यह पूरे तेलंगाना में बेहतर अवसंरचना और निर्बाध संपर्क की दिशा में बड़ा कदम है: प्रधानमंत्री
आज, भारत 'रिफॉर्म्स एक्सप्रेस' पर आगे बढ़ रहा है; इसके साथ ही, आज का भारत आधुनिक अवसंरचना का निर्माण भी कर रहा है: श्री मोदी
भारत की टेक्सटाइल विरासत कभी वैश्विक अर्थव्यवस्था को शक्ति प्रदान की थी; वारंगल में स्थित पीएम मित्र पार्क देश की टेक्सटाइल क्रांति को गति देगा: प्रधानमंत्री
बीते 12 वर्षों में आधुनिक कनेक्टिविटी भारत सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक रही है; कनेक्टिविटी के हर मोड पर अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है: प्रधानमंत्री
एनर्जी सिक्योरिटी आज वैश्विक प्राथमिकता है; इसलिए केंद्र सरकार भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए अभूतपूर्व निवेश कर रही है: प्रधानमंत्री

तेलंगाना के राज्यपाल श्रीमान शिव प्रताप शुक्ला जी, राज्य के मुख्यमंत्री श्रीमान रेवंत रेड्डी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी जी किशन रेड्डी, बंडी संजय कुमार, संसद के मेरे साथी कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी जी, तेलंगाना सरकार के मंत्री, अन्य जनप्रतिनिधि, देवियों और सज्जनों!

साइबराबाद का सामर्थ्य, नेशनल भी है और ग्लोबल भी है। ये तेलंगाना के और देश के तेज़ विकास का प्रमुख केंद्र है। इसलिए, आज साइबराबाद से तेलंगाना को देश का एक बड़ा मैन्युफेक्चरिंग पावरहाउस बनाने के लिए अनेक बड़े प्रोजेक्ट्स शुरु हो रहे हैं। आज जिन प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, इससे यहां हज़ारों हज़ार नए रोजगार बनेंगे, और तेलंगाना की कनेक्टिविटी भी सशक्त होगी। मैं तेलंगाना की जनता को इन प्रोजेक्ट्स के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज भारत रिफॉर्म्स एक्सप्रेस पर चल रहा है। साथ ही, आज का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी बना रहा है। ज़हीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया के निर्माण के पीछे भी यही लक्ष्य है। ये इंडस्ट्रियल एरिया, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने के भारत सरकार के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है। यह एक प्रकार से Industrial Smart City बनने जा रहा है। यहाँ world-class infrastructure होगा, बेहतरीन power supply होगी, Advanced I.C.T. network होगा, यानी दुनियाभर के निवेशकों के लिए यहां हर वो सुविधा होगी, जो इंडस्ट्री के लिए उन्हें जरूरी है। इन सुविधाओं के निर्माण के लिए भारत सरकार के हज़ारों करोड़ रुपए लगेंगे, और तेलंगाना, हैदराबाद के हज़ारों नौजवानों को रोज़गार का माध्यम बनेगा। यहां बनने वाली गाड़ियां, मशीनरी, यहां लगने वाले फूड प्रोसेसिंग उद्योग, ये तेलंगाना के श्रमिकों और किसानों को भी सशक्त करेंगे।

साथियों,

अतीत में जब भारत दुनिया की बहुत बड़ी इकॉनॉमी था, तब हमारे वस्त्र उद्योग की बड़ी भूमिका थी। अब हम अपनी उस विरासत को फिर से सशक्त कर रहे हैं। वारंगल का पीएम मित्र पार्क, देश में टेक्सटाइल क्रांति को गति देगा। पीएम मित्र पार्क में लगने वाली यूनिट्स को केंद्र सरकार की योजनाओं का भी पूरा लाभ मिलेगा। उन्हें केंद्र सरकार की PLI स्कीम से भी मदद मिलेगी। यानि इस टेक्सटाइल पार्क से बड़ी संख्या में रोजगार का निर्माण होगा। खासतौर पर, जो हमारी बहनें-बेटियां हैं, उनके लिए अनेक अवसर बनने वाले हैं।

साथियों,

बीते 12 वर्षों में भारत सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता, आधुनिक कनेक्टिविटी भी रही है। रोड्स हों, रेलवे हो, एयरपोर्ट्स हों, कनेक्टिविटी के हर मोड पर अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। करीब पौने दो लाख करोड़ रुपए की इन्वेस्टमेंट सिर्फ और सिर्फ नेशनल हाईवे पर की गई है। और इसका बहुत बड़ा लाभ तेलंगाना को भी हो रहा है। बीते 12 वर्षों में तेलंगाना में नेशनल हाईवे का नेटवर्क डबल हुआ है। तेलंगाना और कर्नाटका को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण से बहुत सुविधा होगी। इससे ट्रैवल टाइम कम होगा और किराए-भाड़े में भी बचत होगी।

साथियों,

साल 2014 से पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश के लिए, एक हज़ार करोड़ रुपए से भी कम का रेलवे बजट होता था। रेवंता जी सुन रहे हैं ना? संयुक्त आंध्र के समय रेलवे का बजट एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था। आज सिर्फ संयुक्त आंध्र की बात नहीं कर रहा, आज सिर्फ तेलंगाना का रेलवे बजट ही लगभग साढ़े पांच हज़ार करोड़ रुपए का है। वर्तमान में करीब 50 हज़ार करोड़ रुपए के रेल प्रोजेक्ट्स पर यहां काम चल रहा है। तेलंगाना में पांच वंदे भारत और 6 अमृत भारत ट्रेनें भी चल रही हैं।

साथियों,

अभी कुछ देर पहले काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के कुछ सेक्शन्स का लोकार्पण हुआ है। इसके अलावा काज़ीपेट रेल अंडर बायपास लाइन भी राष्ट्र को समर्पित की गई है। इन सुविधाओं से सफर भी आसान होगा, और ट्रांसपोर्टेशन की गति भी तेज़ होगी।

साथियों,

21वीं सदी की इस दुनिया में बिना ऊर्जा, सब काम ठप पड़ जाता है। एनर्जी सिक्योरिटी का क्या महत्व है, ये आज दुनिया का हर व्यक्ति महसूस कर रहा है। इसलिए भारत की एनर्जी सिक्योरिटी पर हमारी केंद्र सरकार अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मलकापुर में Indian Oil के नए Terminal का उद्घाटन इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह terminal तेलंगाना की बढ़ती energy needs को पूरा करेगा, supply chain को मजबूत करेगा।

साथियों,

बीते सालों में, सोलर पावर के मामले में भारत, दुनिया के टॉप देशों में पहुंच चुका है। पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर अभूतपूर्व काम हुआ है। पहले हमने शत-प्रतिशत LPG कवरेज पर फोकस किया, अब हम पाइप से सस्ती गैस पर फोकस कर रहे हैं, CNG आधारित व्यवस्था को प्रमोट कर रहे हैं। ऐसे तमाम प्रयासों के कारण भारत, इस बहुत बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। लेकिन अब आज समय की ये भी मांग है कि पेट्रोल-डीज़ल-गैस, ऐसी चीज़ों का बहुत संयम से इस्तेमाल करें। जो एनर्जी प्रॉडक्ट हम विदेशों से मंगाते हैं। हमें प्रयास करना है कि जितनी ज़रूरत है, उतना ही उपयोग करें। इससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी, और युद्ध के संकट से होने वाले दुष्प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।

साथियों,

आज तेलंगाना का युवा नए सपने देख रहा है। यहां का किसान नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ना चाहता है। यहां के उद्योग, यहां के MSMEs, यहाँ के स्टार्टअप्स, सब एक विकसित तेलंगाना के निर्माण में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं। क्योंकि तेलंगाना विकसित होगा तो भारत विकसित होगा। मैं तेलंगाना के हर परिवारजन को ये भरोसा दिलाता हूं कि आपके सपने पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ही, इससे भी और तेज गति से काम करती ही रहेगी। अब हमारे रेवंता जी ने कहा था कि हां हम political बात नहीं करेंगे, तो मैं भी नहीं करूंगा, और इसलिए नॉन पोलिटिक्ल बात मैं रेवंता जी से कहूंगा कि 10 साल के शासन में भारत सरकार ने जितना गुजरात को दिया, वो मैं आपको देने को तैयार हूं। लेकिन मेरी जानकारी से मैं आपको बता देता हूं कि जैसे ही मैं ऐसा करूंगा, आपको जो अभी मिल रहा है, वो आधा हो जाएगा। आप जहां पहुंचना चाहते हैं, नहीं पहुंच पाएंगे। और इसलिए अच्छा है कि मेरे से ही जुड़ों

साथियों,

हमारा ये पक्का विश्वास है, डेमोक्रेसी में राज्यों में अलग-अलग प्रकार की सरकारें होना कोई बुरी चीज नहीं है, लेकिन देश के विकास के लिए, राज्यों का विकास भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्यों के विकास के बिना देश का विकास संभव ही नहीं है। और इसलिए हमारी सारी योजना के केंद्र बिंदु में राज्यों का विकास हो, तेज गति से विकास हो, उस भाव को लेकर के हम सब मिलकर के चलें, और 2047 विकसित भारत का सपना, हम अपनी आंखों के सामने सिद्ध होता देखें, यही मेरी सबको शुभकामनाएं हैं। बहुत-बहुत धन्यवाद !

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'भारत-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप'
July 10, 2026

खेल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक महत्वपूर्ण पुल की तरह काम करता है, जो समुदायों को जोड़ते हुए सहयोग के नए रास्ते खोलता है।

वर्ष 2023 के खेल सहयोग समझौते के अनुरूप, भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल सहयोग का रोडमैप हमारे द्विपक्षीय संबंधों की नींव को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यावहारिक और भविष्य-केंद्रित प्राथमिकताओं के साथ नए अवसर प्रस्तुत करता है।

अगले दशक में उपलब्ध अवसरों जैसे अहमदाबाद में 2030 राष्ट्रमंडल खेल, ब्रिस्बेन में 2032 ओलंपिक और पैरा-ओलंपिक खेल और भविष्य में ओलंपिक तथा पैरा-ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भारत की आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए, यह रोडमैप साझा प्राथमिकताओं, संसाधनों और क्षमताओं के आधार पर लक्षित सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करता है।

ऑस्ट्रेलिया और भारत के खेल प्रशासन और खेल विकास में मौजूदा अंतर को स्वीकार करते हुए और विशिष्ट तथा सामुदायिक खेलों को बढ़ावा देने में खेल निकायों, व्यवसायों, राज्य- सरकारों, विश्वविद्यालयों और सामुदायिक समूहों की नेतृत्वकारी भूमिका को समझते हुए हम दोनों देशों में संबंधित संस्थानों के बीच संवाद को सुविधाजनक बनाने और सहयोगपूर्ण कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिससे विभिन्न स्तरों पर मजबूत खेल साझेदारी का विकास हो सके और दोनों देशों को लाभ मिल सके।

इसका कार्यान्वयन व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित होगा, जिसमें उपलब्ध संसाधनों और प्रमुख आयोजनों की समयसीमा के अनुरूप गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

यह सहयोग जमीनी सहयोगों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा, जो लचीली और मांग-आधारित व्यवस्थाओं से समर्थित होगा। संसाधनों की उपलब्धता की जिम्मेदारी मामले के आधार पर तय की जाएगी। इस दृष्टिकोण से व्यावहारिक, टिकाऊ और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम सुनिश्चित होते हैं।

इस रोडमैप के तहत सहयोग के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों को विशेष रूप से पहचाना गया है:

ए. क्षमता निर्माण:

भारत में प्राथमिकता वाले खेलों के लिए उच्च प्रदर्शन खेल केंद्रों की स्थापना और संचालन में सर्वोत्तम नियमों को साझा करने के लिए मिलकर काम करना।

पैरा खेलों को एक प्रमुख प्राथमिकता और सहयोग के अवसर के रूप में मान्यता देना, जिसमें पैरा वर्गीकरण, कोचिंग और प्रदर्शन समर्थन में ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञता शामिल है। इसके साथ ही जहां उपयुक्त हो, भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के बीच संभावित संबंध स्थापित करना।

ऑस्ट्रेलिया के कोच विकास मॉडलों से प्रेरणा लेते हुए, ऐसे दोतरफा आदान-प्रदान को सुगम बनाना जो भारतीय कोचों और कोच प्रशिक्षकों को ऑस्ट्रेलिया लाए और ऑस्ट्रेलियाई कोचों और कोच प्रशिक्षकों को भारत लाकर जहां उपयुक्त हो, वहां ‘ट्रेन द ट्रेनर’ दृष्टिकोण का उपयोग करना।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शारीरिक शिक्षा विनिमय कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है जिसे आपस में सीखने, सर्वोत्तम नियमों को साझा करने और स्कूली खेल, खेल विज्ञान तथा शारीरिक शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

योग और विश्व योगासन के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभों को पहचानते हुए, भारत स्थित योगासन खेल संघ, ऑस्ट्रेलिया में योग में ज्ञान साझा करने, सहयोग को बढ़ावा देने और भागीदारी को प्रोत्साहित करने के अवसरों की पहचान करेंगे।

इंडिया ऑस्ट्रेलिया हाई परफॉर्मेंस कोच डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत चुनिंदा भारतीय कोचों की क्षमता बढ़ाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई खेल आयोग के साथ मिलकर काम करना।

खेल संगठनों और विश्वविद्यालयों जैसे प्रासंगिक गैर-सरकारी हितधारकों के माध्यम से ऐसे अवसरों का पता लगाना जिनके द्वारा भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित छात्रवृत्ति के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में उच्च-प्रदर्शन कार्यक्रमों के तहत प्रतिभाशाली युवा भारतीय खिलाड़ियों का समर्थन किया जा सके।

बी. सहयोगात्मक खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान:

भारत और ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों के बीच एथलीट प्रदर्शन विश्लेषण, चोट की रोकथाम, खेल विकास, पहनने योग्य प्रदर्शन प्रौद्योगिकी, रिकवरी तकनीक और पैरा स्पोर्ट्स पर संयुक्त अनुसंधान और विकास परियोजनाओं को प्रोत्साहित करना।

खेल पाठ्यक्रम के सह-विकास हेतु भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करना।

स्पोर्ट इंटीग्रिटी ऑस्ट्रेलिया और नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी इंडिया, वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के नेतृत्व वाले क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का समर्थन करके, वाडा एशिया/ओशिनिया कार्यालय के साथ जुड़कर और यूनेस्को के खेल में डोपिंग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (कन्वेंशन) समूहों में प्रतिनिधित्व के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी प्रयासों में योगदान देना।

सी. प्रमुख खेल:

ऑस्ट्रेलियाई राज्यों और क्षेत्रों तथा राष्ट्रीय खेल संगठनों के साथ सहयोग करके बड़े आयोजनों की मेजबानी के लिए सर्वोत्तम विधियों का आदान-प्रदान करना।

दोनों देशों में पारस्परिक हित के खेलों (जैसे ऑस्ट्रेलिया में कबड्डी और खो खो, और भारत में ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल लीग और बास्केटबॉल) को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी मैचों और युवा आयोजनों की मेजबानी के अवसरों का पता लगाना।

ओलंपिक, पैरालंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे प्रमुख खेल आयोजनों की तैयारियों का लाभ उठाकर, प्रमुख खेल आयोजनों और उनकी तैयारियों के दौरान साझा सुविधाओं, प्रतियोगिताओं और सहायता नेटवर्क के लिए भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई खेल निकायों के बीच औपचारिक, पारस्परिक व्यवस्था स्थापित करना।

दिसंबर 2026 में चेन्नई में भारत में खेले जाने वाले पहले बिग बैश लीग मैच का स्वागत करते हुए, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को भारत में वार्षिक बीबीएल मैचों की मेजबानी के लिए प्रतिबद्धता की दिशा में काम करने के लिए प्रोत्साहित करना।
डी. खेल उद्योग और निवेश मंच:

खेल उपकरण निर्माण, खेल मीडिया और प्रसारण, इवेंट मैनेजमेंट और खेल स्टार्टअप्स के क्षेत्र में भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिसंबर 2026 में मुंबई में ऑस्ट्रेलिया द्वारा वित्त पोषित खेल उद्योग शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

भारतीय खेल बाजार में ऑस्ट्रेलियाई खेल क्षेत्र के व्यवसायों के लिए और इसके विपरीत भी, सूचना सत्रों के माध्यम से सुविधा प्रदान करना।

भारत द्वारा ऑस्ट्रेलिया को उच्च गुणवत्ता वाले और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर खेल के सामानों के निर्यात को बढ़ाना।

उच्च प्रदर्शन वाले खेलों में ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञता का विस्तार करना, जिसमें कोचिंग, कोच विकास, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, एथलीट कल्याण, पोषण और मनोविज्ञान जैसी सेवाएं शामिल हैं।

ई. खेल साझेदारी में महिलाओं की भागीदारी:

ऑस्ट्रेलियाई खेल आयोग के प्रमुख कार्यक्रमों का उपयोग करते हुए, महिला नेतृत्व, स्वास्थ्य, उच्च प्रदर्शन और खेल में भागीदारी को बढ़ावा देने वाली संयुक्त पहल शुरू करना, जिसमें महिला एथलीटों के लिए द्विपक्षीय टूर्नामेंट शामिल हैं, यह मानते हुए कि खेल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, नेतृत्व, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेश के लिए एक शक्तिशाली मार्ग है।

खेल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, नेतृत्व, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेश के लिए एक प्रभावशाली साधन है। इसी के अनुरूप, ऑस्ट्रेलियाई खेल आयोग के प्रमुख कार्यक्रमों का लाभ उठाकर, महिलाओं के नेतृत्व, स्वास्थ्य, उच्च प्रदर्शन और खेल में भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त पहलों की शुरुआत करना। इसमें महिला खिलाड़ियों के लिए द्विपक्षीय टूर्नामेंट भी शामिल हैं।