कांग्रेस की स्थिति आज देश में वोट कटुआ पार्टी की हो गई है, ये मोदी नहीं कह रहा है खुद कांग्रस के लोग कहते हैं: प्रधानमंत्री मोदी
ये महामिलावटी हमारे सैनिकों की, हमारी फौज की मान-मर्यादा और शौर्य का सम्मान नहीं करते, ये हमारे सेनाध्यक्ष को गली का गुंडा कहते हैं, वायुसेना अध्यक्ष को झूठा कहते हैं: पीएम मोदी
कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियों ने अपने दस साल के राज में, हर बड़े फैसले को टाला और जो फैसले लिए भी, वो इस तरह लिए कि देश को नुकसान उठाना पड़ गया: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय

भारत माता की जय

कैसे हैं आप सबठीक हैंयाद करते हैं कभी कि भूल गए?  

सोलनशिमलासिरमौर और आस पास से यहां पधारे सभी साथियो को मेरा हृदय से बहुत-बहुत प्रणाम। मां शूलिनी की धरती पर आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन। आज की ये सभा बड़ी यूनीक है, मैं देख रहा हूं 6 मंजिला सभा है। अलग-अलग मंजिल पर सभा हो रही है। आपका ये अद्भुत प्यारये आपका विश्वास, हिमाचल ने मुझे बहुत प्यार दिया है। मुझे अपना बना लिया है और अपनों के बीच आता हूं तो नई ऊर्जा लेकर के जाता हूं और सोलन एक प्रकार से, जब मैं यहां काम करता था तो बहुत बार यहां आना होता था। और यहां माल रोड पर अक्सर मैं कोई न कोई पुराने साथियों के साथ टहला करता था। और एक शायद मनोहर लाल करके थे चना बेचते थे तब मनोहर लाल के चना खाते थे हम लोग। अब पता नहींआज कल वो है कि नहीं वो उनका हैऔर हमारे सोलन के साथी मेरा कार्यक्रम रहे और मनोहर लाल जी के यहां चना ना खिलाए ऐसा कभी होता नहीं था।  

साथियोआज हिमाचल प्रदेश नए भारत की पहचान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। चुनौती को भी चुनौती देने का जो जज्बा हिमाचल के कोने-कोने में पाया जाता है, वही कोशिश मुझे भी शायद विरासत में मिली है। आपका ये जो स्नेह है वो गवाह है की 23 मई को देश में इस समय तक काफी नतीजे आ गए होंगे और 23 मई को जब नतीजे आएंगे तो फिर एक बार... मोदी सरकारफिर एक बार...मोदी सरकार। लेकिन मैं ये भी कहूंगा की बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। 6 चरणों के चुनाव भले आन, बान, शान, वाले चकाचक हुए होंपरिणाम भी आपको पता है। सर्वे वाले कहोमीडिया वाले कहो सबने बता दिया है लेकिन फिर भी हम सब की जिम्मेवारी है की भारतीय जनता पार्टी की जीत को हमें और भव्य बनाना है और दिव्य बनाना है। और इसके लिए एक-एक मतदाता तक पहुंचना हैये लोकतंत्र में हमारा कर्तव्य है और यही शुरुआत होती है की जीतना पक्का होशानदार जीत होने वाली है हो फिर भी मतदाता, ये हमारा भगवान है उसके पास जाना ही होता है। इस भाव से 19 तारीख तक हम सब काम करते रहें ये मेरी विशेष अपेक्षा है। आपका हर देश में मजबूत सरकार बनाने में आपका एक-एक वोट मेरी मदद करेगा। मैं खासतौर पर हिमाचल के उन नौजवानों से जिन्हें इस लोकसभा चुनाव में पहली बार वोट डालने का मौका मिला है। एक प्रकार से जो पहली बार लोकसभा का वोट डालने जाएंगे, उसमें से ज्यादातर वो हैं जिनका 21वीं सदी में जन्म हुआ है और ये जो वोट डालने जाएंगे उनको तो इस 21वीं सदी के खुद के भविष्य के साथ इस चुनाव को जोड़ना है। बाकी लोग भले पांच साल के लिए वोट दें लेकिन आप पूरी शताब्दी के लिए वोट देंगे, क्योंकि आपके जीवन का ये सबसे महत्वपूर्ण कालखंड है। इसी कालखंड में आपकी जिंदगी बनने वाली है और वो जीवन पूरी शताब्दी भर चलने वाला है। जीवन के सारे पड़ाव, इन नौजवानों को इसी शताब्दी में जीने है और इसीलिए मैं ऐसे फर्स्ट टाइम वोटर्स से आग्रह करूंगा, इस ऐतिहासिक अवसर का वे पूरा लाभ उठाएं। 21वीं सदी के भारत की दिशा क्या होगीकैसे देश विकास करेगा, ये 21वीं सदी का नौजवान ये हमारा पहली बार वोट करने वाला वोटर ही तय करेगा।  

भाइयो और बहनोयाद रखिए 21वीं सदी के दो दशक चले गए हैं। अटल जी ने कांग्रेस को 2004 में 8 प्रतिशत की दर से विकसित होता भारत उनको सुपुर्द किया था और वो भी एक अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री को सौंपा था। अगर कांग्रेस ने अपने 10 साल के शासन में अटल जी ने जो गति रखी थी जिस ऊंचाई पर अटल जी देश को ले जा रहे थे कुछ न करते, अगर उसको बनाए रखते, सिर्फ बनाए रखतेतो आज 10 साल में देश कहां से कहां पहुंच जाता। लेकिन ये लोग देश की विकास दर अटल जी जहां छोड़ के गए थे उससे आधे पर ला के अटक गए थे। 5 प्रतिशत पर ले आए अगर 8 प्रतिशत भी दस साल बनाए रखा होता तो आज देश की कई समस्याएं समाधान करने का हमें अवसर मिलता। इतना ही है अपने शासन में महंगाई को भी इन लोगों ने दो अंको में यानी करीब-करीब 10 प्रतिशत के दर से डबल डिजिट महंगाई कर दी थी। अटल जी ने छोड़ा, वहीं से दस साल में बर्बाद किया और फिर भी 2014 में नए सिरे से मेहनत करना मेरे काम पर आया, ऐसा गढ़ा करके गए थे उसको भरने की मैंने आकर के शुरुआत की। 5 वर्ष के प्रयासों के बाद अब फिर विकास दर आगे बढ़ी है और महंगाई दर कम करके हम पहले के मुकाबले आधे से भी कम पर महंगाई ले आए हैं।  

साथियो, कांग्रेस और उसके महामिलावटी साथियो ने अपने दस साल के राज मेंहर बड़े फैसले को टाला और जो फैसले लिए भीवो इस तरह लिए कि देश को नुकसान उठाना पड़ गया। जमीन से लेकर आसमान तक इन लोगों ने इतने घोटाले किए की ऐसा कोई दिन नहीं थाजब अखबारों में इनके कारनामों की खबर न छपती हो। आज भी नामदार और उनके रिश्तेदार जमानत पर हैं और ये जो उनको गुस्सा है नागुस्से का कारण भी यही है। चाय वाला होता कौन है जो हमें कोर्ट कचहरी के चक्कर कटवा रहा हैं, हमें जमानत मांगनी पड़ रही है इसीलिए उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा हुआ है। और भाइयो बहनोबेशर्मी तो ये है की जो खुद जमानत पर है वो आपके इस चौकीदार कोआपके इस सेवक को अपनी डिक्शनरी से हर रोज नई-नई गालियां खोज-खोज करके छोड़ रहे हैं मुझ पर।

 

भाइयो और बहनो,  इनकी गालियों से ये चौकीदार डिगने वाला नहीं है। आखिर हमने भी तो सोलन का मशरूम खाया है। ये नामदार खुलेआम कह रहे हैं की मोदी की छवि, ये नामदार तो खुलेआम कह रहे हैं कि मोदी की छवि को बिगाड़ना यही इनका मिशन है। उनका मिशन मोदी की छवि बिगड़ना होगालेकिन मोदी का मिशन भारत की छवि को पूरी दुनिया में सबसे ऊंचा उठाना है। नामदार कहते हैं की मोदी को हराना इनका मिशन है, लेकिन मोदी का मिशन भारत को जिताने का है। वो मोदी को हराने में लगे हैं मोदी भारत को जिताने में लगा है।  

साथियोकांग्रेस की स्थिति आज देश में वोट कटुआ पार्टी की हो गई है। ये मोदी नहीं कह रहा है, खुद कांग्रेस के लोग कहते हैं। इसका एक ही कारण हैइनका अहंकारइनका अहंकार सातवें आसमान पर रहता है। इनको लगता है की नामदार परिवार जो भी कहे बस वही सही है। ये अपने पूर्वजों के नाम पर वोट मांगते हैंलेकिन जब उनके कारनामों पर सवाल पूछे जाते हैं तो ये कहते हैं- हुआ तो हुआक्या कहते हैंक्या कहते हैंहुआ तो हुआ। हुआ तो हुआ की इसी सोच ने भारत की रक्षा नीति और सैन्य नीति को इतना कमजोर कर दिया।

साथियोहिमाचल का एक भी परिवार ऐसा नहीं होगा, जिसका कोई बेटाबेटी या कोई रिश्तेदार देश की रक्षा में जुटा न हो। हमारे तो उम्मीदवार भी पूर्वी फौजी हैं। जो देश के लिए लड़ते हैं उनके लिए कांग्रेस ने क्या कियाये आपको सिर्फ एक उदाहरण से पता चल जाएगा। जब कांग्रेस की सरकार थीतो हमारी सेना उनसे बुलेटप्रूफ जैकेट मांगती रही, कांग्रेस 6 साल तक उनकी इस मांग को टालती रही। हमारे बच्चे आतंकी हमलों में, नक्सली हमलों में, शहीद होते रहेअभी तो जीवन के सारे सपने अधूरे, जिंदगी की शुरुआत, 18 -20 साल की उम्र और मातृभूमि के लिए शीश चढ़ा दियाबलिदान दे दिया। लेकिन कांग्रेस कह रही है हुआ तो हुआहुआ तो हुआहुआ तो हुआ एक ही जवाब लोग शहीद हुए हुआ तो हुआ।  

भाइयो और बहनोअपनी इसी सोच की वजह से कांग्रेस और इन महामिलावटी लोगों ने देश को रक्षा मामलों में आत्म-निर्भर बना देने की दिशा में न गंभीरता से सोचा, न गंभीरता से कोई कदम उठाया। 2014 में आप लोगों ने मुझे सेवा करने का मौका दिया, जिम्मेवारी संभालने के बाद मैं जरा चीजें समझने लगा, फाइलें खंगाली और जब फाइलें खंगाली तब पता चला की हमारा देश अपनी सुरक्षा का 70 प्रतिशत से भी ज्यादा भाग विदेशों से आयात करता है। भारत अपने देश की सुरक्षा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर था। लेकिन कांग्रेस कहती रही हुआ तो हुआ और ये क्यों होता था क्योंकि इसमें, ये रक्षा सौदे इन लोगों के लिए एटीएम था, मिलाई खाने का रुपए निकालने का खेल था। इसीलिए इन्होंने कभी भारत को आत्मनिर्भर नहीं बनने दिया और कोई सौदा ऐसा नहीं है और कोई रक्षा सौदा नहीं है पहले, जिस पर इन लोगों पर गंभीर आरोप न लगे हो।

भाइयो और बहनोजब भारत स्वतंत्र हुआ था तो उस समय भारत के पास, ये सुन कर के आपको हैरानी होगी और मैं हिमाचल की धरती पर आया हूं, जहां का हर परिवार वीर पुत्रों का और वीर माताओं का परिवार है, जो धरती वीरों धरती है छोटा सा प्रदेश है इतने बड़े देश की रक्षा करता है। इसीलिए हिमाचल के लिए मुझे गर्व होता है और तब जाकर के दिल खोल कर के हिमाचल के सामने बात करने का मन करता है। जब भारत स्वतंत्र हुआ था तो उस समय भारत के पास रक्षा उत्पादन का डेढ़ सौ साल से ज्यादा का अनुभव था। यानी आज से 70 साल पहले, आज के हिसाब से कह तो करीब सवा 200, 250 साल, तब देश में एक दो नहीं तब देश में एक दो नहीं बल्कि 18 आयुध फैक्ट्रियां काम करती थीं। जो आधुनिक शास्त्र बनाती थीं, वही दूसरी ओर उसी कालखंड मेंचीन में उस समय रक्षा उत्पादन करने वाला एक भी कारखाना नहीं था। हमारे पास 200, सवा 200 साल पहले 18 ऐसे उद्योग थे चीन के पास एक भी नहीं था लेकिन आज चीन रक्षा सामग्री में आत्मनिर्भर ही नहींबल्कि संसार में इसका सबसे बड़ा एक्सपोर्टर है, निर्यातक है। इसके उलटभारत आज दुनिया में रक्षा सामग्री आयात करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश है, उल्टा हो गया। भारत इतना कुछ आयात करता रहाहम मांगते रहेलेते रहेएटीएम से पैसे निकालते रहे और देश में कोई सवाल पूछता था तो कांग्रेस कहती रही हुआ तो हुआहुआ...तो हुआ।

 

साथियोबीते पांच वर्षों में भाजपा सरकार ने इस स्थिति को बदलने का पूरा प्रयास किया है। पहले की सरकार की तुलना मेंपिछले पांच वर्षों के दौरान रक्षा उत्पादन में 80 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

साथियोये महामिलावटी हमारे सैनिकों कीहमारे फौज की मान-मर्यादा और शौर्य का सम्मान नहीं करते। ये हमारे सेनाध्यक्ष को गली का गुंडा कहते हैंवायुसेना अध्यक्ष को झूठा कहते हैं। जब कोई कहता है की ये गलत हुआतो ये जवाब देते हैं, हुआ तो हुआ। सेना के अपमानदेश की सुरक्षा में नाकाम रहने का यही दागदार इतिहास हैजिसके कारण कांग्रेस सर्जिकल स्ट्राइकएयर स्ट्राइक इस पर बात ही नहीं करते हैं। आप मुझे बताइए, आतंकियों पर कार्रवाई करके पिछले दिनों हमने जो आतंकवादियों पर करवाई कर रहे हैं सही किया क्यामुझे सब लोग बताएं वो छठी मंजिल वाले भी बताएसही किया की नहीं कियामुझे करना चाहिए कि नहीं करना चाहिएये घुसकर के मरना चाहिए कि नहीं मरना चाहिएमेरे सेना के जवान तिरंगा लपेट करके घर लोटे ये कितने दिन तक चलेगा, भाइयोआपको गर्व हुआ?आपका माथा ऊंचा हुआआपका सीना चौड़ा हुआहिंदुस्तान में दम है ऐसा लगने लगा, हम भी कुछ कम नहीं है ये लगने लगायही देश की ताकत होती है, दोस्तों।  

साथियोजब 130 करोड़ हिंदुस्तानी एक मत होकर, एक जुट होकर काम करते हैं तभी देश में ऐतिहासिक काम होते हैं। भाइयो और बहनोदुनिया से समृद्ध से समृद्ध देश भी अपने यहां लोगों को पांच लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की योजना नहीं दे पाए हैं। लेकिन आज भारत में 50 करोड़, ये अकड़ा छोटा नहीं है 50 करोड़ गरीबों के लिए आयुष्मान भारत योजना से हर वर्ष पांच लाख रुपए तक का इलाज का खर्च सरकार देगी, चौकीदार देगा और ये संख्या कितनी है ये 50 करोड़ का मतलब होता है, अमेरिकाकनाडामेक्सिको इन तीनों देशों की कुल जनसंख्या उसे ये ज्यादा लोगों को हम बेनिफिट दे रहे हैं, भाइयो। दुनिया के बड़े-बड़े देश भी डिजिटाइजेशन को लेकर अभी भी संघर्ष कर रहे हैंलेकिन भारत में मोबाइलआधार और जनधन खाते की शक्ति गरीब से गरीब को ताकत दे रही है। रुपए कार्ड और BHIM ऐप, आज हिमाचल के गांव-गांव में उपयोग हो रहा है।

साथियोइतना ही नहीं आजादी के इतिहास में पहली बार सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों को भी 10 प्रतिशत आरक्षण मिल पाया है, ये चौकीदार के कारण हुआ है। और ये काम भी हमने सामान्य समाज के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया, लेकिन जो पहले मिलता था SC, ST, OBC इसको छेड़-छाड़ किए बिना कियाकिसी का छीने बिना किया और समाज में संघर्ष का नामों निशान नहीं जो कुछ किया प्यार से किया। करके दिखाया की नहीं दिखायाकरके दिखाया की नहीं दिखायादेश की एकता के लिए कैसे काम किया जाता है ये इसका उदाहरण है भाइयो।

भाइयो और बहनोकिसानों और बागबानों के बैंक खाते में आज सीधी मदद पहुंच रही है। हिमाचल तो इस मामले में देश के सबसे अग्रणी राज्यों में है और इसके लिए मैं जय राम जी को और उनकी पूरी टीम को बधाई देता हूं। ये हमारे सोलन की सब्जी मंडी तो नए भारत के कृषि व्यापार का एक मॉडल है और इसके लिए सोलनवासी भी अभिनंदन के लिए अधिकारी हैं। आपका सेबआपके टमाटरमशरूमशिमला मिर्चलहसुनमटर जैसी सब्जियों के लिए बहुत बड़ा बाजार है और शायद सिरमौर में तो अदरक का भी होता था नाहांउस समय हमेशा शिकायत रहती जब मैं यहां आता तो सुनता था मैं ई-नाम प्लेटफार्म पर यहां की मंडी को सम्मानित करने का भी मुझे अवसर मिला है। ऐसे ही हिमाचल की दूसरी मंडियों को ई-नाम से जोड़ा जा रहा है ताकि बिचौलियों की दुनिया बंद हो जाए, ताले लग जाएं।

साथियो,  शिमला, कालका, चंडीगढ़, नेशनल हाईवे सहित तमाम नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण का काम आज हिमाचल में चल रहा है। गांवों में भी सड़कों का जाल तेजी से बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। इस इंफ्रास्ट्रक्चर का भी बहुत लाभ किसान और बागबान साथियों को होने वाला है। इससे ट्रकों की आवाजाही में समय बहुत बचता है। भाइयो और बहनो हाईवे के साथ-साथ रेल और एयर कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है। शिमला तो उड़ान योजना के तहत जुड़ने वाला देश का पहला स्थान बना है। टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए कालका-शिमला के बीच पहली बार ट्रांस्पेरेंट विस्टा डोम कोच हमने जोड़ा है। ये सुविधाएं यहां के टूरिज्म सेक्टर को बहुत फायदा करने वाली हैं। इसके अलावा टूरिज्म सेक्टर के लिए मुद्रा योजना भी मददगार साबित हो रही है। विशेष तौर पर गेस्ट हाउस और होम स्टेज से जुड़े साथियों को इससे फायदा हो रहा है।

 

साथियोआज हिमाचल, एजुकेशन और हेल्थ का एक बड़ा सेंटर बनता जा रहा है। सिरमौर में IIM और बिलासपुर में AIIMS जैसे तमाम संस्थान युवाओं को अवसरों से जोड़ने वाले हैं। साथियोविकास के इन तमाम कामों को हमें गति देनी है इसके लिए फिर एक बार मोदी सरकारफिर एक बार मोदी सरकार लेकिन मैं और भी चाहता हूं फिर एक बार हिमाचल में चार की चारफिर एक बार हिमाचल में चार की चारफिर एक बार हिमाचल में… चार की चार ,फिर एक बार हिमाचल में...चार की चारफिर एक बार मोदी सरकार और ये फिर एक बार मोदी सरकारफिर एक बार मोदी सरकार। कमल पर पड़ा आपका हर एक वोट सीधा मोदी के खाते में जाएगा। एक बार फिर मेरे अपने ही घर में अपनों के प्यार के लिएअपनों के आशीर्वाद के लिए मैं अपनों को नमस्कार करता हूं।  

भारत माता की...जय

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बहुत बहुत धन्यवाद।

 

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देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली विचारधारा के साथ हमें आगे बढ़ना होगा: पीएम मोदी
July 22, 2024
“Placing of the Budget by a third term government is being seen as a glorious event by the nation”
“This Budget will set the direction of the next five years of the current government and will lay a strong foundation for the dream of Viksit Bharat by 2047”
“Rise up above party politics and commit to the nation by making use of the dignified platform of the Parliament”
“Till 2029 the only priority should be the country, its poor, farmers, women and the youth”
“Muzzling of the elected government and its Prime Minister has no place in democratic traditions”
“First time members should be allowed to come forward and present their views”
“This House is not meant for political parties, this House is meant for the country. It is not meant to serve the Parliamentarians but 140 crore citizens of India”

आज सावन का पहला सोमवार है। इस पवित्र दिवस पर एक महत्वपूर्ण सत्र प्रारंभ हो रहा है, और सावन के इस पहले सोमवार की मैं देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

आज संसद का मानसून सत्र भी आरंभ हो रहा है। देश बहुत बारीकी से देख रहा है कि संसद का ये सत्र सकारात्मक हो, सृजनात्मक हो और देशवासियों के सपनों को सिद्ध करने के लिए एक मजबूत नींव रखने वाला हो।

साथियों,

भारत के लोकतंत्र की जो गौरवयात्रा है, उसमें ये एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में मैं देख रहा हूं। व्यक्तिगत रूप से मुझे भी, हमारे सभी साथियों के लिए भी ये अत्यंत गर्व का विषय है कि करीब 60 साल के बाद कोई सरकार तीसरी बार वापस आई और तीसरी पारी का पहला बजट रखने का सौभाग्य प्राप्त हो, ये भारत के लोकतंत्र की गौरवयात्रा की अत्यंत गरिमापूर्ण घटना के रूप में देश इसे देख रहा है। ये बजट सत्र है। मैं देशवासियों को जो गारंटी देता रहा हूं क्रमश: रूप से उन गारंटीयों को जमीन पर उतारना इस लक्ष्य को लेकर के हम आगे बढ़ रहे हैं। ये बजट अमृतकाल का एक महत्वपूर्ण बजट है। हमें 5 साल का जो अवसर मिला है, आज का बजट हमारे उन 5 साल के कार्य की दिशा भी तय करेगा और ये बजट 2047 जब आजादी के 100 साल होंगे, तब विकसित भारत का जो हमारा सपना है, उस सपने को पूरा करने की मजबूत नींव वाला बजट लेकर के हम कल देश के सामने आएंगे। हर देशवासी के लिए एक गर्व की बात है कि भारत बड़ी इकोनॉमी वाले देशों में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश है। गत 3 वर्षों में लगातार 8 प्रतिशत ग्रोथ के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं, grow कर रहे हैं। आज भारत में positive outlook, investment और performance एक प्रकार से opportunity की peak पर है। ये अपने आप में भारत की विकास यात्रा का एक अहम पड़ाव है।

साथियों,

मैं देश के सभी सांसदों से किसी भी दल के क्यों न हों। मैं आज आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं कि हम गत जनवरी से लेकर के हम लोगों के पास जितना सामर्थ्य था, इस सामर्थ्य को लेकर के जितनी लड़ाई लड़नी थी- लड़ ली, जनता को जो बात बतानी थी- बता दी। किसी ने राह दिखाने का प्रयास किया, किसी ने गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन अब वो दौर समाप्त हुआ है, देशवासियों ने अपना निर्णय दे दिया है। अब चुने हुए सभी सांसदों का कर्तव्य है, सभी राजनीतिक दलों की विशेष जिम्मेदारी है कि हमने दल के लिए जितनी लड़ाई लड़नी थी, लड़ ली, अब आने वाले 5 वर्ष के लिए हमें देश के लिए लड़ना हैं, देश के लिए जूझना हैं, एक और नेक बनकर के जूझना है। मैं सभी राजनीतिक दलों से भी कहूंगा कि आइए हम आने वाले चार, साढ़े चार साल दल से ऊपर उठकर के, सिर्फ और सिर्फ देश को समर्पित होकर के संसद के इस गरिमापूर्ण मंच का हम उपयोग करें।

जनवरी 2029, जब चुनाव का वर्ष होगा आप उसके बाद जाइए मैदान में, सदन का भी उपयोग करना है, कर लीजिए। वो 6 महीने जो खेल, खेलने हैं- खेल लीजिए। लेकिन तब तक सिर्फ और सिर्फ देश, देश के गरीब, देश के किसान, देश के युवा, देश की महिलाएं उनके सामर्थ्य के लिए, उनको empower करने के लिए जनभागीदारी का एक जनआंदोलन खड़ा कर करके 2047 के सपने को पूरा करने के लिए हम पूरी ताकत लगाएं। मुझे आज बहुत दुख के साथ कहना है कि 2014 के बाद कोई सांसद 5 साल के लिए आए, कुछ सांसदों के 10 साल के लिए मौका मिला। लेकिन बहुत से सांसद ऐसे थे, जिनको अपने क्षेत्र की बात करने का अवसर नहीं मिला, अपने विचारों से संसद को समृद्ध करने का अवसर नहीं मिला, क्योंकि कुछ दलों की नकारात्मक राजनीति ने देश के संसद के महत्वपूर्ण समय को एक प्रकार से अपनी राजनीतिक विफलताओं को ढाकने के लिए दुरूपयोग किया है। मैं सभी दलों से आग्रहपूर्वक कहता हूं कि कम से कम जो पहली बार सदन में आए हैं, ऐसे बहुत बड़ी संख्या में हमारे माननीय सांसद हैं और सभी दल में हैं, उनको अवसर दीजिए, चर्चा में उनके विचारों को प्रकट करने का मौका दीजिए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को आगे आने का अवसर दीजिए। और आपने देखा होगा कि पार्लियामेंट के नए संसद गठन होने के बाद जो पहला सत्र था, 140 करोड़ देशवासियों के बहुमत के साथ जिस सरकार को सेवा करने का हुकुम किया है देशवासियों ने, उसकी आवाज को कुचलने का अलोकतांत्रिक प्रयास हुआ। ढाई घंटे तक देश के प्रधानमंत्री का गला घोटने का, उनकी आवाज को रोकने का, उनकी आवाज को दबाने का लोकतांत्रिक परंपराओं में कोई स्थान नहीं हो सकता है। और इन सबका पश्चाताप तक नहीं है, दिल में दर्द तक नहीं है।

मैं आज आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं देशवासियों ने हमें यहां देश के लिए भेजा है, दल के लिए नहीं भेजा है। ये सदन दल के लिए नहीं, ये सदन देश के लिए है। ये सदन सांसदों की सीमा तक नहीं है, 140 करोड़ देशवासियों की एक विराट सीमा तक के लिए है। मैं विश्वास करता हूं कि हमारे सभी माननीय सांसद पूरी तैयारी के साथ चर्चा को समृद्ध करेंगे, कितने ही विरूद्ध विचार होंगे, विरूद्ध विचार बुरे नहीं होते हैं, नकारात्मक विचार बुरे होते हैं। जहां सोचने की सीमाएं समाप्त हो जाती है, देश को नकारात्मकता की जरूरत नहीं है, देश को एक विचारधारा, प्रगति की विचारधारा, विकास की विचारधारा, देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली विचारधारा से हमें आगे बढ़ना होगा। मैं पूरी आशा करता हूं कि हम लोकतंत्र के इस मंदिर का, भारत के सामान्य मानवी के आशा, आकांक्षाओं को पूर्ण करने के लिए सकारात्मक रूप से उपयोग करेंगे।

बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों।