"पूर्वोत्तर, जिसे नेताजी ने भारत की स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार कहा था, वो नए भारत के सपने पूरा करने का प्रवेश द्वार बन रहा है"
"हम पूर्वोत्तर में संभावनाओं को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं"
"आज देश के नौजवान मणिपुर के खिलाड़ियों से प्रेरणा ले रहे हैं"
"एक 'नाकाबंदी राज्य' से, मणिपुर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा देने वाला राज्य बन गया है"
“हमें मणिपुर में स्थिरता भी रखनी है और मणिपुर को विकास की नई ऊंचाइयों पर भी पहुंचाना है; यह काम, केवल डबल इंजन की सरकार ही कर सकती है”

कार्यक्रम में उपस्थित मणिपुर के गवर्नर ला गणेशन जी, मुख्यमंत्री श्री एन. बिरेन सिंह जी, उप मुख्यमंत्री वाय. जोयकुमार सिंह जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी भूपेंद्र यादव जी, राजकुमार रंजन सिंह जी, मणिपुर सरकार में मंत्री बिस्वजीत सिंह जी, लोसी दिखो जी, लेत्पाओ हाओकिप जी, अवांगबाओ न्यूमाई जी, एस राजेन सिंह जी, वुंगज़ागिन वाल्ते जी, सत्य व्रत्य सिंह जी, ओ लुखोई सिंह जी, संसद में मेरे सहयोगी गण, विधायकगण, अन्य जन-प्रतिनिधिगण, और मणिपुर के मेरे प्यारे भाइयों बहनों! खुरुमजरी!

मैं मणिपुर की महान धरती को, यहां के लोगों को, और यहाँ की गौरवशाली संस्कृति को सिर झुका करके के नमन करता हूँ। साल की शुरुआत में मणिपुर आना, आपसे मिलना, आपसे इतना प्यार पाना, आर्शीवाद पाना, जीवन में इससे बड़ा आनंद क्‍या हो सकता है। आज जब मैं एयरपोर्ट पर उतरा, एयरपोर्ट से यहां तक आया- करीब 8-10 किलोमीटर का रास्‍ता पूरी तरह मणिपुर के लोगों ने ऊर्जा से भर दिया, रंगों से भर दिया, एक तरह से पूरी ह्यूमन वॉल, 8-10 किलोमीटर की ह्यूमन वॉल; ये सत्‍कार, ये आपका प्‍यार, ये आपके आर्शीवाद कभी भी कोई भूल नहीं सकता है। आप सभी को वर्ष 2022 की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

साथियों,

अब से कुछ दिन बाद 21 जनवरी को मणिपुर को राज्य का दर्जा मिले, 50 साल पूरे हो जाएंगे। देश इस समय अपनी आजादी के 75 वर्ष पर अमृत महोत्सव भी मना रहा है। ये समय अपने आप में बहुत बड़ी प्रेरणा है। मणिपुर वो है जहां, राजा भाग्य चंद्र और पु खेतिन्थांग सिथलो जैसे वीरों ने जन्म लिया। देश के लोगों में आजादी का जो विश्वास, यहां मोइरांग की धरती ने पैदा किया, वो अपने आप में एक मिसाल है। जहां नेताजी सुभाष की सेना ने पहली बार झंडा फहराया था, जिस नॉर्थ ईस्ट को नेताजी ने भारत की स्वतन्त्रता का प्रवेश द्वार कहा था, वो आज नए भारत के सपने पूरे करने का प्रवेश द्वार बन रहा है।

मैंने पहले भी कहा है कि देश का पूर्वी हिस्सा, नॉर्थ ईस्ट, भारत के विकास का प्रमुख स्रोत बनेगा। आज हम देख रहे हैं कि किस तरह मणिपुर और नॉर्थ ईस्ट, भारत के भविष्य में नए रंग भर रहा है।

साथियों,

आज यहाँ एक साथ इतनी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। विकास की ये अलग-अलग मणियां हैं, जिनकी माला, मणिपुर के लोगों का जीवन आसान बनाएगी, सना लईबाक मणिपुर की शान और बढ़ाएगी। इंफाल के Integrated Command और Control Centre से शहर की सुरक्षा भी बढ़ेगी और सुविधाओं का भी विस्तार होगा। बराक रिवर ब्रिज के जरिए मणिपुर की लाइफलाइन को एक नई all weather connectivity मिल रही है। थोउबाल Multi-Purpose Project के साथ साथ तामेन्गलॉन्ग में Water Supply Scheme से इस दूरस्थ जिले के सभी लोगों के लिए साफ और शुद्ध पानी का इंतजाम हो रहा है।

साथियों,

याद करिए, कुछ साल पहले तक मणिपुर में पाइप से पानी की सुविधा कितनी कम थी। केवल 6 प्रतिशत लोगों के घर में पाइप से पानी आता था। लेकिन आज ‘जल-जीवन मिशन’ को मणिपुर के जन-जन तक पहुंचाने के लिए बिरेन सिंह जी की सरकार ने दिन रात एक कर दिया। आज मणिपुर के 60 प्रतिशत घरों तक पाइप से पानी पहुँच रहा है। जल्द ही मणिपुर 100 परसेंट saturation के साथ ‘हर घर जल’ का लक्ष्य भी हासिल करने वाला है। यही डबल इंजन की सरकार का फायदा है, डबल इंजन की सरकार की ताकत है।

साथियों,

आज जिन योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, उनके साथ ही मैं आज मणिपुर के लोगों का फिर से धन्यवाद भी करूंगा। आपने मणिपुर में ऐसी स्थिर सरकार बनाई जो पूरे बहुमत से, पूरे दमखम से चल रही है। ये कैसे हुआ- ये आपके एक वोट के कारण हुआ। आपके एक वोट की शक्ति ने, मणिपुर में वो काम करके दिखाया, जिसकी पहले कोई कल्पना नहीं कर सकता था। ये आपके एक वोट की ही ताकत है, जिसकी वजह से मणिपुर के 6 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से सैकड़ों करोड़ रुपए मिले। और मुझे अभी ऐसे कुछ लाभार्थी किसानों से बात चीत करने का मौका मिला, उनका आत्‍मविश्‍वास उनका उत्‍साह वाकई देखने जैसा था। ये सब आपके एक वोट की ताकत है जिसकी वजह से मणिपुर के 6 लाख परिवारों को पीएम गरीब कल्याण योजना का, मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 80 हजार घरों को स्वीकृति, ये आपके एक वोट की ताकत का ही कमाल है। यहां के 4 लाख 25 हजार से ज्यादा लोगों को आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलना, आपके एक वोट की वजह से ही संभव हुआ है। आपके एक वोट ने डेढ़ लाख परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिलवाया है, आपको एक वोट ने 1 लाख 30 हजार घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिलवाया है।

आपके एक वोट ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत 30 हजार से ज्यादा घरों में शौचालय बनवाया है। ये आप के एक वोट की ही शक्ति है कि कोरोना से मुकाबले के लिए यहां वैक्सीन की 30 लाख से अधिक डोज मुफ्त दी जा चुकी है। आज मणिपुर के हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट भी बनाए जा रहे हैं। ये सब कुछ आपके एक वोट ने किया है।

मैं आप सभी मणिपुर वासियों को अनेक विद् उपलब्धियों के लिए हृदयपूर्वक हार्दिक बधाई देता हूँ। मैं मुख्यमंत्री बिरेन सिंह जी और उनकी सरकार को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूँ कि वो मणिपुर के विकास के लिए इतना परिश्रम कर रहे हैं।

साथियों,

एक समय था जब मणिपुर को पहले की सरकारों ने अपने हाल पर छोड़ दिया था। जो दिल्ली में थे, वो सोचते थे कि कौन इतनी तकलीफ उठाए, कौन इतनी दूर आए। जब अपनों से ऐसी बेरुखी रहेगी, तो दूरियां बढ़ेंगी ही। मैं जब प्रधानमंत्री नहीं बना था, उससे पहले भी अनेकों बार मणिपुर आया था। मैं जानता था कि आपके दिल में किस बात का दर्द है। और इसलिए 2014 के बाद मैं दिल्ली को, पूरी दिल्‍ली को, भारत सरकार को आपके दरवाजे तक ले करके आ गया। नेता हों, मंत्री हों, अफसर हों, मैंने सबको कहा कि इस क्षेत्र में आइए, लंबा समय गुजारिए और फिर यहां की जरूरत के मुताबिक योजनाएं बनाइए। और भावना ये नहीं थी कि आपको कुछ देना है। भावना ये थी कि आपका सेवक बनकर जितना हो सके आपके लिए, मणिपुर के लिए, नॉर्थ ईस्ट के लिए सम्‍पूर्ण समर्पण से, सम्‍पूर्ण सेवा भाव से काम करना है। औऱ आपने देखा है, आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में नॉर्थ ईस्ट के पांच प्रमुख चेहरे, देश के अहम मंत्रालय संभाल रहे हैं।

साथियों,

आज हमारी सरकार की सात वर्षों की मेहनत पूरे नॉर्थ ईस्ट में दिख रही है, णिपुर में दिख रही है। आज मणिपुर बदलाव का, एक नई कार्य-संस्कृति का प्रतीक बन रहा है। ये बदलाव हैं- मणिपुर के Culture के लिए, Care के लिए, इसमें Connectivity को भी प्राथमिकता है और Creativity का भी उतना ही महत्व है। रोड और इनफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स, बेहतर मोबाइल नेटवर्क, मणिपुर की connectivity को बेहतर करेंगे। ‘सी-ट्रिपल आईटी’ यहाँ के युवाओं में creativity और इनोवेशन की स्पिरिट को और मजबूत करेगा। आधुनिक cancer hospital, गंभीर बीमारियों से बचाव और इलाज के लिए मणिपुर के लोगों की Care में मदद करेगा। Manipur Institute of Performing Arts की स्थापना और गोविंदजी मंदिर का जीर्णोंद्धार मणिपुर के कल्चर को संरक्षण देंगे।

साथियों,

नॉर्थ ईस्ट की इसी धरती पर रानी गाइदिन्ल्यू ने विदेशियों को भारत की नारीशक्ति के दर्शन करवाए थे, अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी थी। रानी गाइदिन्ल्यू म्यूज़ियम हमारे युवाओं को अतीत से भी जोड़ेगा और उन्हें प्रेरणा भी देगा। कुछ समय पूर्व, हमारी सरकार ने अंडमान निकोबार के माउंट हैरियट- अंडमान निकोबार में एक टापू है जो माउंट हैरियट नाम से जाना जाता था। आजादी के 75 साल होने के बाद भी लोग उसे मांउंट हैरियट ही कहते थे, लेकिन हमने उस माउंट हैरियट का नाम बदल करके माउंट मणिपुर रखने का भी निर्णय लिया है। अब दुनिया का कोई भी टूरिस्‍ट अंडमान निकोबार जाएगा तो वो माउंट मणिपुर क्‍या है, उसका इतिहास क्‍या है, वो जानने की कोशिश करेगा।

नॉर्थ ईस्ट को लेकर पहले की सरकारों की तय पॉलिसी थी, और वो पॉलिसी क्‍या थी, पॉलिसी यही थी- Don’t Look East. पूर्वोत्तर की तरफ दिल्ली में तभी देखा जाता था जब यहाँ चुनाव होते थे। लेकिन हमने पूर्वोत्तर के लिए ‘एक्ट ईस्ट’ का संकल्प लिया है। ईश्वर ने इस क्षेत्र को इतने प्राकृतिक संसाधन दिये हैं, इतना सामर्थ्य दिया है। यहां विकास की, टूरिज्म की इतनी संभावनाए हैं। नॉर्थ ईस्ट की इन संभावनाओं पर अब काम हो रहा है। पूर्वोत्तर अब भारत के विकास का गेटवे बन रहा है।

अब पूर्वोत्तर में एयरपोर्ट्स भी बन रहे हैं, और रेल भी पहुँच रही है। ज़िरीबाम-तुपुल-इंफाल रेललाइन के जरिए मणिपुर भी अब देश के रेल नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। इम्फ़ाल-मौरे हाइवे यानि एशियन हाईवे वन का काम भी तेजी से चल रहा है। ये हाइवे साउथ ईस्ट एशिया से भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। पहले जब एक्सपोर्ट की बात होती थी, तो देश के गिने-चुने शहरों का ही नाम सामने आता था। लेकिन अब, Integrated Cargo Terminal के जरिए मणिपुर भी व्यापार और एक्सपोर्ट का एक बड़ा केंद्र बनेगा, आत्मनिर्भर भारत को गति देगा। और कल देशवासियों ने खबर सुनी है, आजादी के बाद पहली बार कल देश ने 300 बिलियन डॉलर का एक्‍सपोर्ट करके एक नया विक्रम स्‍थापित कर दिया। छोटे-छोटे राज्‍य भी इसमें आगे आ रहे हैं।

साथियों,

पहले लोग पूर्वोत्तर आना चाहते थे, लेकिन यहाँ पहुंचेंगे कैसे, ये सोचकर रुक जाते थे। इससे यहाँ के पर्यटन को, टूरिज्म सेक्टर को बहुत नुकसान होता था। लेकिन अब पूर्वोत्तर के शहर ही नहीं, बल्कि गाँवों तक भी पहुँचना आसान हो रहा है। आज यहाँ बड़ी संख्या में नेशनल हाइवेज़ का काम भी आगे बढ़ रहा है, और गाँव में भी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सैकड़ों किलोमीटर की नई सड़कें बन रही हैं। नैचुरल गैस पाइपलाइन जैसी जिन सुविधाओं को कुछ क्षेत्रों का विशेषाधिकार मान लिया था, वो भी अब पूर्वोत्तर तक पहुँच रही है। बढ़ती हुई ये सुविधाएं, बढ़ती हुई ये कनेक्टिविटी, यहां पर टूरिज्म बढ़ाएगी, यहां के नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर बनाएगी।

साथियों,

मणिपुर देश के लिए एक से एक नायाब रत्न देने वाला राज्य रहा है। यहाँ के युवाओं ने, और विशेषकर मणिपुर की बेटियों ने पूरी दुनिया में भारत का झण्डा उठाया है, गर्व से देश का सर ऊंचा किया है। विशेषकर आज देश के नौजवान, मणिपुर के खिलाड़यों से प्रेरणा ले रहे हैं। कॉमनवैल्थ खेलों से लेकर ओलंपिक्स तक, रेस्लिंग, आर्चरी और बॉक्सिंग से लेकर वेटलिफ्टिंग तक, मणिपुर ने एम सी मेरी कॉम, मीराबाई चनू, बोम्बेला देवी, लायश्रम सरिता देवी कैसे-कैसे बड़े नाम हैं, ऐसे बड़े-बड़े चैम्पियन्स दिये हैं। आपके पास ऐसे कितने ही होनहार हैं, जिन्हें अगर सही गाइडेंस और जरूरी संसाधन मिलें तो वो कमाल कर सकते हैं। यहाँ हमारे युवाओं में, हमारी बेटियों में ऐसी प्रतिभा भरी हुई है। इसीलिए हमने मणिपुर में आधुनिक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की है। ये यूनिवर्सिटी इन युवाओं को न केवल उनके सपनों से जोड़ने का काम करेगी, बल्कि खेल जगत में भारत को भी एक नई पहचान देगी। ये देश की नई स्पिरिट है, नया जोश है, जिसका नेतृत्व अब हमारे युवा, हमारी बेटियाँ करेंगी।

साथियों,

केंद्र सरकार ने जो ऑयल पाम पर राष्ट्रीय मिशन शुरू किया है, उसका भी बड़ा लाभ नॉर्थ ईस्ट को होगा। आज भारत अपनी जरूरत पूरा करने के लिए विदेशों से बड़ी मात्रा में पाम ऑयल का आयात करता है। इस पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए जाते हैं। ये पैसे भारत के किसानों को मिलें, भारत खाद्य तेल के मामले में आत्मनिर्भर बने, इस दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं। 11 हजार करोड़ रुपए के इस ऑयल पाम मिशन से, किसानों की आय बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी। और ये ज्‍यादातर नॉर्थ-ईस्‍ट में होने वाला है। यहां मणिपुर में भी इस पर तेजी से काम हो रहा है। ऑयल पाम लगाने के लिए, नई मिलें लगाने के लिए सरकार आर्थिक मदद भी दे रही है।

साथियों,

आज मणिपुर की उपलब्धियों पर गौरव करने के साथ साथ हमें ये भी याद रखना है कि अभी हमें आगे एक लंबा सफर तय करना है। और हमें ये भी याद रखना है कि हमने ये यात्रा कहाँ से शुरू की थी। हमें याद रखना है कि कैसे हमारे मणिपुर को पिछली सरकारों ने blockade state बनाकर रख दिया था, सरकारों द्वारा हिल और वैली के बीच राजनीतिक फायदे के लिए खाई खोदने का काम किया गया। हमें याद रखना है कि लोगों के बीच दूरियाँ बढ़ाने कैसे कैसे षड्यंत्र किए जाते थे।

साथियों,

आज डबल इंजन की सरकार के निरंतर प्रयास की वजह से इस क्षेत्र में उग्रवाद और असुरक्षा की आग नहीं है, बल्कि शांति और विकास की रोशनी है। पूरे नॉर्थ ईस्ट में सैकड़ों नौजवान, हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं। जिन समझौतों का दशकों से इंतजार था, हमारी सरकार ने वो ऐतिहासिक समझौते भी करके दिखाए हैं। मणिपुर blockade state से इंटरनेशनल ट्रेड के लिए रास्ते देने वाला स्टेट बन गया है। हमारी सरकार ने हिल और वैली के बीच खोदी गई खाइयों को पाटने के लिए “Go to Hills” और “Go to Village” ऐसे अभियान चलाए हैं।

इन प्रयासों के बीच, आपको ये याद रखना होगा कि कुछ लोग सत्ता हासिल करने के लिए, मणिपुर को फिर अस्थिर करना चाहते हैं। ये लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब उन्हें मौका मिले, और कब वो अशांति का खेल खेलें। मुझे खुशी है कि मणिपुर के लोग इन्हें पहचान चुके हैं। अब मणिपुर के लोग, यहां का विकास रुकने नहीं देंगे, मणिपुर को फिर से अंधेरे में नहीं जाने देना है।

साथियों,

आज देश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर चल रहा है। आज देश सबका प्रयास की भावना से एक साथ काम कर रहा है, सबके लिए काम कर रहा है, सबदूर काम कर रहा है। 21वीं सदी का ये दशक मणिपुर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पहले की सरकारों ने बहुत समय गंवा दिया। अब हमें एक पल भी नहीं गंवाना है। हमें मणिपुर में स्थिरता भी रखनी है और मणिपुर को विकास की नई ऊंचाई पर भी पहुंचाना है। और ये काम, डबल इंजन की सरकार ही कर सकती है।

मुझे पूरा विश्वास है, मणिपुर इसी तरह डबल इंजन की सरकार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखेगा। एक बार फिर आज की अनेक विद् परियोजनाओं के लिए मणिपुर वासियों को, मणिपुर के मेरे प्‍यारे भाइयों-बहनों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

थागतचरी !!!

भारत माता की - जय!!

भारत माता की - जय!!

भारत माता की - जय!!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।