योजना के तहत 1 लाख रेहड़ी पटरी वालों को ऋण वितरित किए
दिल्ली मेट्रो के चरण 4 के दो अतिरिक्त कॉरिडोर की आधारशिला रखी
“पीएम स्वनिधि योजना रेहड़ी पटरी वालों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है”
“रेहड़ी पटरी वालों के ठेले और दुकानें भले ही छोटी हों, लेकिन उनके सपने बहुत बड़े होते हैं”
“पीएम स्वनिधि योजना लाखों रेहड़ी पटरी वालों के परिवारों के लिए समर्थन प्रणाली बन गई है”
“मोदी गरीबों और मध्यम वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, मोदी की सोच ‘जनता के कल्याण से राष्ट्र का कल्याण’ है”
“आम नागरिकों के सपनों और मोदी के संकल्प की साझेदारी ही उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है”

केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी हरदीप सिंह पुरी जी, भागवत कराड जी, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर, वी के सक्सेना जी, यहां उपस्थित अन्य सभी महानुभाव, और आज के कार्यक्रम की विशेषता ये है कि देश के सैंकड़ों शहरों में लाखों रेहड़ी-पटरी वाले हमारे भाई बहन वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से हमारे साथ जुड़े हुए हैं। मैं उन सबका भी स्वागत करता हूं।

आज का ये, पीएम स्वनिधि महोत्सव, उन लोगों को समर्पित है जो हमारे आसपास तो रहते ही हैं और जिनके बिना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी की कल्पना भी मुश्किल है। और कोविड के समय सबने देख लिया कि रेहड़ी-पटरी वालों की ताकत क्या होती है। हमारे रेहड़ी-पटरी वाले, ठेले वाले, सड़क किनारे दुकान लगाने वाले ऐसे हर साथी का मैं आज इस उत्सव में हृदय से बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। आज देश के कोने-कोने से जो साथी जुड़े हैं, उनको भी इस पीएम स्वनिधि का एक विशेष लाभ आज एक लाख लोगों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत सीधे उनके बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए हैं। और सोने में सुहागा है, आज यहां, दिल्ली मेट्रो के लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक और इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक मेट्रो प्रोजेक्ट का भी उसके विस्तार का शिलान्यास हुआ है। ये दिल्ली के लोगों के लिए डबल तोहफ़ा है। मैं आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारे देशभर के शहरों में बहुत बड़ी संख्या में रेहड़ी-फुटपाथ पर, ठेले पर लाखों साथी काम करते हैं। ये वो साथी हैं, जो आज यहां मौजूद हैं। जो स्वाभिमान से मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इनके ठेले, इनकी दुकान भले छोटी हो, लेकिन इनके सपने छोटे नहीं होते हैं, इनके सपने भी बड़े होते हैं। अतीत में पहले की सरकारों ने इन साथियों की सुध तक नहीं ली। इनको अपमान सहना पड़ता था, ठोकरें खाने के लिए मजबूर होना पड़ता था। फुटपाथ पर सामान बेचते हुए पैसे की जरूरत पड़ जाती थी, तो मजबूरी में महंगे ब्याज़ पर पैसा लेना पड़ता था। और लौटाने में अगर कुछ दिन की देरी हो गई, अरे कुछ घंटे की देरी हो गई तो अपमान के साथ-साथ ब्याज भी ज्यादा भरना पड़ता था। और बैंकों में खाते तक नहीं थे, बैंकों में प्रवेश ही नहीं हो पाता था, तो लोन मिलने का तो सवाल ही नहीं उठता है। खाता खुलवाने तक के लिए भी अगर कोई पहुंच भी गया तो भांति-भांति की गारंटी उसको देनी पड़ती थी। और ऐसे में बैंक से लोन मिलना भी असंभव ही था। जिनके पास बैंक खाता था, उनके पास व्यापार का कोई रिकॉर्ड नहीं होता था। इतनी सारी समस्याओं के बीच कोई भी व्यक्ति कितने ही बड़े सपने हो लेकिन आगे बढ़ने के लिए कैसे सोच सकता है? आप साथी मुझे बताइए, मैं जो वर्णन कर रहा हूं क्या ऐसी समस्याएं आपको थीं कि नहीं थी? सबको थी? पहले की सरकार ने आपकी ये समस्याएं न सुनी, न समझीं, न समस्या का समाधान करने के लिए कभी कोई कदम उठाया। आपका ये सेवक गरीबी से निकलकर यहां पहुंचा है। मैं गरीबी को जीकर के आया हूं। और इसलिए जिसको किसी ने नहीं पूछा, उन्हें मोदी ने पूछा भी है और मोदी ने पूजा भी है। जिनके पास गारंटी देने के लिए कुछ नहीं था, तो मोदी ने कह दिया था बैंकों से भी और रेहड़ी पटरी वाले भाई-बहन को भी अगर आपके पास गारंटी देने के लिए कुछ नहीं है तो चिंता मत कीजिए मोदी आपकी गारंटी लेता है, और मैंने आपकी गारंटी ली। और मैं आज बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि मैंने बड़े-बड़े लोगों की बेईमानी को भी देखा है और छोटे-छोटे लोगों की ईमानदारी को भी देखा है। पीएम स्वनिधि योजना मोदी की ऐसी ही गारंटी है, जो आज रेहड़ी, पटरी, ठेले, ऐसे छोटे-छोटे काम करने वाले लाखों परिवारों का संबल बनी है। मोदी ने तय किया कि इनको बैंकों से सस्ता ऋण मिले, और मोदी की गारंटी पर लोन मिले। पीएम स्वनिधि इसके तहत पहले, पहली बार जब आप लोन लेने जाते हैं तो 10 हज़ार रुपया देते हैं। अगर आप उसको समय पर चुकाते हैं तो बैंक खुद आपको 20 हजार की ऑफर करता है। और ये पैसा भी समय पर चुकाने पर, और डिजिटल लेन-देन करने पर 50 हजार रुपए तक की मदद बैंकों से सुनिश्चित हो जाती है। और आज आपने यहां देखा, कुछ लोग वो थे जिनको 50 हजार वाली किस्त मिली है। यानि छोटे कारोबार को विस्तार देने में पीएम स्वनिधि योजना से बहुत बड़ी मदद मिली है। अभी तक देश के 62 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 11 हज़ार करोड़ रुपए मिल चुके हैं। से आंकड़ा छोटा नहीं है, रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के हाथ में ये मोदी का उन पर भरोसा है कि 11 हजार करोड़ रुपए उनके हाथ में दिए हैं। और अब तक का मेरा अनुभव है, समय पर पैसे वो लौटाते हैं। और मुझे खुशी है कि पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों में आधे से अधिक हमारी माताएं-बहनें हैं।

साथियों,

कोरोना के समय में जब सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना शुरू की थी, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि ये कितनी बड़ी योजना बनने जा रही है। तब कुछ लोग कहते थे कि इस योजना से कुछ खास फायदा नहीं होगा। लेकिन पीएम स्वनिधि योजना को लेकर हाल में जो स्टडी आई है, वो ऐसे लोगों की आंखें खोल देने वाली है। स्वनिधि योजना की वजह से रेहड़ी-फुटपाथ-ठेले पर काम करने वालों की कमाई काफी बढ़ गई है। खरीद-बिक्री का डिजिटल रिकॉर्ड होने की वजह से अब बैंकों से आप सभी को मदद मिलने में भी आसानी हो गई है। यही नहीं, डिजिटल लेन-देन करने पर इन साथियों को साल में 1200 रुपए तक का कैशबैक भी मिलता है। यानि एक प्रकार का प्राइज मिलता है, ईनाम मिलता है।

साथियों,

रेहड़ी-फुटपाथ-ठेले पर काम करने वाले आप जैसे लाखों परिवारों के लोग शहरों में बहुत कठिन परिस्थितियों में रहते रहे हैं। आप में से ज्यादातर, अपने गांवों से आकर शहरों में ये काम करते हैं। ये जो पीएम स्वनिधि योजना है, ये सिर्फ बैंकों से जोड़ने का कार्यक्रम भर नहीं है। इसके लाभार्थियों को सरकार की दूसरी योजनाओं का भी सीधा लाभ मिल रहा है। आप जैसे सभी साथियों को मुफ्त राशन, मुफ्त इलाज और मुफ्त गैस कनेक्शन की सुविधा मिल रही है। आप सभी जानते हैं कि कामकाजी साथियों के लिए शहरों में नया राशन कार्ड बनाना कितनी बड़ी चुनौती थी। मोदी ने आपकी इस परेशानी को दूर करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसलिए, एक देश एक राशन कार्ड, One Nation One Ration Card, योजना बनाई गई है। अब एक ही राशन कार्ड पर देश में कहीं पर भी राशन मिल जाता है।

साथियों,

रेहड़ी-फुटपाथ-ठेले पर काम करने वाले ज्यादातर साथी झुग्गियों में रहते हैं। मोदी ने इसकी भी चिंता की है। देश में जो 4 करोड़ से अधिक घर बने हैं, इनमें से करीब एक करोड़ घर शहरी गरीबों को मिल चुके हैं। देश के अलग-अलग शहरों में इसका बड़ा लाभ गरीबों को मिल रहा है। भारत सरकार राजधानी दिल्ली में भी झुग्गियों की जगह पक्के आवास देने का बड़ा अभियान चला रही है। दिल्ली में 3 हज़ार से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है, और साढ़े 3 हज़ार से अधिक घर जल्दी ही पूरे होने वाले हैं। दिल्ली में अनाधिकृत कॉलोनियों के रेगुलराइजेशन का काम भी तेज़ी से पूरा किया जा रहा है। हाल में भारत सरकार ने पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना भी शुरु की है। इस योजना के तहत छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद देगी। इससे 300 यूनिट तक फ्री बिजली मिलेगी। बाकी बिजली, सरकार को बेचकर कमाई भी होगी। सरकार इस योजना पर 75 हजार करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है।

साथियों,

केंद्र की भाजपा सरकार दिल्ली में गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन बेहतर बनाने के लिए दिन रात काम कर रही है। एक तरफ हमने शहरी गरीबों के लिए पक्के घर बनाए, तो मध्यम वर्ग के परिवारों का घर बनाने के लिए भी मदद की। देशभर में मिडिल क्लास के लगभग 20 लाख परिवारों को घर बनाने के लिए करीब 50 हज़ार करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जा चुकी है। हम देश के शहरों में ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए ईमानदारी से जुटे हुए हैं। इसके लिए देश के दर्जनों शहरों में मेट्रो सुविधा पर काम हो रहा है, इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। दिल्ली मेट्रो का दायरा भी 10 साल में करीब-करीब दोगुना हो चुका है। दिल्ली जितना बड़ा मेट्रो नेटवर्क, दुनिया के गिने-चुने देशों में है। बल्कि अब तो दिल्ली-NCR, नमो भारत, जैसे रैपिड रेल नेटवर्क से भी जुड़ रहा है। दिल्ली में ट्रैफिक से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए भी हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में एक हजार से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलवाई हैं। दिल्ली के चारों तरफ जो एक्सप्रेस-वे हमने बनाए हैं, उससे भी ट्रैफिक और प्रदूषण की समस्या कम हो रही है। कुछ दिन पहले ही द्वारका एक्सप्रेस-वे का भी लोकार्पण हुआ है। इससे दिल्ली की बहुत बड़ी आबादी का जीवन आसान होगा।

साथियों,

भाजपा सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि गरीब और मिडिल क्लास के युवा, खेलकूद में आगे बढ़ें। इसके लिए बीते 10 वर्षों में हमने हर स्तर पर माहौल बनाया है। खेलो इंडिया योजना से देशभर में सामान्य परिवारों के वो बेटे-बेटियां भी आगे आ रहे हैं, जिन्हें पहले अवसर मिलना असंभव था। आज उनके घर के आसपास ही अच्छी खेल सुविधाएं बन रही हैं, सरकार उनकी ट्रेनिंग के लिए मदद दे रही है। इसलिए, मेरे गरीब परिवार से निकले खिलाड़ी भी तिरंगे की शान बढ़ा रहे हैं।

साथियों,

मोदी, गरीब और मध्यम वर्ग का जीवन बेहतर बनाने में जुटा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ, इंडी गठबंधन है, जो मोदी को दिन-रात गालियां देने के घोषणापत्र के साथ दिल्ली में एकजुट हो गया है। ये जो इंडी गठबंधन है, इनकी विचारधारा क्या है? इनकी विचारधारा है, कुशासन की, करप्शन की और देश विरोधी एजेंडे को हवा देने की। और मोदी की विचारधारा है- जनकल्याण से राष्ट्रकल्याण की, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण को जड़ से मिटाने की, और भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक ताकत बनाने की। ये कहते हैं कि मोदी का परिवार नहीं है। मोदी के लिए तो देश का हर परिवार, अपना परिवार है। और इसलिए आज पूरा देश भी कह रहा है- मैं हूं, मोदी का परिवार !

साथियों,

देश के सामान्य मानवी के सपने और मोदी के संकल्प, यही साझेदारी, शानदार भविष्य की गारंटी है। एक बार फिर दिल्लीवासियों को, देशभर के स्वनिधि लाभार्थियों को बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत शुभकामनाएं, धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री 1 अगस्त को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के दौरे पर जाएंगे
July 31, 2026
प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला और उनका उद्घाटन कर राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री भोगपुरम में अत्याधुनिक अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी उद्घाटन करेंगे
5,640 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का उद्देश्य हवाई संपर्क को मजबूत करना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है
हवाई अड्डे के टर्मिनल का डिज़ाइन आंध्र प्रदेश के चुट्टिलू कॉटेज, अरकु घाटी और फ्लाइंग फिश से प्रेरित है
प्रधानमंत्री आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर विनिर्माण सुविधा की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री मैसूरु के श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र -विवेक स्मारक का भी उद्घाटन करेंगे
विवेक स्मारक का निर्माण स्वामी विवेकानंद की नवंबर 1892 में मैसूरु की ऐतिहासिक यात्रा की स्मृति में किया गया है
विवेक स्मारक मूल्य-आधारित शिक्षा, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की यात्रा पर जाएंगे। प्रधानमंत्री सुबह लगभग 11 बजे आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगपुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के यात्री टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। लगभग 11:30 बजे, प्रधानमंत्री मोदी हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे और भोगपुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 3:30 बजे, प्रधानमंत्री मैसूरु स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।

आंध्र प्रदेश में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आंध्र प्रदेश के भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत 5,640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे को प्रति वर्ष 60 लाख यात्रियों को संभालने के लिए तैयार किया गया है।

यात्री टर्मिनल भवन को भी आधुनिक, सुगम और कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हवाई अड्डे में उन्नत बुनियादी ढांचा, अत्याधुनिक तकनीकें और दीर्घकालिक विशेषताएं शामिल हैं ताकि परिचालन दक्षता को बढ़ाया जा सके और भविष्य की विमानन आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

हवाई अड्डे को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिल्डिंग इंफॉर्मेशन मॉडलिंग (बीआईएम), एयरसाइड 4.0 तकनीक, एयरपोर्ट प्रेडिक्टिव ऑपरेशंस सेंटर (एपीओसी), बायोमेट्रिक यात्री प्रसंस्करण, स्वचालित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और इंटेलिजेंट ऑपरेशनल मॉनिटरिंग सॉल्यूशंस जैसी उन्नत तकनीकों से सुसज्जित किया गया है। इन प्रणालियों से परिचालन दक्षता में वृद्धि, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा में सुधार तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग की आशा है।

इस परियोजना में ऊर्जा-कुशल हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग (एचवीएसी) सिस्टम, ऊर्जा-कुशल प्रकाश व्यवस्था, 5 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन, स्मार्ट बिल्डिंग प्रबंधन प्रणाली, अपशिष्ट प्रबंधन पहल, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण निगरानी उपायों सहित कई सतत विकास संबंधी विशेषताएं शामिल हैं। टर्मिनल को हरित भवन मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है और यह यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (यूएसजीबीसी) में पंजीकृत है।

हवाई अड्डे का वास्तुशिल्प डिज़ाइन आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित है। टर्मिनल की छत का आकार पारंपरिक चुट्टिलू झोपड़ियों और अरकु घाटी के परिदृश्यों को दर्शाता है, जबकि इसका प्रवाहमय रूप उड़ती हुई मछली की मनमोहक गति का प्रतीक है, जो क्षेत्रीय वास्तुशिल्प विशेषताओं को समकालीन हवाई अड्डे के डिज़ाइन के साथ मिश्रित करता है। आशा है कि यह हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा और साथ ही क्षेत्र में हवाई संपर्क को मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री विशाखापत्तनम में 460 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से विकसित की जा रही एएसआईपी सेमीकंडक्टर परियोजना की आधारशिला रखेंगे। इस संयंत्र का विकास एएसआईपी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दक्षिण कोरिया की एपीएसीटी के साथ साझेदारी में किया जा रहा है। यह आंध्र प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र है जिसे भारत सेमीकंडक्टर मिशन के अंतर्गत स्वीकृति मिली है। यह संयंत्र प्रतिवर्ष लगभग 96 मिलियन सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन करेगा और उच्च-कुशल रोजगार के अवसर पैदा करेगा, साथ ही सेमीकंडक्टर विनिर्माण को समर्थन देने के लिए एक मजबूत सहायक इकोसिस्टम को बढ़ावा देगा।

प्रधानमंत्री कुरनूल-IV नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (आरईएच) के एकीकरण के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम- चरण-I (4.5 गीगावाट) की आधारशिला रखेंगे, जिसे पावरग्रिड द्वारा एक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) के माध्यम से लगभग 5,550 करोड़ रुपए के निवेश के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री लगभग 3,550 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित कुरनूल पवन ऊर्जा क्षेत्र/सौर ऊर्जा क्षेत्र (आंध्र प्रदेश)-भाग ए और भाग बी के लिए पारेषण प्रणाली और पावरग्रिड द्वारा 820 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कार्यान्वित अनंतपुरम (2,500 मेगावाट) और कुरनूल (1,000 मेगावाट) में सौर ऊर्जा क्षेत्र के लिए पारेषण योजना का भी उद्घाटन करेंगे।

इन पारेषण परियोजनाओं से कुरनूल और अनंतपुरम के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों से उत्पन्न बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड के माध्यम से देश भर के लाभार्थियों तक पहुंचाना संभव होगा। इनसे ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा की एक बड़ी मात्रा को एकीकृत करने में सुविधा होगी, मांग केंद्रों के लिए स्वच्छ बिजली की उपलब्धता में सुधार होगा और जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम करके भारत के ऊर्जा परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन कम करने के प्रयासों में योगदान मिलेगा।

प्रधानमंत्री 1,880 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला राष्ट्र को समर्पित करेंगे। समर्पित की जाने वाली परियोजनाओं में एनएच-365बीजी के रेचेरला से गुरुवायगुडेम खंड तक का चार लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग, गुरुवायगुडेम से देवरापल्ले खंड तक का चार लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड राजमार्ग और एनएच-67 पर चार लेन वाला ताडीपत्री बाईपास शामिल हैं। प्रधानमंत्री एनएच-565 के पेंचलाकोना-येरपेडु खंड पर लिंगसमुद्रम में उच्च स्तरीय पुल की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं से विजयवाड़ा और कई अन्य शहरों में यातायात जाम कम होगा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, विशाखापत्तनम और हैदराबाद के बीच यात्रा की दूरी और समय कम होगा और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा मिलेगा।

कर्नाटक में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कर्नाटक के मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे।

विवेक स्मारक स्वामी विवेकानंद की भारत यात्रा के दौरान नवंबर 1892 में मैसूरु की ऐतिहासिक यात्रा स्मृति में बनाया गया है। अपने प्रवास के दौरान, उन्होंने प्रवचन दिए, विद्वानों और भक्तों से बातचीत की और महाराजा श्री चामराजेंद्र वाडियार-एक्स का संरक्षण प्राप्त किया, जिनके समर्थन से वे 1893 में शिकागो में आयोजित धर्म संसद में भाग ले सके।

ऐतिहासिक निरंजन मठ में स्थापित विवेक स्मारक 81,000 वर्ग फुट से अधिक के क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें एक मुख्य भवन और एक संलग्न ब्लॉक शामिल है। इसमें एक 4-डी अनुभव केंद्र, एक प्रदर्शनी हॉल, लगभग 700 लोगों की बैठने की क्षमता वाला एम्फीथिएटर, कक्षाएं, सम्मेलन कक्ष, पुस्तकालय, वाचनालय, ध्यान और योग कक्ष तथा पुस्तक स्टॉल स्थित हैं। केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

स्वामी विवेकानंद के जीवन, संदेश और आदर्शों को समर्पित, यह सांस्कृतिक युवा केंद्र मूल्य-आधारित शिक्षा, नेतृत्व विकास और व्यक्तित्व निर्माण के लिए एक जीवंत केंद्र के रूप में कार्य करने का लक्ष्य रखता है। उम्मीद है कि स्वामी विवेकानंद के राष्ट्र निर्माण और चरित्र विकास के दर्शन से प्रेरित व्याख्यानों, कार्यशालाओं, अल्पकालिक पाठ्यक्रमों और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से यह केंद्र आसपास के शिक्षण संस्थानों के 10,000 से अधिक छात्रों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण युवाओं को लाभान्वित करेगा।