जय जगन्‍नाथ, मंच पर विराजमान सभी वरिष्‍ठ महानुभाव। आजी पवित्र उत्‍कल दिवस, ओडिशा प्रतिष्‍ठा दिवस, समस्‍त ओडिशावासिन को ए अवसरे मोर अभिनंदन।

आज यह मेरा सौभाग्‍य है कि उत्‍कल दिवस के पावन अवसर पर मुझे जगन्‍नाथ जी की धरती पर आने का सौभाग्‍य मिला। इस उड़ीसा को बनाने के लिए, अनेक लोगों ने अपना जीवन खपा दिया, साधना की और आज उत्‍कल दिवस पर मैं विशेष रूप से उत्‍कल मणि पंडित गोपवंदु दास को प्रणाम करता हूं। उत्‍कल के गौरव मधुसुधन दास को नमस्‍कार करता हूं। वीर सुरेंद्र साई को प्रणाम करता हूं और महाराज कृष्‍णा चंद्र गज‍पति जी को मैं उनका पुण्‍य स्‍मरण करता हूं। यह बीरसा मुंडा की भी, क्रांति जोत से प्रज्‍वलित धरती है, मैं बीरसा मुंडा को भी प्रणाम करता हूं और आधुनिक ओडिशा बनाने के लिए बीजू बाबू को हर ओडिशा वासी हमेशा याद करता है। मैं इन सभी महानुभाव को और ओडिशा की जनता को हृदय से अभिनंदन करता हूं, उनको प्रणाम करता हूं और मैं आज के ओडिशा दिवस पर ओडिशावासियों को हृदय से बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। अभिनंदन करता हूं और ओडिशा विकास की नई ऊंचाईयों को पार करे। ओडिशा के नौजवानों का भविष्‍य ओजस्‍वी हो, तेजस्‍वी हो, सामर्थवान हो, राष्‍ट्र के कल्‍याण में ओडिशा की नई पी‍ढ़ी अपना अमूल्‍य योगदान देने के लिए उसको अवसर मिले।

उड़ीसा का किसान हो, उड़ीसा का मजदूर हो, उड़ीसा का मेरा मछुआरा भाई हो या उड़ीसा का आदिवासी हो। ये वो धरती हो। जिसके लिए पूरा हिंदुस्तान गर्व करता है, सम्मान करता है। यहां का सूर्य मंदिर आज भी हिंदुस्तान को प्रकाश दे रहा है, एक नई आशा का संचार करता है। ऐसी इस पवित्र भूमि को मैं आज नमन करता हूं।

मैं पिछले वर्ष, अप्रैल महीने के पहले सप्ताह राउरकेला की धरती पर आया था। शायद 4 अप्रैल को आया था और आज एक साल के भीतर-भीतर, दोबारा मैं आपके बीच आया हूं। मैं पिछले वर्ष आया था तब आपके सपनों को समझना चाहता था, आपकी आशा, आकांक्षाओं को समझना चाहता था। आज, जब मैं आया हूं तो मेरा एक साल का हिसाब देने के लिए आया हूं और लोकतंत्र में ये हमारा दायित्व बनता है कि हम जनता-जर्नादन को हमारे काम का हिसाब दें। पल-पल का हिसाब दें, पाई-पाई का हिसाब दें। भाईयों-बहनों, ये राउरकेला एक प्रकार से लघु भारत है। हिंदुस्तान का कोई कोना नहीं है जो राउरकेला में बसता नहीं है। राउरकेला में कुछ भी होता है, हिंदुस्तान पूरे कोने में उसका तुरंत vibration पहुंच जाता है और भारत के किसी भी कोने में कुछ भी क्यों न हो पल दो पल में राउरकेला में पता चल जाता है कि हिंदुस्तान के उस कोने में ये हुआ है। इतना जीवंत नाता संपूर्ण भारत के साथ, इस धरती का नाता है। यहां के लोगों का नाता है। एक प्रकार से राउरकेला को बनाने में भारत को इस्पात की ताकत देने में ये लघु भारत में, राउरकेला का बहुत बड़ा योगदान है।

भारत को एक करने का काम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया था और आजादी के बाद किसी शहर ने भारत को इस्पात की ताकत दी है तो वो शहर का नाम है राउरकेला। ये बज्र सा सामर्थ्य दिया है और जहां से बज्र सा समार्थ्य मिलता है, वो राष्ट्र कभी भी पीछे नहीं हटता है। विकास की नई ऊचांईयों को पार करता जाता है। यहां पर डॉक्टर राजेंद्र बाबू ने कई वर्षों पहले इस्पात के कारखाने की नींव डाली। यहां का जो मजदूर होगा, वो भी ये सोचता होगा कि मैं खनिज में से, आयरन में से मिट्टी जैसा जो लग रहा है, उसको कोशिश करके मैं स्टील तैयार करता हूं, मजबूत स्टील तैयार करता हूं, अच्छा स्टील तैयार करता हूं लेकिन राउरकेला के मेरे भाईयों-बहनों आप सिर्फ प्लेट नहीं बनाते। आप सिर्फ इतनी चौड़ाई इतनी मोटाई, इसकी सिर्फ प्‍लेट का निर्माण नहीं करते हैं। आप जो पसीना बहाते हैं, आप जो मेहनत करते हैं, उस भंयकर गर्मी के बीच खड़े रहकर के, आप अपने शरीर को भी तपा देते हैं। सिर्फ स्‍टील की प्‍लेट नहीं पैदा करते हैं आप भारत की सैन्‍य शक्ति में, भारत की सुरक्षा शक्ति में एक अबोध ताकत पैदा करते हैं, एक बज्र की ताकत पैदा करते हैं।

आज भारत सामुद्रिक सुरक्षा में indigenous बनने का सपना लेकर के चल रहा है। हमारे युद्धपोत हमारे देश में कैसे बने इस पर आज भारत का ध्‍यान है। लेकिन यह युद्धपोत इसलिए बनना संभव हुआ है, क्‍योंकि राउरकेला में कोई मजदूर भारत की सुरक्षा के लिए गर्मी के बीच खड़े रहकर के अपने आप को तपा रहा है, तब जाकर के भारत की सुरक्षा होती है, तब जाकर के युद्धपोत बनते हैं, तब जाकर के यहां बनाया, पकाया स्‍टील भारत की सुरक्षा के लिए काम आता है। दुश्‍मनों की कितनी ही ताकत क्‍यों न हो, उन ताकतों के खिलाफ लोहा लेने का सामर्थ्‍य हमारे सेना के जवानों में तब आता है, जब वो एक मजबूत टैंक के अंदर खड़ा है और दुश्‍मन के वार भी झेलता है और दुश्‍मन पर वार भी करता है। वो टैंक भारत में तब निर्माण होती है, जब राउरकेला में मजबूत स्‍टील तैयार होता है और इसलिए मेरे प्‍यारे भाईयों-बहनों दूर हिमालय की गोद में देश की सेना का जवान किसी टैंक पर खड़े रहकर के मां भारती की रक्षा करता है तो उसके अंदर आप के भी पुरूषार्थ की महक होती है। तब जाकर के राष्‍ट्र की रक्षा होती है और उस अर्थ में यह स्‍टील उत्‍पादन का काम राष्‍ट्र की रक्षा के साथ भी जुड़ा हुआ है।

यह स्‍टील उत्‍पादन का काम न सिर्फ ओडिशा के आर्थिक जीवन को, लेकिन पूरे देश के आर्थिक जीवन में एक नई ताकत देता है। इस पिछड़े इलाके में यह उद्योग के कारण रोजगार की संभावनाएं बढ़ी है। यहां के गरीब से गरीब व्‍यक्ति के लिए रोजी-रोटी का अवसर उपलब्‍ध हुआ है और आने वाले दिनों में उसके विकास के कारण और अधिक रोजगार की संभावनाएं होगी। विकास के और नए अवसर पैदा होने वाले हैं।

आज इस प्रोजेक्‍ट का Expansion हो रहा है और Expansion भी दो-चार कदम नहीं, एक प्रकार से उसकी ताकत डबल होने जा रही है। इस ताकत के कारण देश के इस्‍पात की क्षमता में बहुत बड़ी बढ़ोतरी होगी। देखते ही देखते हिंदुस्‍तान ने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है इस्‍पात के उत्‍पादन में। लेकिन अभी भी हम चाइना से काफी पीछे है और जब मैं मेक इन इंडिया की बात करता हूं, तो हमें किसी के पीछे रहना मंजूर नहीं। हमें उसमें आगे बढ़ना है। देश, 65% नौजवानों से भरा हुआ देश है। भारत मां की गोद में 65% 35 साल से कम उम्र के नौजवान मां भारती की गोद में पल रहे हैं, खेल रहे हैं। कितनी बड़ी ताकत है हमारे पास। उनको अगर अवसर मिलेगा, उन्‍हें अगर रोजगार मिलेगा, उनको अगर सही Skill Development होगा, तो यह हमारे नौजवान पिछले 60 साल में हिंदुस्‍तान जहां आ पहुंचा है 10 साल में उससे तेज गति में आगे ले जाएंगे, यह मुझे मेरे नौजवानों पर पूरा भरोसा है।

और इसलिए भाईयों-बहनों देश का औद्योगिक विकास हो। भारत के अंदर जो खनिज संपदा है। ये कच्चा माल विदेशों में भेजकर के, ट्रेडिंग करके, पेट भरकर के हमं गुजारा नहीं करना चाहिए। हमारी जो खनिज संपदा है। वो कच्चा माल, दुनिया के बाजार में बेचने से पैसा तो मिल जाएगा। ट्रेडिंग करने से अपना परिवार भी चल जाएगा। पांच-पचास लोगों का पेट भी भर जाएगा लेकिन भारत का भविष्य नहीं बनेगा और इसलिए हमारी कोशिश है कि भारत के पास जो कच्चा माल है, भारत के पास जो खनिज संपदा है। खान-खनिज में हमारा जो सामर्थ्य है। उसमें Value addition होना चाहिए, उसका Processing होना चाहिए, उसकी मूल्य वृद्धि होनी चाहिए और उसमें से जो उत्पादित चीजें हो, वो विश्व के बाजार में उत्तम प्रकार की चीजों के रूप में जाएगी तो भारत की आर्थिक संपन्न ताकत भी अनेक गुना बढ़ेगी और इसलिए हमारी कोशिश है कि हमारे देश में जो कच्चा माल है, उस कच्चे माल पर आधारित उद्योगों की जाल बिछाई जाए। नौजवानों को अवसर दिया जाए, बैंकों से धन उनके लिए उपलब्ध कराया जाए और देश में एक नई औद्योगिक क्रांति की दिशा में प्रयास हो।

भाईयो-बहनों एक समय था, भारत की ओर कोई देखने को तैयार नहीं था। पिछला एक दशक ऐसी मुसीबतों से गुजरा है कि जिसके कारण पूरे विश्व ने हमसे मुंह मोड़ लिया था लेकिन आज भाईयों-बहनों, मैं बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि 10 महीने के भीतर-भीतर निराशा के बादल छंट गए, आशा का सूरज फिर से एक बार आसमान के माध्यान पर पहुंचा हे और पूरे विश्व का ध्यान आज हिंदुस्तान के अंदर पूंजी निवेश की ओर लगा है। रेल हो, रोड हो, गरीबों के लिए घर हो, उद्योग हो, कारखाने हो, दुनिया के लोगों का ध्यान आज हिंदुस्तान की तरफ आया है और हम इस अवसर का फायदा उठाना चाहते हैं। हम विश्व को निमंत्रित करना चाहते हैं। आइए आप अपना नसीब आजमाइए। भारत की धरती उर्वरा है। यहां पर जो पूंजी लगाएगा, दुनिया में उसको कहीं जितना Return मिलता है, उससे ज्यादा Return देने की ताकत इस धरती के अंदर है और इसलिए मैं विश्व को निमंत्रित करता हूं और उस इलाके में करना चाहे।

मैं बेमन से कह रहा हूं कि भारत का विकास सिर्फ हिंदुस्तान के पश्चिम छोर पर होने से, भारत का संपूर्ण विकास नहीं हो सकता है। महाराष्ट्र आगे बढ़े, गुजरात आगे बढ़े, गोवा आगे बढ़े, राजस्थान आगे बढ़े, हरियाणा आगे बढ़े, पंजाब आगे बढ़े, इससे काम नहीं चलेगा। वो बढ़ते रहें और बढ़ते रहें, लेकिन देश का भला तो तब होगा, जब उड़ीसा भी आगे बढ़े, छत्तीसगढ़ बढ़े, बिहार आगे बढ़े, पश्चिम बंगाल आगे बढ़े, आसाम आगे बढ़े, पूर्वी उत्तर प्रदेश आगे बढ़े, पूरे हिंदुस्तान का नक्शा देखिए। पूर्वी भारत का इलाका, ये भी उतना ही आगे बढ़ना चाहिए, जितना की हिंदुस्तान का पश्चिमी किनारा आगे बढ़ा है और इसलिए भाईयों-बहनों मेरा पूरा ध्यान इस बात पर है कि भारत का पूर्वी इलाका उड़ीसा से लेकर के पूर्वी इलाका ये कैसे सामर्थ्यवान बने। कैसे विकास की यात्रा में भागीदार बने इसलिए सरकार की सारी योजनाएं विकास की उस दिशा में ले जाने का हमारा प्रयास है, हमारी कोशिश है।

अब तक ये परंपरा रही दिल्ली वाले, दिल्ली में बैठने वाले ऐसे अहंकार में जीते थे कि राज्यों को वो छोटा मानते थे, नीचा मानते थे। हमने इस चरित्र का बदलने का फैसला किया है। ये परंपरा मुझे मंजूर नहीं है। केंद्र हो या राज्य हो बराबरी के भागीदार है, कोई ऊंच नहीं है, कोई नीच नहीं है, कोई ऊपर नहीं है, कोई नीचे नहीं है। कोई देने वाला नहीं, कोई लेने वाला नहीं, दोनों मिलकर के आगे बढ़ने वाले पार्टनर है, उसी रूप में देश को चलाना है और इसलिए हमने कोपरेटिव फेडरेलिज्‍म की बात कही है। भाईयों-बहनों राज्‍यों ने हमसे कुछ मांगा नहीं था। लेकिन हम मानते थे, क्‍योंकि मैं खुद अनेक वर्षों तक मुख्‍यमंत्री रहा हूं और देश में पहली बार लम्‍बे अर्सें तक रहा हुआ व्यक्ति प्रधानमंत्री बना है और इसलिए उसको मुख्‍यमंत्री की तकलीफें क्‍या होती है, राज्‍य की मुसीबतें क्‍या होती है। उसकी भली-भांति समझ है। मैं दिल्‍ली में बैठकर के भी ओडिशा के दर्द को भली-भांति समझ सकता हूं, पहचान सकता हूं, क्‍योंकि मैंने राज्‍य में काम किया है। एक जमाना था, यहां का खनिज खदानें आपके पास, लेकिन रोयल्‍टी के लिए दिल्‍ली के चक्‍कर काटने पड़ते थे। हमारी सरकार बनने के कुछ ही दिनों में हमने निर्णय कर लिया। कई वर्षों से जो रोयल्‍टी का मामला अटका था, उसका निपटारा कर दिया और रोयल्‍टी में हमने बढ़ोतरी कर दी, क्‍योंकि हम मानते हैं अगर धन राज्‍यों के पास होगा, तो राज्‍य भी विकास के लिए पीछे नहीं हटेंगे और इसलिए हमने इस काम को किया।

भाईयों बहनों Finance Commission के द्वारा राज्‍यों को पैसे दिये जाते हैं । पिछले वर्ष ओडिशा को भारत सरकार की तरफ से Finance Commission ने करीब 18 हजार करोड़ रुपया दिया था। भाईयों बहनों हमने आते ही 60 साल में पहुंचते-पहुंचते 18 हजार करोड़ पहुंचा था। हमने एक ही पल में 18 हजार करोड़ का 25 हजार करोड़ कर दिया, 25 हजार करोड़। अगर राज्‍य आगे बढ़ेंगे तो देश आगे बढ़ेगा। राज्‍य मिलजुलकर के प्रगति करेंगे तो देश प्रगति करेगा। इस मंत्र को लेकर के हम आगे चल रहे हैं और मुझे विश्‍वास है कि जिस प्रकार से एक के बाद एक भारत सरकार ने विकास के नये आयामों को छूने का प्रयास किया है। जो राज्‍य Progressive होगा, जो राज्‍य लम्‍बे समय की योजनाओं के साथ इस धन का उपयोग करेगा, वो राज्‍य हिंदुस्‍तान में नंबर एक पहुंचने में देर नहीं होगी। यह मैं आपको विश्‍वास दिलाने आया हूं। अब जिम्‍मेवारी राज्‍यों की बनती है कि वे विकास के मार्ग तय करें, Infrastructure पर बल लगाए। तत्‍कालीन लाभ वाला कार्यक्रम नहीं लम्‍बे समय के लिए राज्‍य को ताकत देने वाला कार्यक्रम हाथ में लें आप देखिए आने वाली पीढि़या सुखी हो जाएगी और ओडिशा में वो ताकत पड़ी है। स्‍वर्णिम इतिहास रहा है, स्‍वर्णिम काल रहा है उडिया का। फिर से एक बार वो स्‍वर्णिम काल आ सकता है, उडिया का और मैं साफ देख रहा हूं वो अवसर सामने आकर के खड़ा है। भाईयों और बहनों आप जानते है।

कभी ओडिशा के लोगों को लगता होगा कि हमारा ऐसा नसीब है कि कोयले की काली मां हमारे पर छाई हुई है। कुछ मिलता नहीं था। कोयला बोझ बन गया था, आज कोयले को हमने हीरा बना दिया, हीरा बना दिया भाई, कोयले की खदानों का Auction किया, जो कोयले को हाथ लगाने से लोग डरते थे, आज उस कोयले को हीरे में प्रवर्तित करने का हमने काम किया। जब CAG की रिपोर्ट आई थी, उसने कहा था कि कोयले की खदानों की चोरी में देश के खजाने का एक लाख 76 हजार करोड़ रुपया लूट लिया गया है। मैं पिछले अप्रैल में मैंने भाषण में यह कहा था, तब मुझे कई लोग कहते थे कि साहब एक लाख 76 हजार नहीं होगा, थोड़ा बहुत लिया होगा, लेकिन इतना नहीं लिया होगा। कई लोग कहते थे साहब एक लाख 76 हजार नहीं होगा। थोड़ा बहुत लिया होगा लेकिन इतना नहीं लिया होगा। कुछ लोग कहते थे। लोग कहते थे, तो मैं भी भई ज्यादा Argument नहीं करता था। CAG ने कहा है लेकिन भाईयों-बहनों सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार में दे दी गई 204 Coal mines को, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया। ये चोर-लूटेरे की जो बंटवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने लाल आंख दिखाई। 204 कोयले की खदानें रद्द हो गईं। हमने तय किया। हम Transparent पद्धति से Auction करेंगे, नीलामी करेंगे, दुनिया के सामने खुलेआम निलामी करेंगे, मीडिया के लोगों की हाजिरी में नीलामी करेंगे और मेरे भाईयों-बहनों 204 में से अभी सिर्फ 20 की नीलामी हुई है, ज्यादा अभी बाकी है सिर्फ 20 की और आपको मालूम है, जिन 204 खदानों से हिंदुस्तान की तिजोरी में एक रुपया नहीं आता था। सिर्फ 20 की नीलामी से दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रकम सरकार के खजाने में आई है और ये पैसे दिल्ली के खजाने में जमा नहीं करेंगे। जिन राज्यों में कोयले की खदाने हैं, ये पैसे उनके खजाने में जाएंगे। उड़ीसा के खजाने में जाएंगे, छत्तीसगढ़ के खजाने में जाएंगे, झारखंड के खजाने में जाएंगे। राज्य में ताकत आएगी। भाईयों-बहनों, ईमानदारी के साथ अगर काम करें तो कितना बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। ये उदाहरण आपके सामने है।

ये लोग जिम्मेवार नहीं हैं क्या? क्या उन्हें जवाब देना नहीं चाहिए? ये दो लाख करोड़ रुपया 20 खदानों का आया कहां से? तो पहले पैसे गया कहां था? भाईयों-बहनों मैंने आपको वादा किया था। दिल्ली में आप अगर मुझे सेवा करने का मौका देंगे तो ऐसा कभी कुछ नहीं करुंगा ताकि मेरे देशवासियों को माथा नीचे कर करके जीना पड़े और आज मैं सीना तानकर के आपके सामने हिसाब देने आया हूं, 10 महीने हो गए सरकार को एक दाग नहीं लगा मेरे भाईयों बहनों, एक दाग नहीं लगा मेरे भाईयों-बहनों। भाईयों-बहनों अभी हमने नए कानून पास किए। minerals के संबंध में कानून पास किया और मैं नवीन बाबू का आभारी हूं कि संसद में उन्होंने हमारा समर्थन किया तो राज्यसभा में भी वो बिल मंजूर होने में हमारी सुविधा हो गई और हम मिलकर के देश हित के निर्णयों को करते चलेंगे और देश हित में हम काम करते जाएंगे।

भाईयों-बहनों मैं जब पिछली बार आया था तब तो मैं प्रधानमंत्री नहीं था लेकिन यहां के लोगों ने मेरे सामने एक मांग रखी थी। राजनीति का स्वभाव ऐसा है कि पुरानी बातें भुला देना, जितना जल्दी हो सके भुला देना लेकिन मेरे भाईयों-बहनों, मैं राजनेता नहीं हूं, मैं तो आपका सेवादार हूं। मुझे पुरानी बातें भुलाने में Interest नहीं है। मैं तो खुद होकर के याद दिलाना चाहता हूं और मैंने गत वर्ष 4 अप्रैल को इसी मैदान से, मैंने जो घोषणा की थी तब प्रधानमंत्री नहीं था। आपने प्रधानमंत्री बनाया और आज जब मैं पहली बार आया हूं, तो मैं उस वादे को पूरा करते हुए बताना चाहता हूं कि इस्पात General hospital, अब इस्पात General hospital, ये मेडिकल कॉलेज cum Super specialty Hospital के रूप में उसको विकसित करने का निर्णय भारत सरकार ने कर लिया है।

भाइयों-बहनों लेकिन मैं नहीं चाहता हूं, कि इस अस्‍पताल में आपको कभी patient बनकर के जाना पड़े। मैं आप उत्‍कल दिवस पर आपको शुभकामना देता हूं कि अस्‍पताल तो हिंदुस्‍तान में बढि़या से बढि़या बने, लेकिन बारह महीने खाली रहे। कोई बीमार न हो, किसी के परिवार में मुसीबत न हो, किसी को अस्‍पताल जाना न पड़े। लेकिन यहां के मेडिकल कॉलेज से होनहार नौजवान तैयार हो करके देश के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी तैयार हो। एक बात और भी हुई थी, ब्रहामणी नदी पर दूसरा ब्रिज बनाने की। मैं आपकी कठिनाई जानता हूं। आज मैं आपको विश्‍वास दिलाता हूं ब्रहामणी नदी पर दूसरे ब्रिज का काम भी कर दिया जाएगा और उसके कारण राउरकेला की connectivity कितनी बढ़ने वाली है इसका आपको पूरा अंदाज है भाईयों-बहनों।

भाईयों-बहनों आज मैं दूर से ही जगन्‍नाथ जी को प्रणाम करते हुए उनके आर्शीवाद ले रहा हूं, लेकिन पूरा ओडिशा और एक प्रकार से देश और दुनिया के जगन्‍नाथ के भक्‍त नव कलेवर के लिए तैयारी कर रहे हैं। कई वर्षों के बाद नवकलेवर आता है। पूरा ओडिशा पूरे विश्‍व का स्‍वागत करने के लिए सजग हो जाता है। रेल की सुविधा चाहिए, हवाई जहाजों की सुविधा चाहिए और कोई – संबंधी आवश्‍यकताएं हो satiation जैसी आवश्‍यकता हो, भारत सरकार कंधे से कंधा मिलाकर के ओडिशा के इस नवकलेवर पर्व में आपका साथ देगी और ऊपर से इस काम को आगे बढाने के लिए 50 करोड़ रुपया भारत सरकार की तरफ से भी इसमें मुहैया किया जाएगा।

भाईयों-बहनों आज इस्पात के इस कारखाने के Expansion के साथ हम आगे तो बढ़ेंगे और आगे बढ़नें का संकल्प लेकर जाएंगे, विकास की नई ऊंचाइयों पर आगे बढ़ेंगे और मैं राज्यों को निमंत्रित करता हूं। आईए एक नए युग का ये शुभारंभ करने का अवसर है। लंबी सोच के साथ हम विकास की नींव मजबूत बनाएं। तत्कालीन फायदे से मुक्त होकर के हमारी भावी पीढ़ी के कल्याण के लिए हम अपने रास्तों को प्रशस्त करें।

मैं फिर एक बार SAIL के सभी मित्रों को हृदय से अभिनंदन करता हूं। यहां के छोटे-मोटे इस्पात के कारखानों के मेरे भाईयों-बहनों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। मैं उड़ीसा Government का बहुत आभारी हूं और मैं कल्पना नहीं कर सकता हूं भाईयों-बहनों। मैं नहीं मानता हूं कि कभी सरकार किसी कार्यक्रम में इतनी भीड़ आती हो। चारों तरफ मुझे लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। आपने मुझे जो प्यार दिया है, ये प्यार एक प्रकार से विकास के प्रति आपके समर्थन की अभिव्यक्ति है। देश के नौजवानों के भविष्य को बदलने के लिए आपके संकल्प की अभिव्यक्ति है। हिंदुस्तान के गरीब को, किसान को ताकतवर बनाने के, आपके सपनों को पूरा करने का जो संकल्प है, उसका खुला समर्थन करने का आपका ये प्रयास है। मैं इसके लिए मेरे उड़ियावासियों को शत-शत नमन करता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद करते हुए। जय जगन्नाथ-जय जगन्नाथ-जय जगन्नाथ।

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जय केरलम... जय केरलम...

जय विकसिता केरलम... जय विकसिता केरलम

केरलत्तिले एंडे प्रियप्पेट्टा….

सहोदरी सहोदरनमारे, एल्लावर्कम एंडे नमस्कारम।

सर्वप्रथम मैं भगवान श्रीवल्लभन के चरणों में प्रणाम करता हूं।

तिरुवल्ला की इस पवित्र धरती से मैं सबरीमला तीर्थ को, और स्वामी अय्यप्पा को भी प्रणाम करता हूं।

मैं सबसे पहले तो छोटी बिटिया को आशीर्वाद देता हूं जो बढ़िया चित्र बनाकर मुझे भेंट किया है। उधर भी एक नौजवान ने मेरी मां का चित्र मुझे दिया है। मैं इन सबका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। इस बेटी को आशीर्वाद देता हूं। मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले इस चुनाव में जो कैंडिडेट है उनसे आग्रह करता हूं कि कैंडिडेट सारे आगे आ जाएं। कैंडिडेट वहां खड़ें हो जाएं जरा। मैं एक दो मिनट जाकर के आता हूं आपके पास।

आज तिरुवल्ला में इतनी बड़ी संख्या में आप सबकी उपस्थिति...NDA पर आप लोगों का ये भरोसा... मेरी माताओं-बहनों का ये स्नेह और विश्वास...पूरे केरलम में आज ऐसा ही माहौल दिख रहा है। मुझे निकट से केरलम के चुनाव देखने का अवसर मिला है। मैं पहले भी आया हूं लेकिन इस बार हवा का रूख कुछ और है। लोगों का मिजाज कुछ और है। केरलम में अब सबसे बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। 9 अप्रैल को वोटिंग और 4 मई को दशकों के कुशासन का अंत की घोषणा....अब ये पक्का हो चुका है....LDF सरकार के जाने का काउंट डाउन शुरू हो चुका है...केरलम में पहली बार बीजेपी और NDA की सरकार आने वाली है।

इस चुनाव में केरलम का तो फायदा होने वाला है लेकिन मेरा एक निजी नुकसान होने वाला है। आपको लगता होगा ऐसी क्या बात है कि केरलम का फायदा होगा और मोदी का नुकसान होगा। जी मेरा व्यक्तिगत नुकसान होने वाला है। आपके मन में होता होगा क्या है बताऊं... बताऊं आपको। ऐसा है ये जो अनूप लड़ रहा है ना चुनाव आपके यहां.. ये पिछले पांच साल से मेरे साथ काम करता है। और देश भर में घूमकर के चीजें खोज कर के लाता है। यानि एक प्रकार से मेरा डेडिकेटेड साथी रहा है। एक प्रकार से ऐसे कामों के लिए वो मेरा बांया हाथ बन गया है। और कभी भी, शायद यहां भी कई लोगों को पता नहीं होगा कि अनूप मेरे साथ इतने सालों से है। कभी बोलता नही है और मैंने इसकी शक्तियों को जाना है। चूपचाप काम करना। अपने काम के लिए दिन रात जुटे रहना। मैंने ऐसा नौजवान मुझे मिला मेरा बहुत काम हो गया। लेकिन मैंने देखा कि जब केरलम को इस नौजवान की सेवाओं का फायदा होगा तो मैंने कहा मेरा भले ही नुकसान हो जाए लेकिन मैं आज अनूप को आपको सुपुर्द करने के लिए आया हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

तिरुवल्ला केरलम में विकास के नए युग की शुरुआत का केंद्र बनकर उभरा है। मैं इस जनसमर्थन के लिए तिरुवल्ला की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। तिरुवल्ला के लोगों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है। तिरुवल्लयिले जनंगलुडे विश्वासमाण्, यंगलुडे एट्टवुं वलिय शक्ति।

एंडे सुहुर्तगले,

अभी दो-तीन दिन पहले जब मैं दिल्ली में था...मेरी केरलम के बीजेपी कार्यकर्ताओं से फोन पर लंबी चर्चा हुई। मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र, इतने छोटे केरलम में 5 हजार से ज्यादा शक्ति केंद्र में बीजेपी के एक लाख 25 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता मेरे साथ फोन पर जुड़े थे। और तीस-चालीस मिनट इस चर्चा में मैंने देखा, साफ दिखा कि केरलम की जनता ने LDF सरकार की विदाई पक्की कर ली है। इस चुनाव में मेहनत कर रहे सभी बीजेपी-एनडीए कार्यकर्ताओं की मैं हृदय से सराहना करता हूं, उनका बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

एंडे सुहुर्तगले,

मैं केरलम की ताकत को देख रहा हूं। अभी मेरा हेलीकॉप्टर जहां लैंड हुआ, हेलीपैड से यहां तक मैं आया, जितने लोग यहां हैं ना इससे ज्यादा लोगो वहां रोड शो में खड़े थे। मेरे लिए बड़ा सरप्राइज था... रोड शो का कार्यक्रम नहीं था, लेकिन पूरे रास्ते भर मैं देख रहा था। लोग ह्यूमन चेन की बात करते हैं लेफ्ट के लोग, आज यहां के लोगों ने ह्यूमल वॉल बनाकर के दिखा दिया।

एंडे सुहुर्तगले,

हमारे केरलम को ईश्वर ने अपार संसाधन और संभावनाएं दी हैं।
यहाँ समंदर में ब्लू इकोनॉमी के असीम अवसर हैं। यहाँ उद्योगों के लिए संभावनाएं हैं। पर्यटन के क्षेत्र में कितना बड़ा potential है। लेकिन फिर भी, केरलम विकास की दौड़ में बाकी राज्यों से लगातार पिछर रहा है..पिछरते-पिछरते जा रहा है।

एंडे सुहुर्तगले,

LDF-UDF की सरकारों ने कभी इस क्षेत्र की परवाह नहीं की।
यहाँ कनेक्टिंग रोड्स का हाल बेहाल है। मुझे आपके ही साथी बता रहे थे कि यहां कई बरसों से एक भी बड़ा पुल नहीं बना है। कोट्टयम में मेडिकल कॉलेज की हालत इतनी खराब है कि उसका वर्णन करना मुश्किल है। जहां बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी कमी हो, वहां आपकी क्वालिटी ऑफ लाइफ कैसी होगी, इसका अंदाजा हर कोई लगा सकता है।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम में कभी BJP सरकार नहीं रही। लेकिन, आप सब के आशीर्वाद से, देश की जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम केंद्र सरकार के जरिए केरलम के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। जब कांग्रेस दिल्ली में सत्ता में थी.. और एलडीएफ-यूडीएफ दोनों मिलकर के दिल्ली में सरकार चलाते थे, उस समय जो केरलम को मदद मिली.उसकी तुलना में NDA सरकार ने मोदी सरकार ने 5 गुना ज्यादा पैसा केरलम को भेजा है।

एंडे सुहुर्तगले,

बीजेपी-एनडीए को आपकी Ease of Living और क्वालिटी ऑफ लाइफ, दोनों की चिंता है। हमने पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को पक्के घर दिये हैं। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव पाइप से पानी पहुंचाने का काम हो रहा है। यहां रबर के किसान बड़ी संख्या में रहते हैं...केरलम के किसानों को हमने पीएम-किसान सम्मान निधि के जरिए Around thirteen thousand करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई है। इससे रबर के किसानों को भी मदद मिली है।

साथियों,

नॉर्थ-ईस्ट में ईसाई समाज की संख्या बहुत अधिक है। एक राज्य को छोड़कर के नॉर्थ-ईस्ट के सात राज्यों में एनडीए की सरकार है और वहां पिछले 50-60 साल में जो काम नही हुआ है वो हमने कर के दिखाया है। गोवा में ईसाई समाज निर्णायक है। गोवा के अंदर लगातार बिजेपी की एनडीए की सरकार है, गोवा विकास के नए ऊंचाइयों को छू रहा है।
केरलम में भी NDA सरकार बनेगी तो विकास की नई ऊंचाइयों को पाएंगे, स्थानीय किसानों और फिशरमेन की हर समस्या का हम समाधान करेंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

केंद्र की NDA सरकार ही केरलम में आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर ज़ोर दे रही है। हम यहाँ नेशनल हाइवेज बनाने को गति दे रहे हैं। रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया गया है। यहाँ रेलवे लाइनों की डबलिंग का काम भी पूरा हो गया है। कोट्यम से अब हाइस्पीड आधुनिक वंदेभारत ट्रेन भी चलाई जा रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

यहां सबरीमला रेलवे प्रोजेक्ट इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को खोल सकता है। इससे सबरीमला तक सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी... स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी...और मेरे नौजवान मित्रों को मेरे युवा साथियों के लिए रोजगार के नए-नए रास्ते खुलेंगे। लेकिन साथियों, आपको ये बात हमेशा याद रखनी है। यहां प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की जगह उसको लटकाए रखा! तिरुवल्ला को इसका बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार आएगी, तो ऐसी सभी रुकावटें हटेंगी। और ये मोदी की गारंटी है। NDA की राज्य सरकार में केरलम तेज गति से विकास की राह पर आगे बढ़ेगा।
एनडीए सरकारिनु कीड़िल केरलम
कसनत्तिन्टे पातयिल अतिवेगम मुन्नेरुम।

एंडे सुहुर्तगले,

NDA की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ अगर किसी वर्ग को होता है, तो वो मेरी माताएं-बहने महिलाओं को होता है। महिलाओं का सशक्तिकरण, महिलाओं का प्रतिनिधित्व....ये हमारी प्राथमिकता है। हमने महिलाओं के जीवन से जुड़ी हर समस्या के समाधान का प्रयास किया है। हमने घर घर शौचालय बनवाए, जनधन खाते खुलवाए, महिलाओं के नाम उनके घर महिलाओं के नाम पर बनवाए...मुद्रा लोन के जरिए अपना कारोबार शुरू करने वालों में भी बड़ी हिस्सेदारी महिलाओं की है। उनको बैंक से पैसा मिला है। हम वूमन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को भी लाखों करोड़ रुपए की मदद दे रहे हैं। लखपति दीदी का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। पहले मैंने तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था। देश में तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी अब मैंने और नाइनटीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। केरलम में बीजेपी सरकार आएगी, तो यहाँ भी डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ मेरी माताओं, बहनों को, बेटियों को, महिलाओं को मिलने वाला है। आपने देखा होगा, अभी हमने एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है। भविष्य में माताओ-बहनों को कैंसर ना हो, इसलिए 13-14 साल की बच्चियों को उनकी जांच करके वैक्सीन लेने की योजना है। ये भविष्य में हमारी माताओ-बहनों को, ये बटियां जब बड़ी हो जाएंगी, वो कैंसर से बच पाएगी। इतना बड़ा काम आज देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए, माताओं के लिए एनडीए-भाजपा सरकार कर रही है।

एंडे सुहुर्तगले,

ये हमारी ही सरकार है जिसने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को thirty three percent reservation दिया है। और आप सभी की जानकारी में है कि बजट सत्र का हमने पूर्णाहुति करने वी बजाए उसका विस्तार किया है। तीन दिन के लिए 16-17 और 18 अप्रैल को संसद फिर से मिलने वाली है। आपको पता है क्यों मिलने वाली है। जो कानून हमने पारित किया है। 33 पर्सेंट महिलाओं के लिए 2029 में लोकसबा के चुनाव से इसका लाभ मिलना शुरू हो जाए। 33 पर्सेंट बहनें पार्लियामेंट में आकर बैठे। इसके लिए कानून बनाने की जरूरत है। जैसे पार्लियामेंट ने सर्वसम्मति से महिला आरक्षण बिल पास किया था बैसे ही 16-17 -18 को दो काम करने हैं। केरल हो तमिलनाडु हो और बाकी राज्य हो, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, लोग झूठ फैला रहे हैं कि जनसंख्या कम हो रही हैं तो सीटें कम हो जाएगी। हम इस बार पार्लियामेंट में पक्का करना चाहते हैं कि पार्लियामेंट में कानून में ठप्पा लगाना चाहते हैं कि केरल हो, तमलनाडु हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो, गोवा हो, तेलंगाना हो कहीं पर भी लोकसभा की सीटें कम ना हो, इसका ठप्पा लगाने के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए जो सीटें होंगी वो अतिरिक्त सीटें बढ़ जाएं इतना बड़ा फायदा हमारे दक्षिण भारत के राज्य को मिले इसके लिए हम कानून संशोधन के लिए हम सत्र बुला रहे हैं। हमने कांग्रेस के लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया। हम आशा करते हैं कि वो हमारी बात मानकर के आएंगे।

हमने इंडिया एलायंस के मित्रों से बात की है। आप ही लोगों को बताइए, कांग्रेस के लोगो को बताइए, एलडीएफ के लोगों को बताएं कि महिलाओं के अधिकार ये कानून निर्विरोध पास होना चाहिए। ये उन से वादा लीजिए आपलोग । और में उनसे भी प्रार्थना करता हूं कि मेरी माताओं-बहनों का ये हक 40 सालों से लटका हुआ है। अब 2029 के चुनाव में फिर से लटकना नहीं चाहिए। इसलिए मैं सभी राजनीतिक दलों पर देश की माताएं-बहनें दबाव डालें। सब संसद में आएं और इस कानून को पारित करें। महिला जनप्रतिनिधियों की संख्या इस विषय को देखते हुए नारीशक्ति वंदन कानून में संशोधन किया जाएगा। ये आवश्यक है कि ये संशोधन सर्वसम्मति से पास हो ताकि साल 2029 में होने वाले चुनाव में ही इसका लाभ हमारी माताओं -बहनों को मिलना शुरू हो जाए। मैं सभी दलों से आग्रह करूंगा कि ये नारीशक्ति से हित से जुड़ा काम है, इसलिए खुले मन से, कोई भी राजनीतिक हिसाब किए बिना पूर्ण समर्थन कर के माताओं-बहनों का विश्वास जीतने में आप भी भागीदान बनिए।

एंडे सुहुर्तगले,

आज केरलम में युवाओं का पलायन सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। केरलम में रोजगार के लिए यहाँ इंडस्ट्री लगाने की जरूरत है। रोजगार के लिए जरूरी है कि, यहाँ service sector बढ़े। start-ups को जगह मिले, skill को सही value मिले। लेकिन इन सबके आगे केरलम में सबसे बडी दीवार है- करप्शन और कम्यूनलिज्म। जब यहां करप्शन और कम्यूनलिज्म की दीवार टूटेगी, तभी केरलम का विकास होगा। और इसके लिए आपको LDF-UDF दोनों को हराना होगा।

एंडे सुहुर्तगले,

रोजगार की तलाश में यहाँ से लाखों युवा विदेशों में भी गए हैं। NRI के तौर पर भी वो केरलम की सेवा करते हैं। यहाँ अपनी आय का बड़ा हिस्सा remittance के तौर पर भेजते हैं। इसी का परिणाम है, ये क्षेत्र बैंकिंग कैपिटल बनकर उभरा है। लेकिन कांग्रेस ने आपके और आपके संबंधियों के खिलाफ एक बहुत खतरनाक काम किया है। मैं विस्तार से आपको ये बात बताना चाहता

एंडे सुहुर्तगले,

वेस्ट एशिया के युद्ध संकट ने कांग्रेस और उसके साथी दलों के मंसूबों को एक्सपोज कर दिया है। आज पूरा देश देख रहा है... खाड़ी के देशों में कैसे हालात बने हुये हैं। और वहां हमारे लाखों लोग केरल के मेरे भाई-बहन वहां काम कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जानबूझकर ऐसे बयान देते हैं... ऐसे बयान देते हैं... जिनसे वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाए ! वहां के लोगों को बीच में अविश्वास पैदा हो जाए। वहां की सरकार ये तो हमारी दोस्ती अच्छी है कि गल्फ की सभी सरकारें हमारे सभी भारतीयों को अपने ही परिवार मानकर के उनकी रक्षा कर रहे हैं। लेकिन यहां से ऐसी-ऐसी भाषा बोली जा रही है। ऐसी भड़काव बातें हो रही हैं। मैं उनको कह-कह कर थक गया कि ये बोलने का समय नहीं है। ये हमारे लाखों भाई-बहन वहां है ना उनकी सुरक्षा ही मेरा पहला दायित्व है। सबसे बड़ी प्रायरिटी है, कृपा कर के अनाप-शनाप बोलना बंद करो ताकि हमारे नौजवानों को हमारी बेटियों को वहां कोई तकलीफ ना हो।

एंडे सुहुर्तगले,

कांग्रेस चाहती है कि वेस्ट एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझें...यहां हम कोई गलती कर दे ऐसा कोई बयान कर दे और गल्फ कंट्रीज से भारतीयों को वहां से बाहर निकलने के लिए मूसीबत आ जाए ! इसलिए कांग्रेस...गल्फ कंट्रीज को नाराज करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मोदी को गाली देने का मौका मिल जाए। अरे कांग्रेस के लोगो, एलडीएफ के लोगो, यूडीएफ के लोगो, अरे राजनीति अपनी जगह पर है, अरे चुनाव आते जाते रहेंगे, लेकिन मेरे केरलम के लाखों भाई-बहन वहां है मेरे लिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा काम है और मैं इसके लिए कमिटेड हूं। चुनाव जीतने के लिए, मोदी को गाली देने के लिए....कांग्रेस 1 करोड़ प्रवासियों का जीवन संकट में डालने को तैयार बैठी है। उधर ईरान में हमारा फिशरमैन केरल के हैं तमिलनाडु के हैं, गोवा के हैं आंध्र के हैं, तेलंगाना के हैं, पुड्डुचेरी के हैं। उनकी जिंदगी खतरे में है। हम वहां के संकट में से उनको बाहर ले आ रहे हैं। आज सैकड़ों की तादाद में मेरे मछुआरे भाई-बहन भारत लौटने वाले हैं। हमारे लिए उनकी जिंदगी बचाना ये महत्वपूर्ण है बयानबाजी करने के लिए और बहुत मौके आएंगे अभी तो हमारे लोगों की, हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हमें जिंदा वापस लाना है। कांग्रेस को इन सारी चीजों से कोई लेना देना नहीं है। बस चुनाव... चुनाव... चुनाव.. क्या देश के लोगों की चिंता नहीं करोगे... काँग्रेस इस स्वार्थी सियासत के लिए केरलम के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। पाप कर रहे हो।

एंडे सुहुर्तगले,

युद्ध की इन परिस्थितियों में मैं आपकी चिंता समझता हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से लगातार संपर्क में हूं। इसलिए गल्फ कंट्रीज के नेताओं से मैं लगातार संपर्क में हूं। वहां की सरकारों से हम लगाता बात कर रहे हैं। मैं आप सभी परिजनों को आश्वस्त करता हूँ.... आपका बेटा, आपकी बेटी, आपके परिवारजन भले ही आपसे दूर हों...लेकिन, वो अकेले नहीं हैं। भारत सरकार इन देशों में रह रहे हर भारतीय के साथ है। युद्ध के बीच भी हम भारत के लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

इस चुनाव में LDF-UDF वालों ने मिलकर एक और propaganda शुरू किया है। लेफ्ट वाले कहते हैं कि, कांग्रेस बीजेपी की B टीम है। और, कांग्रेस कहती है कि लेफ्ट BJP की B टीम है। इन्हें ये इसलिए कहना पड़ रहा है... क्योंकि ये दोनों भी जानते हैं कि इस चुनाव में केरलम में अगर कोई पार्टी A टीम है तो A टीम BJP ही है।

साथियों,

आपने ये भी देखा है कि इस चुनाव में LDF और UDF दोनों मिलकर सिर्फ BJP को गालियां दे रही हैं, उनके निशाने पर सिर्फ बीजेपी है। इसकी एक वजह और भी है जो आपको जरूर नोट करनी चाहिए। दरअसल LDF और UDF की सीक्रेट पार्टनरशिप इतनी पक्की है कि ये एक दूसरे पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। असल में ये दोनों एक ही सिक्के दो साइड हैं। इनकी दुश्मनी नकली है... WWWF है। LDF और UDF की दोस्ती एवरग्रीन है! जब दिल्ली में सरकार बनती है दोनों साथ होते हैं। बगल में तमिलनाडु में साथ में चुनाव लड़ रहे हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस दोनों वोटबैंक के लिए कट्टरपंथी लोगों को राजनीति में आगे बढ़ाते हैं। मुनंबम जैसी घटनाएं केरलम में आम होती जा रही हैं... वहाँ सैकड़ों ईसाई और हिंदू परिवारों को डराया गया। लेकिन, केरलम सरकार पीड़ितों को सहायता देने की जगह कट्टरपंथी ताकतों के साथ ही खड़ी नज़र आती है। ये एक खतरनाक ट्रेंड है। वोटबैंक के लिए केरलम और देश की सुरक्षा से ये खिलवाड़.... केरलम के देशभक्त लोग इसे कभी भी कामयाब नहीं होने देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

लेफ्ट और काँग्रेस का भ्रष्टाचार हो, या उनका तुष्टीकरण... इसका सीधा हमला केरलम की संस्कृति और आस्था पर हो रहा है। पहले इन लोगों ने सबरीमला तीर्थ को बदनाम करने के लिए कैसे-कैसे षड्यंत्र रचे थे! और अब, सबरीमला इनकी लूट और चोरी के निशाने पर भी आ गया है।

एंडे सुहुर्तगले,

सबरीमला में हुये इस पाप का एक पैटर्न है... ये चोरी LDF की सरकार में हुई। और, इसमें चोरी करने वालों के तार काँग्रेस के शीर्ष नेताओं के जुड़े पाए गए। लेफ्ट वाले तो हमेशा से हिन्दू आस्था पर हमले के लिए जाने जाते हैं। इसीलिए, LDF सरकार मामले की जांच CBI को नहीं सौंप रही है। और, जो काँग्रेस हमेशा मंदिर से जुड़े विषयों को अछूत मानती थी... वो आज हिंदुओं की हितैषी बनने का नाटक कर रही है दिखावा कर रही है। मैं ये साफ-साफ कहना चाहता हूँ... NDA सरकार बनने के बाद LDF-UDF को उनके अपराध की सजा जरूर मिलेगी। और जो लूटा है वो लौटाना पड़ेगा। स्वामी अयप्पा और उनके भक्तों के आक्रोश के आगे ये लोग बच नहीं पाएंगे। ये कांग्रेस वाले ये यूडीएफ वाले, ये एलडीएफ वाले हर चीज में झूठ बोलना ये जैसे उनका स्वभाव बन गया है।

देश को गुमराह करना ये उनका स्वभाव बन गया है। जब सीएए लाए तो देश को इतना झूठ बोला... इतना झूठ बोला आज सीएए लागून हुआ देश को कोई नुकसान नहीं हुआ, झूठ बोलने में माहिर है.. केरलम फाइल्स आई फिल्म तो बोलने लगे कि सब झूठ है... कश्मीर फाइल आई तो बोलने लगे सब झूठ है..धुरंधर फिल्म आई तो बोलने लगे कि झूठ है। कुछ भी करो बता देना... झूठ फैला देना। इन दिनो सीआआर को लेकर भी, ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। यूसीसी के लिए ऐसा ही झूठ फैलाया जा रहा है। गोवा में सीसीए आया हुआ है, दशकों से है लेकिन झूठ फैलाना एफसीआरए के लिए झूठ फैलाना, सीएए के लिए झूठ फैलाना, धुरंधर जैसी फिल्म के लिए झूठ फैलाना केरलम फिल्म के लिए झूठ फैलाना, कश्मीर फाइल्स के लिए झूठ फैलाना। झूठ फैलाने का कारोबाल लेकर के बैठे हुए हैं।

एंडे सुहुर्तगले,

केरलम की आस्था, संस्कृति इसकी रक्षा हो... केरलम विकास की नई ऊंचाइयों को छूए... ये हम सभी का संकल्प है। आप भाजपा-एनडीए उम्मीदवार को वोट देकर विकसित केरलम की यात्रा शुरू करिए। मैं आपको निमंत्रण देता हूं आप आइए.. ये मेरी जिम्मेदारी है ये मेरी गारंटी है 50 सालों में केरलम का विकास नहीं हुआ, हम पांच साल में करके देंगे।

एंडे सुहुर्तगले,

कल ईस्टर है। मैं ईस्टर की आपको शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही सप्ताह में सभी मलयाली साथी विशु भी मनाएंगे। मैं विशु की भी अग्रिम शुभकामनाएं देता हूं। मैं सबसे पहले तो आप सबसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि मैं मलयालम, मलयाली, ये आपकी बहुत सुंदर भाषा है, मैं बोल नहीं पाता हूं, मुझे हिंदी में बोलना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद भी, एक भी व्यक्ति यहां से हटा नहीं। मैं जानता हूं यहां गांव के लोग आए हैं, हो सकता है मेरी भाषा नहीं समझ पाते हों, लेकिन ये आपके प्यार की ताकत है। ये आपका आशीर्वाद है... एक भी व्य़क्ति हिल नहीं रहा है हट नहीं रहा है। मेरा ये बहुत बड़ा सौभाग्य है। मैं आपका ये कर्ज, मैं आपका प्यार कभी भूलूंगा नहीं, ये मेरे पर आपका कर्ज है... और मैं केरलम के विकास को प्राथमिकता देकर के सवा गुना विकास करके इस कर्ज को चुकाऊंगा ये आज मैं वादा करता हूं।

मैं आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। मेरे साथ बोलिए, दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए...

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय! भारत माता की... जय!

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...