श्रीलंका के राष्‍ट्रपति, माननीय श्री मैत्रीपाल सिरिसेना,

मीडिया के सदस्‍य,

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (9)

मैं श्रीलंका के इस खूबसूरत शहर कोलम्‍बो में आकर प्रसन्‍न हूं।

मैं अपने करीबी पड़ोसी देशों में से एक इस देश का दौरा करने के लिए उत्‍साहित था, जिसके साथ हम कई बातें साझा करते है। मैं आपकी गर्मजोशी और मैत्रीपूर्ण स्‍वागत से सम्‍मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इस यात्रा के महत्‍व को समझता हूं। 1987 के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय श्रीलंका यात्रा है।

पिछले महीने राष्‍ट्रपति के रूप में श्री सिरिसेना ने पहली बार भारत का दौरा कर हमें सम्‍म‍ानित किया था और इतनी जल्‍दी यहां आकर मैं खुश हूं।

पड़ोसियों के बीच ऐसा ही होना चाहिए। हमें नियमित रूप से मिलते रहना चाहिए।

इससे हमें एक दूसरे को बेहतर तरीके से समझने, आपसी चिंताओं का समाधान खोजने और हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

राष्‍ट्रपति श्री सिरिसेना के साथ आज की मेरी बैठक की यही उपलब्धि है।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (6)

आर्थिक संधियां हमारे संबंधों के लिए महत्‍वपूर्ण स्‍तम्‍भ है।

जो प्रगति हमने की है, वह मजबूत आर्थिक सहयोग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पिछले दशक में हमारे बीच व्‍यापार में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। मुझे भारत के साथ व्‍यापार के बारे में आपकी चिंताओं की जानकारी है। जैसाकि मैंने दिल्‍ली में कहा था कि हम इनके समाधान की कोशिश करेंगे। हमारे सीमा शुल्‍क प्राधिकारियों के बीच सहयोग पर समझौता इस दिशा में एक कदम है। इससे दोनों देशों के बीच व्‍यापार सरल होगा और दोनों तरफ की गैर प्रशुल्‍क बाधाओं में कमी आएगी।

हम केवल समस्‍याओं के समाधान पर ही नहीं, बल्कि नये अवसरों पर भी अपना ध्‍यान केन्द्रित कर रहे है।

आज, लंका आईओसी और सिलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन आपसी तय शर्तों पर त्रिंकोमाली में चीन की खाड़ी प्रतिष्‍ठान के अपर टैंक फार्म को संयुक्‍त रूप से विकसित करने पर राजी हो गए हैं।

इसके तौर तरीकों के बारे में जल्‍द ही एक संयुक्‍त कार्यबल गठित किया जाएगा। त्रिंकोमाली को एक क्षेत्रीय पेट्रोलियम केन्‍द्र बनाने में भारत मदद के लिए तैयार है।

मैं आशा करता हूं कि सिमपुर कोयला विद्युत परियोजना पर जल्‍द ही कार्य शुरू होगा। इस महत्‍वपूर्ण परियोजना से श्रीलंका की बिजली की आवश्‍यकता पूरी हो सकेगी।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (7)

समुद्र आधारित अर्थव्‍यवस्‍था नया क्षेत्र है जो, दोनों देशों के लिए संभावना के नए द्वार खोलती है। दोनों देशों के लिए यह प्राथमिकता भी है। समुद्र आ‍धारित अर्थव्‍यवस्‍था के लिए एक संयुक्‍त कार्य बल का गठन करने का हमारा निर्णय भी, खासकर हमारी निकटता को देखते हुए महत्‍वपूर्ण है।

हमारे संबंधों के केन्‍द्र में हमारे लोग हैं। हमने लोगों के आपसी मेलजोल, सम्‍पर्क और पर्यटन को बढ़ाने के‍ लिए कई कदम उठाए हैं।

हम श्रीलंका के नागरिकों के लिए सिंहाला तथा तमिल नववर्ष 14 अप्रैल, 2015 को आगमन पर वीजा और इलैक्‍ट्रॉनिक ऑथराइजेशन की सुविधा का विस्‍तार करेंगे।

एयर इंडिया जल्‍द ही नई दिल्‍ली से कोलंबो के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करेगी।

हम श्रीलंका में रामायण से और भारत में महात्‍मा बुद्ध से जुड़े स्‍थलों के विकास के लिए सहयोग करेंगे।

इस वर्ष हम श्रीलंका में भारत महोत्‍सव का आयोजन करेंगे। श्रीलंका में सही अर्थों में बौद्ध धर्म फला-फूला है। भारत महोत्‍सव में हमारे बौद्ध स्‍थलों का प्रदर्शन भी किया जायेगा।

27.5 PM Modi and President Mr. Maithripala Sirisena AT signing of agreements between India and Sri La (3)

युवा मामलों में सहयोग पर सहमति पत्र हमारे संबंधों में एक महत्‍वपूर्ण दीर्घकालिक निवेश बनेगा।

भारत को श्रीलंका के विकास में सहयोग करने का सौभाग्‍य मिला है

हम रेल क्षेत्र के लिए 318 मिलियन अमरीकी डॉलर तक का एक नया ऋण देंगे। इस राशि का उपयोग रोलिंग स्‍टॉक की खरीद तथा रेलवे पटरियों को दोबारा बिछाने और उन्‍हें उन्‍नत बनाने के लिए किया जायेगा।

हमें खुशी है कि हमने मतारा के रूहुना विश्‍वविद्यालय में रवीन्‍द्रनाथ टैगोर सभागार के निर्माण के लिए सहायता की।

मैं, कल उन आवास और कुछ अन्‍य परियोजनाओं का निरीक्षण करूंगा, जिनका निर्माण भारत की वित्‍तीय सहायता से किया जा रहा है। मुझे प्रसन्‍नता है कि इन योजनाओं के तहत 27 हजार से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (3)

भारतीय रिजर्व बैंक और सैंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका 1.5 बिलियन अमरीकी डॉलर के मुद्रा विनिमय समझौता किया हैं। इससे श्रीलंका के रूपये को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।

हमने मछुआरों के मुद्दे पर चर्चा की। इस जटिल मुद्दे में दोनों पक्षों के आजीविका और मानवीय चिंता से जुड़े हित शामिल हैं। इस मुद्दे को हमें इसी नजरिये से देखने की जरूरत है। साथ ही, इस मुद्दे का एक दीर्घकालिक समाधान ढूंढने की भी आवश्‍यकता है।

यह महत्‍वपूर्ण है कि भारत और श्रीलंका की मछुआरा एसोसिएशन बैठक कर शीघ्र ही इस मुद्दे का दोनों पक्षों को स्‍वीकार्य समाधान खोजें। इस स्‍वीकार्य समाधान को दोनों देशों की सरकारें आगे बढ़ा सकती है

इस अवसर पर मैं कहना चाहता हूं कि राष्‍ट्रपति सिरिसेना द्वारा श्रीलंका के समावेशी भविष्‍य निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय है।

मैं, श्रीलंका में शांति, सामंजस्‍य और प्रगति की नई यात्रा के लिए समर्थन और शुभकामनाएं देता हूं।

हम, श्रीलंका में तमिल समुदाय के साथ समाज के सभी वर्गों को समानता, न्‍याय, शांति और सम्‍मान दिलाने के भविष्‍य निर्माण के प्रयासों का समर्थन करते हैं।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (1)

हमारा विश्‍वास है कि 13वें संशोधन को शीघ्र और पूरी तरह से लागू करने से इन प्रयासों में प्रगति होगी।

मैं, इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि को बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने में भारत की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त करता हूं।

मैं, गर्मजोशी भरे स्‍वागत और आतिथ्‍य के लिए राष्‍ट्रपति सिरिसेना को एक बार फिर धन्‍यवाद देना चाहता हूं।

आज की बैठक सकारात्‍मक रही है। इससे आत्‍मविश्‍वास और उम्‍मीद जगी है कि हमारे संबंध भविष्‍य में और बेहतर बनेंगे।

धन्‍यवाद।

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मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे: पीएम मोदी
April 18, 2026
महिलाएं सब कुछ भूल सकती हैं, लेकिन अपने स्वाभिमान का अपमान कभी नहीं भूलतीं: पीएम
जिन दलों (पार्टियों) ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन का विरोध किया है, वे महिला शक्ति को हल्के में ले रहे हैं: पीएम
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन 21वीं सदी की महिलाओं को सशक्त बनाने का एक ‘महायज्ञ’ था: पीएम
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का वंशवादी दलों द्वारा विरोध करने का एक प्रमुख कारण उनका डर है: पीएम
देश की 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है: पीएम
हम महिला आरक्षण की राह में आने वाली हर बाधा को दूर करेंगे: पीएम
महिलाओं के अधिकार छीनते हुए ये लोग मेजें थपथपा रहे थे; यह महिलाओं की गरिमा और उनके आत्मसम्मान पर एक आघात था: पीएम
महिला आरक्षण का विरोध करने के लिए विपक्ष को अपने किए गए पाप की सजा मिलेगी: पीएम

आज मैं एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर विशेष कर देश की माता बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं! आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया है। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया! और मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों, उनसे मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

साथियों,

हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सब कुछ हो जाता है, दल हित, देश हित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देश हित को, इसका खामियाजा उठना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश के नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

साथियों,

कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी, देश की नारी शक्ति देख रही थी, मुझे भी यह देखकर बहुत दुख हुआ, कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा, जैसी परिवारवादी पार्टियां, खुशी से तालियां बजा रही थीं। महिलाओं से उनके अधिकार छिनकर ये लोग मेजें थपथपा रहे थे। उन्होंने जो किया वो केवल टेबल पर थाप नहीं थी, वो नारी के स्वाभिमान पर उसके आत्मसम्मान पर चोट थी और नारी सब भूल जाती है, अपना अपमान कभी नहीं भूलती, इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोग के उन सबके व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो वो याद करेगी कि इन्हीं लोगों ने, इन्हीं लोगों ने, संसद में महिला आरक्षण को रोकने का जश्न मनाया था, खुशियां मनाई थीं। कल संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन का जिन दलों ने विरोध किया है, उनसे मैं दो टूक कहूंगा, ये लोग नारी शक्ति को फॉर ग्रांटेड ले रहे हैं, वो ये भूल रहे हैं, कि 21वीं सदी की नारी देश की हर घटना पर नजर रख रही है, वो उनकी की मंशा भाप रही है और सच्चाई भी भली भांति जान चुकी है। इसलिए महिला आरक्षण विरोध करके जो पाप विपक्ष ने किया है, इसकी उन्हें सजा जरूर मिलेगी। इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान किया है और जनता द्वारा इसकी सजा से भी वो बच नहीं पाएंगे।

साथियों,

सदन में नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से भी कुछ छिनने का नहीं था। नारी शक्ति वंदन संशोधन हर किसी को कुछ ना कुछ देने का था, देने के लिए संशोधन का था। ये 40 साल से लटके हुए नारी के हक को, 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से उसका हक देने का संशोधन था।

नारी शक्ति वंदन संशोधन 21वीं सदी के भारत की नारी को नए अवसर देने, नई उड़ान देने, उसके सामने से बाधाएं हटाने का महायज्ञन था। देश की 50% यानी आधी आबादी को उसका अधिकार देने का साफ नियत के साथ, ईमानदारी के साथ किया गया एक पवित्र प्रयास था। नारी को भारत की विकास यात्रा में सहयात्री बनाने और सबको जोड़ने का प्रयास था। नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है। नारी शक्ति वंदन संशोधन उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, सभी राज्यों की हर राज्य की शक्ति में समान वृद्धि का प्रयास था। ये संसद में सभी राज्यों की आवाज को अधिक शक्ति देने का प्रयास था। राज्य छोटा हो, राज्य बड़ा हो, राज्य की आबादी कम हो या राज्य की आबादी ज्यादा हो। सब की समान अनुपात में शक्ति बढ़ाने की कोशिश थी। लेकिन इस ईमानदार प्रयास की कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने सदन में पूरे देश के सामने भ्रूण हत्या कर दी है, भ्रूण हत्या कर दी है। ये कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, टीएमके जैसे दल, इस भ्रूण हत्या के गुनहगार हैं। ये देश के संविधान के अपराधी हैं, ये देश की नारी शक्ति के अपराधी हैं।

साथियों,

कांग्रेस महिला आरक्षण के विषय से ही नफरत करती है, उसने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए षड्यंत्र किए हैं। इस दिशा में पहले जितनी बार भी प्रयास हुए, हर बार कांग्रेस ने इसमें रो़ड़े अटकाए हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने महिला आरक्षण को रोकने के लिए एक के बाद एक नए झूठ का सहारा लिया। कभी संख्या को लेकर, कभी किसी और तरीके से, कांग्रेस और उसके साथियों ने देश को गुमराह करने की कोशिश की। ऐसा करके इन दलों ने भारत के नारी शक्ति के सामने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। अपना मुखौटा उतर दिया है।

साथियों,

मुझे व्यक्तिगत तौर पर आशा थी कि कांग्रेस अपनी दशकों पुरानी गलती सुधारेंगी। कांग्रेस अपने पापों का प्रायश्चित करेगी, लेकिन कांग्रेस ने इतिहास रचने का, महिलाओं के पक्ष में खड़े होने का, अवसर खो दिया। कांग्रेस खुद देश के अधिकांश हिस्सों में अपना वजूद खो चुकी है। कांग्रेस परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों के पीठ पर सवार होकर खुद को जिंदा रखे हुए है। लेकिन कांग्रेस, ये भी नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दलों की ताकत बढ़े, इसलिए कांग्रेस ने इस संशोधन का विरोध करवारकर अनेक क्षेत्रीय दलों के भविष्य को अंधकार में धकेलना का राजनीतिक षड्यंत्र किया है।

साथियों,

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, टीएमसी और दूसरी पार्टियां, इतने वर्षों से हर बार वही बहाने, वही कुतर्क गढ़ते आए हैं, बनाते आए हैं, कोई ना कोई टेक्निकल पेंच फंसाकर, ये महिलाओं के अधिकारों पर डाका डालते रहे हैं। देश राजनीति का यह भद्दा पैटर्न बराबर समझ चुका है, और उसके पीछे की वजह भी जान चुका है।

भाइयों बहनों,

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध की एक बड़ी वजह है, इन परिवारवादी पार्टियों का डर। इन्हें डर है, अगर महिलाएं सशक्त हो गईं, तो इन परिवारवादी पार्टियों का नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये कभी नहीं चाहेंगे कि उनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें। आज पंचायतों में, लोकल बॉडीज में, जिन हजारों लाखों महिलाओं ने अपनी क्षमता को साबित किया है, जब आगे बढ़कर लोकसभा और विधानसभाओं में आना चाहती हैं, देश की सेवा करना चाहती हैं, परिवारवादियों के भीतर उनसे असुरक्षा की भावना बैठी हुई है। परिसीमन के बाद महिलाओं के लिए कहीं ज्यादा सीटें होंगी, महिलाओं का कद बढ़ेगा, इसीलिए, इन लोगों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन का विरोध किया है। देश की नारीशक्ति कांग्रेस और उसके सहयोगियों को इस पाप के लिए कभी माफ नहीं करेगी।

मेरे प्रिय देशवासियों,

कांग्रेस और उसके साथी दल, डिलिमिटेशन पर लगातार, लगातार झूठ बोल रहे हैं। ये इस बहाने विभाजन की आग को सुलगाना चाहते हैं। क्योंकि, बांटो और राज करो, काँग्रेस ये पॉलिटिक्स अंग्रेजों से विरासत में सीखकर आई है। और, कांग्रेस आज भी उसी के सहारे चल रही है। कांग्रेस ने हमेशा देश में दरार पैदा करने वाली भावनाओं को हवा दी है। इसलिए, ये झूठ फैलाया गया कि डिलिमिटेशन यानी परिसीमन से कुछ राज्यों को नुकसान होगा! जबकि, सरकार ने पहले दिन से स्पष्ट किया है, कि न किसी

राज्य की भागीदारी का अनुपात बदलेगा, न किसी का representation कम होगा। बल्कि,सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में ही बढ़ेंगी। फिर भी काँग्रेस,DMK,TMC और समाजवादी पार्टी जैसे दल इसे मानने को तैयार नहीं हुए।

साथियों,

ये संशोधन बिल सभी दलों, और सभी राज्यों के लिए एक मौका था, एक अवसर था। ये बिल पास होता तो तमिलनाडु, बंगाल, यूपी, केरलम, हर राज्य की सीटें बढ़तीं। लेकिन अपनी स्वार्थी राजनीति की वजह से इन दलों ने, अपने राज्य के लोगों को भी धोखा दे दिया। जैसे कि, DMK के पास मौका था कि वो और ज्यादा तमिल लोगों को सांसद, विधायक बना सकती थी, तमिलनाडु की आवाज़ और मजबूत कर सकती थी! लेकिन, उसने वो मौका खो दिया। TMC के पास भी बंगाल के लोगों को आगे बढ़ाने का मौका था। लेकिन TMC ने भी ये मौका गवां दिया। समाजवादी पार्टी के पास भी मौका था कि वो महिला विरोधी छवि होने के दाग को कुछ कम कर सके। लेकिन सपा भी इसमें चूक गई। समाजवादी पार्टी लोहिया जी को तो पहले ही भूल चुकी है। सपा ने नारीशक्ति वंदन संशोधन का विरोध करके, लोहिया जी के सारे सपनों को पैरों तले रौंद दिया है। सपा महिला आरक्षण विरोधी है, ये यूपी की और देश की महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।

साथियों,

महिलाओं के आरक्षण का विरोध करके, कांग्रेस ने फिर एक बात सिद्ध कर दी है। कांग्रेस, एक एंटी रिफॉर्म पार्टी है। 21वीं सदी के विकसित भारत के लिए, जो भी निर्णय, जो भी रिफॉर्म्स ज़रूरी हैं, जो भी निर्णय देश ले रहा है, कांग्रेस उन सबका विरोध करती है, उसे खारिज कर देती है, उस काम के अंदर खलल डालती है। यही कांग्रेस का इतिहास है और यही कांग्रेस की नेगेटिव पॉलिटिक्स है।

साथियों,

ये वही कांग्रेस है, जिसने जनधन-आधार-मोबाइल की त्रिशक्ति का विरोध किया। कांग्रेस ने, डिजिटल पेमेंट्स का विरोध किया, कांग्रेस ने, GST का विरोध किया, कांग्रेस ने, सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण का विरोध किया, कांग्रेस ने, ट्रिपल तलाक के विरुद्ध कानून का विरोध किया। कांग्रेस ने, आर्टिकल 370 हटाने का विरोध किया। हमारा संविधान, हमारे कोर्ट, जिस यूनिफॉर्म सिविल कोड, समान नागरिक आचार संहिता को, यूसीसी को ज़रूरी बताते हैं, कांग्रेस उसका भी विरोध करती है। Reform का नाम सुनते ही कांग्रेस, विरोध की तख्ती लेकर दौड़ पड़ती है। ऐसा कोई भी काम जिससे देश मजबूत होता है, कांग्रेस उसमें बाधाएं खड़ी करने के लिए पूरी शक्ति लगा देती है। कांग्रेस, वन नेशन वन इलेक्शन का विरोध करती है, कांग्रेस, देश से घुसपैठियों को भगाने का विरोध करती है, कांग्रेस, मतदाता सूची के शुद्धिकरण, SIR का विरोध करती है, कांग्रेस, वक्फ बोर्ड में Reform का विरोध करती है।

साथियों,

कांग्रेस ने, शरणार्थियों को सुरक्षा देने वाले CAA कानून तक का विरोध किया। इस पर झूठ बोलकर-अफवाहें फैलाकर देश में बवंडर खड़ा कर दिया। कांग्रेस, माओवादी-नक्सली हिंसा को समाप्त करने के देश के प्रयासों में भी रुकावटें डालती है। कांग्रेस का एक ही पैटर्न रहा है, कोई भी Reform आए तो झूठ बोलो, भ्रम फैलाओ। इतिहास साक्षी है, कांग्रेस ने हमेशा यही नेगेटिव रास्ता चुना है।

साथियों,

जो भी कार्य देश के लिए जरूरी फैसला होता है, कांग्रेस इसको कार्पेट के नीचे डाल देती है। कांग्रेस के इसी रवैये की वजह से भारत विकास की उस ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया, जिसका भारत हकदार है। आजादी के समय, उस दौर में हमारे साथ और भी कई देश आजाद हुए थे। ज्यादातर देश हमसे बहुत आगे निकल गए, और इसकी वजह थी, कि कांग्रेस हर Reform को रोककर बैठी रही। लटकाना-भटकाना- अटकाना यही कांग्रेस का सिद्धांत रहा है, यही कांग्रेस का वर्क कल्चर रहा है। कांग्रेस ने पड़ोसी देशों के साथ सीमा-विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने पाकिस्तान के साथ पानी के बंटवारे से जुड़े विवादों को लटकाया, कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण के निर्णय को 40 साल तक लटकाए रखा। कांग्रेस ने सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन को 40 साल तक रोके रखा।

साथियों,

कांग्रेस के इस रवैये ने हमेशा देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। कांग्रेस के हर विरोध, हर अनिर्णय, हर छल-प्रपंच का खामियाजा देश ने भुगता है, देश की पीढ़ियों ने भुगता है। आज देश के सामने जितनी भी बड़ी चुनौतियां हैं, वो कांग्रेस के इसी रवैये से उपजी हुई हैं। इसलिए, ये लड़ाई सिर्फ एक कानून की नहीं है, ये लड़ाई, कांग्रेस की उस एंटी-रिफॉर्म मानसिकता के साथ है, जिसमें सिर्फ नेगेटिविटी है, नकारात्मकता है। और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है, कि देश की सभी बहनें-बेटियां, कांग्रेस की इस मानसकिता को करारा जवाब देकर रहेगी।

साथियों,

कुछ लोग देश की महिलाओं के सपने टूटने को सरकार की नाकामी बता रहे हैं। लेकिन, ये विषय कामयाबी या नाकामयाबी क्रेडिट का था ही नहीं। मैंने संसद में भी कहा था, आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिये, मैं इसका क्रेडिट, विज्ञापन छपवाकर विपक्ष के सभी लोगों को दे दूँगा। लेकिन, महिलाओं को दक़ियानूसी सोच से देखने वाले फिर भी अपने झूठ पर अड़े रहे, कायम रहे!

साथियों,

नारीशक्ति को भागीदारी दिलाने की लड़ाई दशकों से चल रही है। वर्षों से मैं भी इसके लिए प्रयास करने वालों में से एक हूं। कितनी ही महिलाएं ये विषय मेरे सामने उठाती रही हैं। कितनी ही बहनों ने पत्र के द्वारा मुझे सारी बातें बताई हैं। मेरे देश की माताएं-बहनें-बेटियां, मैं जानता हूं, आज आप सब दुखी हैं। मैं भी आपके इस दुःख में दुःखी हूँ। आज भले ही, बिल पास कराने के लिए जरूरी 66 परसेंट वोट हमें नहीं मिला हो, लेकिन मैं जानता हूं, देश की 100 परसेंट नारीशक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। मैं देश की हर नारी को विश्वास दिलाता हूं, हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाले हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे, हटाकर के रहेंगे। हमारा हौसला भी बुलंद है, हमारी हिम्मत भी अटूट है और हमारा इरादा भी अडिग है। महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां, ये देश की नारी शक्ति को संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने से कभी भी रोक नहीं पाएंगे, सिर्फ वक्त का इंतजार है। नारी शक्ति के सशक्तीकरण का बीजेपी-एनडीए का संकल्प अक्षुण्ण है। कल हमारे पास संख्याबल नहीं था, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम हार गए। हमारा आत्मबल अजेय है। हमारा प्रयास रुकेगा नहीं, हमारा प्रयास थमेगा नहीं। हमारे पास आगे अभी और मौके आएंगे, हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए, इस संकल्प को पूरा करना ही है। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।