाईं, तो क्या फायदा सिर्फ आने-जाने वालों को मिला? नहीं, इससे बनारस के कितने ही लोगों को रोजगार मिला। इससे खेती, उद्योग और पर्यटन, तीनों को बल मिला। आज बनारस आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कोई घूमने के लिए आ रहा है, कोई व्यापार के लिए आ रहा है, और इसमें फायदा आपका हो रहा है। इसलिए अब जब बाबतपुर हवाई अड्डे का और विस्तार होगा, तो आपको और ज्यादा फायदा होगा। आज इस पर काम भी शुरु हो गया है। ये काम जब पूरा हो जाएगा तो यहां ज्यादा विमान उतर पाएंगे।

साथियों,

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के इस महायज्ञ में हमारे एयरपोर्ट्स, उनकी शानदार इमारतें, आधुनिक से आधुनिक सुविधाएं आज दुनिया भर में चर्चा का विषय हैं। 2014 में हमारे देश में सिर्फ 70 एयरपोर्ट थे। और नायडू जी ने अभी विस्तार से उसका वर्णन किया, आज डेढ़ सौ से ज्यादा एयरपोर्ट हैं। और जो पुराने एयरपोर्ट हैं, हम उन्हें भी रेनोवेट कर रहे हैं। पिछले साल देश में एक दर्जन से अधिक एयरपोर्ट्स पर नई सुविधाओं का निर्माण हुआ, मतलब हर महीने एक। इनमें अलीगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती और चित्रकूट एयरपोर्ट भी शामिल हैं। अयोध्या भी एक भव्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट, हर रोज रामभक्तों का स्वागत कर रहा है। आप ज़रा सोचिए, वो भी दिन थे जब यूपी को खस्ताहाल सड़कों के लिए ताने दिए जाते थे। आज यूपी की पहचान एक्स्प्रेस-वे वाले राज्य के रूप में है। आज यूपी की पहचान सबसे अधिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाले राज्य की है। नोएडा के ज़ेवर में भी जल्द ही एक भव्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर तैयार होने जा रहा है। यूपी की इस प्रगति के लिए, मैं योगी जी, केशव प्रसाद मौर्या जी, ब्रजेश पाठक जी उनकी पूरी टीम की सराहना करता हूं।

साथियों,

बनारस का सांसद होने के नाते भी जब यहां की प्रगति देखता हूं, तो संतोष होता है। काशी को शहरी विकास की मॉडल सिटी बनाने का सपना तो हम सभी ने साथ मिलकर देखा है। एक ऐसा शहर जहां विकास भी हो रहा है और विरासत भी संरक्षित हो रही है। आज काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ के भव्य और दिव्य धाम से होती है, आज काशी की पहचान रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से होती है, आज काशी की पहचान रिंग रोड और गंजारी स्टेडियम जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से होती है। आज काशी में रोपवे जैसी आधुनिक सुविधा बन रही है। ये चौड़े रास्ते, ये गलियां, ये गंगा जी के सुंदर घाट, आज सबका मन मोह रहे हैं।

साथियों,

हमारा निरंतर प्रयास है कि हमारी काशी, हमारा पूर्वांचल व्यापार-कारोबार का और बड़ा केंद्र बने। इसलिए कुछ दिन पहले ही सरकार ने गंगा जी पर एक नए रेल-रोड ब्रिज के निर्माण को स्वीकृति दी है। -इ जौन राजघाट क पुल हौ न...एकरे पास में- एक ठे भव्य पुल और बने जात हौ...एकरे नीचे- कई ठे ट्रेन चली...औरी ऊपर- 6 लेन क हाइवे भी बनी...एकर लाभ - बनारस औरी चंदौली के लाखन लोगन के मिली।

साथियों,

हमारी काशी, अब खेलों का भी एक बहुत बड़ा केंद्र बनती जा रही है। सिगरा स्टेडियम अब नए रंग-रूप में आपके सामने है। नए स्टेडियम में राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से लेकर ओलंपिक तक की तैयारियों के इंतजाम हो गए हैं। यहां खेलों की आधुनिक सुविधाएं बनी हैं। काशी के नौजवान खिलाड़ियों का सामर्थ्य क्या है, ये सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान हमने देखा है। अब पूर्वांचल के हमरी बेटा-बेटी के बड़ा खेल के तैयारी बदे- अच्छी सुविधा मिल गईल हौ।

साथियों,

समाज का विकास तब होता है, जब समाज की महिलाएं और नौजवान सशक्त होते हैं। इसी सोच के साथ सरकार ने नारी शक्ति को नई शक्ति दी है। करोड़ों महिलाओं को मुद्रा लोन देकर उन्हें व्यापार करने की सहूलियत दी गई है। आज हम गांव-गांव में लखपति दीदी बनाने के लिए काम कर रहे हैं। आज गांव की हमारी बहनें, अब ड्रोन पायलट भी बन रही हैं। और ये तो काशी है, यहां साक्षात शिव भी माता अन्नपूर्णा से भिक्षा मांगते हैं। काशी ये सिखाती है कि समाज तभी समृद्ध होगा, जब नारी सशक्त होगी। इसी भावना से हमने विकसित भारत के हर संकल्प में नारी शक्ति को केंद्र में रखा है। जैसे पीएम आवास योजना ने करोड़ों महिलाओं को उनके अपने घर की सौगात दी है। इसका बहुत बड़ा लाभ यहां बनारस की महिलाओं को भी मिला है। आपको पता है, सरकार अब तीन करोड़ और नए घर बनाने जा रही है। यहां बनारस में भी जिन महिलाओं को पीएम आवास के घर नहीं मिले हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द ये घर दिए जाएंगे। हमने घर-घर नल, नल से जल और उज्ज्वला गैस तो पहुंचाई ही है। अब मुफ्त बिजली और बिजली से कमाई वाली योजना भी चल रही है। पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना से हमारी बहनों का जीवन और आसान होने वाला है।

साथियों,

अपनी काशी बहुरंगी सांस्कृतिक नगरी है। यहां भगवान शंकर का पावन ज्योतिर्लिंग है, मणिकर्णिका जैसा मोक्ष तीर्थ है, यहां सारनाथ जैसा ज्ञान स्थल है। दशकों-दशक बाद बनारस के विकास के लिए इतना काम एक साथ हो रहा है। वर्ना काशी को तो जैसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया था। इसलिए आज मैं हर काशीवासी के सामने एक सवाल उठा रहा हूं। आखिर वो कौन सी मानसिकता है, जिसके चलते पहले काशी को विकास से वंचित रखा गया? 10 साल पहले की स्थिति याद करिए, बनारस को विकास के लिए तरसाया जाता था। जिन लोगों ने यूपी में लंबे समय तक सरकारें चलाईं, जो लोग दिल्ली में दशकों तक सरकार में बैठे रहे, उन्होंने कभी बनारस की परवाह क्यों नहीं की? इसका जवाब है- परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति। कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी ऐसे दलों के लिए बनारस का विकास ना पहले प्राथमिकता में था, ना भविष्य में कभी होगा। इन दलों ने विकास में भी भेदभाव किया। जबकि हमारी सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चलती है। हमारी सरकार, किसी योजना में भेदभाव नहीं करती। हम जो कहते हैं, वो डंके की चोट पर करके दिखाते हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनेगा, आज अयोध्या में, हर रोज लाखों लोग राम लला के दर्शन करने जा रहे हैं। महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण की बात भी बरसों से लटकी रही थी । ये ऐतिहासिक काम भी हमारी सरकार ने ही पूरा किया है। तीन तलाक की कुरीति से कितने ही परिवार पीड़ित थे। मुस्लिम बेटियों को इससे मुक्ति दिलाने का काम हमारी सरकार ने किया। ये भाजपा सरकार ही है, जिसने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया, ये भाजपा सरकार है, एनडीए सरकार ही है, जिसने बिना किसी का हक छीने गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया।

साथियों,

हमने अपना काम किया। नेक नीयत से नीतियां लागू कीं, ईमानादरी से देश के हर परिवार का जीवन बदलने का प्रयास किया, इसलिए देश भी हमें लगातार आशीर्वाद दे रहा है। अभी हरियाणा में हमने देखा है कि कैसे वहां तीसरी बार लगातार भाजपा की सरकार बनी है। जम्मू-कश्मीर में भी भाजपा को रिकॉर्ड वोट मिले हैं।

साथियों,

आज भारत के सामने परिवारवादी राजनीति का भी बहुत बड़ा खतरा है। ये परिवारवादी सबसे ज्यादा नुकसान, देश के युवाओं को करते हैं। ये कभी भी युवाओं को मौका देने में विश्वास नहीं करते। इसलिए मैंने लाल किले से आह्वान किया है, मैं देश के 1 लाख ऐसे नौजवानों को राजनीति में लाउंगा, जिनके परिवार का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। ये भारत की राजनीति की दिशा बदलने वाला अभियान है। ये भ्रष्टाचार और परिवारवादी मानसिकता को मिटाने का अभियान है। ये काशी के, उत्तर प्रदेश के नौजवानों से भी कहूंगा कि आप खुले मन से नई राजनीति की धुरी बनें। काशी का सांसद होने के नाते, मैं यहां के नौजवानों को ज्यादा से ज्यादा आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।

साथियों,

काशी का ये मंच एक बार फिर, पूरे देश के नए विकास प्रतिमानों का आरंभ स्थल बना है। काशी एक बार फिर, राष्ट्र को नई गति देने की साक्षी बनी है। मैं एक बार फिर आज के विकास कार्यक्रम से जुड़े सभी राज्यों को, सभी माननीय गर्वनर्स को, सभी माननीय मुख्यमंत्रियों को और काशी के लोगों को, देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिए-

नम: पार्वती पतये...

हर-हर महादेव !

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PM Modi Leads International Yoga Day Event In Kolkata, Says It Has Become 'World's Biggest Festival'

Media Coverage

PM Modi Leads International Yoga Day Event In Kolkata, Says It Has Become 'World's Biggest Festival'
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
योग सबको जोड़ता है और एकता का संदेश देता है: कोलकाता में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पीएम मोदी
June 21, 2026
Yoga connects us all and brings us together: PM
When yoga becomes a way of life, it becomes the foundation of human unity: PM
Yoga helps us tune our bodies to be flexible; It keeps our energy levels high: PM
Yoga teaches us the art of living a balanced life: PM
Yoga shows the path from mental well-being to physical well-being: PM

मंच पर विराजमान राज्यपाल श्री आर एन रवि जी, ऊर्जावान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जी, केंद्र में मेरे सहयोगी प्रतापराव जाधव जी, अन्य सभी महानुभाव, यहां कोलकाता में जुटे सभी प्रतिभागी, देश-विदेश में योग से जुड़ रहे सभी साथी, और मेरे प्यारे देशवासियों! 

21 जून का ये दिन, पृथ्वी के कुछ भूभाग पर साल में सबसे लंबी अवधि का दिन होता है। और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कारण 21 जून का ये दिन विश्व के सबसे बड़े सामूहिक उत्सव का दिन भी बन गया है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों से योग की एक से एक अद्भुत तस्वीरें आ रहीं हैं। भारत में हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक, पूर्वोत्तर और पूरब में बंगाल से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र तक, पूरा देश योग की ऊर्जा से चैतन्य से भरा हुआ नज़र आ रहा है। पूरा देश, पूरा विश्व एक दूसरे से जुड़ा हुआ नज़र आ रहा है और यही तो योग की ताकत है। योग सबको जोड़ता है, योग सबको साथ लाता है। मैं इस अवसर पर पूरे विश्व को, संपूर्ण मानव समुदाय को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूँ। 

साथियों,

आज योग दिवस पर मैं खासकर के पूरे बंगाल में, कोलकाता में, यहां बने स्वच्छता के योग के लिए भी कोलकाता वासियों की सराहना करूंगा। ये अद्भुत पहल है- स्वच्छता से स्वागत पहल के लिए जिस तरह यहां लगातार श्रम किया गया है, नागरिक कर्तव्य निभाया गया है, वो सभी देशवासियों के लिए आज एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन गया है।

साथियों,

योग दिवस के अवसर पर आज बंगाल में होना बहुत ही विशेष है। बंगाल की ये पवित्र भूमि, जहां भगवान रामकृष्ण परमहंस जैसे सिद्ध संतों ने अवतार लिया, जहां से निकलकर स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व को योग से परिचय कराया, जहां महर्षि अरविंद जैसे महान योगी ने जन्म लिया, लाहिड़ी महाशय जैसे महान योगियों ने जहां योग परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, आज उसी धरती पर सामूहिक योग का अनुभव, एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति दे रहा है। इसी बंगाल की धरती पर जन्मे गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर का मानना था कि मनुष्य की पहचान अलग-अलग रहने में नहीं, बल्कि अपने आसपास की दुनिया से जुड़ने में है। यही जुड़ाव योग का मूल भाव है। महर्षि अरविंद भी कहते थे- हमारा पूरा जीवन योग है, चाहे हमें इसका बोध हो या ना हो। योग जब स्वभाव में आता है तो वो मानवीय एकता का आधार बन जाता है।

साथियों,

योग केवल शारीरिक श्रम का साधन नहीं है। योग किसी एक आयु वर्ग के लिए सीमित भी नहीं है। भारत में हम जानते हैं और देखते आए हैं, योग मानव के जीवन का चेतना के साथ, ऊर्जा के साथ एक प्रकाश भी है। इसीलिए, इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम रखी गई है- Yoga for Healthy Ageing है। उम्र बढ़ने पर भी हम स्वस्थ रह सकते हैं, हम ऊर्जावान और सक्रिय रह सकते हैं, योग हमें इसके लिए मार्ग दिखाता है। Friends, When we speak of "Yoga for Healthy Aging," It means that we can work to ensure that age does not reduce human potential. Yoga can help human life to aspire for constant growth. Our target must be to be more flexible at 40 than we were at 20. Our target must be to be more energetic at 50 than we were at 30. Our target must be to be more resistant to lifestyle diseases at 70 than we were at 50. This is where Yoga can help us. It helps us tune our bodies to be flexible. It keeps our energy levels high, it also helps us maintain a calm stress-free life and helps keep lifestyle diseases away. Moreover, with regular practice, Yoga teaches us to remain lifelong learners of our own bodies and minds. The more we know about ourselves, the better we can manage ourselves. That is why, Yoga for Healthy Aging. This theme must be seen as one for people of all ages, not just for the elderly.

साथियों,

गीता में भगवान कृष्ण ने योग के विषय में कहा है-

युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु।

युक्त स्वप्न अव-बोधस्य, योगो भवति दुःखहा॥

अर्थात्, संतुलित आहार विहार से, संतुलित क्रियाओं और कर्मों से संतुलित नींद और जागने से, योग दुःखों का नाश करने वाला हो जाता है। ये संतुलन ही योग का आधार है। यही संतुलन हमारे जीवन का आधार भी है। लेकिन ज्यादातर लोग आज इस आधुनिक समय में जीवन के असंतुलन से ही जूझ रहे हैं, बहुत मशक्कत करनी पड़ रही है उनको, योग हमें जीवन को balanced way में जीने की कला सिखाता है। योग हमें do’s और don’ts सिखाता है। और जब हम हमारे शरीर को सही ढंग से चलाना सीख लेते हैं, तो स्वास्थ्य हमारा स्वभाव बन जाता है।

साथियों,

योग केवल हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर ही फोकस नहीं करता, योग मानसिक स्वास्थ्य से शारीरिक स्वास्थ्य का मार्ग दिखाता है। इसीलिए, योग के विषय में “युक्त चेष्टस्य कर्मसु” कहा गया है। यानी, हमें क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए, इसका बोध! ये बोध हमारे जीवन में शांति का स्रोत तो बनता ही है, इससे विश्व शांति का मार्ग भी खुलता है। इसीलिए, योग आज केवल हमारी पर्सनल लाइफ़-स्टाइल के लिए जरूरी नहीं है इतना ही नहीं है, योग दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए एक आवश्यकता भी है।

साथियों,

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर करोड़ों लोग योग से जुड़ते हैं। लेकिन आज का ये दिन हमें अपने साझा संकल्प को फिर दोहराने का अवसर देता है। आइए, हम संकल्प लें, योग को केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रखेंगे, योग को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखेंगे। हम योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे। अपने परिवार का हिस्सा बनाएंगे। अपनी आने वाली पीढ़ियों का हिस्सा बनाएंगे।

साथियों,

इसी दिशा में, इस वर्ष "योग 365" की पहल को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके तहत 100 दिन के ऑनलाइन योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अभूतपूर्व जनभागीदारी देखी गई है। 130 देशों के 30 लाख से अधिक लोगों ने इसमें भाग लिया है।

साथियों,

जब समाज स्वस्थ होगा, तब राष्ट्र भी अधिक सक्षम, अधिक समृद्ध और आत्मविश्वासी बनेगा। मैं आप सबके लिए कामना करता हूं, "सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।" इसी के साथ आप सभी को एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!