प्रश्न- आप को काम करने की प्रेरणा कहाँ से मिलती है?

प्रधानमंत्री जी:
बहुत बार खुद की घटनाओं से ज्‍यादा और की घटनाओं से प्रेरणा मिलती है। लेकिन उसके लिए हमें उस प्रकार का स्‍वभाव बनाना पड़ता है। कठिन से कठिन चीज में किस प्रकार से जीवन को जीया जा सकता है। आप लोगों में से पढ़ने का शौक किस-किस को है? वो मास्‍टर जी कह रहे हैं, वो किताबें नहीं उसके सिवाय किताबें पढ़ने का शौक.. ऐसे कितने हैं.. हैं ! आप लोग कभी एक किताब जरूर पढि़ए Pollyanna…..Pollyanna कर के एक किताब है। मैंने बचपन में पढ़ी थी वो किताब। हर करीब-करीब सभी भाषाओं में उसका भाषांतर हुआ है। 70-80 पन्‍नों की वो किताब है, और उस किताब में एक बच्‍ची का पात्र है, और उसके मन में विचार आता है, कि हर चीज में से अच्‍छी बात कैसे निकाली जा सकती है।

तो उसने घटना लिखी है, उसके घर के बगीचे में जो माली काम कर रहे थे, वो बूढ़े हो गये और शरीर ऐसा टेढ़ा हो गया, तो एक बार बच्‍ची ने जाके पूछा कि दादा कैसे हो? तो उन्‍होंने कहा कि नहीं-नहीं अब तो बूढ़ा हो गया, देखिए मैं बड़ा ऐसे ऊपर खड़ा भी नहीं हो सकता हूं, मेरी कमर ऐसी टेढ़ी हो गई है, बस मौत का इंतजार कर रहा हूं। तो बच्‍ची ने कहा नहीं-नहीं दादा ऐसा मत करो। देखिए भगवान आप पर कितना मेहरबान है। पहले आप खड़े होते थे और बगीचे में काम करने के लिए आपको ऐसे मुड़ना पड़ता था। अब भगवान ने ऐसी व्‍यवस्‍था कर दी आपको बार-बार मुड़ना नहीं पड़ता है और अब बगीचे के काम आप आसानी से कर सकते हैं। यानी एक घटना एक के लिए दुख का कारण भी दूसरे के लिए वो प्रेरणा का कारण थी और इसलिए मैं मानता हूं कि घटना कोई भी हो हमारा उसके तरफ देखने का दृष्टिकोण कैसा है, उसके आधार पर जीवन की प्रेरणा बनती है। तो मैं आप सबको कहूंगा और यहां की व्‍यवस्‍था को कहूंगा लाइब्रेरी में पांच-छह किताबें Pollyanna की रखें और बारी-बारी से सब बच्‍चे पढ़ लें। कभी एसेंबलिंग में मीटिंग हो तो उसमें भी पर कोई न कोई प्रसंग बताएं। ठीक है!

प्रश्‍न – आप कितने घंटे काम करते हैं, तनाव का सामना कैसे करते हैं?

प्रधानमंत्री जी: मैं कितने घंटे काम करता हूं, इसका हिसाब-किताब तो मैंने किया नहीं है, और इसका आनंद इसलिए आता है कि मैं गिनता ही नहीं हूं कि मैंने कितने घंटे काम किया जब हम गिनना शुरू कर देते हैं कि मैंने इतने घंटे काम किया, ये काम किया, वो काम किया, तो फिर लगता है यार बहुत हो गया। दूसरा आप लोगों ने देखा होगा अपने अनुभव में जब मास्‍टर जी ने आपको कोई Home work दिया हो और उस Home work जब मास्‍टर जी लिखवाते हैं तो ओ ओ! ये तो Saturday-Sunday खराब हो जाएगा! सब टीचर ने इतना लिखवा कर दिया है। लेकिन जब कमरे में जा करके लिखना शुरू कर देते हैं और Home work पूरा कर देते हैं तो आपने देखा होगा जैसे ही Home work पूरा हो जाता होगा, आपकी थकान उतर जाती है। आपने देखा है कि नहीं ऐसा, काम पूरा होते ही थकान उतर जाती है या नहीं उतर जाती है। जब तक काम बाकी है तब तक थकान लगती है कि नहीं लगती है। तो ये बात पक्‍की है कि काम की थकान कभी नहीं होती, काम न करने की थकान होती है, एक बार कर देते हैं, तो काम का आनंद होता है। संतोष होता है, और इसलिए जितना ज्‍यादा काम करते हैं, उतना ज्‍यादा आनंद मिलता है। जितना ज्‍यादा काम करते हैं ज्‍यादा संतुष्‍ट होता है।

दूसरा, एक पुरानी कथा है बहुत बढि़या कथा है, कोई एक स्‍वामी जी, पहाड़ पर किनारे बैठे थे और एक आठ साल की बच्‍ची अपने तीन साल के भाई को उठा करके पहाड़ चढ़ने जा रही थी, तो स्‍वामी जी ने पूछा अरे बेटी तुम्‍हें थकान नहीं लगती क्‍या ? तो उसने जवाब में नहीं ये तो मेरा भाई है, तो स्‍वामी जी ने बोला मैं ये नहीं पूछ रहा हूं कि तुम्‍हारे साथ कौन है, मैं ये पूछ रहा हूं कि तुम्‍हें थकान नहीं लगती इतना बड़ा पहाड़ चढ़ना है, तुम अपने छोटे भाई को ले करके चढ़ रही हो, तुम्‍हें थकान नहीं लगती। नहीं नहीं पंडत जी मेरा भाई है। तो स्‍वामी जी ने फिर से पूछा। अरे मैं तुम्‍हें नहीं पूछ रहा हूं कि कौन है, मैं तुमसे पूछ रहा हूं कि तुझे थकान नहीं लग रही है, तो उसे अरे नहीं स्‍वामी जी मैं आपको बता रही हूं न की मेरा भाई है। कहने का तात्‍पर्य ये था कि जो अपनो के लिए जीते हैं, तो थकान कभी नहीं लगती। समझे! मुझे सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे अपने लगते हैं। मेरे, मैं उन परिवार का सदस्‍य हूं सवा सौ करोड़ का देशवासियों का मेरा परिवार है। उनके लिए कुछ करने का आनंद आएगा या नहीं आएगा और मेहनत करने का मन करेगा या नहीं करेगा। अपनों के लिए जीने का मन करेगा या नहीं करेगा। फिर थकान लगेगी! बस यही है इसका कारण।

प्रश्‍न – जीवन की सबसे बड़ी सफलता किसे मानते हैं, श्रेय किसे देते हैं?

प्रधानमंत्री जी:
जीवन को सफलता और विफलता के तराजू से नहीं तौलना चाहिए, जिस दिन हम सफलता-विफलता, सफलता-विफलता इसी के हिसाब लगाते रहते हैं, तो फिर निराशा आ जाती है। हमारी कोशिश ये रहनी चाहिए कि एक ध्‍येय ले करके चलना चाहिए। कभी रूकावट आए, कभी कठिनाइयां आए, कभी दो कदम पीछे जाना पड़े, लेकिन अगर उस ध्‍येय को सामने रखते हैं तो फिर ये सारी बातें बेकार हो जाती हैं। तो एक तो सफलता और विफलता को जीवन के लक्ष्‍य को पाने के तराजू के रूप में कभी देखना नहीं चाहिए, लेकिन विफलता से बहुत कुछ सीखना चाहिए। ज्‍यादातर लोग सफल इसलिए नहीं होते है वो विफलता से कुछ सीखते नहीं है। हम विफलताओं से जितना ज्‍यादा सीख सकते हैं, शायद सफलता उतना हमें शिक्षा नहीं देती। मेरा जीवन ऐसा है जिसको हर कदम विफलताओं का ही सामना करना पड़ा और मैं सफलताओं का हिसाब लगाता नहीं हूं, न सफल होने के मकसद से काम करता हूं। एक लक्ष्‍य की प्राप्ति करनी है अपनी भारत मां की सेवा करना। सवा सौ करोड़ देशवासियों की सेवा करना। विफलता-सफलता आती रहती है। लेकिन कोशिश करता हूं, विफलता से ज्‍यादा से ज्‍यादा सीखने का प्रयास करता हूं।

प्रश्‍न - आप राजनीति में नहीं होते तो क्‍या होते?

प्रधानमंत्री जी:
देखिए जीवन का सबसे बड़ा आनंद ये होता है, बालक रहने का.. बालक बने रहने का कितना आनंद होता है और जब बड़े हो जाते हैं तब पता चलता है कि बालकपन छूटने का कितना नुकसान होता है तो अगर ईश्‍वर मुझे पूछता कि क्‍या चाहते हो तो मैं कहता जिन्‍दगी भर बालक बना रहूं।

प्रश्‍न – कठिनाइयों का सामना करते हुए सफलता का राज।

प्रधानमंत्री जी:
मैं समझता हूं अभी मुझे ये सवाल पूछा ही गया है, करीब-करीब वैसा ही सवाल है। जीवन में किसी को भी अगर कोई भी क्षेत्र हो अगर सफल होना है तो हमें पता होना चाहिए कि मुझे कहा जाना है, हमें पता होना चाहिए कि किस रास्‍ते जाना तय है, हमें पता होना चाहिए, हमें पता होना चाहिए कैसे जाना है, हमें पता होना चाहिए कब तक जाना है। अगर इन बातों में हमारी सोच एकदम स्‍पष्‍ट होगी तो फिर विफलताएं आएंगी तो भी, रूकावटें आएंगी तो भी आपका लक्ष्‍य कभी ओझल नहीं होगा। ज्‍यादातर लोगों को क्‍या होता है अगर आज कोई अच्‍छी movie देख करके आ गए तो आप पूछोगे कि आप क्‍या चाहते हो तो शाम को कह देगा, मैं actor बनना चाहता हूं।

आज कहीं world cup देख करके आया किसी ने पूछ लिया कि क्‍या चाहते हो तो बोले मुझे cricketer बनना है। युद्ध चल रहा है सेना के जवान शहीद हो रहे है, तो खबरें आ रही है तो मन करता है नहीं-नहीं अब तो बस सेना में जाना है और देश के लिए मर-मिटना है। ये जो रोज नए-नए विचार करते हैं उनके जीवन में कभी भी सफलता नहीं आती और इसलिए हमारी मन की जो इच्‍छा है वो seal होनी चाहिए। आज एक इच्‍छा कल दूसरी इच्‍छा परसों तीसरी इच्‍छा, तो फिर लोग कहते हैं- ये तो बड़ा तरंगिया! ये कल तो ये सोचता था-ये सोचता था, ये तो बेकार है.. तो इच्‍छा seal होनी चाहिए और जब इच्‍छा seal हो जाती है, तो अपने आप में संकल्‍प बन जाती है और एक बार संकल्‍प बन गया फिर पीछे मुड़ करके देखना नहीं चाहिए। बाधाएं हो कठिनाईयां हो, तकलीफें हो हमें लगे रहना है। सफलता आपके कदम चूमती हुई चली आएंगी।

अच्‍छा आप में से.. यहां रहते हो, इतना बड़ा परिसर है, आपमें से कभी किसी को बहुत अच्‍छे खिलाड़ी बनने की इच्‍छा होती है? Sports man! है किसी को.. हरेक को पढ़-लिख करके बाबू बनना है। अभी मैं पूछूंगा पुलिस अफसर किस को बनना है, तो सब हाथ ऊपर करेंगे, डॉक्‍टर किसने बनना है, सब हाथ ऊपर करेंगे, ऐसा ही होता है न! अच्‍छा आपके मन में.. कुछ बनने के लिए कर रहे हो काम क्‍या? क्‍या बनने के लिए कर रहे हो? जो डॉक्‍टर बनने के लिए कर रहे हैं, वो जरा खड़े हो जाएं, जो डॉक्‍टर बनने के लिए मेहनत कर रहे हैं.. बैठिए। जो कलेक्‍टर बनने के लिए काम कर रहे हैं वो कौन-कौन हैं? .. अच्‍छा। जो लोग आईआईटी में जाना चाहते हैं, उसके लिए कर रहे हैं वो कौन-कौन हैं? एक बात बताऊं? अगर सपने देखने हैं तो बनने के सपने कम देखो करने के सपने ज्‍यादा देखो और एक बार करने के सपने देखोगे तो आपको उसे करने का आनंद और आएगा।

लेकिन मैं चाहूंगा.. इतना बढि़या परिसर है, अभी से तय करना चाहिए कि तीन खेल में, तीन खेल के अंदर... तो ये हमारी धरती, ये हमारी आदिवासियों की भूमि.. हम दुनिया में नाम कमा करके ले आएंगे और आप देखिए ला सकते हैं। आपने एक साल पहले देखा होगा, पड़ोस में, झारखंड में अपनी बालिकाएं.. कोई साधन नहीं था उनके पास लेकिन अंतर्राष्‍ट्रीय जगत में गए। बेचारों के पास वो कपड़े भी नहीं थे, कुछ नहीं था, विमान क्‍या होता है ये मालूम भी नहीं था लेकिन दुनिया में नाम कमा करके आ गए, खेल के अंदर। .. झारखंड की आदिवासी बालिकाएं थी। हमारे मन में इरादा रहना चाहिए कि सिर्फ खेलने के लिए नहीं, एक अच्‍छा खिलाड़ी बनने के लिए मैं एक माहौल बनाऊंगा। मैं खुद एक अच्‍छा खिलाड़ी बनूंगा। .. और जहां ये परिसर होता है वहां अच्‍छे खिलाड़ी तैयार करने की संभावना होती है, talent search करने की संभावना होती है और मैं चाहूंगा कि इस बढि़या परिसर में.. ।

दूसरा, आपमें से कितने लोग हैं जो बिल्‍कुल सप्‍ताह में एक दिन भी खेलने की बात आए तो कमरे के बाहर नहीं निकलते, शर्मा जाते हैं, घबरा जाते हैं, कितने हैं? .. हां बताएंगे नहीं आप लोग। देखिए जीवन में खेल-कूद होना चाहिए, कितना भी पढ़ना क्‍यों न हो। दिन में तीन-चार बार तो पसीना आना ही चाहिए, इतनी मेहनत करनी चाहिए, दौड़ना चाहिए, खेल-कूद करना चाहिए। उससे पढ़ाई को कोई नुकसान नहीं होता। sports है, तो sports man spirit आता है और sports man spirit आता है तो जीने का भी एक अलग आनंद आता है। तो करेंगे? करेंगे? दिन में चार बार पसीना छूट जाए, ऐसा करेंगे? तो क्‍या इसके लिए धूप में जाकर खड़े रहेंगे क्‍या? ऐसा तो नहीं करेंगे न।

धन्‍यवाद

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TMC के संरक्षण में रहे अपराधियों को सजा मिलेगी: जादवपुर,पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी
April 24, 2026
मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जाएंगे: पीएम मोदी
TMC ने बंगाल की पहचान को नष्ट कर दिया है, यहाँ घुसपैठियों को बसाया जा रहा है, वे जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और लोगों का रोजगार छीन रहे हैं: जादवपुर में पीएम मोदी
आप हमें आशीर्वाद दीजिए, हम आपको TMC के भय से आजादी दिलाएंगे: जादवपुर में पीएम मोदी ने नेताजी के विचारों को दोहराया

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

मैं अपना भाषण प्रारंभ करूं उससे पहले... मैं देख रहा हूं छोटे-छोटे कलाकार बालक कुछ चित्र बनाकर ले आए हैं। ये तो बड़ी अमृत टोकड़ी लेकर के आए हैं...लगता है आपका ये प्यार मेरी बहुत बड़ी अमानत है। आप अगर पीछे एड्रेस लिखा होगा तो मैं आपको धन्यवाद की चिट्ठी भेजूंगा। आप जो भी लाए हैं मेरे एसपीजी के साथियों को दे दीजिए.. मैं आपको जरूर पत्र भेजूंगा। वहां दो बालक एकदम दूर खड़े हैं... उनसे ले लीजिए... बढ़िया-बढ़िया ड्रॉइंग बनाकर ले आए हैं आप लोग। मेरा सौभाग्य है आपका इतना प्यार...

भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की..

मैं भाषण शुरू करूं उससे पहले यहां के जो कैंडिडेट्स हैं... उनसे आग्रह करता हूं कि जरा आगे आ जाएं... जो ये चुनाव में कैंडिडेट है वो जरा आगे आ जाएं... मैं एक बार उनसे मिलकर के आता हूं आप लगातार भारत माता की जय बोलते रहिए... बोलिए भारत माता की... जय सत्य नारायण। जय राधा - माधव, जय मां दयामयी काली.... जादवपुर बासी, केमोन आछेन सबाइ?

सबसे पहले मैं शिबानी पीठ की मां काली… और विशालाक्षी माता को प्रणाम करता हूं। मैं चैतन्य महाप्रभु के चरणों में भी नमन करता हूँ।

भाइयों बहनों, सबसे पहले तो मैं आप सबसे क्षमा मांगता हूं... क्योंकि आप लंबे समय से धूप में खड़े हैं... हमारी योजना ये सारी बेकार हो गई पंडाल छोटा पड़ गया, लेकिन आपका प्यार बढ़ता ही जा रहा है। मैं आप सबसे क्षमा चाहता हूं कि हम पूरी व्यवस्था नहीं कर पाए और उसके कारण आपको इतनी भयंकर गर्मी में भरी दुपहरी में तपना पड़ रहा है। लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं आप जो धूप में तप कर रहे है ना मैं आपका तप बेकार नहीं जाने, मैं आपके इस तप को ब्याज समेत लौटाऊंगा, आपके इस प्यार को ब्याज समेत लौटाऊंगा इस क्षेत्र का विकास कर के।

भाइयों-बहनों,

बंगाल के पहले चरण का मतदान हो चुका है...और बंपर मतदान हुआ है...जबरदस्त मतदान हुआ है। देश आजाद होने के बाद देश ने कभी ऐसा देखा नहीं जो इस बार बंगाल के लोगों ने कर के दिखाया है। हर तरफ यही चर्चा है कि बीजेपी को कितना बड़ा समर्थन बंगाल में मिला है...आज बंगाल के छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारी... भयमुक्त होकर बीजेपी के साथ हैं। आज बंगाल के टैक्सी वालों से लेकर रिक्शा चलाने वाले तक... भयमुक्त होकर बीजेपी की सरकार के लिए समर्थन दे रहे हैं। आज नाव चलाने वालों हो या नाम कमाने वाले हो हर कोई खुलेआम परिवर्तन के लिए भाजपा के भरोसे पर बंगाल का भाग्य बनाने के लिए तैयार है। आज बंगाल के सरकारी कर्मचारी से लेकर बंगाल के पुलिस कर्मी तक...भयमुक्त होकर उज्ज्वल बंगाल के लिए मैंदान में आए हैं। बंगाल के शिक्षक...यहां के वकील, यहां के डॉक्टर...हर प्रोफेशन के लोग बीजेपी के समर्थन में उतरे हुए हैं। हर कोई कह रहा है… चारों तरफ से ही गूंज रही है एक ही नारा सुनाई दे रहा है एक ही आवाज आ रही है पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार...

साथियों,

पहले चरण के मतदान ने ये पक्का कर दिया है कि कई जिलों में TMC का खाता भी नहीं खुलेगा। अब दूसरे चरण में आपको TMC की करारी हार पर...और विकसित बंगाल के संकल्प पर पक्की मुहर लगानी है। लगाओगे... ज्यादा से ज्यादा मतदान करोगे... ये कल जो हुआ है उसका रिकॉर्ड तोड़ोगे... ये कल जिन्होंने मतदान किया है.. उन्होंने आपके लिए चुनौती खड़ी कर दी है... करोगे मतदान इतना। साथियों- बीजेपी की विजय विशाल और निर्णायक हो...बंगाल में विकास का नया युग पूरी ताकत से आए...अब 29 अप्रैल को, ये काम आपको करना है। ये बंगाल के सामने बहुत बड़ा मौका है। और इसलिए एक भी वोट छूटना नहीं चाहिए। मेरा आपसे आग्रह है... बीजेपी के सभी प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताकर भेजिए...

साथियों,

पिछले 15 वर्षों में TMC ने बंगाल को केवल और केवल लूटने का काम किया है। ऐसा कोई काम नहीं जहां टीएमसी का करप्शन नही.. इसलिए बंगाल की जनता कह रही है भर्ती घोटाला चोलबे ना.. भर्ती घोटाला..भर्ती घोटाला… पूरी ताकत से बोलिए… भर्ती घोटाला… भर्ती घोटाला… . चिटफंड घोटाला… चिटफंड घोटाला… कोयला खनन घोटाला… कोयला खनन घोटाला… बालू के खनन में घोटाला… पूरी ताकत से बोलिए आप मेरे से भी आपकी ताकत ज्यादा होनी चाहिए… गरीबों के राशन की लूट… चोलबे ना.. गरीबों के राशन की लूट…तस्करों को छूट… कटमनी… कमीशन…

साथियों,

पिछले 15 वर्षों में टीएमसी की सरकार ने बंगाल की पहचान को तहस-नहस कर दिया है। बंगाल में घुसपैठियों को लाकर बसाया जा रहा है। यहां घुसपैठिए बंगाल की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, यहां के लोगों का रोजगार छीन रहे हैं। एक ओर टीएमसी का करप्शन दूसरी ओर घुसपैठियों का दबाव बंगाल के युवाओं को अपना घर छोड़कर....रोजगार की तलाश में पलायन करना पड़ रहा है।इस समस्या का समाधान तभी होगा, जब TMC पूरी तरह जाएगी और बीजेपी पूरी शक्ति से आएगी। इसलिए, करप्शन और घोटालों से मुक्ति के लिएस पोल्टानो दोरकार,.. पोल्टानो दोरकार,.. युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए-पोल्टानो दोरकार, बंगाल की सुरक्षा और सम्मान के लिए-पोल्टानो दोरकार,

साथियों,

भाजपा का विश्वास है कि बेटी सशक्त होगी, तो समाज सशक्त होगा।

इसीलिए, हम हर योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना चाहते हैं।

हम चाहते हैं, कि बंगाल की हर बहन आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने। उसके पास आगे बढ़ने के लिए अवसरों की कमी ना हो। लेकिन आपने देखा, कुछ दिन पहले देश की संसद में कैसे टीएमसी और उसके साथियों ने महिला आरक्षण का विरोध किया। देश चाहता है कि राजनीति में बेटियों की भागीदारी बढ़े, लेकिन टीएमसी नहीं चाहती। भाजपा चाहती है कि देश की नारी शक्ति सशक्त हो, लेकिन टीएमसी इसके विरोध में खड़ी हो गई है। आज बंगाल में हमारे साथी घर-घर जाकर मातृशक्ति भोरशा कार्ड दे रहे हैं। हर बहन को हर महीने तीन हजार रुपए का भरोसा मिल रहा है। यानि 36 हजार रुपया.. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं....बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी....उसके बाद, महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई और कदम उठाए जाएंगे। जिन अपराधियों और गुंडों को TMC सरकार में पाला गया है.... महिलाओं के खिलाफ बलात्कार जैसी घटनाओं के जो दोषी हैं... ऐसे हर अपराधी को.... ऐसे हर अपराधी को कानून सजा देगा। और हम सजा दिलवाकर रहेंगे। TMC राज में यहाँ बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन, बीजेपी राज में एक भी बलात्कारी, एक भी क्रिमिनल सुरक्षित नहीं रहेगा। सबका हिसाब होगा। और ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

जादवपुर में सिंडिकेट ने यहां के विकास को अपना बंधक बना लिया है। यहां बालू, ईंट और सीमेंट की सप्लाई पर किसका कब्ज़ा है? क्या ये किसी से छिपा है? बीते वर्षों में अवैध निर्माण के मामले कई गुना बढ़ गए हैं। जो लोग खुद को जादवपुर का शुभचिंतक कहते हैं, वो जमीनों पर अवैध कब्ज़ा कर रहे हैं। जादवपुर के वेटलैंड्स को देख लीजिए .. यहां लैंड माफिया कैसे पर्यावरण को निगल रहे हैं। क्या ये सब बिना निर्मम सरकार की मिलीभगत के हो सकता है? और अगर कोई अपनी जमीन पर घर बनाने की कोशिश करे, तो उन्हें सिंडिकेट वालों को प्रोटेक्शन मनी देनी पड़ती है। ऐसे हालात को हमें बदलना ही होगा।

साथियों,

जादवपुर यूनिवर्सिटी का नाम दुनिया भर में सम्मान से लिया जाता था। इस कैंपस की नींव ही राष्ट्रवाद पर रखी गई थी। लेकिन आज यहाँ की स्थिति देखिए। कैंपस के अंदर धमकियां दी जा रही हैं, दीवारों पर देशविरोधी बातें लिखी जा रही हैं... और छात्र अपनी पढ़ाई के बजाय सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। हम यहाँ अराजकता नहीं, academic माहौल चाहते हैं.. हम यहाँ धमकियां नहीं, संवाद चाहते हैं। जो सरकार अपने ही राज्य के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान को नहीं बचा सकती, वो बंगाल का भविष्य क्या बचाएगी? बंगाल के नौजवानों का भविष्य क्या बचाएगी…

साथियों,

देश जब अंग्रेज़ों के अत्याचार से, अंग्रेज़ों दमन से तंग आ चुका था...

तब नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आज़ादी की आस जगाई थी...उन्होंने पूरे देश आह्वान किया थी... तुम मुझे खून दो...मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा। आज बंगाल...15 साल के महा-जंगलराज से परेशान है। 15 सालों के महा-जंगलराज में...यहां बहुत खून बहाया गया है। लेकिन अब बंगाल में नई क्रांति का आरंभ हो रहा है। इस क्रांति के मूल में आप हैं, जनता-जनार्दन है… यहां को नौजवान है… यहां बहनें हैं बेटियां हैं , यहां का किसान है, यहां का मजदूर है… और ये क्रांति आने का रास्ता क्या है

भारत के संविधान से आपको मिली एक वोट की ताकत है। एक वोट की ताकत है। इसलिए, मैं आप सभी से एक विनम्र आग्रह करने आया हूं… भाई ये चित्र ले लो इस बेटी से… एक मिनट बेटा ले लेते हैं...कितनी मेहनत करोगे.. दे दीजिए... धन्यवाद... धन्यवाद बेटा...नेताजी सुभाष बाबू ने कहा था तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा। बंगाल के मेरे भाइयों बहनोंं आप हमें आशीर्वाद दीजिए, हम आपको आज़ादी देंगे।… आप हमें आशीर्वाद दीजिए, हम आपको आज़ादी देंगे। आज़ादी...TMC के भॉय से। आज़ादी...TMC के भ्रष्टाचार से। आज़ादी...TMC के सिंडिकेट से। आज़ादी...बेटियों पर अत्याचार से। आज़ादी...पलायन की मजबूरी से। आज़ादी...बेरोजगारी और बेकारी से। आज़ादी...घुसपैठियों के कब्ज़े से।

साथियों,

कमल छाप पर दिया आपका हर वोट...पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई... हर चीज़ की आज़ादी देगा। कमल छाप पर दिया, आपका हर वोट...उस सोच से आज़ादी देगा...जो बंगाल में हिंसा और रक्तपात को बढ़ावा देती है। कमल छाप पर दिया आपका हर वोट...आपके सपनों को उड़ान देगा...बंगाल को फिर से भारत का नंबर वन स्टेट बनाएगा।

कमल छाप पर दिया आपका हर वोट...बंगाल को...डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का बंगाल बनाएगा।

साथियों,

जादवपुर और साउथ 24 परगना में बड़ी संख्या में हमारे दलित-वंचित वर्ग के लोग रहते हैं। बंगाल में TMC की सरकार है। लेकिन, हमारे इन दलित भाई-बहनों को पिछड़े भाई-बहनों को इस समाज की सेवा वो नहीं किए. मैं आपको वादा करता हूं कि हम करके रहेंगे , हम आप की सेवा के लिए खप जाएंगे। हमने उज्ज्वला योजना में इस जिले में 11 लाख गैस सिलिंडर दिये हैं। इनमें से लगभग 3 लाख गैस कनेक्शन SC/ST परिवारों को मिले हैं। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत यहां साढ़े चार लाख किसानों को मदद मिल रही है। इन्हें यहां अब तक 1000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। इनमें बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान वर्ग से आते हैं। ऐसी कितनी ही योजनाएँ केंद्र सरकार इस वर्ग के लिए चला रही है। लेकिन भाइयों बहनों, यहाँ बैठी TMC सरकार खुद तो दलित-वंचित वर्ग के खिलाफ है ही...वो केंद्र सरकार की दलितों के लिए वंचितों के लिए जो योजनाएं हैं, उनमें भी अड़ंगे लगा रही है। आप मुझे बताइये...बीजेपी सरकार गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा देना चाहती है। इसके लिए, हम आयुष्मान भारत योजना चला रहे हैं। गरीब परिवारों के 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज का खर्च मोदी सरकार उठाती है। लेकिन TMC ने इस योजना को बंगाल में रोक रखा है। पीएम आवास योजना में भी टीएमसी सरकार घपला कर रही है। सही लाभार्थी को पक्के घर मिलने नहीं दिए जा रहे हैं।

साथियों,

ये जादवपुर का सुभाषग्राम, कोडालिया... ये क्षेत्र नेताजी सुभाष की विरासत से जुड़ा है। इतना गौरवशाली क्षेत्र...लेकिन, आज यहाँ लोग साफ पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आर्सेनिक की वजह से कई जगह पानी जहरीला हो रहा है। गरीब, दलित, वंचित समाज के लोगों का जीवन दांव पर लगा है। लेकिन, TMC सरकार ने इसका कोई ठोस समाधान नहीं दिया है। हमारी केंद्र सरकार ने हर घर नल से साफ जल पहुंचाने के लिए जलजीवन मिशन शुरू किया है। लेकिन, TMC ने उसे भी अपने भ्रष्टाचार का शिकार बना लिया है।

भाइयों बहनों,

इन समस्याओं का समाधान अब दूर नहीं है। 4 मई के बाद बीजेपी की सरकार बनेगी। भारी बहुमत से बनेगी। इसी के साथ, बंगाल की परेशानियों का अंत भी शुरू हो जाएगा। बंगाल के लोगों को, यहाँ के एससी-एसटी समाज को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी मिलने लगेगा। आप याद रखिएगा... पीएम-सीएम, एक शाथे… पीएम-सीएम, एक शाथे, उन्नोयोन होबे दिने-राते!

साथियों,

कमल के बटन को दबाकर मेरे इन सभी साथियों को मेरे सभी उम्मीदवारों को आप विजयी बनाएं। मुझे विश्वास है बंगाल की माताएं बहने और बेटियां बंगाल में बदलाव के सबसे बड़ी शक्ति बनेगी। आप इतनी बड़ी संख्या में अपना आशीर्वाद देने यहां आए इसके लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

दोनों हाथ ऊपर उठाकर के मुट्ठी बंद कर के पूरी ताकत से बोलिए भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...