“हमारे लिए पर्यावरण की रक्षा आस्था का विषय है। हमारे पास प्राकृतिक संसाधन हैं क्योंकि हमारी पिछली पीढ़ियों ने इन संसाधनों की रक्षा की। हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी ऐसा ही करना चाहिए” - पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी के निजी प्रयासों से भारत, पर्यावरण संरक्षण और क्लाइमेट चेंज की दिशा में ठोस पहल करने वाला अग्रणी देश बना है। चाहे वह 'इंटरनेशनल सोलर अलायंस' हो या 'LiFE मिशन', इन दोनों पहलों को वैश्विक स्तर पर दोहराया गया है, जिससे ऊर्जा के रिन्यूएबल स्रोतों के माध्यम से ऊर्जा की माँगों को पूरा करने में मदद मिली है, जिससे पर्यावरण चेतना को बढ़ावा मिला है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु पर्यावरण संरक्षण और क्लाइमेट चेंज की दिशा में पीएम मोदी के प्रयासों को दर्शाने वाली एक घटना सुनाते हैं। जब पीएम मोदी गुजरात के सीएम थे, तब गुजरात 'क्लाइमेट चेंज डिपार्टमेंट' वाला देश का पहला राज्य बना था। यह एक अनूठा प्रयास था, जबकि तब केंद्रीय स्तर पर पर्यावरण मंत्रालय ने भी क्लाइमेट चेंज की अवधारणा को एकीकृत नहीं किया था।

श्री प्रभु ‘क्लाइमेट ग्रुप’ नामक एक संगठन का हिस्सा थे, जो विभिन्न बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन करता था, जिसमें पीएम मोदी एक नियमित सहभागी थे। इनमें से एक बैठक में पीएम मोदी ने श्री प्रभु से कहा कि भारत अपनी एनर्जी डिमांड को इम्पोर्ट नहीं कर सकता, इसलिए उसे एनर्जी के क्षेत्र में जल्द ही आत्मनिर्भर बनना होगा।

पीएम मोदी ने 'ग्लोबल सोलर अलायंस' की परिकल्पना की, जिसने ऊर्जा के रिन्यूएबल सोर्स के रूप में सौर ऊर्जा की आवश्यकता को लोकप्रिय बनाने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम किया। उन्होंने इसे लागू करने के लिए तत्कालीन पीएम को पत्र भी लिखा था, जो अमल में नहीं आया। श्री प्रभु, जो उस समय काउंसिल ऑफ़ एनर्जी एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) के चेयरमैन थे, ने पीएम मोदी के सौर ऊर्जा के विजन को कार्यान्वित और लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया।

जब पीएम मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने, तो भारत में इसके मुख्यालय के साथ ‘इंटरनेशनल सोलर अलायंस’ की स्थापना की गई। पीएम मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन को प्रमुखता दी, जो भारत में मुख्यालय वाला पहला वैश्विक संगठन था। यहाँ तक कि अमेरिका जैसे विकसित देश भी इस पहल का हिस्सा बनना चाहते थे, यह दर्शाता कि कैसे पीएम मोदी ने पर्यावरण संरक्षण के अपने प्रयासों को विश्व स्तर पर प्रतिध्वनित किया, जिससे कई देशों को अपने रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिली, जिससे पर्यावरण जागरूकता पैदा हुई।

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भारत के खेलों में बदलाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास
May 09, 2024

भारत के खेल बजट में रिकॉर्ड वृद्धि, खेलो इंडिया गेम्स और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम सहित तमाम इनिशिएटिव; भारत में खेल परिदृश्य पर मोदी सरकार के जोर को दर्शाते हैं। भारत में ‘युवा ओलंपिक’ और ‘ओलंपिक 2036’ की मेजबानी के लिए पीएम मोदी का प्रयास, पिछले दशक में भारत के खेलों के लिए अग्रणी बदलाव और विजन को दर्शाता है।

एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने खेलों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के अभूतपूर्व समर्थन की सराहना की और बताया कि कैसे पीएम मोदी ने उनसे मुलाकात की और भारत में खेलों से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्षेत्र के विभिन्न मुद्दों के बारे में गहराई से जानकारी ली और भारत के खेलों में बदलाव के लिए मिशन मोड पर इन मुद्दों को हल करने पर बल दिया।

मुद्दों को सुलझाने के इरादे के साथ-साथ, पीएम मोदी हमेशा विभिन्न एथलीटों के संपर्क में रहे और भारत में खेलों को देखने के तरीके में एक व्यवस्थित बदलाव लाने की कोशिश की। इसके अलावा, भारत के खेलों में बदलाव; देश में बेहतर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी परिणाम था।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी खेलों में वाकई दिलचस्पी रखते हैं। वह हर एथलीट को जानते हैं...उनके प्रदर्शन को जानते हैं। किसी भी बड़ी चैंपियनशिप से पहले, वह उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाते हैं और उनसे बातचीत करते हैं...शानदार विदाई समारोह का आयोजन करते हैं और वापसी पर जीत को सेलिब्रेट भी करते हैं।"

उन्होंने कहा कि प्रत्येक एथलीट खुश है क्योंकि प्रधानमंत्री खुद उनके करियर, बेहतरी और परफॉरमेंस में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं।