सम्मानित संसद के अध्यक्ष श्री चमाल राजपक्षा जी,

सम्मानित श्रीलंका के प्रधानमंत्री श्रीमान रानिल विक्रमसिंहे जी,

सम्मानित विपक्ष के नेता श्री निमाल सिरीपाला डि सिल्वा,

सम्मानित संसद सदस्य,

गणमान्य अतिथि,

30 PM Modi to Address Sri Lankan Parliament (4)

मैं श्रीलंका आकर सचमुच प्रसन्न हूं, जो सौंदर्य, संस्कृति और मैत्री की भूमि है।

इस संसद में आकर मैं काफी सम्मानित महसूस करता हूं। मैं इसके समृद्ध इतिहास से अवगत हूं।

यह संसद एशिया के सबसे पुराने सबसे सशक्त लोकतांत्रिक देशों में से एक का प्रतिनिधित्व करती है।

विश्व में कई अन्य देशों की तुलना में श्रीलंका ने काफी पहले प्रत्येक व्यक्ति को एक मत और आवाज दी।

श्रीलंका की जनता के लिए, आयुबुवान, वनक्कम।

मैं 125 करोड़ मित्रों और श्रीलंकाई क्रिकेट के करोड़ों प्रशंसकों की ओर से बधाईयां लेकर आया हूं।

मैं बोधगया की भूमि से अनुराधापुरा की भूमि तक आशीर्वाद लेकर आया हूं।

मैं यहां हमारी साझा विरासत और हमारे साझा भविष्य के लिए प्रतिबद्धता के सम्मान के लिए खड़ा हूं।

विगत मई में जब मैंने पद की शपथ ली तो मैं उस समारोह में दक्षिण एशियाई नेताओं की उपस्थिति द्वारा सम्मानित किया गया था।

30 PM Modi to Address Sri Lankan Parliament (3)

उनकी उपस्थिति हमारे क्षेत्र में लोकतंत्र की यात्रा का एक उत्सव थी। यह हमारी साझा नियति की भी मान्यता थी।

मैं मानता हूं कि किसी देश का भविष्य उसके पड़ोसी देशों द्वारा प्रभावित होता है।

जो सपने में भारत के भविष्य के लिए देखता हूं वही कामना अपने पड़ोसी देशों के लिए भी करता हूं।

इस क्षेत्र में हम समान यात्रा पर हैं, यानी हमारी जनता के जीवन में सुधार लाना।

जब हम कदम से कदम मिलाकर चलेंगे तो हमारा रास्ता आसान होगा, हमारी यात्रा जल्दी पूरी होगी और हमारा गंतव्य अपेक्षाकृत निकट होगा।

जैसा कि मैं यहां कोलम्बो में खड़ा हूं और उत्तर में हिमालय की ओर देखता हूं, तो मैं हमारे क्षेत्र की अद्वितीयता हमारी समृद्ध विविधता और हमारी साझा सभ्यता के संबंधों पर अचंभित हूं।

हम सभी समान तंतुओं और हमारे अन्योन्याश्रित इतिहास से बनाए गए हैं।

आज हम गौरवान्वित, स्वतंत्र और समान राष्ट्रों के रूप में एक साथ खड़े हैं।

यद्यपि भारत और श्रीलंका के बीच कोई भूमि सीमा नहीं है, किंतु हम सभी अर्थों में निकटतम पड़ोसी हैं।

चाहे हम भारत अथवा श्रीलंका में कहीं भी नजर आएं, हम धर्म, भाषा, संस्कृति, खाद्य, रीति-रिवाज, परंपरा, धर्मग्रंथों के माध्यम से जुड़े हैं और ये हमें मेल-जोल और मैत्री के सशक्त बंधन में बांधकर एक साथ लाते हैं।

हमारे संबंध महेन्द्र और संघमित्रा की यात्रा द्वारा काफी अच्छे रूप में परिभाषित हैं। उन्होंने दो सहस्त्राब्दि से भी अधिक पहले शांति, सहनशीलता और मैत्री संदेश लेकर आए थे।

महान तमिल ग्रंथ सिलापतिकरम के मुख्य पात्र कन्नागी द्वारा इसका चित्रण किया गया है, जिसे श्रीलंका में पट्टीनी की देवी के रुप में पूजा जाता है।

श्रीलंका में रामायण की निशानी में इसका स्थान है।

नागोर अंडावर की दरगाह और वेलांकनी के ईसाई धर्म स्थल पर भक्ति के रुप में यह अपने आप को प्रकट करता है।

यह स्वामी विवेकानंद और श्रीलंका और भारत में महाबोधि सोसायटी के संस्थापक अनागरिका धर्मापाला की मैत्री में प्रतिबिंबित है।

भारत और श्रीलंका में महात्मा गांधी के अनुयायियों के कार्य में यह स्थित है।

कुल मिलाकर हमारे संबंध आम भारतीय और श्रीलंका के लोगों के एक ही जैसे जीवन-यापन पर भी आधारित हैं।

हमारा स्वतंत्र जीवन लगभग एक ही समय में शुरु हुआ।

तब से लेकर श्रीलंका ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

मानवीय विकास के क्षेत्र में यह राष्ट्र हमारे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणा है। श्रीलंका में उद्यमशीलता और कौशल के साथ असाधारण बौद्धिक विरासत मौजूद है।

यहां विश्वस्तरीय व्यापार मौजूद है।

दक्षिण एशिया में सहयोग बढ़ाने के मामले में श्रीलंका की अग्रणी भूमिका है।

यह हिंदमहासागर क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

श्रीलंका की प्रगति और समृद्धि भारत के लिए भी शक्ति का स्रोत है।

इसलिए श्रीलंका की सफलता भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

एक मित्र के रूप में श्रीलंका के साथ हमारी शुभकामनाएं, हमारा समर्थन और एकजुटता हमेशा रही है।

और, आपके लिए यह हमेशा रहेगा।

हमारे क्षेत्र में हम सबके लिए हमारी सफलता इस बात पर निर्भर है कि हम अपने आप को एक राष्ट्र के रुप में किस प्रकार परिभाषित करते हैं।

इस क्षेत्र में हम सभी, वस्तुतः प्रत्येक विविधतापूर्ण राष्ट्र ने अपने समाज के विभिन्न हिस्से की पहचान और समावेशन, अधिकार और दावे, सम्मान और अवसर के मुद्दे से निपटने का काम किया है।

हम सब ने इन्हें विविध रुपों में देखा है। हमने दुखदायी हिंसा का सामना किया है। हमने बर्बर आतंकवाद का मुकाबला किया है। हमने शांतिपूर्ण समाधानों के सफल उदाहरण भी देखे हैं।

हम सभी अपने तरीके से इन जटिल समस्याओं के समाधान में जुटे हैं।

निश्चित तौर पर मेरे सामने भी कुछ समस्याएं हैं और हम उनका समाधान चाहते हैं।

विविधता राष्ट्रों के लिए शक्ति का एक स्रोत हो सकता है।

जब हम हमारे समाज के सभी हिस्से की आकांक्षाओं को एक साथ लाते हैं तो राष्ट्र को प्रत्येक व्यक्ति का शक्ति प्राप्त होती है।

और, जब हम राज्यों, जिलों और गांवों का सशक्तिकरण करते हैं तब हमारा देश अधिकाधिक मजबूत बनता है।

इसे आप मेरी तरफदारी कह सकते हैं, क्योंकि मैं 13 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहा हूं और प्रधानमंत्री तो एक वर्ष से भी कम समय से हूं।

आज भारत के राज्यों को और भी मजूबत बनाना मेरी शीर्ष प्राथमिकता है। मैं एक सहयोग आधारित संघवाद में पूरी तरह विश्वास रखता हूं।

इसलिए हम राज्यों के लिए और भी अधिक शक्ति और संसाधन विकसित करने में जुटे हैं। इसी क्रम में हम उन्हें निर्णय लेने की राष्ट्रीय प्रक्रिया में औपचारिक साझेदार बना रहे हैं।

श्रीलंका कई दशकों से दुखदायी हिंसा और विवाद के साये में रहा है। आपने आतंकवाद को सफलतापूर्वक पराजित किया है और संघर्ष को समाप्त किया है।

अब आपके सामने समाज के सभी हिस्से के दिलों को जीतने और उनके जख्मों को ठीक करने का एक ऐतिहासिक अवसर है।

श्रीलंका में हाल में सम्पन्न चुनावों ने राष्ट्र की सामूहिक आवाज दर्शाने के साथ-साथ बदलाव, समाधान और एकता की उम्मीद भी जगाई है।

30 PM Modi to Address Sri Lankan Parliament (10)

हाल में आपने जो कदम उठाए हैं वे मजबूत और सराहनीय हैं। वे नई शुरूआत के परिचायक हैं।

मुझे श्रीलंका के एक ऐसे भविष्य के प्रति भरोसा है जो एकता व अखण्डता, शांति और भाईचारा तथा सबके लिए अवसर और सम्मान के द्वारा परिभाषित है।

इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए श्रीलंका की क्षमता में मेरा भरोसा है।

यह हमारी सभ्यता की साझा विरासत की जड़ में स्थित है।

भविष्य का मार्ग एक ऐसा विकल्प है जिसे श्रीलंका को चुनना होगा और समाज के सभी हिस्से तथा देश के सभी राजनीतिक दलों का यह सामूहिक उत्तरदायित्व है।

किन्तु मैं आपको इसका आश्वासन दे सकता हूं।

भारत के लिए श्रीलंका की एकता और अखण्डता सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

यह हमारे हित के मूल में है। इस सिद्धांत में हमारे अपने मौलिक विश्वास से यह अंकुरित होता है।

माननीय अध्यक्ष और गणमान्य सदस्यो,

एक आदर्श पड़ोस का मेरा दृष्टिकोण ऐसा है जिसमें व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी अवधारणा और व्यक्ति आसानी से सीमा के आर-पार पहुंचते हैं। जब क्षेत्र में साझेदारी नियमित तौर पर आसानी को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाती है।

भारत में विकास के दौर को पुनर्स्थापित किया गया है। भारत विश्व में सबसे तीव्र बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है।

विश्व भारत को आर्थिक अवसर के एक नए क्षितिज के रुप में देखता है।

किन्तु हमारे पड़ोसी देशों का भारत पर पहला दावा होना चाहिए और मैं फिर दोहराता हूं कि भारत पर पहला दावा हमारे पड़ोसियों का, श्रीलंका का है।

यदि भारत अपने पड़ोसियों की प्रगति का उत्प्रेरक बनता है तो मुझे खुशी होगी।

हमारे क्षेत्र में, श्रीलंका के पास हमारा सबसे मजबूत आर्थिक साझेदार साबित होने की संभावना है।

हम व्यापार बढ़ाने और इसे और भी अधिक संतुलित करने के लिए आपके साथ काम करेंगे।

भारत का व्यापारिक वातावरण और भी अधिक खुला बन रहा है। इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में श्रीलंका को दूसरों की तुलना में पीछे नहीं होना चाहिए।

यही कारण है कि हमें एक महत्वाकांक्षी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता कायम करना चाहिए।

भारत और किसी अन्य देश में निर्यात के लिए और आपके बुनियादी ढांचे के निर्माण में निवेश के लिए भारत एक स्वाभाविक स्रोत भी हो सकता है। हमने इस समय अच्छी प्रगति की। महासागरीय अर्थव्यवस्था की व्यापक संभावना का लाभ उठाने के लिए हमें साथ आना चाहिए।

दक्षिण एशियाई क्षेत्र और संबंधित बिम्सटेक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने में हमारे दोनों देशों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

भूमि और समुद्र द्वारा जुड़े इस विशाल क्षेत्र को जोड़ते हुए हमारे दोनों देश क्षेत्रीय समृद्धि का वाहक बन सकते हैं।

श्रीलंका के साथ साझेदारी विकसित करने के लिए भारत की ओर से पूरी प्रतिबद्धता का मैं आपको आश्वासन भी देता हूं। हम इसे एक जिम्मेदार मित्र और पड़ोसी की जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं।

भारत ने विकास सहायता में 1.6 अरब अमरीकी डालर की प्रतिबद्धता की है। आज हमने रेलवे क्षेत्र के लिए अधिकतम 31.8 करोड़ डालर की अतिरिक्त सहायता की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

हम विकास के क्षेत्र में अपनी साझेदारी जारी रखेंगे। हम आपकी सरकार द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे और हम उस पारदर्शिता के समान स्तर के साथ ऐसा करेंगे, जिसकी उम्मीद हम अपने देश में करते हैं।

पिछले माह हमने नाभकीय ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल में सहयोग पर आधारित समझौते पर हस्ताक्षर किए।

कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में हम श्रीलंका के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए व्यापक संभावना देखते हैं जो इस क्षेत्र में किसी स्थान की तुलना में अधिक है।

हम आशा करते हैं कि श्रीलंका सार्क क्षेत्र के लिए भारतीय उपग्रह से पूरा लाभ प्राप्त करेगा। दिसम्बर, 2016 तक इसे अंतरिक्ष में होना चाहिए।

जनता हमारे संबंधों के केन्द्र में है। जब हम लोगों से जुड़ते हैं तो देशों के बीच संबंध और भी मजबूत होते हैं। यही कारण है कि हमने श्रीलंका के नागरिकों के लिए आगमन पर वीजा सुविधा का विस्तार करने का निर्णय लिया है।

हम दोनों देशों के बीच संपर्कता भी बढ़ाएंगे। हम संस्कृति और धर्म के सबंधों को भी मजबूत करेंगे। पिछले महीने हमने दिल्ली में राष्ट्रीय संग्रहालय और कपिलवस्तु के अवशेषों को देखने के लिए आने वाले श्रीलंका के नागरिकों के लिए शुल्कों में कटौती की घोषणा की है। हम एक प्रदर्शनी के माध्यम से हमारी साझा बौद्ध विरासत को आपके लिए और भी निकट लाएंगे। इसके साथ ही, हम बौद्ध और रामायण से जुड़े स्थलों को विकसित करेंगे। मेरी जन्मभूमि बड़नगर प्राचीनकाल में बौद्ध शिक्षण का एक अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र था। उत्खन्न कार्यों से 2000 छात्रों के लिए एक छात्रावास होने का पता चला है और हमारे पास इसके केन्द्र को फिर से विकसित करने की योजना है।

30 PM Modi to Address Sri Lankan Parliament (8)

माननीय अध्यक्ष जी,

समृद्ध भविष्य के लिए हमारे देशों में सुरक्षा का एक मजबूत आधार और क्षेत्र में शांति तथा स्थायित्व होने की जरुरत है।

हमारे दोनों देशों की सुरक्षा अदृश्य है। उसी प्रकार, हमारे समुद्री पड़ोस के लिए हमारा साझा उत्तरदायित्व स्पष्ट है।

भारत और श्रीलंका इतने करीब हैं कि वे एक दूसरे की उपेक्षा नहीं कर सकते। न ही हम एक दूसरे से अलग हो सकते हैं।

हमारे हाल के इतिहास ने दर्शाया है कि हम एक साथ कष्ट झेलते हैं और जब हम एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं तो और भी अधिक प्रभावित होते हैं।

हमारे सहयोग से वर्ष 2004 में सुनामी विभीषिका से निपटने में मदद मिली। एक मुख्यमंत्री के रूप में वर्ष 2001 में भुज में आए भूकंप के बाद पुनर्निर्माण के क्षेत्र में हमारे अनुभव को साझा करके मुझे प्रसन्नता हुई थी।

हमारे दोनों देशों के सामने स्थानीय चुनौतियां शेष हैं। किन्तु, हम नए रूपों में और नये स्रोतों से उत्पन्न होती चुनौतियों को देखते हैं। हम आतंकवाद के वैश्वीकरण को देख रहे हैं। हमारा सहयोग की आवश्यकता कभी भी आज की तुलना में सशक्त नहीं रही है।

हिंदमहासागर हमारे दोनों देशों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है और यदि हम साथ मिलकर काम करेंगे, विश्वास का एक वातावरण कायम करेंगे, और एक-दूसरे के हितों के प्रति संवेदनशील बने रहेंगे। तो हम इन लक्ष्यों तक पहुंचने में और भी अधिक सफल हो सकते हैं।

हम श्रीलंका के साथ अपने सुरक्षा सहयोग को काफी महत्व देते हैं। हमें भारत, श्रीलंका और मालदीव के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करना चाहिए ताकि हिंदमहासागर क्षेत्र के अन्य देशों को इसमें शामिल किया जा सके।

मैं अक्सर कहता हूं कि 21वीं सदी की प्रगति हिंदमहासागर की धाराओं द्वारा निर्धारित होगी। इस क्षेत्र में इसकी दिशा को निर्धारित करना देशों का उत्तरदायित्व है।

हिंदमहासागर के आर-पार हम दो राष्ट्र हैं। एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध समुद्री पड़ोस के निर्माण में आपका नेतृत्व और हमारी साझेदारी महत्वपूर्ण है।

आपस में काफी गहराई से जुड़े हमारे जीवन में अंतर होना स्वाभाविक है। कभी-कभी इससे आम लोगों का जीवन प्रभावित होता है। हमें अपनी वार्ता में खुलापन लाने के साथ-साथ हमारे मानवीय मूल्यों को सशक्त बनाने और उनके समाधान के लिए अपने संबंध में सदभाव लाना जरुरी है।

माननीय अध्यक्ष महोदय,

श्रीलंका और भारत अपनी जनता के सपनों को साकार करने के लिए एक महान अवसर और उत्तरदायित्व के क्षण में हैं।

यह समय हमारी साझेदारी की नई शुरूआत और उसकी नई मजबूती के लिए हमारे संबंधों में नवीनता लाने का है।

हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी नजदीकी हमेशा निकटता के रूप में बदले।

हमने उस समय सम्मानित महसूस किया जब राष्ट्रपति सिरीसेना ने पिछले माह भारत को अपने पहले गंतव्य के रूप में चुना। मैं यहां उनके सबसे पहले अतिथि के रूप में भी सम्मानित महसूस करता हूं।

कल मैं माधु रोड के लिए रेलगाड़ी को झण्डी दिखाकर रवाना करने के लिए तलाईमन्नार जाउंगा। यह भारत और लंका के बीच पुराने रेल संपर्क का हिस्सा है।

मैं 20वीं सदी की शुरूआत में महान राष्ट्रवादी कवि सुब्रमण्यन भारती द्वारा रचित प्रसिद्ध गीत "सिंधु नादिइन मिसाई" की पंक्तियों को याद करता हूं :

"सिंगलातिवुक्किनोर पालाम एमेईप्पोम" (हम श्रीलंका तक एक सेतु बनाएंगे)

मैं इस सेतु के निर्माण की आशा के साथ आया हूं- एक सेतु जो हमारी साझा विरासत के सशक्त स्तम्भों, साझा मूल्यों और दृष्टिकोण, परस्पर सहायता और एकजुटता, मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान और लाभदायक सहयोग से भी अधिक एक-दूसरे के प्रति विश्वास और हमारी साझा नियति के स्तम्भों पर खड़ा हो। आपके साथ होकर सम्मानित होने के लिए आपको एक बार फिर धन्यवाद।

आपको बहुत-बहुत धन्यवाद

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May 23, 2026
भारत के युवा विकसित भारत की यात्रा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं: प्रधानमंत्री
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क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इन क्षेत्रों में बन रही पार्टनरशिप नए अवसर पैदा कर रही हैं: पीएम मोदी
हर भारतीय 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है: रोजगार मेले में पीएम मोदी
ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है; बेहतर संपर्क ने किसानों, छोटे व्यापारियों और छात्रों के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं: प्रधानमंत्री
‘विकसित भारत’ का निर्माण ऐसे युवाओं के प्रयासों से होगा, जो अपने काम को देशसेवा का माध्यम मानते हैं: पीएम मोदी

साथियों,

आज देशभर के हजारों युवाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस है। आज 51 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला है। आज आप सभी देश की विकास यात्रा में अहम भागीदार बन रहे हैं, जिम्मेदार भागीदार बन रहे हैं। रेलवे, बैंकिंग, डिफेंस, हेल्थ, एजूकेशन और दूसरे कई क्षेत्रों में आप सभी नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में आप सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं।

साथियों,

यहां तक पहुंचने के लिए आप सभी ने लंबी तैयारी और कड़ा परिश्रम जरूर किया होगा। इस उपलब्धि के लिए मैं आपको भी और आपके परिवारजनों को भी बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपको यहां तक पहुंचाने में आपके माता-पिता और परिवार का योगदान कम नहीं होता है। लेकिन इतना भी नहीं है, कि जैसे परिवार का योगदान होता है, समाज का भी बहुत बड़ा योगदान होता है, हमें यहां पहुंचाने के लिए। हम सिर्फ अपने कारण नहीं पहुंचते, सिर्फ अपने परिवार के कारण नहीं पहुंचते। इस विशाल देश के 140 करोड़ के नागरिकों के योगदान का भी बहुत बड़ा महत्व होता है। और इसलिए हमारा दायित्व खुद के प्रति, खुद के परिवार के प्रति, वैसे ही संपूर्ण समाज के प्रति भी रहता है। और मुझे विश्वास है कि इन सभी कामों के लिए आप अपने आप को और अधिक योग्य बनाएंगे। मैं आपको बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

आप सबको पता है अभी दो दिन पहले ही मैं 5 देशों की यात्रा करके लौटा हूं। कहने को तो ये सिर्फ पांच देशों की यात्रा थी, लेकिन इस दौरान मेरी दर्जनों देशों की बड़ी-बड़ी कंपनियों के लीडर्स से बातें हुईं, विस्तार से चर्चा हुई, मुलाकात हुई, और हर जगह मैंने एक बात समान रूप से महसूस की है। दुनिया, भारत के युवाओं और भारत की टेक्नोलोजिक्ल प्रोग्रेस को लेकर बहुत उत्साहित है। आज दुनिया भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है। भारत भी दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। इसका उद्देश्य यही है कि भारत के युवाओं को अवसर मिले, रोजगार मिले, उनका सामर्थ्य खिल उठे। साक्षात मैं चाहता हूं मेरे देश के नौजवानों को ग्लोबल एक्सपोजर भी मिले। इस यात्रा के दौरान, अब जैसे नीदरलैंड्स की मैं बात करूं, तो नीदरलैंड्स के साथ सेमीकंडक्टर्स, वॉटर, एग्रीकल्चर और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग पर चर्चा हुई - स्वीडन के साथ आर्टिफ़िशियल (एआई) और डिजिटल इनोवेशन, उस पर सहयोग की बहुत सारी बातें हुई, - नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नॉलॉजी और मेरिटाइम कोऑपरेशन की बात आगे बढ़ी है, UAE के साथ स्ट्रैटेजिक एनर्जी और टेक्नॉलॉजी पार्टनरशिप्स पर महत्वपूर्ण समझौते हुए, इटली के साथ डिफेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, science & technology ऐसे अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पार्टनरशिप्स पर एग्रीमेंट हुए।

साथियों,

इन सारे एग्रीमेंट्स का सीधा लाभ भारत के युवाओं को मिलने वाला है। और आपने देखा होगा, ये सारे विषय एक उज्जवल समर्थ भारत के भविष्य की गारंटी लेकर के आते हैं। क्योंकि हर नया निवेश, हर टेक्नॉलॉजी पार्टनरशिप, हर इंडस्ट्रियल कोलैबोरेशन, भारत के युवाओं के लिए नई अपॉरचुनिटीज तो लेकर के आता ही है, लेकिन अनगिनत नए अवसर तैयार करता है।

मेरे नौजवान साथियों,

हमें याद रखना है, ये वो सेक्टर्स हैं जिनमें आने वाला इंवेस्टमेंट और पार्टनरशिप, आने वाले 3-4 दशक की ग्लोबल ग्रोथ को ये शेप करने वाली इंडस्ट्रीज तैयार करेंगी। और निश्चित तौर पर भारत के युवाओँ की इसमें बहुत बड़ी भूमिका होगी।

साथियों,

भारत किस तरह दुनिया का एक भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बन रहा है, इसका मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। जैसे नीदरलैंड्स की सेमीकंडक्टर कंपनी, आपमें से बहुत लोग इस नाम से परिचित होंगे ASML, ASMLके साथ भारत की टाटा कंपनी का एग्रीमेंट है। भारत, दुनिया के कुछ ही देशों में से एक है जिसके साथ इस कंपनी ने समझौता किया है। ASML-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच ये अकेला समझौता ही भारत में रोजगार के अनगिनत नए मौके बनाएगा, और भारत को एक नेक्स्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी में प्रवेश द्वार खोल देगा। ऐसे ही स्वीडन के साथ टेक्नॉलॉजी और AI पार्टनरशिप्स, UAE के साथ सुपरकंप्यूटिंग कोऑपरेशन, भारत की टेक्नॉलॉजी क्षमता को बहुत मजबूत करने वाले हैं। इन एग्रीमेंट्स से युवाओं के लिए नए अवसर तो होंगे ही होंगे।

साथियों,

आज क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े सेक्टर्स भी बहुत तेजी से ग्रो कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं। इनसे जुड़ी पार्टनरशिप एक नई इकोनॉमी के, new opportunities के दरवाजे खोल रही हैं। स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ, ग्रीन ट्रांजिशन और सस्टेनेबल टेक्नॉलॉजी में भी सहयोग बढ़ रहा है। ये भारत को क्लीन मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी फ्यूचर इंडस्ट्रीज में मजबूत करेगा। इसके अलावा भारत ने पोर्ट्स, शिपिंग और मेरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े एग्रीमेंट्स पर तेजी से काम किया है। UAE और नॉर्वे के साथ पार्टनरशिप से भारत का शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम मजबूत होगा। और आप तो जानते हैं शिपबिल्डिंग यानी, स्किल मेनपावर की बहुत जरूरत पड़ती है। यानी भारत के इंजीनियर्स, टेक्नीशियन्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए इतनी मांग बढ़ने वाली है, जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं, इतने अवसर तैयार होंगे।

साथियों,

हर नई पार्टनरशिप के साथ हम भारतीय स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और यंग प्रोफेशनल्स के लिए दुनिया से जुड़ने के नए रास्ते बना रहे हैं। इससे भारतीय युवाओं को एडवांस्ड एक्सपर्टीज, ग्लोबल मार्केट्स और ग्रोथ के नए मौके भी मिलेंगे। आज दुनिया उन देशों का सम्मान करती है, जो इनोवेट करते हैं, जो बिल्ड करते हैं, और जो बड़े स्तर पर डिलीवरी कर सकते हैं। भारत आज इन तीनों दिशाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है, और इस परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत आप सब मेरे नौजवान साथी हैं, भारत का युवा है, और मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, मैं काफी समय चर्चा में भारत की युवाशक्ति की चर्चा करता हूं।

साथियों,

आज हर भारतीय, एक बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। ये संकल्प, 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आज देश अलग-अलग सेक्टर्स में निवेश कर रहा है। और इस निवेश से देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर बन रहे हैं। जैसे, आज भारत में सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग की पूरी सप्लाई चेन तैयार की जा रही है। आने वाले समय में भारत की 10 बड़ी सेमीकंडक्टर यूनिट्स, दुनिया में अपना परचम लहराएंगी। इनमें बड़ी संख्या में भारत के नौजवानों का सामर्थ्य होगा, भारत के नौजवानों की बुद्धि प्रतिभा होगी, भारत के नौजवानों का कमिटमेंट होगा और स्वाभाविक है रोजगार तो है ही है। भारत आज शिप-बिल्डिंग से लेकर शिप रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग का भी इकोसिस्टम विकसित कर रहा है। इसके लिए करीब 75 हजार करोड़ रुपए, Seventy Five Thousand Crore Rupees का निवेश किया जा रहा है। इसी तरह भारत में ही हम पूरा MRO इकोसिस्टम, यानी मेंटेनेंस, ओवरहॉल और रिपेयर फेसिलिटीज तैयार कर रहे हैं। इससे देश के एविएशन सेक्टर को बहुत मदद मिलने वाली है, और भारत के युवाओं के लिए रोजगार का नया सेक्टर तो खुलना ही खुलना है।

साथियों,

भारत आज एक बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरर है। और हम इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी कंप्लीट वैल्यू चेन, भारत में ही बना रहे हैं। इसके लिए जो PLI स्कीम चल रही है, उससे देश में रिकॉर्ड इलेक्ट्रॉनिक्स प्रॉडक्शन हो रहा है, और युवाओं को लाखों की संख्या में Jobs भी मिल रही हैं।

साथियों,

ऐसे अनेकों अभियानों पर भारत का पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर मिलकर बहुत बड़ा निवेश कर रहा है। ये निवेश देश के युवाओं को देश में ही- Jobs दे रहा है, उनके सपने पूरे कर रहा है। एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते, जोकि आज नियुक्ति पत्र के भरने के बाद आपकी पहचान बनने वाली है, कि आप एक सरकारी कर्मचारी हैं। तो उस नाते आपको भी हमेशा ये ध्यान रखना है कि Ease of Doing Business देश की कितनी बड़ी प्राथमिकता है।

साथियों,

भारत की ग्रोथ स्टोरी और इंप्लॉयमेंट जनरेशन, इसमें ये मानी हुई बात है, आप भी जानते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, इसकी बहुत बड़ी भूमिका होती है। जब गांव, छोटे शहर और दूर-दराज के इलाके विकास से जुड़ते हैं, तभी देश की प्रगति का लाभ ज्यादा लोगों तक पहुंचता है। पिछले 12 वर्षों में रेलवे, हाईवे, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, पोर्ट्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कल्पनाभर का तेज गति से विस्तार हुआ है, विकास हुआ है, हर स्तर पर काम हुआ है। आज आप अपने क्षेत्र में, किसी की भी दिशा में 100 किलोमीटर अगर जाएंगे, तो भारत सरकार द्वारा कोई न कोई काम चलता हुआ नजर आएगा आपको। आज गांवों में भी बदलाव तेजी से दिखाई दे रहा है। कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों, छोटे व्यापारियों, विद्यार्थियों के लिए नए रास्ते खुले हैं। आज करोड़ों परिवारों को पक्का घर मिला है। यानी दुनिया के कई देश हैं, जिनके पास टोटल घर होते हैं, उससे अनेक गुणा घर हम नए बनाते हैं। इतना ही नहीं, जो मेरा स्वच्छता का अभियान है, उसको तो मैं कभी भी भूलने नहीं देता हूं लोगों को, और न ही मैं भी भूलता हूं, उसमें शौचालय की बहुत बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका है, हम उस पर भी बल दे रहे हैं। करोड़ों घरों तक आज बिजली पहुंची है। रूफटॉप सोलर एनर्जी, कितने नए-नए वेंडर्स मैदान में आए हैं। अब देखिए जल जीवन मिशन से, नल से जल पहुंचाना, मैं अभी देख रहा था, कि मैं चाहता था कि शहरों में पीएनजी के कनेक्शन बढ़ें, तो मुझे पलम्बर नहीं मिल रहे थे, कमी पड़ रही थी, क्योंकि जल जीवन के मिशन में कई सारी बड़ी संख्या में पलम्बर वहां लगे हुए थे। अब इधर मुझे एनर्जी के लिए बड़े शहरों में पीएनजी के कनेक्शन तेजी से बढ़ाने थे, तो आप कल्पना कर सकते हैं कि कभी-कभी लोगों की जरूरत पड़े तो लोग कम पड़ जाते हैं।

साथियों,

इन बदलावों का असर सिर्फ सामान्य नागरिकों की सुविधाओं तक सीमित नहीं रहता। गांव तक सड़क पहुंची, तो मार्केट तक आना-जाना आसान हुआ। बिजली की सुविधा बेहतर हुई, तो छोटे उद्योग-धंधे आगे बढ़ने लगे। गांव में भी एग्रीकल्चर में वेल्यु एडिशन होने लगा। पहले अगर वो लाल मिर्ची बेचते थे, अब बिजली आई तो लाल मिर्ची का पाउडर बनाते हैं, पाउडर बनाकर के पैकेट बनाते हैं, पैकेट बनाकर के बेचते हैं। तो गांव में भी छोटे -छोटे-छोटे-छोटे उद्योग इसके कारण बढ़ते जाते हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ी, तो गांव के लोग भी पूरे विश्व के साथ जुड़ रहे हैं, आधुनिकता से जुड़ रहे हैं। शहर और गांव का फर्क मिटता चला जा रहा है। और इससे अर्थव्यवस्था की गति तेज हुई है। और इन सबका पॉजिटिव प्रभाव देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य की गारंटी बन जाता है। रोजगार तो निर्माण होते ही होते हैं, लेकिन राष्ट्र भी एक नए स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ जाता है, लाखों लोगों को नए मौके भी मिल जाते हैं।

साथियों,

आज भारत के युवा के पास जिस तरह से आगे बढ़ने के, अपने सपने पूरा करने के मौके हैं, ऐसा अवसर पहले नहीं मिला है, मैं किसी का दोष नहीं कर रहा हूं, लेकिन ये हकीकत है कि आज बहुत तेज गति से सब हो रहा है, विशाल फलक पर हो रहा है, विविधताओं से भरा हो रहा है। आज मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नॉलॉजी, स्टार्टअप, डिजिटल सर्विसेज, रेलवे, डिफेंस, इतना ही नहीं स्पेस, ऐसे अनेक क्षेत्रों में अनगिनत अवसर हमारा इंतजार कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा युवा नए अवसरों का लाभ उठा सकें, और देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा मौका मिले। इसलिए, स्किल डेवलपमेंट, industry-linked education और फ्यूचर टेक्नॉलजी पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ITIs को modern बनाया जा रहा है। National Skill Training Institutes को मजबूत किया जा रहा है। PM SETU जैसे अभियान इसी दिशा में काम कर रहे हैं।

साथियों,

पिछले कुछ वर्षों में देश में self-employment और entreprenurship की एक नई संस्कृति विकसित हुई है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। देश में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा , ये आंकड़ा याद रखिये, 2 लाख 30 हजार से ज्यादा recognised startups हैं। और उसमें भी दो चार-दो चार नौजवान भी जुड़े हुए होते हैं। अहम बात ये है कि ये बदलाव सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है और मुझे इसका सबसे ज्यादा आनंद है। आजकल तो टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा भी, बहुत बड़ी संख्या में स्टार्टअप और इनोवेशन की दुनिया में अपनी ताकत दिखा रहे हैं, उनके सामर्थ्य की note लेनी पड़ रही है। ये परिवर्तन अब देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस बदलाव में हमारी नारीशक्ति की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। आज बड़ी संख्या में women-led start-ups, ये जब सुनते हैं ना मन गर्व से भर जाता है, मैं तो दुनिया के लोगों को बताता हूं कि हमारे यहां स्टार्टअप में महिलाओं की बहुत बड़ी भूमिका बढ़ रही है, बहुत बड़ी मात्रा में महिलाएं आगे आ रही हैं। मुद्रा योजना के तहत करोड़ों महिलाओं को फाइनेंशियल सपोर्ट मिला है। पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं ने भी लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। आज गांवों में, छोटे शहरों में, पहले से ज्यादा महिलाएं अपने दम पर नए काम शुरू कर रही हैं।

साथियों,

नीतियों और निर्णयों के इस अभियान के बीच, आपको एक और बात याद रखनी है। किसी भी व्यवस्था की असली ताकत उसके लोग होते हैं। जनता जनार्दन की शक्ति होती है, जन शक्ति होती है और जनशक्ति ही तो राष्ट्रशक्ति बनती है। आप सभी जिस व्यवस्था का हिस्सा बनने जा रहे हैं, उसका सीधा संबंध करोड़ों-करोड़ों देशवासियों के जीवन से है, करोड़ों-करोड़ों देशवासियों की आशा-आकांक्षाओं से है। सरकारी नौकरी लोगों के जीवन को आसान बनाने का माध्यम ही होती है। आप जिस भी विभाग में काम करेंगे, वहां आपके व्यवहार, संवेदनशीलता और काम करने के तरीके का बहुत महत्व होगा। देश ने आप पर भरोसा किया है। अब ये जिम्मेदारी आपकी है कि आप अपने काम से, अपने आचरण से, अपनी वाणी से, अपने व्यवहार से, उस भरोसे को और मजबूती देंगे। देशवासियों के हृदय में एक नया विश्वास भर जाएगा, आपको मिलते ही वो नई आशा के साथ आगे बढ़ेगा, इसलिए हर युवा कर्मयोगी अपने काम को जिम्मेदारी की तरह देखे। और मेरे लिए तो आप बहुत कुछ हैं। पहले जमाने में जब हम सुनते थे ना – सहस्त्रबाहु बाले फलाने, सहस्त्रबाहु बाले ढिकने। आज सरकार के बाहु आप ही हैं, सरकार का सामर्थ्य आप ही हैं, जो पहले से सरकार में हैं वो भी हैं, जो नए आ रहे हैं वो भी हैं। आज भारत के लोगों की आकांक्षाएं बहुत बढ़ रही हैं, और मैं इसे विकास की पोजिटिव साइन मानता हूं। हमें अपने देश के लोगों की Aspirations को समझना भी है और उसके हिसाब से उतनी ही तेज गति से काम भी करना है। ऐसे में पब्लिक सर्विस में आने वाले युवाओं की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है। आपको लगातार सीखते रहना होगा। खुद को नई टेक्नॉलजी, नए सिस्टम और नई जरूरतों के हिसाब से तैयार करना होगा। इसमें आपको iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म से बहुत मदद मिलेगी। कर्मयोगी प्रारंभ जैसे मॉड्यूल से आपको अपनी जिम्मेदारियां समझने में बहुत सहूलियत होगी। मेरा आपसे आग्रह है कि इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं।

साथियों,

आज भारत का युवा दुनिया के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। यही स्पिरिट, यही ऊर्जा public service में भी दिखाई देनी चाहिए। विकसित भारत ऐसे ही युवाओं के प्रयास से बनेगा, जो अपने काम को देशसेवा का माध्यम मानते हैं, जनसेवा का माध्यम मानते हैं, और हमारे यहां तो कहा गया है – जनसेवा ही प्रभुसेवा। मुझे पूरा विश्वास है, आज नियुक्ति पत्र पाने वाले हमारे युवा साथी, भारत की विकास यात्रा को नई गति देंगे। आपके काम, आपके फैसलों से विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि होगी, और आपको वो मंत्र कभी भूलना नहीं है, हमारा मंत्र है – नागरिक देवो भव। नागरिक देवो भव। नागरिक का कल्याण ही हमारा कर्तव्य है। मैं एक बार फिर आज नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी युवाओं को आगे के जीवन के लिए, देशसेवा के इस अवसर को निभाने के लिए, अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं। आप सबको बहुत-बहुत धन्यवाद।