राष्‍ट्रपति माइकल, आपके उदार शब्‍दों के लिए धन्‍यवाद,

आपके शानदार अतिथ्‍य और गर्मजोशी से मैं बेहद प्रभावित हूं।

मुझे खेद है कि यह बहुत संक्षिप्‍त यात्रा है। मुझे यहां ज्‍यादा वक्‍त बिताकर प्रसन्‍नता होती। इस शानदार देश की यात्रा पर आने वाले किसी भी व्‍यक्ति के लिए इसे छोड़कर जाना मुश्किल है।

यह यात्रा भले ही बहुत छोटी रही हो, लेकिन यह बहुत उपयोगी रही है।

684-6.1 PM Modi MEDIA SPEECH with President James Michel of Seychelles

हिंद महासागर क्षेत्र में मेरा पहला पड़ाव सेशेल्‍स होना कोई अचरज की बात नहीं है।

हम अपने हिंद महासागर पड़ोस में सेशेल्‍स को अपना महत्‍वपूर्ण भागीदार समझते हैं।

हमारे रिश्‍ते अनोखे और खास हैं। ये आपसी विश्‍वास और भरोसे पर आधारित हैं। इनमें आदर और समानता का उल्‍लेखनीय भाव है और प्रचुर सद्भावना और गर्मजोशी है।

ये लोकतंत्र और समग्रता के साझा मूल्‍यों से बल प्राप्‍त करते हैं। ये हमारी जनता की तरक्‍की और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति जैसे समान उद्देश्‍य से पोषित हैं।

सेशेल्‍स ने प्रभावशाली प्रगति की है। इसने दिखा दिया है कि उप‍लब्धियां हासिल करने के लिए आकार कोई बाधा नहीं है।

इस यात्रा और राष्‍ट्रपति माइकल के साथ मेरी बातचीत ने इन रिश्‍तों की ताकत और महत्‍व के प्रति मेरे विश्‍वास को मजबूती प्रदान की है।

सुरक्षा के क्षेत्र में हमारी भागीदारी सशक्‍त है। इसने क्षेत्र में सामुद्रिक सुरक्षा बढ़ाने के हमारे साझा उत्‍तरदायित्‍व को पूर्ण करने में हमें सक्षम बनाया है।

सेशेल्‍स की सुरक्षा क्षमताओं के विकास में भागीदार बनना सौभाग्‍य की बात है।

आज, मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्‍नता हो रही है कि हम सेशेल्‍स को एक और डोर्नियर विमान देंगे।

आज मुझे तटीय निगरानी राडार परियोजना लागू करने का सम्‍मान प्राप्‍त होगा। यह हमारे सहयोग का एक अन्‍य प्रतीक है।

ये कदम सेशेल्‍स को इन खूबसूरत टापूओं और उनके आसपास फैले विशाल जल को सुरक्षित बनाने में सक्षम बनाएंगे। सेशेल्‍स भी हिंद महासागर क्षेत्र की रक्षा और सुरक्षा में व्‍यापक योगदान देना जारी रखेगा।

हाइड्रोग्राफिक (जलमाप चित्रण संबंधी) सर्वेक्षण पर हमारा आज का समझौता हमारे सामुद्रिक सहयोग में एक नया आयाम जोड़ेगा। भारत पर विश्‍वास के लिए मैं सेशेल्‍स का आभारी हूं।

हमें इस बात की भी आशा है कि सेशेल्‍स जल्‍द ही भारत, मालदीव और श्रीलंका के बीच सामुद्रिक सुरक्षा सहयोग में पूर्ण भागीदार बनेगा।

राष्‍ट्रपति माइकल और मैं हिंद महासागर क्षेत्र में व्‍यापक सहयोग के महत्‍व को भी बल देते हैं। हम इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन को और ज्‍यादा सक्रिय और उपयोगी बनाने के प्रति भी समर्थन व्‍यक्‍त करते हैं।

विकास के लिए हमारी भागीदारी हमारे संबंधों का सशक्‍त स्‍तम्‍भ है।

असम्प्शन द्वीप में बुनियादी ढांचे के विकास के संबंध में हमारा आज का समझौता इस भागीदारी को जबरदस्‍त बढ़ावा देगा।

हमें सेशेल्‍स में मानव संसाधन के विकास और क्षमता निर्माण में भागीदार बनने की प्रसन्‍नता है। दरअसल, सेशेल्‍स इस क्षेत्र में भारतीय सहायता को सबसे ज्‍यादा प्राप्‍त करने वालों में से है। हम भविष्‍य में इसे और भी ज्‍यादा बढ़ाना चाहते हैं।

सेशेल्‍स ब्‍ल्‍यू इकॉनोमी की अवधारणा को बढ़ावा देने वालों में अग्रणी है। हमें यह भी यकीन है कि यह महासागरीय अर्थव्‍यवस्‍था हमारी भावी चुनौतियों से निपटने के लिए अत्‍यावश्‍यक है।

684-6 PM Modi with President James Michel of Seychelles at Exchange of Agreement (1)

आज राष्‍ट्रपति माइकल और मैंने ब्‍ल्‍यू इकॉनोमी के संबंध में हमारे सहयोग को विस्‍तृत बनाने के लिए संयुक्‍त कार्य समूह स्‍थापित करने पर सहमति व्‍यक्‍त की है।

यह सहयोग सामुद्रिक पारिस्थितिकी और संसाधनों की हमारी समझ को बढ़ाएगा। हम महासागर की नयी सम्‍भावनाओं का निरंतर और संतुलित तरीके से इस्‍तेमाल करने की हमारी क्षमता में सुधार करेंगे।

यह हमारे वैज्ञानिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में प्रमुख कदम होगा।

हम अपने व्‍यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने के प्रति हमारे समर्थन पर बल देते हैं। हमें भरोसा है कि हम इसे हासिल कर सकते हैं, विशेषकर सेशेल्‍स एक ऐसे भविष्‍य को देख रहा है जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी और सेवाएं तेजी से महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुझे आशा है कि सेशेल्‍स प्रतिबद्ध सात करोड़ 50 लाख डॉलर के अनुदान और ऋण के अपनी प्राथमिकताओं के साथ त्‍वरित उपयोग में सक्षम होगा।

हम, हमारी जनता के बीच निकट और प्रगाढ़ संबंधों को बहुत अहमियत देते हैं। मैं एयर सेशेल्‍स द्वारा पिछले दिसम्‍बर में भारत को सीधी विमान सेवाएं देना प्रारम्‍भ किये जाने का स्‍वागत करता हूं।

हमने सेशेल्‍स के नागरिकों को तीन महीने का निशुल्‍क वीजा प्रदान करने का फैसला किया है। हम आपको आगमन-पर-वीजा की सुविधा भी प्रदान करेंगे।

मैं अंतर्राष्‍ट्रीय मंचों पर सेशेल्‍स सरकार द्वारा निरंतर भारत का समर्थन करने के लिए राष्‍ट्रपति माइकल का अभार व्‍यक्‍त करता हूं। इनमें संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की स्‍थायी सदस्‍यता के लिए भारत का समर्थन करना शामिल है।

684-6 PM Modi with President James Michel of Seychelles at Exchange of Agreement (2)

जलवायु परिवर्तन पर हमारे विचारों में काफी समानताएं हैं। हम दोनों देश इसके प्रभाव के प्रति असुरक्षित हैं और हम इसका मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हम सशक्‍त राष्‍ट्रीय कार्रवाई के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता पर जोर देते हैं। हम जलवायु परिवर्तन पर विशेषकर विकसित देशों से, सशक्‍त और महत्‍वाकांक्षी वैश्विक प्रयास का भी आह्वान करते हैं।

मैं छोटे द्वीप वाले विकासशील देशों के प्रति हमारे अविचल समर्थन को दोहराता हूं। वैसे ही, मैं अफ्रीका के साथ हमारी भागीदारी के लिए भारत की सशक्‍त प्रतिबद्धता को भी दोहराता हूं।

हमारे संबंध हमारी प्रगाढ़ मैत्री और उपयोगी भागीदारी का सशक्‍त उदाहरण हैं। भारत के लिए, यह संबंध बहुत मायने रखते हैं।

इस यात्रा ने हमारे संबंधों में विशेष प्रगाढ़ता को मजबूती प्रदान की है और हमारी रणनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मैं इसके लिए राष्‍ट्रपति माइकल और सेशेल्‍स की जनता का आभार व्‍यक्‍त करता हूं।

मैं राष्‍ट्रपति माइकल के जल्‍द भारत की यात्रा पर आने की प्रतीक्षा करूंगा।

धन्‍यवाद

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July 20, 2026
आशा है कि इस सत्र में सार्थक चर्चाएं होंगी जो भारत के विकास पथ को सुदृढ़ करेंगी: प्रधानमंत्री
हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून जितना प्रोएक्टिव होगा, मानसून सत्र भी उतना ही अधिक प्रोडक्टिव बनेगा, जिससे देश के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा: पीएम मोदी
पिछले एक महीने में देश ने राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और अंतरिक्ष स्तर पर कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे हर भारतीय का सीना गर्व से भर गया है: पीएम मोदी
पश्चिम एशिया में चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा। यह देश की मजबूती और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है: पीएम मोदी
संसद का सुचारु संचालन और देश को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प ही समय की जरूरत है: पीएम मोदी

स्वागत है भाई आप सबका।

मानसून का भी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी प्रारंभ हो रहा है। मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रोएक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं, और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। और इसलिए, हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे, मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।

साथियों,

पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं और देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो। एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले वर्ष मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’ पर पहुंचा था और परसों ही भारत का एक युवा स्टार्टअप, उसने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार से प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है, बहुत बड़ी सफलता है। और ये जो स्काई रूट स्टार्टअप है, उसमें जो नौजवान काम कर रहे हैं, मुझे बताया गया, उनकी पूरी टीम की जो एवरेज एज है, वो सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया। मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं, मैं देश के ये स्टार्टअप ने 28 के एवरेज वाले नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है। उनको तो बधाई है ही है, लेकिन ऐसी बातें जो हैं, जो भारत को आत्मविश्वास से भर देती है। विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य, सर्व-स्वीकृत बनता जाता है।

साथियों,

ये संयोग नहीं, ये एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है। इससे बड़ा संदेश देश के लिए कोई और प्रेरणा नहीं दे सकता है।

साथियों,

जो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर के आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं, और सफल भी हो रहे हैं।

साथियों,

पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। पिछले कुछ सप्ताह पहले, एक सेमीकंडक्टर प्लांट, यानी तीसरा, देश को समर्पित किया गया। अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन और विश्व में बहुत कम देश ऐसे हैं कि जिनके पास ये सुविधा है। लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली है, और सबसे लंबी है। ये अपने आप में भारत के वैज्ञानिक, भारत के इंजीनियर्स, भारत के इनोवेटर्स, भारत के उद्यमी, भारत के श्रमिक, ये जो एक लक्ष्य लेकर के देश के लिए जी रहे हैं, देश के लिए काम कर रहे हैं, उसी का परिणाम है।

साथियों,

हम भली-भांति जानते हैं और पूरी दुनिया चिंतित भी है, लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थितियां बनती रही है। पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो एनर्जी के लिए औरों पर डिपेंडेंट है, उनके लिए ये पश्चिम एशिया का युद्ध एक बहुत ही बड़ा संकट का कारण रहा। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फर्टिलाइजर, केमिकल्स, यानी हर विषय में अनेक बाधाएं, अनेक संकट आए। उसके बावजूद भी भारत 7.7 परसेंट के ग्रोथ से दुनिया की मेजर इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बनके रहा। ये भारत के सामर्थ्य का परिचायक है। भारत किस प्रकार से उत्साह और उमंग के साथ नई ऊंचाइयों को पार करना चाहता है। उसकी इसमें एक झलक है और ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पीड पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस स्पीड में नई ऊर्जा भर सकता है। सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है। हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी है, दल उनका कोई भी हो, लेकिन उनके पास एक लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव की, उनके ज्ञान की संसद को भी जरूरत है, देश को भी जरूरत है। और इसके लिए संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना, मिल जुलकर के देश को आगे ले जाने के संकल्प लेना, ये मैं समझता हूं कि बहुत ही समय की मांग है। एस्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़े। आज समय की मांग है कि राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रहे, आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे, वे अपनी आवाज को बुलंद करें, देश को दिशा दे, और इसलिए मैं आशा करता हूं, और मुझे पक्का विश्वास है, जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले, ये संसद की हमारी भूमिका है। मैं सभी सांसदों से बढ़-चढ़कर के इस सदन में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित करता हूं। आज सुबह स्पीकर महोदय जी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सांसदों का स्वागत करने के अपने भाव को व्यक्त किया है। मैं भी उसमें अपना स्वर मिलाता हूं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार।