"भारत का चंद्र मिशन विज्ञान और उद्योग दोनों की सफलता है"
'बी-20 की थीम 'आर.ए.आई.एस.ई' में 'आई' इनोवेशन का प्रतिनिधित्व करता है लेकिन नवोन्मेषण के साथ-साथ, मैं इसमें एक और 'आई' इनक्लूसिवनेस (समावेशिता) भी देखता हूं
"हमारे निवेशकों को जिस चीज की सबसे अधिक आवश्यकता है वह है ‘परस्पर विश्वास'”
"वैश्विक विकास का भविष्य व्यवसाय के भविष्य पर निर्भर है"
"एक कुशल और विश्वसनीय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में भारत का एक महत्वपूर्ण स्थान है"
"स्थिरता अवसर के साथ-साथ एक व्यवसाय मॉडल भी है"
"भारत ने व्यापार के लिए ग्रीन क्रेडिट की एक संरचना तैयार किया है, जो 'धरती से संबंधित सकारात्मक' कार्यों पर केंद्रित है"
"व्यवसायों को अधिक से अधिक लोगों की क्रय शक्ति में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए क्योंकि एक स्व केंद्रित दृष्टिकोण सभी को हानि पहुंचाएगा"
'हमें निश्चित रूप से 'अंतर्राष्ट्रीय उपभोक्ता देखभाल दिवस' के लिए एक प्रणाली के बारे में सोचना चाहिए, इससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं के बीच विश्वास को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी
"क्रिप्टोकरेंसी के बारे में अधिक समेकित दृष्टिकोण की आवश्यकता है"
"वैश्विक व्यापार समुदायों और सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना होगा कि नैतिक एआई को बढ़ावा दिया जाए"
"एक जुड़ी हुई दुनिया साझा उद्देश्य, साझी धरती, साझी समृद्धि और एक साझा भविष्य के बारे में है

Ladies and gentlemen,

Distinguished delegates,

नमस्कार।

Welcome to India.

Friends,

आप सभी बिजनेस लीडर्स एक ऐसे समय में भारत आए हैं, जब हमारे पूरे देश में सेलिब्रेशन का माहौल है। भारत में हर साल आने वाला लंबा फेस्टिवल सीज़न, एक तरह से prepone हो गया है। ये फेस्टिव सीजन ऐसा होता है, जब हमारी सोसायटी भी सेलिब्रेट करती है और हमारा बिजनेस भी सेलिब्रेट करता है। और इस बार ये 23 अगस्त से ही शुरू हो गया है। और ये सेलीब्रेशन है चंद्रमा पर चंद्रयान के पहुंचने का। भारत के लूनर मिशन की सफलता में हमारी स्पेस एजेंसी ‘इसरो’ की बहुत बड़ी भूमिका है। लेकिन साथ ही इसमें भारत की इंडस्ट्री ने भी बहुत बड़ा सहयोग किया है। चंद्रयान में use किए गए अनेक components हमारी इंडस्ट्री ने, हमारी प्राइवेट कंपनियों ने, हमारे MSME’s ने उसको आवश्यकता के अनुसार तैयार कर समय सीमा पर उपलब्ध कराए हैं। यानि ये साइंस और इंडस्ट्री, दोनों की सफलता है। और important ये भी है इस बार भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया इसे सेलिब्रेट कर रही है। ये सेलिब्रेशन, एक Responsible Space Program चलाने का है। ये सेलिब्रेशन, देश के विकास को accelerate करने का है। ये सेलिब्रेशन, innovation का है। ये सेलिब्रेशन, स्पेस टेक्नोलॉजी के माध्यम से sustainability और equality लाने का है। और यही तो इस B20 Summit की थीम है- RAISE, It is about Responsibility, Acceleration, Innovation, Sustainability and Equality. And, It is about, Humanity. It is about, One Earth, One Family, One Future.

Friends,

वैसे तो B-20 की थीम- RAISE में, I है, I Innovation को Represent करता है। लेकिन मैं इसमें Innovation के साथ ही एक और I को भी देखता हूं। और ये I है, Inclusiveness. हमने African union को भी जी-20 की स्थाई सदस्यता के लिए इसी विजन के साथ invite किया। B-20 में भी अफ्रीका के इकोनॉमिक डेवलपमेंट को एक फोकस एरिया में रखा गया है। भारत का मानना है कि ये forum अपनी अप्रोच में जितना inclusive होगा, उतना ही बड़ा इसका impact होगा। इससे Global economic challenges को handle करने, ग्रोथ को sustainable बनाने, और यहां लिए गए फैसलों के Implementation में हमें उतनी ही अधिक सफलता मिलेगी।

Friends,

कहते हैं, कोई भी आपदा आती है, बड़ा संकट आता है, तो वो हमें कुछ ना कुछ सबक देकर जाता है, सिखाकर जाता है। दो-तीन साल पहले हम दुनिया की सबसे बड़ी महामारी, 100 साल में आए सबसे बड़े संकट से गुजरे हैं। इस संकट ने दुनिया के हर देश को, हर समाज को, हर बिजनेस हाउस को, हर कॉरपोरेट Entity को एक सबक दिया है। सबक ये कि हमें अब जिस चीज पर सबसे ज्यादा Invest करना है, वो है आपसी विश्वास, Mutual Trust. कोरोना ने दुनिया में इस आपसी विश्वास को तहस-नहस कर दिया है। और अविश्वास के इस माहौल में, जो देश, पूरी संवेदनशीलता के साथ, विनम्रता के साथ, विश्वास का झंडा लेकर आपके सामने खड़ा है- वो है भारत। 100 साल के सबसे बड़े संकट में भारत ने जो चीज दुनिया को दी, वो है विश्वास, Trust, Mutual Trust.

जब कोरोना के समय दुनिया को जरूरत थी, तो फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड के नाते भारत ने 150 से ज्यादा देशों को दवाइयां उपलब्ध कराईं। जब दुनिया को कोरोना की वैक्सीन की जरूरत थी, तो भारत ने वैक्सीन का प्रॉडक्शन बढ़ाकर करोड़ों-करोड़ों लोगों की जान बचाई। भारत की Democratic Values, भारत के Action में दिखती हैं, भारत के Response में दिखती हैं। भारत की Democratic Values, देश के 50 से ज्यादा शहरों में हुई जी-20 की बैठकों में दिखाई देती हैं। औऱ इसलिए, भारत के साथ आपकी पार्टनरशिप बहुत महत्वपूर्ण है। आज भारत में दुनिया का सबसे युवा टैलेंट है। आज भारत ‘इंडस्ट्री 4.0’ के इस दौर में डिजिटल रिवॉल्यूशन का चेहरा बना हुआ है। भारत के साथ जितनी आपकी दोस्ती मजबूत होगी, उतनी ही समृद्धि दोनों को मिलेगी। You All know, Businesses can transform potential into prosperity, obstacles into opportunities, aspirations into achievements. Whether they are small or big, global or local, businesses can ensure progress for everyone. Therefore, the future of global growth is dependent on the future of business.

Friends,

कोविड-19 से पहले और कोविड-19 के बाद की दुनिया बहुत बदल गई है। कई चीजों में irreversible change हम देख रहे हैं। अब जैसे, ग्लोबल सप्लाई चेन को दुनिया फिर से पहले की तरह नहीं देख सकती। पहले कहा जाता था कि जब तक ग्लोबल सप्लाई चेन efficient है, तब तक चिंता की कोई बात ही नहीं है। लेकिन ऐसी सप्लाई चेन का, और ऐसी सप्लाई चेन efficient कही जा सकती है जो तब टूट जाए और वो भी तब जब उसकी दुनिया को सबसे ज्यादा ज़रूरत थी। इसलिए आज जब दुनिया इस सवाल से जूझ रही है, तो साथियों मैं आपको विश्वास देता हूं, इस समस्या का समाधान भारत है। एक efficient और trusted global supply chain के निर्माण में भारत का अहम स्थान है। और इसके लिए global businesses को अपनी responsibility आगे बढ़कर के हम सबको मिलकर उठानी होगी।

Friends,

मुझे खुशी है कि G20 देशों के बीच बिजनेस-20, डिबेट और डायलॉग का एक वाइब्रेंट फोरम बनकर उभरा है। इसलिए, जब इस मंच पर हम global challenges के solutions पर चर्चा कर रहे हैं, तब sustainability बहुत अहम विषय है। हम सबको ये ध्यान रखना होगा कि sustainability की बातें सिर्फ नियम-कानूनों तक सीमित ना रहे, बल्कि ये रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनें, जीवन का हिस्सा बनें। मेरा आग्रह ये है कि ग्लोबल बिजनेस को इससे एक कदम और आगे आना चाहिए। Sustainability अपने-आप में Opportunity भी है और एक बिजनेस मॉडल भी है। अब छोटा सा मैं उदाहरण देता हूं मिलेट्स का उदाहरण समझ सकते हैं। इस वर्ष को UN, International Year of Millets के रूप में मना रहा है। मिलेट्स, superfood भी है, environment friendly भी है और छोटे किसानों को भी सपोर्ट करता है। और इसमें फूड प्रोसेसिंग बिजनेस में भी अपार संभावनाएं हैं। यानि ये lifestyle और economy, हर लिहाज़ से win-win model है। इसी प्रकार हम circular economy को भी देखते हैं। इसमें भी बिजनेस के लिए बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। भारत में हम ग्रीन एनर्जी पर बहुत अधिक बल दे रहे हैं। हमारा प्रयास है कि solar energy capacity में जो सफलता भारत को मिली है, इसको हम Green Hydrogen के सेक्टर में भी दोहराएं। भारत की कोशिश इसमें भी दुनिया को साथ लेकर चलने की है और ये कोशिश इंटरनेशनल सोलर अलायंस के तौर पर भी दिखाई देती है।

Friends,

Post-Corona World में आजकल हम देखते हैं कि अपनी हेल्थ को लेकर सभी बहुत conscious हो गए हैं। Health consciousness डाइनिंग टेबल पर तो तुरंत दिखती है, जब हम कुछ खरीदते हैं, जो खाते हैं, जो काम करते हैं, हर चीज में ये जरूर देखते हैं कि इसका हेल्थ पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हर कोई सोचता है कि कहीं मुझे तकलीफ तो नहीं हो जाएगी, लंबे समय मुझे मुश्किल तो नहीं हो जाएगी। हमें सिर्फ आज की चिंता नहीं होती, बल्कि ये भी सोचते हैं कि आगे चलकर भी इसका क्या प्रभाव होगा। मेरा मानना है, यही सोच, बिजनेस और सोसायटी की planet को लेकर भी होनी चाहिए। जितनी चिंता मुझे मेरे health के लिए हो और मेरी रोजमर्रा की जिंदगी में वो मेरा तराजू हो तो मेरी रोजमर्रा की जिंदगी में planet को क्या impact होगा, उसकी health का क्या होगा ये भी तो हमारी जिम्मेदारी है। हर फैसले से पहले ये जरूर विचार किया जाना चाहिए कि इसका हमारी धरती पर क्या असर होगा। मिशन LiFE यानि lifestyle for environment के पीछे यही भावना है। इसका मकसद दुनिया में pro-planet people इस प्रकार का एक समूह तैयार करना, एक आन्दोलन खड़ा करना है। हर lifestyle डिसिजन का, बिजनेस वर्ल्ड पर कुछ ना कुछ प्रभाव जरूर पड़ता है। जब lifestyle और business दोनों pro-planet होंगे तो अनेक समस्याएं वैसे ही कम हो जाएंगी। हमें इस बात पर बल देना होगा कि अपने जीवन, अपने बिजनेस को हम कैसे environment के हिसाब से ढालें। भारत ने बिजनेस के लिए ग्रीन क्रेडिट का framework तैयार किया है। हम लोग इतने दिनों से Carbon Credit में ही उलझे हुए हैं और कुछ लोग Carbon Credit का मजा भी ले रहे हैं। मैं दुनिया के सामने Green Credit की बात लेकर के आया हूं। Green Credit जो ‘planet positive’ actions पर जोर देता है। मैं ग्लोबल बिजनेस के सभी दिग्गजों से आग्रह करता हूं, वो इससे जुड़ें और इसे एक ग्लोबल मूवमेंट बनाएं।

Friends,

हमें बिजनेस की ट्रेडिशनल अप्रोच पर भी विचार करना होगा। हम सिर्फ अपने प्रोडक्ट, अपने ब्रांड, अपनी सेल की चिंता तक सीमित रहें, ये काफी नहीं है। एक बिजनेस के रूप में हमें एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने पर भी बल देना होगा, जो लॉन्ग टर्म में भी लाभ देता रहे। अब जैसे भारत ने बीते समय में जो पॉलिसी इंप्लीमेंट की हैं, उनके कारण सिर्फ 5 वर्ष में ही लोग करीब-करीब साढ़े 13 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं। ये जो गरीबी से ऊपर आने वाले लोग हैं, जो निओ मिडिल क्लास हैं और मैं मानता हूं यही सबसे बड़े कंज्यूमर हैं, क्योंकि वो एक नए aspirations के साथ आते हैं। जो निओ मिडिल क्लास भी, भारत की ग्रोथ को मोमेंटम दे रहा है। यानि सरकार ने गरीबों के लिए जो काम किया, उसके net beneficiary हमारे मिडिल क्लास भी हैं और हमारे MSME’s भी हैं। कल्पना कीजिए, कि pro-poor governance पर फोकस करने से आने वाले 5-7 सालों में कितना बड़ा मिडिल क्लास तैयार होने वाला है। इसलिए हर बिजनेस को ज्यादा से ज्यादा लोगों की, और ये जो purchasing power बढ़ रहा है, उस purchasing power मिडिल क्लास का जैसे-जैसे बढ़ता है तो सीधा-सीधा वो बिजनेस पर बहुत बड़ा इंपैक्ट क्रिएट करता है। और हमें इन दोनों पर एक समान रूप से कैसे फोकस करना है। हमारा फोकस अगर self-centric रहा तो मैं नहीं मानता हूं कि हम खुद का भी भला कर पाएंगे और दुनिया का भी भला कर पाएंगे। ये चुनौती हम क्रिटिकल मैटेरियल, रेयर अर्थ ऐसे कई मेटल के मामले में अनुभव भी कर रहे हैं। ये ऐसी चीज़ें हैं जो कहीं बहुत अधिक हैं, कहीं है ही नहीं, लेकिन ज़रूरत पूरी मानव जाति को है। जिसके पास है, वो अगर इन्हें Global responsibility के रूप में नहीं देखेगा तो ये एक नए colonialism के model को बढ़ावा देगा और ये मैं बहुत गंभीर चेतावनी दे रहा हूं।

Friends,

A profitable market can be sustained when there is a balance in the interests of producers and consumers. This also applies to nations. Treating other countries only as a market will never work. It will harm even the producing countries sooner or later. Making everyone equal partners in progress is the way forward. There are many global business leaders here. Can we all give more thought to how to make businesses more consumer-centric? These consumers could be individuals or countries. Their interests need to be taken care of as well. Can we think of some sort of a yearly campaign for this? Every year, can global businesses come together to pledge themselves for the good of the consumers and their markets?

साथियों,

क्या दुनिया भर में सारे बिजनेस मिलकर साल का कोई ऐसा दिन तय कर सकते हैं, जिसे consumers को समर्पित किया जा सके। दुर्भाग्य देखिए, हम कंज्यूमर राइट्स की बात करते हैं, कंज्यूमर राइट्स का डे भी मनाता है दुनिया, उनको करना पड़ रहा है। क्या हम इस चक्र को बदलकर के जैसे carbon credit छोड़कर के green credit पर जाए वैसे कंज्यूमर राइट्स डे की दुनिया पर मजबूरी के बजाय हम कंज्यूमर केयर की बात करने का नेतृत्व ले सकते हैं। एक बार हम कंज्यूमर केयर डे मनाना शुरू करें, आप कल्पना कीजिए कितने बड़े पॉजिटिक सिग्नल्स के साथ एनवायरमेंट बदल जाएगा। अगर कंज्यूमर केयर की बात होगी, तो राइट्स से जुड़े उनके मुद्दे अपने आप सॉल्व हो जाएंगे साथियों। इसलिए इंटरनेशनल कंज्यूमर केयर डे ऐसी व्यवस्था पर मैं चाहूंगा कि आप सब साथी मिलकर के कुछ सोचिए। इससे बिजनेस और कंज्यूमर के बीच ट्रस्ट को और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। और हमें याद रखना है कि कंज्यूमर सिर्फ एक geography के भीतर के रिटेल कंज्यूमर ही नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग देश भी हैं, जो global trade, global goods and services के consumer हैं।

साथियों,

आज जब दुनिया के बड़े बिजनेस लीडर्स यहां जुटे हैं, तब हमारे सामने कुछ और बड़े सवाल भी हैं। इन सवालों के उत्तर से ही बिजनेस और humanity का भविष्य तय होगा। और इनके जवाब के लिए आपसी सहयोग जरूरी है। चाहे क्लाइमेट चेंज का विषय हो, एनर्जी सेक्टर की क्राइसिस हो, फूड सप्लाई चेन का असंतुलन हो, वॉटर सिक्योरिटी हो, साय़बर सिक्योरिटी हो, ऐसे कितने ही विषय हैं जो बिजनेस पर बड़ा Impact डालते हैं। इससे मुकाबला करने के लिए हमें अपने साझा प्रयास बढ़ाने होंगे। समय के साथ अब हमारे सामने ऐसे विषय भी जुड़ते जा रहे हैं, जिनके बारे में 10-15 साल पहले कोई सोच भी नहीं सकता था। अब जैसे क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी चुनौती है। इस मामले में ज्यादा से ज्यादा integrated approach की जरूरत है। मैं समझता हूं, इसके लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क बनाया जाना चाहिए, जिसमें सभी stakeholders का ध्यान रखना चाहिए।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी इसी प्रकार की अप्रोच की ज़रूरत है। आज AI को लेकर दुनिया बहुत excitement में दिख रही है। लेकिन excitement के बीच कुछ ethical considerations भी हैं। Skilling और re-skilling को लेकर, algorithm bias और सोसायटी पर उसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे विषयों को भी हम सबको मिलकर हल करना होगा। Global business communities और सरकारों को मिलकर ये सुनिश्चित करना होगा कि Ethical AI को विस्तार मिले। हमें अलग-अलग सेक्टर्स में potential disruptions को भांपना होगा। Disruption हर बार नजर आ रहा है और हम सोचते हैं, हिसाब लगाते हैं, उससे ज्यादा disruption का स्केल, उसका व्याप और उसकी गहराई गंभीर होती जा रही है। इस समस्या का global framework के तहत समाधान निकालना होगा। और साथियों, ऐसा नहीं है कि ऐसी चुनौतियां हमारे सामने पहली बार आई हैं। जब aviation sector बढ़ रहा था, जब financial sector बढ़ रहा था, तब भी दुनिया ने ऐसे फ्रेमवर्क बनाए हैं। इसलिए आज मैं B-20 को ये आह्वान करूंगा कि इन नए विषयों पर भी मंथन करे, चिंतन करे।

Friends,

Businesses have successfully gone beyond borders and boundaries. Now is the time to take businesses beyond just the bottomline. This can only be done by focusing on supply chain resilience and sustainability. I am sure that the B20 Summit has paved the way for a collective transformation. Let us remember that a connected world is not just about connection through technology. It is not only about shared social platforms but also about a shared purpose, shared planet, shared prosperity and a shared future.

Thank you.

Thank You Very Much!

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अजमेर से शुरू किया गया HPV वैक्सीनेशन अभियान, देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम: राजस्थान में पीएम मोदी
February 28, 2026
Our government is committed to all-round development: PM
आज मुझे अजमेर से राष्ट्रव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने, कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ: प्रधानमंत्री
The HPV vaccination campaign has commenced from Ajmer, this campaign is a significant step towards empowering the Nari Shakti of the country: PM
The double-engine government is moving forward by taking both Rajasthan’s heritage and development together: PM
The campaign to link rivers started by our government will significantly benefit Rajasthan: PM
There is no shortage of sunlight in Rajasthan, this very sunshine is becoming a source of savings and income for the common man: PM
A very significant role is being played by the PM Surya Ghar Free Electricity Scheme, this scheme has the power to change Rajasthan's destiny: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।