लोगों ने बिहार को मजबूत बनाने और परिवर्तन लाने का निर्णय कर लिया है: प्रधानमंत्री मोदी #ParivartanInBihar
मैं बिहार की विकास यात्रा में कंधा से कंधा मिलाकर चलूँगा। अगर आप एक कदम चलेंगे तो मैं सवा कदम चलूँगा: प्रधानमंत्री #ParivartanInBihar
बिहार की प्रगति ही एनडीए का एकमात्र लक्ष्य है। हम युवाओं की शिक्षा, रोजगार एवं उनके कौशल विकास में सुधार करना चाहते हैं: प्रधानमंत्री #ParivartanInBihar

भारत माता की जय

ये जो कोई ऊपर हैं, अगर आप में से कोई नीचे गिरा तो मेरा क्या होगा। मैं देख रहा था कि एयरपोर्ट से यहाँ तक पूरे रास्ते भर ऐसा ही लोगों का हुजूम जमा था  गया वालों से मेरी एक शिकायत है। शिकायत करूं, आप बुरा नहीं मानोगे न। पक्का नहीं मानोगे। मैं गया लोकसभा के चुनाव के समय भी आया था, इसी मैदान में आया था और करीब-करीब इसी समय आया था और चुनाव पीक पर थे तब आया था। मैं ख़ुद चुनाव लड़ रहा था, लोकसभा का चुनाव था, प्रधानमंत्री बनाने का निर्णय करना था लेकिन उस सभा में तो इससे आधे लोग भी नहीं आये थे और आज उससे डबल से भी ज्यादा मैं देख रहा हूँ। हवा का रुख़ मुझे पता चल रहा है। लेकिन मेरी ये शिकायत प्यार की है, नाराजगी की नहीं है। ये शिकायत आपको अभिनंदन करने के लिए है, आपको बधाई देने के लिए है। कमाल कर दिया है आज गया वालों ने। ये हमारे जीतन राम जी की कर्मभूमि है ना।     

मंच पर विराजमान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान अमित भाई शाह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्रीमान मंगल पांडेय जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे वरिष्ठ साथी श्रीमान राम विलास पासवान जी, हम पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमान जीतन राम मांझी जी, केन्द्रीय मंत्री एवं रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान उपेन्द्र कुशवाहा जी, बिहार विधानमंडल के नेता श्रीमान सुशील कुमार मोदी जी, बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता श्रीमान नंद किशोर यादव जी, केंद्र में मंत्रिपरिषद के मेरे साथी श्री अनंत कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री भूपेन्द्र यादव जी, पूर्व मंत्री और हम सबके मार्गदर्शक श्रीमान डॉ. सी पी ठाकुर जी, केंद्र में मेरे साथी मंत्री श्रीमान राधामोहन सिंह जी, श्री रविशंकर प्रसाद जी, श्रीमान राजीव प्रताप रूडी जी, श्री गिरिराज जी, श्री राम कृपाल यादव जी, हम पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान शकुनी चौधरी जी, रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष और मेरे मित्र डॉ. अरुण जी, राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमान शाहनवाज़ हुसैन जी, मंच पर विराजमान सभी वरिष्ठ महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए गया के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

चुनाव बहुत जल्द आ रहे हैं और मैं साफ देख रहा हूँ जनता ने दो फैसले कर लिये हैं। बिहार की जनता ने दो निर्णय कर लिये हैं - एक निर्णय बिहार के जीवन में, बिहार के विकास में, बिहार का भाग्य बदलने के लिए एक आधुनिक ताकतवर नया बिहार बनाने का निर्णय कर लिया है और दूसरा निर्णय बिहार की जनता ने कर लिया है, बिहार में परिवर्तन का। 25 साल से जिनको झेला है, जिनके हर ज़ुल्म को झेला है, जिनके अहंकार को झेला है, जिनकी धोखाधड़ी को झेला है, इन सबसे मुक्ति का पर्व ये चुनाव आने वाला है भाईयों। और ये चुनाव बिहार को जंगलराज से मुक्ति का पर्व बनने वाला है, ये चुनाव बिहार में अहंकारी हुकूमत से मुक्ति का पर्व बनने वाला है।

भाईयों-बहनों, 25 साल हो गए, इन्हीं लोगों ने बिहार पर राज किया है। आप मुझे बताईये, आज जैसे 25 साल बीते हैं, अगर आने वाले 5 साल भी ऐसे बीते तो नौजवान बर्बाद हो जाएगा कि नहीं हो जाएगा? आपका भविष्य तबाह हो जाएगा, आपको बिहार छोड़कर रोजी-रोटी के लिए कहीं जाना पड़ेगा, बूढ़े मां-बाप को छोड़ना पड़ेगा, क्या हम ऐसा बिहार चाहते हैं? क्या बिहार में परिवर्तन चाहिए? बिहार का भला करने वाली सरकार चाहिए? लोकतंत्र में विश्वास करने वाली सरकार चाहिए? अहंकार से मुक्त सरकार चाहिए? जंगलराज के सपनों को चूर-चूर करना चाहिए? इसलिए भाईयों-बहनों, आज मैं बिहार की जनता के पास आया हूँ। मैं आपका आशीर्वाद लेने आया हूँ। क्या करके रख दिया बिहार को? आज भी हिन्दुस्तान के सांस्कृतिक इतिहास की चर्चा कोई करेगा तो उस चर्चा की शुरुआत बिहार के भव्य भूतकाल से होती है। आज भी विश्व में अहिंसा के संदेश की कोई चर्चा करता है तो भगवान बुद्ध का स्मरण करता है तो बात बिहार से प्रारंभ होती है। सत्ता के लिए संघर्ष के बाद जनता की भलाई के लिए सत्य को छोड़ने का महाप्रयास, इसकी भी चर्चा होगी तो यही बिहार से चर्चा होती है। विज्ञान हो, संस्कृति हो, इतिहास हो, वीरता हो, पराक्रम हो, कोई ऐसा विषय नहीं है, हिन्दुस्तान जब भी उसकी चर्चा करे तो चर्चा का प्रारंभ बिहार से होता है।

ऐसी ये महान भूमि, ऐसी ये पवित्र भूमि, उसके सपनों को सत्ता के नशे में बैठे लोगों ने चूर-चूर कर दिए। आधुनिक भारत में भी बिहार ने देश को जितना दिया है, शायद ही हिन्दुस्तान का कोई राज्य इसका दावा कर सकता है जितना बिहार ने देश को दिया है। जब बिहार देश को उत्तम मानव संसाधन दे सकता है आज हिंदुस्तान का कोई राज्य ऐसा नहीं होगा जिस राज्य में बिहार का नौजवान आईएएस बनकर न बैठा हो, कोई राज्य नहीं होगा। भारत के कोने-कोने में बिहार का नौजवान जिस पद पर बैठा है उस राज्य को विकास के नई ऊंचाईयों पर ले जाने का पराक्रम करके दिखाता है। ये बिहार के नौजवानों की ताकत है, ये बिहार के लोगों की ताकत है लेकिन क्या कारण है कि बिहार आगे बढ़ नहीं पा रहा है। क्या कारण है? बिहार को किसने बर्बाद किया? बिहार के सपनों को किसने चूर-चूर किया? बिहार में जंगलराज कौन लाया? बिहार में जंगलराज लाने का और प्रयास कौन कर रहा है? क्या फिर से बिहार को उन 25 साल की बर्बादी की ओर ले जाना है क्या? फिर से उस दोज़ख में जाना है क्या? क्या बिहार बचाना है? क्या नया बिहार बनाना है? क्या बिहार को आगे ले जाना है? तो भाईयों-बहनों, हम कंधे से कंधे मिलाकर चलने के लिए तैयार हैं। अब दिल्ली बिहार के साथ है। अब दिल्ली बिहार का भाग्य बदलने के लिए आपकी सेवा में तैनात है और इसलिए भाईयों-बहनों, आज मैं आपके पास आया हूँ बिहार के जीवन को बदलने के लिए, एक अच्छी सरकार चुनने के लिए आपसे प्रार्थना करने के लिए आया हूँ। बिहार की जनता ने पिछले लोकसभा के चुनाव में मुझपर इतना प्यार बरपाया, इतना प्यार बरपाया कि मैं उस प्यार को ब्याज समेत लौटाना चाहता हूँ, विकास करके लौटाना चाहता हूँ लेकिन जो विकास के लिए प्रतिबद्ध हो, ऐसी सरकार यहाँ होना जरुरी है।

भाईयों-बहनों, गंगाजी तो बहती है लेकिन अगर हम उल्टा लोटा लेकर जाएंगे तो कोई एक बूँद भी पानी नहीं ले पाएंगे। दिल्ली से विकास की गंगा तो बह रही है लेकिन यहाँ के शासकों का अहंकार उल्टा लोटा पकड़े हुए है ताकि दिल्ली के विकास की गंगा बिहार के गाँव-गली में ना पहुंचे। पिछले दिनों जब मैं बिहार आया था, अनेक योजनाओं का शिलान्यास किया। 10-10 साल से रुकी पड़ी थी, कोई देखने को तैयार नहीं था। यही लोग दिल्ली की सरकार को चलाते थे और आज वही लोग साथ मिलकर के बिहार के लोगों को फिर से एकबार जंगलराज की ओर घसीटने के लिए, अपने निजी स्वार्थ के लिए तैयार बैठे हैं। आप मुझे बताईए, ये जो राजनीतिक लाभ लेने के लिए गठबंधन हुआ है, क्या चुनाव के बाद भी ये गठबंधन चलेगा क्या? ये जो जहर अभी पीया गया है, चुनाव के बाद जहर उगलेंगे कि नहीं उगलेंगे। ये जहर पीने वाले चुनाव के बाद जब जहर उगलेंगे तो वो जहर किसकी थाली में जाकर पड़ेगा? जनता की थाली में पड़ेगा कि नहीं पड़ेगा? जनता मरेगी कि नहीं मरेगी? जनता बर्बाद होगी कि नहीं होगी? जिन्होंने जहर पीया है, उनको जहर उगलने का मौका देना चाहिए क्या? ये जहर पीने वालों की जरुरत है क्या? जहर पिलाने वालों की जरुरत है क्या? मुझे तो पता ही नहीं चल रहा, ये बिहार में भुजंग प्रसाद कौन है और चंदन कुमार कौन है? नए भुजंग प्रसाद, नए चंदन कुमार, पता नहीं कौन किसको जहर पिला रहा है, कौन किसका जहर पी रहा है लेकिन इतना मुझे पता है कि चुनाव समाप्त होते ही ये जहर उगलना शुरू करेंगे। बिहार को बर्बाद करने में अब जंगलराज के साथ जहरीला वातावरण भी आने वाला है और इसलिए बिहार को बचाना समय की मांग है।

अब देखिए, भाजपा की सरकार क्यों बनानी चाहिए, एनडीए की सरकार क्यों बनानी चाहिए। जीतन राम मांझी, राम विलास पासवान, उपेन्द्र कुशवाहा, सुशील मोदी, ये सारे अनुभवी लोग, इनके नेतृत्व में बिहार में नई सरकार क्यों बनानी चाहिए। मैं अनुभव से बताता हूँ, हमारे देश में कई वर्षों से ये चर्चा चली, बीमारू राज्य है। बीमारू राज्य शब्द का प्रयोग चल पड़ा। आर्थिक विकास के पैमानों के आधार पर चल पड़ा और उस बीमारू राज्य में बिहार का भी नाम, उत्तरप्रदेश का भी नाम, मध्यप्रदेश का भी नाम, राजस्थान का भी नाम, ये बीमारू राज्य में गिने जाते हैं। लेकिन जब मध्यप्रदेश की जनता ने भाजपा की सरकार बनाई, अभी तो वहां 15 साल का भी सेवा करने का समय पूरा नहीं हुआ, अभी तो 10-12 साल हुए हैं लेकिन 10-12 साल के अन्दर-अन्दर मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा ने मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकाल लिया है। भाईयों-बहनों, क्या बिहार को बीमारू से बाहर निकालना है? पक्का निकालना है? मध्यप्रदेश को निकाला भाजपा ने, बिहार को कौन निकालेगा? राजस्थान को बीमारू राज्य कहा जाता था। वसुंधरा राजे के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी और विकास की नई ऊंचाईयों को पार किया। आज राजस्थान बीमारू राज्य से बाहर निकाल आया है तो भाईयों-बहनों, क्या बिहार बीमारू राज्य से बाहर आ सकता है? क्या हम ला सकते हैं? आप मदद करोगे? आप आशीर्वाद दोगे? मैं आपसे वादा करता हूँ कि 5 साल के भीतर-भीतर हम बिहार को बीमारू राज्य से बाहर निकाल देंगे।

दुनिया में कई देशों में मुझे जाने का सौभाग्य मिला, एशिया के कई देशों में जाने का सौभाग्य मिला और वहां पर बड़े से बड़े राजनेता को मिलना हुआ हो, वहां के उद्योगपतियों से मिलना हुआ हो, वहां के साहित्यकारों से मिलना हुआ हो, वहां के छोटे-मोटे व्यापारियों से मिलना हुआ हो, वहां के सरकारी अफसरों से मिलना हुआ हो, हर किसी ने मुझसे एक बात कही। जिन-जिन देशों में बौद्ध धर्म का प्रभाव है, बौद्ध परंपरा का प्रभाव है, उन सभी देशों के मुखिया ने कहा कि एक बार तो बोधगया जाने की इच्छा है। दुनिया का हर व्यक्ति जो बौद्ध परंपरा से जुड़ा हुआ है, कम्युनिस्ट विचारधारा के नेता भी मिले, वो भी मुझे कहते हैं कि एक बार बोधगया के दर्शन के लिए जाएंगे। जितने यात्री ताजमहल देखने के लिए आते हैं, उससे ज्यादा यात्री बोधगया में माथा टेकने के लिए तैयार हैं। मुझे बताईये, क्या हमें बोधगया को ऐसा बनाना चाहिए कि नहीं चाहिए? बोधगया से ऐसा विकास हो टूरिज्म का ऐसा क्षेत्र बने ताकि दुनियाभर में बुद्ध को मानने वाले लोगों को बोधगया आने की व्यवस्था मिले और इतनी बड़ी संख्या में अगर यात्री आएंगे तो इस इलाके में कभी गरीबी रहेगी क्या।

टूरिज्म एक ऐसा उद्योग है, टूरिज्म एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ कम से कम पूँजी से ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। अगर एक बार बोधगया में विश्वभर के यात्रियों के आने का सिलसिला चालू हो जाए और बहुत बड़ी संख्या में हो जाए तो इस इलाके के किसी नौजवान को बेरोजगार रहने की नौबत नहीं आएगी। इतनी ताकत है उसमें और गरीब से गरीब आदमी कमाता है, ऑटो रिक्शावाला भी कमायेगा, बिस्कुट बेचने वाला भी कमायेगा, चने मुरमुरे बेचने वाला भी कमायेगा, खिलौने बेचने वाला भी कमायेगा, फूल बेचने वाला कमायेगा, अरे चाय बेचने वाला भी कमायेगा। लेकिन भाईयों-बहनों, इनकी राजनीति वोट-बैंक की राजनीति इतनी है कि उन्होंने बोधगया का विकास करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं, जब यहाँ पर बम धमाका हुआ तो पूरे विश्व को बहुत बड़ा सदमा पहुंचा। विश्वभर में बौद्ध परंपरा को निभाने वाले सभी देशों के लोगों को सदमा पहुंचा लेकिन वोट बैंक की राजनीति में डूबे हुए लोग, उनको इसकी कोई परवाह नहीं थी। उनके लिए ऐसी घटनाएं आती है, जाती है। भाईयों-बहनों, मुझे यह स्थिति बदलनी है।

मुझे बोधगया को पूरे एशिया में तीर्थ-क्षेत्र के रूप में परिवर्तित करना है और मुझे आगे बढ़ाना है। ये गया पितृ तर्पण का स्थल है। हिन्दुस्तान का हर युवक, हर बेटा-बेटी, जब पितृ तर्पण की बात आती है तो उसका एक सपना रहता है कि उसके पिता का तर्पण मैं गया जी में जाकर करूँ। हिंदुस्तान भर के लोगों का ये सपना है कि नहीं है? पितृ तर्पण के लिए लोग आते हैं कि नहीं आते हैं? सवा सौ करोड़ का देश, हर वर्ष करोड़ों बड़ी आयु के लोग स्वर्ग सिधारते हैं, उनके संतान पितृ गया में आ करके तर्पण करना चाहते हैं। करोड़ों लोग आने के लिए तैयार बैठे हैं लेकिन यहाँ का समाचार सुनते हैं और इसके लिए आते नहीं हैं वो पितृ भी नाराज होते हैं और यहाँ के लोगों की रोजी-रोटी का भी नुकसान होता है। मुझे बताईये, हर हिन्दुस्तानी का पितृ तर्पण का सपना पूरा हो, ये व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए कि नहीं होनी चाहिए? यहाँ के लोगों को रोजगार मिलना चाहिए कि नहीं मिलना चाहिए?

आप मुझे बताईये, विकास करने की दिशा में अगर आगे बढ़ना है। भाईयों-बहनों, लेकिन अगर जंगलराज पार्ट-2, ये अगर आ गया फिर तो सब बर्बाद हो जाएगा। कोई व्यक्ति जेल जाता है तो क्या सीख कर आता है भाई? कोई अच्छी चीज़ें सीख कर आता है क्या? बुरी-बुरी चीज़ें सीख कर के आता है ना जितनी बुराईयां हैं सब लेकर के आता है कि नहीं आता है? जंगलराज पार्ट-1 में जेल का अनुभव नहीं था, जंगलराज पार्ट-2 में अब जेल का अनुभव जुड़ गया है और इसलिए बर्बादी की संभावना ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए पिछली बार जब मैं आया था, तब मैंने कहा था आरजेडी का सीधा-सीधा मतलब है – रोजाना जंगलराज का डर और जो लोग उनके साथ जुड़ गए हैं; आपने देखा होगा कि अभी पटना में सवेरे-सवेरे भाजपा के कार्यकर्ता को गोलियों से भून दिया गया, मौत के घाट उतार दिया गया, पटना में हुआ और इनकी नाक के नीचे हुआ। भाईयों-बहनों, ये जंगलराज की शुरुआत है कि नहीं है? और ये जो जंगलराज पार्ट-2 आ रहा है, जंगलराज और जेल का अनुभव जुड़ रहा है, जंगलराज और जहर उगलने का अवसर खड़ा किया जा रहा है तो उस समय एक तरफ रोजाना जंगलराज का डर और दूसरी तरफ जनता का दमन और उत्पीड़न। जेडीयू - जनता का दमन और उत्पीड़न, जनता – जे, दमन – डी और उत्पीड़न – यू। आप बताईये, बिहार को ऐसे लोगों के हाथ में सौंपा जा सकता है, 25 साल जिन्होंने बर्बाद किया, उनको मौका दिया जा सकता है?

भाईयों-बहनों, आपको हैरानी होगी, पूरे हिन्दुस्तान में ये लालटेन वालों ने आपको अँधेरे में रखा है। बिजली आती है? बिजली मिलती है? परीक्षा का समय हो, अगर पढ़ना है तो बिजली मिलती है क्या? अँधेरे में गुजारा करना पड़ता है? मिट्टी के तेल पर गुजारा करना पड़ता है। पिछले चुनाव में यहाँ के नेता ने आपको वादा किया था कि आपको बिजली देंगे। बिजली देने का वादा किया था, बिजली नहीं मिलेगी तो वोट नहीं मांगूंगा, ऐसा कहा था? बिजली मिली? धोखा किया? फिर से वोट मांगने आए, दूसरा धोखा किया। ये बार-बार धोखा हो रहा है। आप इनके झांसे में आ जाएंगे क्या? आज हिन्दुस्तान में प्रति व्यक्ति कम से कम बिजली की खपत कहीं पर है तो दुर्भाग्यशाली मेरे बिहार के भाई-बहन हैं। उनके भाग्य को इन्होंने अंधकारमय बना दिया है। हिन्दुस्तान में औसत प्रति व्यक्ति करीब-करीब एक हजार किलोवाट बिजली की खपत है जबकि बिहार में 150 किलोवाट भी नहीं है। कहाँ हजार और कहाँ ढेढ़ सौ, छठवां हिस्सा है आपका! इतना ही नहीं, बिहार से भी छोटा राज्य सिक्किम के लोगों की छह गुना ज्यादा खपत है। बिहार से निकला हुआ झारखंड, 10 साल के अंदर-अंदर झारखंड का नागरिक बिहार से 5 गुना ज्यादा बिजली का खपत करता है। आपको अँधेरे में रखने वाला पाप किसने किया है? 25 साल की दो सरकारों ने किया है कि नहीं किया है? 25 साल के दो मुख्यमंत्रियों ने किया है कि नहीं किया है? और इसलिए जिन्होंने आपको बर्बाद किया है, उनको दोबारा भार नहीं दिया जा सकता है।

शिक्षा के क्षेत्र में आज हिन्दुस्तान में कोई भी टीवी चैनल उठा लीजिए, आपको दो-चार बिहार के तेजस्वी नौजवान उस टीवी चैनल के माध्यम से देश को संबोधित करते नजर आएंगे। ऐसे तेजस्वी लोगों की यह भूमि है लेकिन यहाँ के नौजवानों को अवसर नहीं दिया जाता है। टेक्निकल एजुकेशन में आज बिहार का क्या हाल है। अगर हमें नौजवानों को रोजगार देना है तो उनको टेक्निकल एजुकेशन देना होगा, स्किल डेवलपमेंट कराना होगा, इंजीनियरिंग कॉलेज में शिक्षा दिलाना होगा डिग्री इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इंजीनियरिंग करानी पड़ेगी, सर्टिफिकेट कोर्स करना पड़ेगा। बिहार के अन्दर नौजवानों को शिक्षा मिलनी चाहिए। आज मुझे दुःख के साथ कहना पड़ता है, आज बिहार का हाल क्या है शिक्षा में।

17-20 साल उम्र के 80 लाख से ज्यादा नौजवान बिहार में हैं। इन 80 लाख बच्चों के मां-बाप के सपने हैं कि उनके बच्चों को डिप्लोमा करने का मौका मिले, डिग्री करने का मौका मिले, सर्टिफिकेट कोर्स करने का मौका मिले लेकिन बिहार में ये सारा होने के बावजूद भी बिहार में इंजीनियरिंग की सीटें कितनी हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि बिहार में सिर्फ़ 25,000 सीट है। 80 लाख नौजवान पढ़ना चाहते हैं उसमें से 5-10 लाख तो इंजीनियरिंग में जाना चाहते होंगे कि नहीं लेकिन सिर्फ़ 25,000 सीट है और ये जिम्मेवारी बिहार सरकार की है। 25 साल हो गए और सिर्फ़ 25,000 सीट।

इतना बड़ा बिहार और दूसरी तरफ देखिये हिन्दुस्तान के और राज्यों का हाल। मैं बताना चाहता हूँ जो बिहार से बहुत छोटे हैं... हिमाचल प्रदेश, पूरे पटना की जितनी जनसंख्या है, पूरे हिमाचल की जनसंख्या उतनी ही है लेकिन हिमाचल प्रदेश में इंजीनियरिंग में पढने के लिए सीटों की संख्या है - 24,000। इतने छोटे हिमाचल में 24,000 और इतने बड़े बिहार में 25,000। क्या होगा यहाँ के नौजवानों का! उड़ीसा, हमारे बगल में है, पिछड़ा राज्य माना गया लेकिन उस उड़ीसा में इंजीनियरिंग की सीटें कितनी हैं, आप कल्पना नहीं कर सकते कि उड़ीसा जैसा बिहार से भी छोटा प्रदेश, वहां इंजीनियरिंग की सीटें हैं -  1 लाख 13 हजार से भी ज्यादा। इस स्थिति के लिए कौन जिम्मेवार है? पंजाब बहुत ही छोटा राज्य है और पंजाब में सीटें हैं - 1 लाख 4 हजार। पंजाब बिहार का एक-चौथाई भी नहीं है और वहां 1 लाख सीटें हैं और बिहार में 25 हजार है। कौन जिम्मेवार है? जंगलराज जिम्मेवार है कि नहीं है? ये दोबारा जंगलराज लाना है? उत्तराखंड बहुत छोटा राज्य है, पटना की जितनी जनसंख्या है, उत्तराखंड की उससे ज्यादा नहीं है, पटना से भी कम जनसंख्या और उसके बावजूद भी उत्तराखंड में इंजीनियरिंग की सीटें हैं – 40,000 से ज्यादा। अब मुझे बताईये कि बिहार के नौजवानों के साथ अन्याय है कि नहीं? बिहार के नौजवानों का भाग्य बर्बाद किया जा रहा है कि नहीं किया जा रहा है? क्या बिहार के नौजवानों को इंजीनियरिंग में पढने का हक होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए? उनको ये सुविधा मिलनी चाहिए कि नहीं मिलनी चाहिए? जिन्होंने यह सुविधा नहीं दी है, उन्हें जाना चाहिए कि नहीं जाना चाहिए? उनको भगाना चाहिये कि नहीं चाहिए?

इसलिए मैं आज यह कहने आया हूँ कि अगर बिहार के नौजवानों का भाग्य बदलना है तो शिक्षा में बदलाव लाने की जरुरत है और शिक्षा में बदलाव एनडीए की सरकार ला सकती है, बिहार का भाग्य बदल सकती है। हर वर्ष, बिहार के जिन मां-बाप के पास कुछ पैसे हैं वे अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए बिहार से बाहर भेजते हैं। करीब 4-5 लाख नौजवान बिहार छोड़कर के, अपने मां-बाप को छोड़कर के, यार-दोस्तों को छोड़कर के कहीं न कहीं पढने के लिए जाते हैं और हर साल एक-एक युवक के पढने के पीछे खर्चा करीब-करीब एक लाख रूपया आता है। मुझे बताईये, चार लाख लोग बिहार से बाहर जाएं, हर वर्ष एक लाख रूपया साथ-साथ चला जाए तो बिहार का चार हजार करोड़ का नुकसान होता है कि नहीं होता है? ये बिहार का चार हजार करोड़ रूपया बचना चाहिए कि नहीं चाहिए? अगर बिहार का चार हजार करोड़ रूपया बचाना है तो बिहार के नौजवान को यहाँ पढने के लिए सुविधा मिलनी चाहिए। ये बिहार सरकार भाजपा की सरकार बनाईए, एनडीए की बनाईए और हम बना कर रहेंगे। इसलिए मैं आपसे आग्रह करने आया हूँ कि हमें विकास के लिए वोट चाहिए, बिहार को जंगलराज से मुक्त कराने के लिए वोट चाहिए, धोखेबाजी से बिहार को मुक्त कराने के लिए वोट चाहिए। मैं आपको भरोसा दिलाने आया हूँ कि मैं बिहार की विकास यात्रा में कंधा से कंधा मिलाकर चलूँगा। अगर आप एक कदम चलेंगे तो मैं सवा कदम चलूँगा, मैं ये विश्वास दिलाने आया हूँ। चुनाव के समय भारी मतदान करके परिवर्तन लाकर के रहिये, बिहार का भाग्य बदल के रहिये। 

बहुत बहुत धन्यवाद!       

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
'Will Not Let Bengalis Become Minority': PM Modi Promises Speedy Implementation Of UCC In Bengal

Media Coverage

'Will Not Let Bengalis Become Minority': PM Modi Promises Speedy Implementation Of UCC In Bengal
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
TMC "मां, माटी, मानुष" के नाम पर झूठ बोलकर सत्ता में आई: दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी
April 11, 2026
बंगाल में टीएमसी की भय की राजनीति अब खत्म होने की कगार पर है, इसे कोई नहीं रोक सकता: पीएम मोदी का विपक्ष को संदेश
टीएमसी ने बंगाल के आदिवासियों के साथ विश्वासघात किया है, अब उन्हें न्याय दिलाना हमारी जिम्मेदारी है: पीएम मोदी का बड़ा बयान

भारत माता की... जय!

भारत माता की... जय!

भारत माता की… जय!

यहां कुछ लोग चित्र लेकर के आए हैं, हमारे साथियों को कहता हूं वे आपसे सारे कलेक्ट कर लें। और इसके पीछे अगर आपका एड्रेस लिखा होगा तो मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा... जरा एसपीजी के लोग इसको कलेक्ट कर लीजिए... ताकि बाद में मैं अपनी सभा शुरू करूं। जो भी चित्र लेकर के आए हैं और देना चाहते हैं वो मेरी टीम को दे दें... बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद आप सबका। मेरा भाषण शुरू करने से पहले यहां जो कैंडिडेट हैं, जो इस चुनाव में उम्मीदवार है, उन सबसे मेरा आग्रह है कि कैंडिडेट जरा यहां कतार लगा दें... सारे कैंडिडेट... बस... बस.. बहुत आगे मत जाइए भाई... मैं एक दो मिनट, मेरे सभी उम्मीदवारों को मिल कर के आता हूं, उसके बाद भाषण शुरू करते हैं... बोलो भारत माता की... जॉय माँ काली…जॉय भोलेनाथ…जॉय जलपेश बाबा… नमोश्कार ! केमोन आछेन, आमार दिनाजपुर बाशी? दक्षिण दिनाजपुर की इस पुण्य धरती को… कुशमंडी की इस पावन भूमि को… मैं श्रद्धापूर्वकर प्रणाम करता हूँ।

साथियों,

सबसे पहले तो मैं आप सबसे क्षमा मांगता हूं। क्षमा इसलिए कि हमारे साथियों ने इस सभा का प्लानिंग किया और पंडाल बनाया है वो बहुत छोटा पड़ गया...और इसके कारण जितने लोग अंदर है उससे तीन गुना लोग बाहर धूप में खड़े हैं। जो लोग धूप में खड़े हैं मैं उन सबसे क्षमा मांगता हूं। लेकिन आपको विश्वास दिलाता हूं कि ताप में आप जो तप रहे हैं मैं आपके इस परिश्रम को बेकार नहीं जाने दूंगा। मैं आपके इस प्यार को सवा गुना करके लौटाऊंगा विकास करके लौटाऊंगा। ये अद्भुत दृश्य है और वहां हेलीपैड के आसपास तो मानो पता नहीं, ऐसा लग रहा है कि बड़ा कमाल कर दिया इस बार बंगाल ने। साथियों, इस बार का बंगाल चुनाव...एक तरफ टीएमसी का भय है दूसरी तरफ भाजपा का भरोसा है। ये लड़ाई भय को पराजित करने की है ये लड़ाई भरोसे पर पश्चिम बंगाल को आगे बढ़ाने की है। आज मैं आपको ये भरोसा दिलाने आया हूं...कि अब, टीएमसी के भय का राज जाने वाला है। जाएगा ना... जाएगा ना.. मैं जहां-जहां गया ऐसा ही मिजाज... पूरे बंगाल में नजर आ रहा है। अब टीएमसी के झूठ और लूट, टीएमसी की झूठ और उनकी दुकान बंद होने वाली है। बंगाल से भय जाएगा... अब बंगाल में भरोसा आएगा...उन्नोयन आएगा। मेरे साथ बोलिए... दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए.. पूरी ताकत से बोलिए... पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… पाल्टानो दोरकार… चाइ बीजेपी शोरकार!

साथियों,

ये TMC, मां-माटी-मानुष को लेकर, झूठ बोलकर सत्ता में आई थी। आज ये दुनियाभर की उटपटांग बातें करती है। दिनरात हमें गालियां देती रहती है। झूठे दावे करती रहती है। लेकिन ये टीएमसी सरकार 15 साल से यहां बैठी हुई है 15 साल से। अरे 15 साल में क्या किया बंगाल की जनता को बताओ ना...बताते हैं क्या... क्या काम किया है बताते हैं क्या...अब आप सोचिए.. जो 15 सालों तक कुछ नहीं किया तो आगे पांच साल देकर के कुछ पाओगे क्या... कुछ करेंगे क्या.. और ज्यादा बर्बाद करेंगे कि नहीं करेंगे। इन्होंने बंगाल को कौन सा डवलपमेंट मॉडल दिया है? साथियों, ये 15 साल की बात इसलिए नहीं करते...क्योंकि तब TMC का झूठ, विश्वासघात और टीएमसी की दुर्नीति का कच्चा चिट्ठा खुल जाएगा। टीएमसी ने 15 साल में एक ही मॉडल डेवलप किया है...कौन सा मॉडल यहां सिंडिकेट ही सरकार है... और सरकार ही सिंडिकेट है।

साथियों,

आप ज़रा एक बात सोचकर देखिए... TMC, बंगाल के बाहर कई जगह पे चुनाव लड़ के गई थी, असम में चुनाव लड़के गई थी... गोवा में चुनाव लड़ने गई थी। कहीं पर भी एक वोट कोई नहीं देता है इनको। अरोस-पड़ोस के राज्य इनको पहचान गए... लेकिन वहां उनकी गुंडई नहीं चलती, बेइमानी नहीं चलती और इसलिए कोई उनको पूछने वाला नहीं है। साथियों, TMC, बंगाल से बाहर इसलिए नहीं जीत पाती...क्योंकि इनके पास कोई विजन नहीं है... कोई विचार नहीं है, कोई नीति नहीं है कोई नीयत नहीं है। TMC, गवर्नेंस के नाम पर बहुत बड़ा जीरो है जीरो।..इनकी एक ही काम में मास्टरी है। पीएचडी करके रखा हुआ है। कुछ लोगों ने तो डबल-डबल पीएचडी कर लिया है। और उनकी मास्टरी किसमें हैं। गुंडागर्दी करना। करप्शन करना... इनमें नए-नए खेल करते रहते हैं। इनको लोगों को डराना, बूथ लूटना आता है। बंगाल में ये TMC वाले यही करते रहे हैं...यहां भी TMC के कैंडिडेट्स का बायोडेटा ही...बूथ लूटने के कारनामों से भरा हुआ है। ऐसे लोगों को बंगाल में सरकार चलाने का कोई हक नहीं है।

साथियों,

भारत, विकसित हो, ये हम सभी का संकल्प है। लेकिन भारत तभी विकसित होगा...जब हमारा बंगाल भी विकसित होगा। आप मुझे बताइए बंगाल विकसित होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए... बंगाल विकसित होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए... बंगाल हिंदुस्तान में नंबर एक होना चाहिए कि नहीं होना चाहिए। क्या ये टीएमसी वाले कर सकते हैं क्या.. कर सकते हैं क्या... और इसके लिए जरूरी है यहां से TMC का भय वाला राज जाना ही चाहिए और बीजेपी का भरोसा वाला राज आना चाहिए। आएगा... आएगा... और इसलिए मैंने विकसित बंगाल बनाने के लिए 6 गारंटियां दी हैं। ये मोदी की गारंटी है। होके रहता है। कल ही बंगाल बीजेपी ने...अपना घोषणापत्र जारी किया है। और इस घोषणापत्र में, ये घोषणापत्र भरोसापत्र है। इसमें, मोदी की इन छह गारंटियों को पूरा करने का पूरा रोडमैप है। मोदी की गारंटी है... कि बीजेपी सरकार, भय को खत्म करके भरोसा कायम करेगी। सरकार पर, कानून पर जनता का भरोसा लौटाएगी। बंगाल बीजेपी ने कहा है... कि हम TMC के 15 साल के भ्रष्टाचार, दंगे, रेप, मर्डर...ऐसे हर अत्याचार को सामने लाने के लिए व्हाइट पेपर लाएंगे। और TMC की राजनीतिक हिंसा के जो पीड़ित हैं...उनको न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज के नेतृत्व में एक कमीशन बनाया जाएगा।

साथियों,

मुझे बताया गया है... कि यहां की अनेक बेटियां बंगाल के लिए फुटबॉल खेलती हैं। जहां के बेटे-बेटियों में इतना टैलेंट भरा हो वहां फुटबॉल के साथ क्या होता है, ये हमने कुछ महीने पहले कोलकाता में देखा। टीएमसी के नेताओं ने, मंत्रियों ने...फुटबॉल को भी सिंडिकेट के हवाले कर दिया। कितनी शर्मनाक तस्वीरें पूरी दुनिया ने कोलकाता से ये टीएमसी वालों के कारनामें देखे थे। ये महाजंगलराज की ही निशानी है।

साथियों,

हमने एक और ऐतिहासिक घटना भी देखी है। मैदान पर, मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की स्पर्धा ऐतिहासिक है... दोनों विजय प्राप्त करने के लिए जी-जान से जुट जाते हैं। जीतने के लिए पूरी ताकत लगा देते हैं लेकिन आरजी-कर मेडिकल कॉलेज में...एक डॉक्टर बेटी के साथ अन्याय किया गया, मर्डर किया गया...तो बंगाल का हर परिवार, हर युवा सड़क पर आ गया था। यहां तक कि...मोहन बागान और ईस्ट बंगाल भी बेटियों के खिलाफ हुई निर्ममता के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए थे। यानि बेटियों का सम्मान और जान को बचाने के लिए...हम सभी को एकजुट होकर निर्मम सरकार को सबक सिखाना है। यहां दिनाजपुर में ही...बीते सालों में बहनों-बेटियों के साथ बहुत ही विभत्स घटनाएं सामने आई हैं। हमें उन्हें भूलना नहीं चाहिए।

साथियों,

मोदी ने बंगाल की बहनों-बेटियों के लिए भी एक गारंटी दी है। बेटियों के साथ हुए हर अन्याय, हर रेप केस की फाइल खुलेगी...अपराध करने वाले और अपराधियों को बचाने वाले... कोई नहीं बचेगा। चुन-चुन कर के हिसाब लिया जाएगा। ये कैसे होगा...ये बंगाल बीजेपी ने घोषणापत्र में स्पष्ट किया है। एक रिटायर्ड हाईकोर्ट की महिला जज को जिम्मेदारी दी जाएगी। वे, रेप और अन्य अत्याचार से जुड़े पीड़ितों की सुनवाई करेंगी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए...हर ब्लॉक में महिला थाने बनाए जाएंगे।

साथियों,

आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर TMC सरकार कितनी उदासीन है..मैं इसका एक और उदाहरण आपको देता हूं। TMC की निर्मम सरकार ने पुलिस में महिलाओं की बहुत कम भर्ती की है। यहां आपके पड़ोस में बिहार है... वहां डबल इंजन की बीजेपी-NDA सरकार है। वहां पुलिस में तेईस-चौबीस परसेंट महिला पुलिस कर्मी हैं...लेकिन बंगाल जैसे इतने बड़े राज्य में... सिर्फ दस परसेंट महिला पुलिसकर्मी भी नहीं है, और उसमें भी ज्यादातर तो रिटायर्ड होने की उमर में पहुंच चुकी हैं। मां-माटी-मानुष बड़ी-बड़ी बातें कहकर सरकार बनाने वाली टीएमसी की ये सच्चाई है। मैं बंगाल की माताओं बहनों को भरोसा देता हूं, मैं बंगाल के लोगों को भरोसा देता हूं। जब बंगाल में 4 मई को बीजेपी सरकार बनेगी...तो फिर बड़े पैमाने पर महिला पुलिसकर्मियों की भी भर्ती की जाएगी। और ये भी मैं आपको गारंटी देता हूं महिला कल्याण हमारी प्राथमिकता में है। बीजेपी की सरकार जिस भी राज्य में है...वो बेटियों को सुरक्षा भी देती है... और उन्हें कमाई का भरोसा भी देती है। पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी बहनों के लिए बहुत ही शानदार योजना बनाई है। अभी यहां बहनों को जितना पैसा मिलता है...पश्चिम बंगाल भाजपा डबल देने वाली है डबल। प्रेग्नेंसी के दौरान भी हज़ारों रुपए की मदद देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा...सरकारी नौकरियों में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण से बंगाल की बेटियों को बहुत फायदा होगा।

साथियों,

TMC के महा-जंगलराज ने... सबसे अधिक यहां के युवाओं का, यहां के सरकारी कर्मचारियों का नुकसान किया है। आज भारत की यूनिवर्सिटीज़... दुनिया की शीर्ष यूनिवर्सटीज़ में शामिल हो रही है। दुनिया की हर बड़ी रैंकिंग में हमारी यूनिवर्सिटीज कमाल कर रही हैं। लेकिन बंगाल में कुछ उल्टा ही हो रहा है, कुछ अलग ही हो रहा है। दिनाजपुर यूनिवर्सिटी... TMC की दुर्नीति का बहुत बड़ा प्रमाण बन गई है। मैं अखबार में पढ़ा था...दिनाजपुर यूनिवर्सिटी के पास अपना कैंपस तक नहीं है। कॉलेज और हॉस्टल के कमरों से यूनिवर्सिटी चलाई जा रही है। बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। यहां परमानेंट टीचर भी ना के बराबर हैं... और जो गेस्ट टीचर्स हैं भी...उनको भी 400-500 रुपए सिर्फ मिलता है।

साथियों,

ये सिर्फ एक यूनिवर्सिटी की बात नहीं है...बंगाल की दर्जनभर यूनिवर्सिटीज़ की यही स्थिति है। TMC की निर्मम सरकार... इस तरह युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। आपका भविष्य बर्बाद कर रही है। आपकी संतानों का भविष्य बर्बाद कर रही है। पढ़ाई की सुविधा है नहीं...कमाई के लिए बाहर जाना पड़ता है...और गलती से भर्ती निकलती है...तो TMC के मंत्री नौकरी ही लूट लेते हैं। आपने देखा...शिक्षक भर्ती में घोटाला करने वालों के घर से कैसे नोटों के पहाड़ निकले थे। याद है ना नोटो के पहाड़ निकले थे। अब बहुत हो गया...एनफ इज एनफ। आर नोय ! आर नोय ! एखोन बदोल चाई..बदोल चाई..

साथियों,

हालात बदलने के लिए ही बंगाल बीजेपी ने...बंगाल के युवाओं...बंगाल के शिक्षकों...बंगाल के हर सरकारी कर्मचारी को गारंटी दी है। जिन्होंने युवाओं को लूटा है, उनका हिसाब होगा, पक्का हिसाब होगा। सात-सात जन्म तक याद ऱके ऐसा हिसाब होगा। और सरकारी कर्मचारियों को भय से मुक्त किया जाएगा... बीजेपी सरकार, पूरी तरह से सेवन्थ पे-कमीशन लागू करेगी। बंगाल के मेरे सभी सरकारी कर्मचारी भाई-बहन ये मोदी आपको गारंटी देता है। यहां हमारी सरकार बनने के बाद बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों को सेवंथ पे कमीशन दिया जाएगा। साथियों, बंगाल के युवाओं की मदद के लिए बीजेपी ने पूरा खाका खींचा है। बेरोजगार युवाओं के लिए हर महीने हज़ारों रुपए की मदद...भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मदद...और अपना कारोबार करने के लिए भी युवाओं को सरकारी मदद...बीजेपी इस संकल्प को लेकर आगे बढ़ रही है।

साथियों,

बंगाल के राजबंशी समाज की... संथाल समाज की...जनजातीय समाज की...पूरे बंगाल और भारत की प्रगति, इस प्रगति में इन समाजों की बहुत बड़ी भूमिका है। चुरका मुर्मू जी, जीतु संथाल जी...ऐसे अनेक नायकों का हम पर बहुत बड़ा कर्ज़ है। उनके जीवन पर हमारा गर्व है। बीजेपी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को...जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया। ताकि देश, आदिवासी समाज के योगदान को याद रखे, उससे प्रेरणा ले।

साथियों,

हमारा निरंतर ये प्रयास है कि आदिवासी क्षेत्रों का तेज़ विकास हो। आदिवासी समाज दशकों तक माओवादी आतंक से प्रभावित था। हमारी सरकार ने, माओवादी आतंक से आदिवासी समाज को करीब-करीब मुक्त करा दिया है। माताएं मुझे आशीर्वाद दे रही है... उनके बेटे सालों बाद घर वापस आए हैं। बीजेपी आदिवासी समाज की हर स्तर पर भागीदारी बढ़ा रही है। हमारे मुख्यमंत्री आदिवासी हैं... मंत्री आदिवासी हैं। और बीजेपी ने पहली बार एक आदिवासी बेटी, द्रौपदी मुर्मू जी को राष्ट्रपति पद के लिए चुना है। असम में मेरी पहली सरकार बनी तो पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना... ओड़िशा में मेरी पहली सरकार बनी तो पहला मुख्यमंत्री आदिवासी बना। छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री आदिवासी बना। झारखंड में पहली बार सरकार बनी तो वहां का मुख्यमंत्री भी आदिवासी बना। ये हमारा ट्रैक रिकॉर्ड है। एक तरफ बीजेपी ट्राइबल समाज का सम्मान करती है...वहीं TMC ट्राइबल समाज के अपमान का कोई मौका नहीं छोड़ती। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू जी कुछ समय पहले बंगाल में संथाल समाज के एक कार्यक्रम में आई थीं। लेकिन टीएमसी ने न संविधान की मर्यादा रखी... और न ही, आदिवासी समाज का मान रखा। और ना ही देश की माताओ-बहनों का सम्मान रखा। और इसलिए माताओं-बहनों का अपमान करने वाली, आदिवासी समाज का अपमान करने वाली, संविधान का अपमान करने वाली TMC को सबक सिखाना है। सिखाओगे.. टीएमसी को सबक सिखाओगे...

साथियों,

टीएमसी कभी आदिवासी क्षेत्रों का उन्नोयन नहीं कर सकती। मैं आपको पीएम जनमन योजना का उदाहरण देता हूं। देश के हर राज्य में आदिवासियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। केंद्र सरकार इस योजना पर करीब 25 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। पास में ओडिशा में ही...जहां बीजेपी की सरकार है... वहां पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासियों के... तीस हज़ार से अधिक घर बने हैं। त्रिपुरा में भी ट्राइबल समाज के लिए 16 हजार से ज्यादा घर बनवाए गए हैं। लेकिन यहां, TMC की आदिवासी विरोधी सरकार ने...पीएम जनमन योजना के तहत जानते हैं कितने घर बनाए हैं? बताऊं... जीरो.. जीरो... पूरी तरह शून्य...एक भी घर नहीं बनाया, पैसे भारत सरकार देती है... आदिवासी समाज से इनकी दुश्मनी क्या है.. पक्का घर भी देने को तैयार नहीं है...

साथियों,

आपके जीवन में पानी की कमी से कोई संकट ना आए... इसलिए मोदी घर-घर नल से जल पहुंचाने में जुटा है। बीजेपी शासित राज्यों में...इस योजना के तहत भी अच्छा काम हो रहा है। बिहार में पंचानबे परसेंट... यानि करीब-करीब हर घर तक नल से जल पहुंच चुका है। त्रिपुरा में पिच्यासी परसेंट घरों तक... नल से जल पहुंच चुका है। वजह यही है... क्योंकि वहां बीजेपी की डबल इंजन सरकार है। बंगाल के मेरे भाइयों और बहनों... यहां आपके घर में नल लगे...नल से जल आए... इसके लिए भी दिल्ली से पैसा भेजा गया है। लेकिन ये निर्मम सरकार उस पर बैठ गई है। बंगाल में अभी भी, गांव की करीब-करीब आधी आबादी ऐसी है... जहां नल का कनेक्शन नहीं है। आप बीजेपी को लाइए... बीजेपी सरकार यहां घर-घर नल भी लगाएगी और जल पहुंचाने के लिए दिन-रात एक कर देगी। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

मोदी की एक और गारंटी आपको याद रखनी है। मतुआ, नामशूद्र, ऐसे हर शरणार्थी परिवारों को संविधान के तहत पूरा हक मिलेगा... ये मोदी की गारंटी है.. और जो घुसपैठिये हैं, घुसपैठियों को पूरे भारत से बाहर खदेड़ा जाएगा। बंगाल बीजेपी ने इसकी भी पूरी तैयारी की है। CAA कानून के तहत, हर शरणार्थी की तेज़ी से सहायता की जाएगी।

साथियों,

बीजेपी, पश्चिम बंगाल को फिर से वैभवशाली बनाने के लिए मैदान में है। इसलिए, इन सभी साथियों के लिए, ये जितने मेरे उम्मीदवार है आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं। आपका समर्थन मांगने आया हूं। आपने 35 साल लेफ्ट को दिए...15 साल TMC की निर्ममता को दिए... एक मौका मोदी को, एक मौका बीजेपी को देकर देखिए...

साथियों,

आप जिससे भी मिलें... घर-घर जाएंगे... पोलिंग बूथ को मजबूत बनाएंगे.. ज्यादा से ज्यादा मतदान कराएंगे... सभी सीटें जिताएंगे। आप घर-घर जाएंगे तो मेरा एक काम करेंगे... हाथ ऊपर करके बताइए मेरा काम करेंगें... पक्का करेंगे... हर घर जाके कहना। मोदी जी आए थे... और मोदी जी ने परिवार के सबको पॉइला बोइशाख की शुभकामनाएं दी हैं। मेरे साथ बोलिए... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...