नमस्कार !

आज अबू धाबी में आप लोगों ने नया इतिहास रच दिया है। आप लोग UAE के कोने-कोने से आए हैं और भारत के भी अलग-अलग राज्यों से आए हैं, लेकिन सब के दिल जुड़े हुए हैं। इस ऐतिहासिक स्टेडियम मे हर धड़कन कह रही है- भारत-UAE दोस्ती ज़िंदाबाद! हर सांस कह रही है- भारत-UAE दोस्ती ज़िंदाबाद! हर आवाज कह रही है- भारत-UAE दोस्ती ज़िंदाबाद! बस... इस पल को जी लेना है... जी भर कर जी लेना है। आज वो यादें बटोर लेनी हैं, जो जीवन भर आपके साथ रहने वाली हैं। जो यादें जीवन भर मेरे साथ भी रहने वाली हैं।

मेरे भाइयों और बहनों,

मैं आज अपने परिवार के सदस्यों से मिलने आया हूं। समंदर पार जिस देश की मिट्टी में आपने जन्म लिया, मैं उस मिट्टी की खुशबू आपके लिए लेकर आया हूं। मैं संदेश लेकर आया हूं, आपके 140 करोड़ भारतीय भाई-बहनों का... और ये संदेश है कि- भारत को आप पर गर्व है, आप देश का गौरव हैं। ‘Bharat is proud of you’.

भारतम् निंगड़ै-और्त् अभिमा-निक्कुन्नु !! उंगलई पार्त् भारतम् पेरुमई पड़गिरदु !!

भारता निम्मा बग्गे हेम्मे पडु-त्तदे !! मी पइ भारतदेशम् गर्विस्तोन्दी !!

एक भारत-श्रेष्ठ भारत की ये सुंदर तस्वीर, आपका ये उत्साह, आपकी ये आवाज, आज अबू धाबी के आसमान के पार जा रही है। मेरे लिए इतना स्नेह, इतना आशीर्वाद, ये अभिभूत करने वाला है। आप समय निकालकर यहां आए, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।

साथियों,

आज हमारे साथ मिनिस्टर ऑफ टॉलरेन्स, हिज एक्सीलेंसी शेख नाहयान भी मौजूद हैं। वो भारतीय समुदाय के अच्छे मित्र और शुभचिंतक हैं। भारतीय समुदाय के प्रति उनका स्नेह, सराहनीय है। आज इस शानदार आयोजन के लिए मैं अपने ब्रदर, His Highness शेख मोहम्मद बिन ज़ायद जी का भी आभार व्यक्त करता हूं। गर्मजोशी भरा ये समारोह, उनके सहयोग के बिना संभव नहीं था। उनकी आत्मीयता, मेरे प्रति उनका अपनत्व, मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। मुझे 2015 की अपनी वो पहली यात्रा याद है। तब मुझे केंद्र सरकार में आए बहुत अरसा नहीं बीता था। 3 दशक के बाद किसी भारतीय पीएम की ये पहली UAE यात्रा थी। डिप्लोमेसी की दुनिया भी मेरे लिए नई थी। तब एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत करने के लिए तब के क्राउन प्रिंस और आज के प्रेसिडेंट, अपने पांच भाइयों के साथ एयरपोर्ट आए थे। वो गर्मजोशी, उन सभी की आंखों में वो चमक, मैं कभी भी भूल नहीं सकता। उस पहली मुलाकात में ही मुझे ऐसा लगा जैसे मैं किसी अपने करीबी के घर आया हूं। वो भी एक परिवार की तरह मेरा सत्कार कर रहे थे। लेकिन साथियों, वो सत्कार सिर्फ मेरा नहीं था। वो सत्कार, वो स्वागत, 140 करोड़ भारतीयों का था। वो सत्कार, यहां UAE में रहने वाले प्रत्येक भारतीय का था।

साथियों,

एक वो दिन था और एक आज का ये दिन है। 10 वर्षों में ये UAE की मेरी 7वीं यात्रा है। Brother शेख मोहम्मद बिन ज़ायद आज भी मुझे एयरपोर्ट पर रिसीव करने आए थे। उनकी गर्मजोशी वही थी, उनका अपनापन वही था और यही बात उन्हें बहुत खास बना देती है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि हमें भी 4 बार भारत में उनका स्वागत करने का अवसर मिला है। कुछ दिन पहले ही वो गुजरात आए थे। तब वहां लाखों लोग उनका आभार व्यक्त करने के लिए सड़क के दोनों तरफ जमा हो गए थे। आप जानते हैं कि ये आभार किसलिए? आभार इसलिए क्योंकि वो जिस तरह UAE में आप सभी का ध्यान रख रहे हैं, वो जिस तरह आपके हितों की चिंता करते हैं, वैसा कम ही देखने को मिलता है। इसलिए उन्हें धन्यवाद बोलने के लिए वो सारे लोग घरों से बाहर निकल आए थे।

साथियों,

ये भी मेरा सौभाग्य है कि UAE ने मुझे अपने Highest Civilian Award- The Order of Zayed, इससे सम्मानित किया है। ये सम्मान भी सिर्फ मेरा नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतवासियों का सम्मान है, आप सभी का सम्मान है। मैं जब भी मेरे Brother, शेख मोहम्मद बिन ज़ायद से मिलता हूं, तो वो आप सभी भारतीयों की बहुत प्रशंसा करते हैं। वो UAE के विकास में आपकी भूमिका की तारीफ करते हैं। इस ज़ायद स्टेडियम से भी भारतीयों के पसीने की खुशबू आती है। मुझे खुशी है कि हमारे अमीरात के साथियों ने भारतीयों को अपने दिल में जगह दी है, अपने सुख-दुख का साझेदार बनाया है। समय के साथ ये रिश्ता दिनों-दिन और अधिक मजबूत होता जा रहा है। और इसमें भी Brother, शेख मोहम्मद बिन ज़ायद की बड़ी भूमिका है। आपके प्रति वो कितनी संवेदनशीलता से भरे हुए हैं, वो मुझे कोविड के दौरान भी दिखा। तब मैंने उन्हें कहा था कि हम भारतीयों को वापस लाने की व्यवस्था कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने मुझे बोला कि मैं बिल्कुल चिंता ना करूं। उन्होंने यहां भारतीयों के इलाज के लिए, वैक्सीनेशन के लिए हर तरह के इंतज़ाम किए। उनके यहां रहते, मुझे वाकई कोई चिंता करनी भी नहीं पड़ी। मैं आप सबके प्रति उनका ये असीम प्रेम हर पल अनुभव करता हूँ। और इतना ही नहीं, जब साल 2015 में उनके सामने, आप सबकी ओर से यहां अबू धाबी में एक मंदिर का प्रस्ताव रखा, तो वो तुरंत एक पल भी गवाएं बिना उन्होंने हां कह दिया और उन्होंने यहां तक कह दिया- जिस जमीन पर तुम लकीर खींच लोगे, वो मैं दे दूंगा। और अब अबू धाबी में ये भव्य दिव्य मंदिर के लोकार्पण का ऐतिहासिक समय आ गया है।

साथियों,

भारत-UAE की दोस्ती जितनी जमीन पर मजबूत है, उतना ही उसका परचम अंतरिक्ष में भी लहरा रहा है। मैं इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में 6 महीने बिताने वाले पहले अमीरात के एस्ट्रोनॉट, सुल्तान अल नेयादी को भारत की तरफ से बधाई देता हूं। उन्होंने इंटरनेशनल योगा डे और इंडिपेंडेंस डे पर भारत को स्पेस से शुभकामनाएं भेजीं, इसके लिए भी मैं उन्हें धन्यवाद देता हूँ।

साथियों,

आज 21वीं सदी के इस तीसरे दशक में भारत और UAE का रिश्ता एक अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंच रहा है। हम एक दूसरे की progress में partner हैं। हमारा रिश्ता टैलेंट का है, इनोवेशन का है, कल्चर का है। बीते समय में हमने हर दिशा में अपने संबंधों को नई ऊर्जा दी है। हम दोनों देश साथ मिलकर चले हैं, साथ मिलकर आगे बढ़े हैं। आज UAE भारत का तीसरा बड़ा ट्रेड पार्टनर है। आज UAE, सातवां बड़ा investor है। हम दोनों देश ease of living और ease of doing business, दोनों में बहुत अधिक सहयोग कर रहे हैं। आज भी हमारे बीच जो समझौते हुए हैं, वो इसी कमिटमेंट को आगे बढ़ा रहे हैं। हम अपने फाइनेंशियल सिस्टम्स को इंटीग्रेट कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भी भारत और UAE की पार्टनरशिप लगातार मजबूत हो रही है।

साथियों,

कम्यूनिटी और कल्चर के संबंधों के मामले में तो भारत-UAE ने जो हासिल किया है, वो दुनिया के लिए एक मॉडल है। भाषाओं के स्तर पर दोनों देशों में कितनी नजदीकी है, ये भी मैं अपने अमीरात के साथियों को जरूर बताना चाहता हूं। मैं अरबी में कुछ वाक्य बोलने का प्रयास कर रहा हूं- “अल हिंद वल इमारात, बी-कलम अल ज़मान, वल किताब अद्दुनिया. नक्तुबु, हिसाब ली मुस्तकबल अफ़दल. व सदाका बयिना, अल हिंद वल इमारात हिया, सरवतना अल मुश्तरका. फ़िल हक़ीका, नहनु, फ़ी बीदएया, साईदा ली मुस्तकबल जईईदा !!!

मैंने अरबी में बोलने की कोशिश की है। अगर उच्चारण में कुछ गलती हो तो मैं अपने UAE के साथियों से माफी जरूर मांगूंगा। और जिन्हें समझ नहीं आया कि मैंने क्या कहा है, उन्हें मैं इसका अर्थ भी समझा रहा हूं। जो मैंने अरबी में कहा, उसका अर्थ है- भारत और UAE, वक्त की कलम से दुनियां की किताब पर, एक बेहतर भाग्य का हिसाब लिख रहे हैं। भारत और UAE, की दोस्ती हमारी साझा दौलत है हकीकत में हम, अच्छे भविष्य की बेहतरीन शुरुआत कर रहें हैं। अब आप सोचिए, कलम, किताब, दुनिया, हिसाब, जमीन, ये हिंदुस्तान में कितनी सहजता से बोले जाने वाले शब्द हैं। और ये शब्द वहां कैसे पहुंचे हैं? यहां गल्फ के इस क्षेत्र से। हम दोनों देशों का नाता, सैकड़ों-हजारों वर्षों का है। और भारत की कामना है कि ये ऐसे ही दिनों-दिन और मजबूत होता रहे।

साथियों,

मुझे बताया गया है कि यहां स्टेडियम में इस वक्त सैकड़ों की संख्या में स्टूडेंट्स भी आए हैं। आज UAE में मौजूद भारतीय स्कूलों में ऐसे सवा लाख से अधिक स्टूडेंट पढ़ रहे हैं। ये युवा साथी, भारत-UAE की समृद्धि के सारथी बनने जा रहे हैं। Brother, His Highness शेख मोहम्मद बिन ज़ायद के सपोर्ट से पिछले महीने ही IIT Delhi के Abu Dhabi कैंपस में मास्टर्स कोर्स शुरू हुआ है। दुबई में नया सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन- CBSE का office भी जल्द ही खुलने वाला है। मुझे विश्वास है कि ये संस्थान यहां भारतीय कम्युनिटी को बेस्ट एजुकेशन देने में और मदद करेंगे।

साथियों,

आज एक-एक भारतीय का लक्ष्य, 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का है। दुनिया का वो देश जिसकी अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है, वो देश कौन सा है? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जो स्मार्टफोन डेटा कन्‍ज्‍यूम करने में नंबर वन है? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जो ग्लोबल फिनटेक अडॉप्शन रेट में नंबर वन है? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जहां सबसे ज्यादा मिल्क प्रोडक्शन होता है? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जो इंटरनेट यूजर्स के मामले में नंबर दो पर है? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्यूफैक्चरर है? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जहां दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जो अपने पहले ही प्रयास में मंगल तक पहुंच गया? हमारा भारत! दुनिया का वो देश कौन सा है जिसने चंद्रमा के साउथ पोल पर अपना झंडा गाड़ दिया है? हमारा भारत! दुनिया का वो कौन सा देश है जो एक बार में सौ-सौ सैटेलाइट भेजने का रिकॉर्ड बना रहा है? हमारा भारत! दुनिया का वो कौन सा देश है जिसने अपने दम पर 5G टेक्नोलॉजी विकसित करके सबसे तेज रोलआउट किया है? हमारा भारत!

साथियों,

भारत की उपलब्धि, हर भारतीय की उपलब्धि है। सिर्फ 10 साल में भारत, दुनिया की ग्यारहवें नंबर की इकोनॉमी से पांचवें नंबर की इकोनॉमी बन गया है। और आप जानते हैं, मुझे हर भारतीय के सामर्थ्य पर कितना ज्यादा भरोसा है। इसी भरोसे के दम पर मोदी ने एक गारंटी भी दी है। मोदी की गारंटी आप जानते हैं? मोदी ने अपने तीसरे टर्म में, मोदी ने अपने तीसरे टर्म में भारत को तीसरे नंबर की इकोनॉमी बनाने की गारंटी दी है। और मोदी की गारंटी यानि गारंटी पूरा होने की गारंटी। हमारी सरकार, लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए, उनकी परेशानियां कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। हमने 4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को पक्का घर बनाकर दिया है। हमने 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल से जल का कनेक्शन दिया है। हमने 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा है। हमने 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी है। गांव-देहात के लोगों को इलाज में दिक्कत ना हो, इसके लिए हमने डेढ़ लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनवाए हैं।

साथियों,

आप में से जो लोग बीते दिनों भारत गए, वो जानते हैं कि आज भारत में कितनी तेजी से बदलाव आ रहा है। आज भारत, एक से बढ़कर एक आधुनिक एक्सप्रेस वे बना रहा है। आज भारत, एक से बढ़कर एक नए एयरपोर्ट्स बनवा रहा है। आज भारत, एक से बढ़कर एक रेलवे स्टेशंस बनवा रहा है। आज भारत की पहचान, नए Ideas, नए innovations की वजह से बन रही है। आज भारत की पहचान मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बन रही है। आज भारत की पहचान, एक वाइब्रेंट टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में बन रही है। आज भारत की पहचान, एक बड़ी स्पोर्ट्स पावर के रूप में बन रही है। और आपको ये सुनकर गर्व होता है, जरूर होता होगा, होता है ना?

साथियों,

आप सभी भारत में आई डिजिटल क्रांति को जानते हैं। डिजिटल इंडिया की प्रशंसा पूरी दुनिया में हो रही है। इसका लाभ UAE में बसे आप सभी साथियों को भी हो, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं। हमने UAE के साथ अपने RuPay card stack को शेयर किया है। इससे UAE को अपना domestic card system develop करने में मदद मिली है। और जानते हैं, भारत के सहयोग से बने कार्ड सिस्टम का UAE ने क्या नाम रखा है? UAE ने क्या नाम रखा है जीवन। कितना खूबसूरत नाम दिया है UAE ने !!!

साथियों,

जल्द ही UAE में भी UPI शुरु होने वाला है। इससे UAE और भारतीय अकाउंट्स के बीच सीमलेस पेमेंट्स संभव हो पाएगी। इससे आप भारत में अपने परिवार के लोगों को और आसानी से पैसा भेज पाएंगे।

साथियों,

भारत के बढ़ते हुए सामर्थ्य ने दुनिया को भी स्थायित्व और समृद्धि की उम्मीद दी है। दुनिया को लगा है कि भारत एक भरोसेमंद ग्लोबल ऑर्डर स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभा सकता है। मुझे खुशी है कि आज भारत और UAE मिलकर दुनिया के इस भरोसे को मजबूत कर रहे हैं। आप सभी ने भी देखा कि भारत ने एक बहुत ही सफल G20 सम्मेलन आयोजित किया है। इसमें भी हमने UAE को एक पार्टनर के रूप में आमंत्रित किया। ऐसे प्रयासों से हमारी स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप भी नई बुलंदी की तरफ बढ़ रही है। आज भारत को दुनिया एक विश्व-बंधु के रूप में देख रही है। आज दुनिया के हर बड़े मंच पर भारत की आवाज सुनी जाती है। कहीं भी संकट आता है, तो सबसे पहले पहुंचने वाले देशों में भारत का भी नाम होता है। आज का मजबूत भारत कदम-कदम पर अपने लोगों के साथ खड़ा है। बीते 10 वर्षों में आपने देखा है कि जहां भी विदेशों में बसे भारतीयों को समस्या आई, भारत सरकार ने तेज़ी से एक्शन लिया है। यूक्रेन, सूडान, यमन और दूसरे संकटों के दौरान फंसे हजारों भारतीयों को हम सुरक्षित निकाल कर भारत लाए। दुनिया में बसे या दुनिया के अलग हिस्सों में काम कर रहे भारतीयों की मदद के लिए सरकार दिन-रात काम कर रही है।

साथियों,

भारत और UAE मिलकर 21वीं सदी का नया इतिहास लिख रहे हैं। और इस इतिहास का बहुत बड़ा आधार आप सभी मेरे साथी हैं। आप यहां जो मेहनत कर रहे हैं, उससे भारत को भी ऊर्जा मिल रही है। आप भारत और UAE के विकास और दोस्ती को यूं ही मजबूत करते रहें। इसी कामना के साथ इस भव्य स्वागत के लिए फिर से आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद! मेरे साथ बोलें भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!

मेरे और आपके बीच में दूरी बहुत है, इसलिए मैं आपके बीच में आपके दर्शन करने के लिए आने वाला हूँ। लेकिन मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप जहां हैं वहीं बैठे रहोगे, तो मुझे आपके दर्शन का सौभाग्य अच्छा मिलेगा। तो मेरी मदद करेंगे आप? पक्का करेंगे?

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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August 10, 2026

प्रधानमंत्री – मेरे यहां, मुझे यहां लगभग 12-13 साल हो गए इसी मकान में, अगर मैंने regularly और हर बार किसी को रिसिव किया है, किसी को मैं मिला हूं, तो खिलाड़ी हैं। पिछले 10-12 साल हो गए, आप लोगों के पुरुषार्थ के कारण, भारत को लगातार विजय दिलाने के आपके प्रयासों के कारण और उत्तरोत्तर सफलता में नई ऊंचाईयां पार करने की परंपरा के कारण, जो काम शायद हम स्कूलों में जाकर कहें कि नहीं नहीं भई खेलना चाहिए, ये करना चाहिए, वो काम स्कूलों में जाकर के हम कर सकते थे, उससे ज्यादा आपका मेडल उनको inspire करता है।

प्रधानमंत्री – तुमने मुझे वादा किया था पिछली बार कि तुम्हारी दोनों बेटियां खिलाड़ी बन जाएंगी?

खिलाड़ी - हाँ जी अभी वे उमर की छोटी हैं, अगले कॉमनवेल्थ में एक घर में तीन मेडल लाकर दिखाएंगी।

प्रधानमंत्री – पक्का।

खिलाड़ी – हाँ जी।

खिलाड़ी – जब मैं दौड़ रहा था, जब मेरा इवेंट था 29 को, तो उस दिन गुरुपूर्णिमा थी, तो उस दिन मेरे गुरू को मैंने एक गिफ्ट दे दिया।

प्रधानमंत्री – बड़ी शान बढ़ाई आपने। इतनी आंसू टपक रहे थे, मुझे लगता है कि आंसू के हर बूंद से जैसे गोल्ड मेडल टपक रहा है।

खिलाड़ी – मैं बहुत ज्यादा खुशी थी, इमोशनल भी थे उसी दिन, खुशी ज्यादा था और मैं इसलिए रोई थी कि मेरा पेरिस आलंपिक में मेरा 1 Kg में मेडल रह गई थी और एक प्लेयर्स की लाइफ में क्या क्या हमको फेस करना पड़ता है। तो ये 4 साल के अंदर में कितना क्या क्या कुछ मैंने फेस किया था, हर टाइम injury ही चल रहे थे और family problem, वो सब हो रहा था। तो बहुत मुश्किल से मैं ये 4 साल फेस किया था। तो वो सब जब पोडियम में जब मैं खड़ी थी सर और हमारी जो फ्लैग ऊपर जाते हैं और हमारे नेशनल एंथम जब बजते हैं तो सर हम रुक नहीं सकते सर, अपना आप आंसू निकलते हैं।

प्रधानमंत्री – बहुत बहुत बढ़िया

प्रधानमंत्री – आपके इस अचीवमेंट को सिर्फ आपका अचीवमेंट मानता हूं, ऐसा नहीं है, ये आपका विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

खिलाड़ी – सब डर रहे थे हमसे कि इंडिया के साथ फाइट आ गई, अब तो हम पहली फाइट ही हार जायेंगे, हमारा मेडल भी नहीं आयेगा।

प्रधानमंत्री – यानी मान के चलते हैं।

खिलाड़ी – हाँ सर।

प्रधानमंत्री – क्या हुआ, वो restaurant वालों से झगड़ा कर रही थी?

खिलाड़ी – हम लोगों का जो इतना अच्छा परफॉर्मेंस था, लास्ट डे था और सब जीत के गए थे और पूरा इंडिया के लोग थे। तो थोड़ा सा मुझे बुरा लग रहा। तो मैंने उनको अच्छे से बोला रिक्वेस्ट किया था सर, फिर उन्होंने मान भी लिया, अभी चेंज भी हो गया सर।

प्रधानमंत्री – इस विजय की परिस्थिति खुशी, आनंद, अपने साथियों के साथ और गेम पूरे हो चुके हैं। तो हसी मजाक मस्ती का मूड ऐसे समय उस मैप पर नजर जाना और उसको रजिस्टर करना और तुरंत सिर्फ मेडल लेते समय देश खड़ा हो जाता है ऐसा नहीं, भीतर से देश का भाव मैं सच बताता हूँ ये वीडियो सामान्य नहीं है आपका, लंबे समय तक लोगों को याद रहेगा। ये बॉक्सिंग वालों से भी दुनिया के खिलाड़ी अब डरने लगे हैं।

खिलाड़ी – जरूर सर, पुरे सभी डरे हुए थे। एक के बाद एक गोल्ड मेडल गोल्ड मेडल आ रहे थे और मतलब पूरा लास्ट में ऐसे धमाका जैसा हो गया बिल्कुल। जिस तरीके से हम लोगों को सपोर्ट मिल रहा है, हमें बैक टू बैक कंपटीशन मिल रहा है वो एक बहुत बड़ी बात है और हमारे जितने भी यंग एथलीट है वो लोग सभी जैसे खेलो इंडिया स्कीम से आए हुए हैं और ये एक बहुत बड़ा changes ला रहा है पूरे स्पोर्ट्स में ही।

प्रधानमंत्री – अगर आप लोग खेलो इंडिया की प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं और प्रतिष्ठा सिर्फ वहां जाकर के रिबिन काटने से नहीं होगी। आप वैसे ही खेलेंगे जैसे एक छोटा विद्यार्थी, एक छोटा नौजवान, छोटा खिलाड़ी खेलता है। यह बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन करेगा। क्योंकि अभी तो हमें बहुत आगे जाना है, बहुत मेडल लाना है। कारगिल विजय दिवस पर किसकी विजय हुई थी?

खिलाड़ी – उस दिन कारगिल डे था वैसे और जिस दिन मैंने पाकिस्तान के साथ फाइट किया था सर, वो उसी दिन का था। तो मैं एक इंडियन आर्मी से हूं, तो मैंने उस दिन मैं पहले से बहुत वो था कि सर पाकिस्तान को हराना है। तो मैंने वो पाकिस्तान एक तरफ मैंने 5-0 से हराया, तो मैंने हमारा इंडियन आर्मी का कारगिल हीरोज़ को मैंने डेडिकेट किया किया था सर।

प्रधानमंत्री – आपको यह याद रहना और आप स्वयं फौज से हैं तो, मैं जरूर मानता हूं कि देश के वीर जवानों को आपने जो भाव प्रकट किया ना कि, मैं कारगिल के विजेताओं को मेरा मेडल समर्पित करता हूं। उसने उस विजय पर चार चांद लगा दिए और जिसको पराजित करना था उसी को किया आपने।

खिलाड़ी – वो पाकिस्तान की बात चल रही है, मुझे किस्सा याद आ गया सर। 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे और मेरी पाकिस्तान के साथ पहली फाइट आ गई थी और वर्ल्ड मिलिट्री गेम थे तो मिलिट्री वाले के फोन आए कि भई पाकिस्तान से नहीं हारना है। तो फिर मैं फर्स्ट राउंड 4-1 से जीत गया। सेकंड राउंड 3-2 से जीत गया, पर दोनों के सर लग गए आपस में, तो दोनों के लग गए कट और फाइट तो मैं जीत गया।

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – उसके बाद फिर दोनों चले गए हॉस्पिटल में टांके लगवाने के लिए। फिर 2014 में आप फर्स्ट टाइम प्रधानमंत्री जी बने थे और जो हमारे साथ आर्मी का कोच गया हुआ था उसका नाम नरेंद्र राणा था और फिर वो कई देर तक सोच के मेरे को बोला कि भाईजान एक बात बोलूं, मैं हां बोलो, बोला भाईजान आपका नाम नरेंद्र है। आपके कोच का नाम नरेंद्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेंद्र है, तो मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है।

प्रधानमंत्री – सिर्फ आपने मेडल की संख्या बढ़ाई ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया।

खिलाड़ी – मेरे मन में भी धक-धक धक-धक हो रहा है सर।

प्रधानमंत्री – आप चिंता मत कीजिए।

खिलाड़ी – पर..

प्रधानमंत्री – आप चाहें तो आपको बोलने में भी मेडल मिलने वाला है।

खिलाड़ी – मेरे फ्रेंड सर्कल में किसी ने बोला था कि मैं उनको कुछ बोलती थी भई तुम्हारे अच्छे के लिए तुम करो। तो अक्सर मुझे वो बोलते थे कि तू के मोदी ते मिल रही है?

प्रधानमंत्री – हाँ

खिलाड़ी – हरियाणवी में बोल देते हैं सर कि क्या तू मोदी से मिली हुई है, कि तेरी बात माने। तो आज मैं आपसे मिली हूं सर। मैं उनको बोल पाऊंगी कि हां मैं मोदी जी से मिली हूं।

खिलाड़ी – कॉमनवेंल्थ गेम्स में मैंने सिल्वर मेडल जीता, फिर मैंने क्रेडिट साहब को दिया, सपना तो था एक बार मेडल जीत के लेके आने के लिए, बट ट्रेनिंग का सेंटर नहीं था, मैंने SAI आने के बाद मैं बहुत ट्रेनिंग करके मेडल जीत पा रहा, इसलिए बहुत खुशी से मैंने सर को क्रेडिट दिया था क्योंकि बहुत इंप्रूव हुआ।

प्रधानमंत्री – मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान का विषय है, मेहनत आपने की और मुझे याद किया, मैं आपका बहुत आभारी हूं दोस्त।

प्रधानमंत्री – वाराणसी में खेल तुम प्रैक्टिस कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – कैसा बना है स्टेडियम?

खिलाड़ी – सर अच्छा बना है, वहां पर मैं 10-12 दिन के लिए ट्रेनिंग करने गई थी, क्योंकि मैं मंदिर गई थी तो वहां पर ही ट्रेनिंग करके आई थी। और मैं वहां पे मतलब सेटल भी होना चाहती हूं क्योंकि मुझे काशी विश्वनाथ बहुत अच्छा लगता है सर।

प्रधानमंत्री – भोपाल में ट्रेनिंग कर रही थी ना?

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – तो उज्जैन जाते थे कि नहीं?

खिलाड़ी – जी सर उज्जैन भी गई थी सर।

प्रधानमंत्री – अच्छा महाकाल के पास भी गई।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – काशी विश्वनाथ के पास हो आई एक बार।

खिलाड़ी – जी सर।

प्रधानमंत्री – सावन महीना तो अभी है।

खिलाड़ी – वहां घर जाके फिर उसके बाद जाऊंगी सर।

प्रधानमंत्री – ठीक है।

खिलाड़ी – साई ने भी सर बहुत सपोर्ट किया है मुझे। इसके कारण ही मैं यहां तक पहुंची हूं सर। और मैं खेलो इंडिया स्कीम में भी थी 2018 में जो फर्स्ट खेलो इंडिया हुआ था, उसमें मेरा सिल्वर मेडल था, वहां पे भी मैंने आपको देखा था ओपनिंग सेरेमनी में, तो उसमें मेरा मेडल था, तो मेरे को स्कीम भी मिल गया और मैं यहां तक पहुंची हूं सर।

प्रधानमंत्री – स्पोर्ट्स व्यवस्था एक बात है, लेकिन देश मेडल तब प्राप्त करता है जब देश में स्पोर्ट्स कल्चर बनता है। दोस्तों आपने बहुत बड़ा काम किया है। देश का नाम रोशन किया है। आपको मैं बहुत बधाई देता हूं और आप विश्वास कीजिए आगे भी आप विजयी होंगे और फिर से एक बार यहीं पर हम मिलेंगे। बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

प्रधानमंत्री – ये लगातार तीसरी बार देश को मेडल दिलवाया है।

खिलाड़ी – थैंक यू सर।

प्रधानमंत्री – बहुत आशीर्वाद बेटा।

खिलाड़ी – और थैंक यू सो मच मैं सर के हाथ से लड्डू खा रही मेरा कल बर्थडे था तो आज सर के हाथ से…

प्रधानमंत्री – बहुत बधाई वाह।

प्रधानमंत्री – मुस्कुराओ यार ।

प्रधानमंत्री – जो खेलेगा वो खिलेगा।