2017 में संसद का आज सत्र आरंभ हो रहा है। राष्ट्रपति जी का उद्बोधन , बजट और काफी लम्बे समय तक सत्र के दरमियां अनेक विषयों पर संवाद। पिछले दिनों सभी राजनीतिक दलों के साथ सामूहिक रूप से, व्यक्तिगत रूप से लगातार चर्चा हुई है। सत्र का सर्वाधिक उपयोग जनहित के लिए हो, सार्थक चर्चा हो, बजट की भी बारीकी से चर्चा हो।
पहली बार बजट एक फरवरी को हो रहा है। आप सबको स्मरण होगा हमारे देश में पहले बजट शाम को पांच बजे प्रस्तुत किया जाता था। जब अटल जी की सरकार थी, तब से उसे समय परिवर्तित करके सुबह सदन प्रारंभ होते ही बजट शुरू हुआ।
आज एक और नयी परंपरा का प्रारंभ हो रहा है। एक तो बजट करीब एक महीने पहले आ रहा है। दूसरा इसके साथ रेल बजट भी जोड़ दिया गया है। सदन में इस पर व्यापक चर्चा होगी और उससे आने वाले दिनों में क्या लाभ होने वाले हैं, यह भी मुखर हो करके आएगा।
मैं सभी राजनीतिक दलों से, मेरा विश्वास है कि वह इस बार सदन को उत्तम चर्चा के साथ जनहित के काम को आगे बढ़ाने में उपयोग करेंगे।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
Published By : Admin |
January 31, 2017 | 11:13 IST
इस बार सामान्य और रेल बजट हो एक साथ लाने की वजह से यह बजट सत्र ऐतिहासिक होगा: प्रधानमंत्री
आशा करता हूं कि यह बजट अपने लाभदायक हो और सभी पार्टियां देश हित के मुद्दों पर खुलकर बात करें: प्रधानमंत्री
Login or Register to add your comment
Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam emphasising on positive thoughts and constructive habits
August 31, 2026
The Prime Minister, Shri Narendra Modi today shared Sanskrit Subhashitam emphasising the importance of cultivating positive thoughts and constructive habits. It reminds us that sustained focus and repeated practice shape the tendencies of the mind and, ultimately, influence our actions and conduct:
“यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः।
अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः।। “
The Prime Minister posted on X:
यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः।
अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः।।
यद् यदेव प्रसक्तं हि वितर्कयति मानवः।
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
अभ्यासात् तेन तेनास्य नतिर्भवति चेतसः।। pic.twitter.com/rBhf0fYls0


