80,000 करोड़ रुपये से अधिक की 1406 परियोजनाओं का शिलान्यास किया
"केवल हमारे लोकतांत्रिक भारत के पास एक भरोसेमंद साथी के मानदंडों को पूरा करने की शक्ति है, जिसकी तलाश आज दुनिया कर रही है"
"आज दुनिया भारत की क्षमता को देखने के साथ-साथ उसके प्रदर्शन की भी सराहना कर रही है"
"हमने पिछले 8 वर्षों में नीति स्थिरता, समन्वय और कारोबार में आसानी पर जोर दिया है"
उत्तर प्रदेश के तेज विकास के लिए हमारी डबल इंजन सरकार अवसंरचना, निवेश और विनिर्माण पर मिलकर काम कर रही है
"राज्य के एक संसद सदस्य के रूप में, मैंने राज्य के प्रशासन और सरकार में उस क्षमता और संभावना को महसूस किया है, जिनकी देश उनसे अपेक्षा करता है"
"हम नीति, निर्णय और इरादे से विकास के साथ हैं"

उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, लखनऊ के सांसद और भारत सरकार के हमारे वरिष्‍ठ साथी श्रीमान राजनाथ सिंह जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे अन्‍य सहयोगीगण, यूपी के उप-मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के मंत्रीगण, विधानसभा और विधान परिषद के स्पीकर महोदय, यहां उपस्थित उद्योग जगत के सभी साथी, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

सबसे पहले तो मैं उत्‍तर प्रदेश के सांसद के नाते, काशी के सांसद के नाते निवेशकों का स्‍वागत करता हूं और निवेशकों का मैं इसलिए धन्‍यवाद करता हूं कि उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश की युवा शक्ति पर भरोसा किया है। उत्‍तर प्रदेश की युवा शक्ति में वो सामर्थ्‍य है कि आपके सपनों और संकल्‍पों को नई उड़ान, नई ऊंचाई देने का सामर्थ्‍य उत्‍तर प्रदेश के नौजवानों में है और आप जिस संकल्‍प को ले करके आए हैं, उत्‍तर प्रदेश के नौजवानों का परिश्रम, उनका पुरुषार्थ, उनका सामर्थ्‍य, उनकी समझ, उनका समर्पण आपके सभी सपने-संकल्‍पों को सिद्ध करके रहेगा, ये मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं।

काशी का सांसद हूं तो एक सांसद के नाते मैं ये लोभ छोड़ नहीं सकता हूं, मोह छोड़ नहीं सकता हूं कि मैं इतना तो चाहूंगा कि आप लोग बहुत व्‍यस्‍त होते हैं, लेकिन कभी समय निकाल करके मेरी काशी देख कर आइए, काशी बहुत बदल गई, काशी बहुत बदल गई है। विश्‍व की ऐसी नगरी अपने पुरातन सामर्थ्‍य के साथ नए रंग-रूप में सज सकती है, ये उत्‍तर प्रदेश की ताकत का जीता-जागता उदाहरण है।

साथियों,

यूपी में 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश से संबंधित समझौते यहां हुए हैं। ये रिकॉर्ड निवेश यूपी में रोजगार के हजारों नए अवसर बनाएगा। ये भारत के साथ ही उत्तर प्रदेश की ग्रोथ स्टोरी पर बढ़ते विश्वास को दिखाता है। आज के इस आयोजन के लिए मैं यूपी के नौजवानों को विशेष बधाई दूंगा, क्योंकि इसका सबसे बड़ा लाभ यूपी के युवकों को, यु‍वतियों को, हमारी नई पीढ़ी को होने वाला है।

साथियों,

इस समय हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष का पर्व मना रहे हैं। आजादी का अमृत महोत्‍सव मना रहे हैं। ये समय अगले 25 वर्षों के लिए अमृतकाल, नए संकल्‍प का काल, नए लक्ष्‍यों का काल और नए लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए सबका प्रयास के मंत्र को ले करके परिश्रम की पराकाष्‍ठा करने का अमृतकाल है। आज दुनिया में जो वैश्विक परिस्थितियां बनी हैं, वो हमारे लिए बड़े अवसर भी लेकर भी आई हैं। दुनिया आज जिस भरोसेमंद साथी को तलाश रही है, उस पर खरा उतरने का सामर्थ्य सिर्फ हमारे लोकतांत्रिक भारत के पास है। दुनिया आज भारत के potential को भी देख रही है और भारत की Performance की भी सराहना कर रही है।

कोरोना काल में भी भारत रुका नहीं, बल्कि अपने Reforms की गति को और बढ़ा दिया। इसका परिणाम आज हम सभी देख रहे हैं। हम G-20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ी से Grow कर रहे हैं। आज भारत, Global Retail Index में दूसरे नंबर पर है। भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा Energy Consumer देश है। बीते साल दुनिया के 100 से अधिक देशों से, 84 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड FDI आया है। भारत ने बीते वित्तीय वर्ष में 417 बिलियन डॉलर यानि 30 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का मर्केंडाइज एक्सपोर्ट करके नया रिकॉर्ड बनाया है।

साथियों,

एक राष्ट्र के रूप में अब ये समय अपने साझा प्रयासों को कई गुना अधिक बढ़ाने का है। ये एक ऐसा समय है, जब हम अपने फैसलों को सिर्फ एक साल या 5 साल को देखते हुए सीमित नहीं रख सकते। भारत में एक मज़बूत मैन्युफेक्चरिंग इकोसिस्टम, एक मज़बूत और डायवर्स वैल्यू और सप्लाई चेन विकसित करने के लिए हर किसी का योगदान आवश्यक है। सरकार अपनी तरफ से निरंतर नीतियां बना रही है, पुरानी नीतियों में सुधार कर रही है।

अभी हाल ही में केंद्र की एनडीए सरकार ने अपने 8 वर्ष पूरे किए हैं। इन वर्षों में हम जैसा अभी योगी जी बता रहे थे, Reform-Perform-Transform के मंत्र के साथ आगे बढ़े हैं। हमने Policy Stability पर जोर दिया है, कॉर्डिनेशन पर जोर दिया है, Ease of Doing Business पर जोर दिया है। बीते समय में हमने हजारों कंप्लायंस खत्म किए हैं, पुराने कानूनों को समाप्त किया है। हमने अपने Reforms से एक राष्ट्र के रूप में भारत को मजबूती देने का काम किया है। One Nation-One Tax GST हो, One Nation-One Grid हो, One Nation-One Mobility Card हो, One Nation-One Ration Card हो, ये सारे प्रयास, हमारी ठोस और स्पष्ट नीतियों का प्रतिबिंब हैं।

जब से यूपी में डबल इंजन की सरकार बनी है, तब से यूपी में भी इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है। विशेषकर यूपी में जिस प्रकार कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरी है, उससे व्यापारियों का भरोसा लौटा है, बिजनेस के लिए सही माहौल बना है। बीते वर्षों में यहां की प्रशासनिक क्षमता और गवर्नेंस में भी सुधार आया है। इसलिए आज जनता का विश्वास योगी जी की सरकार पर है। और जैसे उद्योग जगत के साथी अपने अनुभव के आधार पर अभी उत्‍तर प्रदेश की सराहना कर रहे थे।

मैं सांसद के नाते अपने अनुभव बताता हूं। कभी हमने उत्‍तर प्रदेश के administration को निकट से नहीं देखा था। कभी मुख्‍यमंत्रियों की मीटिंग में लोग आया करते थे तो वहां के एजेंडा कुछ अलग होते थे। लेकिन एक सांसद के रूप में जब मैं यहां काम करने लगा तो मेरा विश्‍वास अनेक गुना बढ़ गया कि उत्‍तर प्रदेश की ब्‍यूरोक्रेसी, उत्‍तर प्रदेश के administration में वो ताकत है जो देश उनसे चाहता है।

जो बात उद्योग जगत के लोग कह र‍हे थे, एक सांसद के नाते मैंने स्‍वयं ने इस सामर्थ्य को अनुभव किया है। और इसलिए मैं यहां सरकार के सभी ब्यूरोक्रेट्स, सरकार के छोटे-मोटे हर व्यक्ति को ये जो मिजाज उनका बना है, इसके लिए बधाई देता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं।

साथियों, आज यूपी की जनता ने 37 साल बाद किसी सरकार को फिर से सत्ता में वापस लाकर अपने सेवक को एक जिम्‍मेदारी सौंपी है।

साथियों,

उत्तर प्रदेश में भारत की पांचवें-छठे हिस्से की आबादी रहती है। यानी यूपी के एक व्यक्ति की बेहतरी भारत के हर छठे व्यक्ति की बेहतरी होगी। मेरा विश्वास है कि ये यूपी ही है, जो 21वीं सदी में भारत की Growth story को momentum देगा। और इसी दस वर्ष को आप देख लीजिए, एक उत्तर प्रदेश हिन्‍दुस्‍तान का बहुत बड़ा Driving Force बनने वाला है। इन 10 वर्षों में आपको दिखाई देगा।

जहां परिश्रम की पराकाष्ठा करने वाले लोग हों, जिस प्रदेश में देश की कुल आबादी का 16 प्रतिशत से अधिक कंज्यूमर बेस हो, जहां 5 लाख से अधिक आबादी वाले एक दर्जन से ज्यादा शहर हों, जहां हर जिले का अपना कोई ना कोई खास प्रोडक्ट हो, जहां इतनी बड़ी संख्या में MSMEs हों, लघु उद्योग हों, जहां अलग-अलग मौसमों में अलग-अलग कृषि उत्पादों-अनाज-फल-सब्जियों की बहार हो, जिस प्रदेश को गंगा, यमुना, सरयू समेत अनेक नदियों का आशीर्वाद प्राप्त हो, ऐसे यूपी को तेज़ विकास से भला कौन रोक सकता है?

साथियों,

अभी इस बजट में ही हमने गंगा के दोनों किनारों पर, भारत सरकार के बजट की बात कर रहा हूं, 5-5 किलोमीटर के दायरे में केमिकल फ्री नैचुरल फार्मिंग का कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। डिफेंस कॉरिडोर की चर्चा तो होती है, लेकिन इस कॉरिडोर की कोई चर्चा नहीं करता है। यूपी में गंगा ग्यारह सौ किलोमीटर से ज्यादा लंबी हैं और यहां के 25 से 30 जिलों से होकर गुजरती हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि नेचुरल फार्मिंग की कितनी बड़ी संभावना यूपी में बनने जा रही है। यूपी सरकार ने कुछ वर्ष पहले अपनी फूड प्रोसेसिंग नीति भी घोषित की है। मैं समझता हूं, कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए और यहां जो उद्योग जगत के लोग हैं उनसे मैं आग्रहपूर्वक इस विषय पर कहना चाहता हूं। कॉरपोरेट वर्ल्‍ड के लिए इस समय एग्रीकल्चर में इंवेस्टमेंट की ये Golden Opportunity है।

साथियों,

तेज विकास के लिए, हमारी डबल इंजन की सरकार Infrastructure, Investment और Manufacturing तीनों पर एक साथ काम कर रही है। इस साल के बजट में साढ़े 7 लाख करोड़ रुपए के अभूतपूर्व capital expenditure का allocation इसी दिशा में उठाया गया कदम है। मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए हमने PLI स्कीम्स घोषित की हैं, जिनका लाभ आपको यहां यूपी में भी मिलेगा।

यूपी में बन रहा डिफेंस कॉरिडोर भी आपके लिए बेहतरीन संभावनाएं लेकर आ रहा है। भारत में आज डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पर जितना जोर दिया जा रहा है, उतना पहले कभी नहीं दिया गया। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत हमने बड़ी हिम्मत के साथ फैसला किया है, हमने 300 चीजें ऐसी identify की हैं और हमने निर्णय किया है कि ये 300 चीजें अब विदेश से नहीं आएंगी। यानी military equipments से जुड़ी हुई ये 300 चीजें हैं, मतलब डिफेंस के क्षेत्र में जो manufacturing में आना चाहते हैं उनके लिए इन 300 प्रोडक्ट के लिए तो assured market available है। इसका भी आपको बहुत ज्यादा लाभ मिलेगा।

साथियों,

हम मैन्युफेक्चरिंग और ट्रांसपोर्ट जैसे पारंपरिक बिजनेस की डिमांड को पूरा करने के लिए फिज़िकल इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना रहे हैं। यहां यूपी में भी आधुनिक पावर ग्रिड हो, गैस पाइपलाइन का नेटवर्क हो या फिर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, सभी पर 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुसार काम हो रहा है। आज यूपी में जितने किलोमीटर एक्सप्रेसवे पर काम हो रहा है, वो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। आधुनिक एक्सप्रेसवे का सशक्त नेटवर्क उत्तर प्रदेश के सभी economic zones को आपस में कनेक्ट करने वाला है।

जल्द ही यूपी की पहचान आधुनिक railway infrastructure के संगम के रूप में भी होने वाली है। Eastern और western dedicated freight (फ्रेट) corridor यहीं यूपी में ही आपस में एक-दूसरे से जुड़ने वाले हैं। जेवर समेत यूपी के 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स, यहां की इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने वाले हैं। ग्रेटर नोएडा का क्षेत्र हो या फिर वाराणसी, यहां दो Multi Modal logistics transport hub का निर्माण भी हो रहा है। Industrial strategy के हिसाब से, logistics के हिसाब से यूपी देश के सबसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर वाले राज्यों में शामिल हो रहा है। यूपी में बढ़ती हुई ये कनेक्टिविटी और बढ़ता हुआ Investment, यूपी के युवाओं के लिए अनेक नए अवसर लेकर आ रहा है।

साथियों,

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में गति आए, इसके लिए हमारी सरकार ने पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान बनाया है। ये केंद्र सरकार, राज्य सरकार, अलग-अलग विभाग, अलग-अलग एजेंसियां, इतना ही नहीं स्‍थानीय समाज की संस्‍थाओं तक को, सभी को एक साथ जोड़ना, उसी प्रकार से प्राइवेट सैक्‍टर, बिजनेस से जुड़े संस्थानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने का काम ये पीएम गतिशक्ति योजना के द्वारा हो रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रोजेक्ट से जुड़े हर स्टेकहोल्डर को रियल टाइम जानकारी मिलेगी। अपने-अपने हिस्से का काम उसे कब तक पूरा करना है, इसकी प्लानिंग वो समय पर कर पाएगा। बीते 8 साल में प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने का जो नया कल्चर देश में विकसित हुआ है, उनको ये नए आयाम देगा।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत ने जिस तेजी से काम किया है, उसका एक उदाहरण हमारी डिजिटल क्रांति है। 2014 में हमारे देश में सिर्फ साढ़े 6 करोड़ ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर्स थे। आज इनकी संख्या 78 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। 2014 में एक GB डेटा करीब-करीब 200 रुपए का पड़ता था। आज इसकी कीमत घटकर 11-12 रुपए हो गई है। भारत दुनिया के उन देशों में है जहां इतना सस्ता डेटा है। 2014 में देश में 11 लाख किलोमीटर का ऑप्टिकल फाइबर था। अब देश में बिछाए गए ऑप्टिकल फाइबर की लंबाई 28 लाख किलोमीटर को पार कर चुकी है।

2014 में देश में 100 से भी कम ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर पहुंचा था। आज ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ी ग्राम पंचायतों की संख्या भी पौने दो लाख को पार कर गई है। 2014 में देश में 90 हजार के आस-पास ही कॉमन सर्विस सेंटर्स थे। आज देश में कॉमन सर्विस सेंटर्स की संख्या भी 4 लाख से ज्यादा हो गई है। आज दुनिया के डिजिटल ट्रांजेक्शन का करीब-करीब 40 प्रतिशत भारत में हो रहा है, दुनिया का 40 प्रतिशत। किसी भी हिन्‍दुस्‍तानी को गर्व होगा। जिस भारत को लोग अनपढ़ बताते हैं, वो भारत ये कमाल कर रहा है।

हमने बीते 8 वर्षों में डिजिटल क्रांति के लिए जिस फाउंडेशन को मजबूत किया, उसी का नतीजा है कि आज अलग-अलग सेक्टर्स के लिए इतनी संभावनाएं बन रही हैं। इसका बहुत बड़ा लाभ हमारे युवाओं को मिला है। 2014 से पहले हमारे यहां कुछ सौ स्टार्ट-अप्स ही थे। लेकिन आज देश में रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स की संख्या भी 70 हजार के आसपास पहुंच रही है। अभी हाल ही में भारत ने 100 यूनिकॉर्न का रिकॉर्ड भी बनाया है। हमारी नई इकोनॉमी की डिमांड को पूरा करने के लिए, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती का बहुत लाभ आप लोगों को मिलने वाला है।

साथियों,

मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि यूपी के विकास के लिए, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए जिस भी सेक्टर में, जो भी रिफॉर्म आवश्यक होंगे, वो रिफॉर्म निरंतर किए जाते रहेंगे। हम नीति से भी विकास के साथ हैं, निर्णयों से भी विकास के साथ हैं, नीयत से भी विकास के साथ हैं और स्वभाव से भी विकास के साथ हैं।

हम सब आपके हर प्रयास में आपके साथ होंगे और हर कदम पर आपका साथ देंगे। आप पूरे उत्साह से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में शामिल हों। उत्तर प्रदेश के भविष्य का निर्माण आपके भविष्य को भी उज्ज्वल बनाएगा। ये win-win situation है। ये निवेश सभी के लिए शुभ हो, सभी को लाभ देने वाला हो।

इसी कामना के साथ इति शुभम् कहते हुए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

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संत रविदास जी के विचारों को आगे बढ़ा रही हमारी सरकार: पीएम मोदी
February 23, 2024
Unveils new statue of Sant Ravidas
Inaugurates and lays foundation stones for development works around Sant Ravidas Janam Sthali
Lays the foundation stone for the Sant Ravidas Museum and beautification of the park
“India has a history, whenever the country is in need, some saint, sage or great personality is born in India.”
“Sant Ravidas ji was a great saint of the Bhakti movement, which gave new energy to the weak and divided India”
“Sant Ravidas ji told the society the importance of freedom and also worked to bridge the social divide”
“Ravidas ji belongs to everyone and everyone belongs to Ravidas ji.”
“Government is taking forward the teachings and ideals of Sant Ravidas ji while following the mantra of ‘Sabka Saath SabkaVikas’”
“We have to avoid the negative mentality of casteism and follow the positive teachings of Sant Ravidas ji”

जय गुरु रविदास।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, पूरे भारत से यहां पधारे सम्मानित संत जन, भक्त गण और मेरे भाइयों एवं बहनों,

आप सभी का मैं गुरु रविदास जी जन्म जयंती के पावन अवसर पर उनकी जन्मभूमि में स्वागत करता हूँ। आप सब रविदास जी की जयंती के पर्व पर इतनी-इतनी दूर से यहां आते हैं। खासकर, मेरे पंजाब से इतने भाई-बहन आते हैं कि बनारस खुद भी ‘मिनी पंजाब’ जैसा लगने लगता है। ये सब संत रविदास जी की कृपा से ही संभव होता है। मुझे भी रविदास जी बार बार अपनी जन्मभूमि पर बुलाते हैं। मुझे उनके संकल्पों को आगे बढ़ाने का मौका मिलता है, उनके लाखों अनुयायियों की सेवा का अवसर मिलता है। गुरु के जन्मतीर्थ पर उनके सब अनुयायियों की सेवा करना मेरे लिए किसी सौभाग्य से कम नहीं।

और भाइयों और बहनों,

यहां का सांसद होने के नाते, काशी का जन-प्रतिनिधि होने के नाते मेरी विशेष ज़िम्मेदारी भी बनती है। मैं बनारस में आप सबका स्वागत भी करूं, और आप सबकी सुविधाओं का खास ख्याल भी रखूं, ये मेरा दायित्व है। मुझे खुशी है कि आज इस पावन दिन मुझे अपने इन दायित्वों को पूरा करने का अवसर मिला है। आज बनारस के विकास के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास होने जा रहा है। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा और सुखद और सरल होगी। साथ ही, संत रविदास जी की जन्मस्थली के विकास के लिए भी कई करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण हुआ है। मंदिर और मंदिर क्षेत्र का विकास, मंदिर तक आने वाली सड़कों का निर्माण, इंटरलॉकिंग और ड्रेनेज का काम, भक्तों के लिए सत्संग और साधना करने के लिए, प्रसाद ग्रहण करने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं का निर्माण, इन सबसे आप सब लाखों भक्तों को सुविधा होगी। माघी पूर्णिमा की यात्रा में श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक सुख तो मिलेगा ही, उन्हें कई परेशानियों से भी छुटकारा मिलेगा। आज मुझे संत रविदास जी की नई प्रतिमा के लोकार्पण का सौभाग्य भी मिला है। संत रविदास म्यूज़ियम की आधारशिला भी आज रखी गई है। मैं आप सभी को इन विकास कार्यों की अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूं। मैं देश और दुनिया भर के सभी श्रद्धालुओं को संत रविदास जी की जन्मजयंती और माघी पूर्णिमा की हार्दिक बधाई देता हूं।

साथियों,

आज महान संत और समाज सुधारक गाडगे बाबा की जयंती भी है। गाडगे बाबा ने संत रविदास की ही तरह समाज को रूढ़ियों से निकालने के लिए, दलितों वंचितों के कल्याण के लिए बहुत काम किया था। खुद बाबा साहब अंबेडकर उनके बहुत बड़े प्रशंसक थे। गाडगे बाबा भी बाबा साहब से बहुत प्रभावित रहते थे। आज इस अवसर पर मैं गाडगे बाबा के चरणों में भी श्रद्धापूवर्क नमन करता हूं।

साथियों,

अभी मंच पर आने से पहले मैं संत रविदास जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित करने, उन्हें प्रणाम करने भी गया था। इस दौरान मेरा मन जितनी श्रद्धा से भरा था, उतनी ही कृतज्ञता भी भीतर महसूस कर रहा था। वर्षों पहले भी, जब मैं न राजनीति में था, न किसी पद पर था, तब भी संत रविदास जी की शिक्षाओं से मुझे मार्गदर्शन मिलता था। मेरे मन में ये भावना होती थी कि मुझे रविदास जी की सेवा का अवसर मिले। और आज काशी ही नहीं, देश की दूसरी जगहों पर भी संत रविदास जी से जुड़े संकल्पों को पूरा किया जा रहा है। रविदास जी की शिक्षाओं को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए नए केन्द्रों की स्थापना भी हो रही है। अभी कुछ महीने पहले ही मुझे मध्यप्रदेश के सतना में भी संत रविदास स्मारक एवं कला संग्रहालय के शिलान्यास का सौभाग्य भी मिला था। काशी में तो विकास की पूरी गंगा ही बह रही है।

साथियों,

भारत का इतिहास रहा है, जब भी देश को जरूरत हुई है, कोई न कोई संत, ऋषि, महान विभूति भारत में जन्म लेते हैं। रविदास जी तो उस भक्ति आंदोलन के महान संत थे, जिसने कमजोर और विभाजित हो चुके भारत को नई ऊर्जा दी थी। रविदास जी ने समाज को आज़ादी का महत्व भी बताया था, और सामाजिक विभाजन को भी पाटने का काम किया था। ऊंच-नीच, छुआछूत, भेदभाव, इस सबके खिलाफ उन्होंने उस दौर में आवाज़ उठाई थी। संत रविदास एक ऐसे संत हैं, जिन्हें मत मजहब, पंथ, विचारधारा की सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता। रविदास जी सबके हैं, और सब रविदास जी के हैं। जगद्गुरु रामानन्द के शिष्य के रूप में उन्हें वैष्णव समाज भी अपना गुरु मानता है। सिख भाई-बहन उन्हें बहुत आदर की दृष्टि से देखते हैं। काशी में रहते हुए उन्होंने ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ की शिक्षा दी थी। इसलिए, काशी को मानने वाले लोग, मां गंगा में आस्था रखने वाले लोग भी रविदास जी से प्रेरणा लेते हैं। मुझे खुशी है कि आज हमारी सरकार रविदास जी के विचारों को ही आगे बढ़ा रही है। भाजपा सरकार सबकी है। भाजपा सरकार की योजनाएं सबके लिए हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’, ये मंत्र आज 140 करोड़ देशवासियों से जुड़ने का मंत्र बन गया है।

साथियों,

रविदास जी ने समता और समरसता की शिक्षा भी दी, और हमेशा दलितों, वंचितों की विशेष रूप से चिंता भी की। समानता वंचित समाज को प्राथमिकता देने से ही आती है। इसीलिए, जो लोग, जो वर्ग विकास की मुख्यधारा से जितना ज्यादा दूर रह गए, पिछले दस वर्षों में उन्हें ही केंद्र में रखकर काम हुआ है। पहले जिस गरीब को सबसे आखिरी समझा जाता था, सबसे छोटा कहा जाता था, आज सबसे बड़ी योजनाएं उसी के लिए बनी हैं। इन योजनाओं को आज दुनिया में सबसे बड़ी सरकारी योजनाएं कहा जा रहा है। आप देखिए, कोरोना की इतनी बड़ी मुश्किल आई। हमने 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन की योजना चलाई। कोरोना के बाद भी हमने मुफ्त राशन देना बंद नहीं किया। क्योंकि, हम चाहते हैं कि जो गरीब अपने पैरों पर खड़ा हुआ है वो लंबी दूरी तय करे। उस पर अतिरिक्त बोझ न आए। ऐसी योजना इतने बड़े पैमाने पर दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। हमने स्वच्छ भारत अभियान चलाया। देश के हर गांव में हर परिवार के लिए मुफ्त शौचालय बनाया। इसका लाभ सबसे ज्यादा दलित पिछड़े परिवारों को, खासकर हमारी SC, ST, OBC माताओं बहनों को ही हुआ। इन्हें ही सबसे ज्यादा खुले में शौच के लिए जाना पड़ता था, परेशानियां उठानी पड़ती थीं। आज देश के गांव- गांव तक साफ पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन चल रहा है। 5 वर्षों से भी कम समय में 11 करोड़ से ज्यादा घरों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया है। करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड मिला है। उन्हें पहली बार ये हौसला मिला है कि अगर बीमारी आ भी गई, तो इलाज के अभाव में जिंदगी खत्म नहीं होगी। इसी तरह, जनधन खातों से गरीब को बैंक जाने का अधिकार मिला है। इन्हीं बैंक खातों में सरकार सीधे पैसा भेजती है। इन्हीं खातों में किसानों को किसान सम्मान निधि जाती है, जिनमें से करीब डेढ़ करोड़ लाभार्थी हमारे दलित किसान ही हैं। फसल बीमा योजना का लाभ उठाने वाले किसानों में बड़ी संख्या दलित और पिछड़े किसानों की ही है। युवाओं के लिए भी, 2014 से पहली जितनी स्कॉलर्शिप मिलती थी, आज हम उससे दोगुनी स्कॉलर्शिप दलित युवाओं को दे रहे हैं। इसी तरह, 2022-23 में पीएम आवास योजना के तहत हजारों करोड़ रुपए दलित परिवारों के खातों में भेजे गए, ताकि उनका भी अपना पक्‍का घर हो।

और भाइयों बहनों,

भारत इतने बड़े-बड़े काम इसलिए कर पा रहा है क्योंकि आज दलित, वंचित, पिछड़ा और गरीब के लिए सरकार की नीयत साफ है। भारत ये काम इसलिए कर पा रहा है, क्योंकि आपका साथ और आपका विश्वास हमारे साथ है। संतों की वाणी हर युग में हमें रास्ता भी दिखाती हैं, और हमें सावधान भी करती हैं।

रविदास जी कहते थे-

जात पात के फेर महि, उरझि रहई सब लोग।

मानुष्ता कुं खात हई, रैदास जात कर रोग॥

अर्थात्, ज़्यादातर लोग जात-पांत के भेद में उलझे रहते हैं, उलझाते रहते हैं। जात-पात का यही रोग मानवता का नुकसान करता है। यानी, जात-पात के नाम पर जब कोई किसी के साथ भेदभाव करता है, तो वो मानवता का नुकसान करता है। अगर कोई जात-पात के नाम पर किसी को भड़काता है तो वो भी मानवता का नुकसान करता है।

इसीलिए भाइयों बहनों,

आज देश के हर दलित को, हर पिछड़े को एक और बात ध्यान रखनी है। हमारे देश में जाति के नाम पर उकसाने और उन्हें लड़ाने में भरोसा रखने वाले इंडी गठबंधन के लोग दलित, वंचित के हित की योजनाओं का विरोध करते हैं। और सच्चाई ये है कि ये लोग जाति की भलाई के नाम पर अपने परिवार के स्वार्थ की राजनीति करते हैं। आपको याद होगा, गरीबों के लिए शौचालय बनाने की शुरुआत हुई थी तो इन लोगों ने उसका मज़ाक उड़ाया था। इन्होंने जनधन खातों का मज़ाक उड़ाया था। इन्होंने डिजिटल इंडिया का विरोध किया था। इतना ही नहीं, परिवारवादी पार्टियों की एक और पहचान है। ये अपने परिवार से बाहर किसी भी दलित, आदिवासी को आगे बढ़ते नहीं देना चाहते हैं। दलितों, आदिवासियों का बड़े पदों पर बैठना इन्हें बर्दाश्त नहीं होता है। आपको याद होगा, जब देश ने पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने के लिए महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी चुनाव लड़ रही थीं, तो किन किन लोगों ने उनका विरोध किया था? किन किन पार्टियों ने उन्हें हराने के लिए सियासी लामबंदी की थी? वे सब की सब यही परिवारवादी पार्टियां ही थीं, जिन्हें चुनाव के समय दलित, पिछड़ा, आदिवासी अपना वोट बैंक नज़र आने लगता है। हमें इन लोगों से, इस तरह की सोच से सावधान रहना है। हमें जातिवाद की नकारात्मक मानसिकता से बचकर रविदास जी की सकारात्मक शिक्षाओं का पालन करना है।

इसीलिए भाइयों बहनों,

आज देश के हर दलित को, हर पिछड़े को एक और बात ध्यान रखनी है। हमारे देश में जाति के नाम पर उकसाने और उन्हें लड़ाने में भरोसा रखने वाले इंडी गठबंधन के लोग दलित, वंचित के हित की योजनाओं का विरोध करते हैं। और सच्चाई ये है कि ये लोग जाति की भलाई के नाम पर अपने परिवार के स्वार्थ की राजनीति करते हैं। आपको याद होगा, गरीबों के लिए शौचालय बनाने की शुरुआत हुई थी तो इन लोगों ने उसका मज़ाक उड़ाया था। इन्होंने जनधन खातों का मज़ाक उड़ाया था। इन्होंने डिजिटल इंडिया का विरोध किया था। इतना ही नहीं, परिवारवादी पार्टियों की एक और पहचान है। ये अपने परिवार से बाहर किसी भी दलित, आदिवासी को आगे बढ़ते नहीं देना चाहते हैं। दलितों, आदिवासियों का बड़े पदों पर बैठना इन्हें बर्दाश्त नहीं होता है। आपको याद होगा, जब देश ने पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने के लिए महामहिम द्रौपदी मुर्मू जी चुनाव लड़ रही थीं, तो किन किन लोगों ने उनका विरोध किया था? किन किन पार्टियों ने उन्हें हराने के लिए सियासी लामबंदी की थी? वे सब की सब यही परिवारवादी पार्टियां ही थीं, जिन्हें चुनाव के समय दलित, पिछड़ा, आदिवासी अपना वोट बैंक नज़र आने लगता है। हमें इन लोगों से, इस तरह की सोच से सावधान रहना है। हमें जातिवाद की नकारात्मक मानसिकता से बचकर रविदास जी की सकारात्मक शिक्षाओं का पालन करना है।

साथियों,

रविदास जी कहते थे-

सौ बरस लौं जगत मंहि जीवत रहि करू काम।

रैदास करम ही धरम है करम करहु निहकाम॥

अर्थात्, सौ वर्ष का जीवन हो, तो भी पूरे जीवन हमें काम करना चाहिए। क्योंकि, कर्म ही धर्म है। हमें निष्काम भाव से काम करना चाहिए। संत रविदास जी की ये शिक्षा आज पूरे देश के लिए है। देश इस समय आज़ादी के अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्षों में अमृतकाल में विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव रखी जा चुकी है। अब अगले 5 साल हमें इस नींव पर विकास की इमारत को और ऊंचाई देनी है। गरीब वंचित की सेवा के लिए जो अभियान 10 वर्षों में चले हैं, अगले 5 वर्षों में उन्हें और भी अधिक विस्तार मिलना है। ये सब 140 करोड़ देशवासियों की भागीदारी से ही होगा। इसलिए, ये जरूरी है कि देश का हर नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करे। हमें देश के बारे में सोचना है। हमें तोड़ने वाले, बांटने वाले विचारों से दूर रहकर देश की एकता को मजबूत करना है। मुझे विश्वास है कि, संत रविदास जी की कृपा से देशवासियों के सपने जरूर साकार होंगे। आप सभी को एक बार फिर संत रविदास जयंती की मैं बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद !