श्रीलंका के राष्‍ट्रपति, माननीय श्री मैत्रीपाल सिरिसेना,

मीडिया के सदस्‍य,

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (9)

मैं श्रीलंका के इस खूबसूरत शहर कोलम्‍बो में आकर प्रसन्‍न हूं।

मैं अपने करीबी पड़ोसी देशों में से एक इस देश का दौरा करने के लिए उत्‍साहित था, जिसके साथ हम कई बातें साझा करते है। मैं आपकी गर्मजोशी और मैत्रीपूर्ण स्‍वागत से सम्‍मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इस यात्रा के महत्‍व को समझता हूं। 1987 के बाद से यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय श्रीलंका यात्रा है।

पिछले महीने राष्‍ट्रपति के रूप में श्री सिरिसेना ने पहली बार भारत का दौरा कर हमें सम्‍म‍ानित किया था और इतनी जल्‍दी यहां आकर मैं खुश हूं।

पड़ोसियों के बीच ऐसा ही होना चाहिए। हमें नियमित रूप से मिलते रहना चाहिए।

इससे हमें एक दूसरे को बेहतर तरीके से समझने, आपसी चिंताओं का समाधान खोजने और हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

राष्‍ट्रपति श्री सिरिसेना के साथ आज की मेरी बैठक की यही उपलब्धि है।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (6)

आर्थिक संधियां हमारे संबंधों के लिए महत्‍वपूर्ण स्‍तम्‍भ है।

जो प्रगति हमने की है, वह मजबूत आर्थिक सहयोग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पिछले दशक में हमारे बीच व्‍यापार में उल्‍लेखनीय वृद्धि हुई है। मुझे भारत के साथ व्‍यापार के बारे में आपकी चिंताओं की जानकारी है। जैसाकि मैंने दिल्‍ली में कहा था कि हम इनके समाधान की कोशिश करेंगे। हमारे सीमा शुल्‍क प्राधिकारियों के बीच सहयोग पर समझौता इस दिशा में एक कदम है। इससे दोनों देशों के बीच व्‍यापार सरल होगा और दोनों तरफ की गैर प्रशुल्‍क बाधाओं में कमी आएगी।

हम केवल समस्‍याओं के समाधान पर ही नहीं, बल्कि नये अवसरों पर भी अपना ध्‍यान केन्द्रित कर रहे है।

आज, लंका आईओसी और सिलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन आपसी तय शर्तों पर त्रिंकोमाली में चीन की खाड़ी प्रतिष्‍ठान के अपर टैंक फार्म को संयुक्‍त रूप से विकसित करने पर राजी हो गए हैं।

इसके तौर तरीकों के बारे में जल्‍द ही एक संयुक्‍त कार्यबल गठित किया जाएगा। त्रिंकोमाली को एक क्षेत्रीय पेट्रोलियम केन्‍द्र बनाने में भारत मदद के लिए तैयार है।

मैं आशा करता हूं कि सिमपुर कोयला विद्युत परियोजना पर जल्‍द ही कार्य शुरू होगा। इस महत्‍वपूर्ण परियोजना से श्रीलंका की बिजली की आवश्‍यकता पूरी हो सकेगी।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (7)

समुद्र आधारित अर्थव्‍यवस्‍था नया क्षेत्र है जो, दोनों देशों के लिए संभावना के नए द्वार खोलती है। दोनों देशों के लिए यह प्राथमिकता भी है। समुद्र आ‍धारित अर्थव्‍यवस्‍था के लिए एक संयुक्‍त कार्य बल का गठन करने का हमारा निर्णय भी, खासकर हमारी निकटता को देखते हुए महत्‍वपूर्ण है।

हमारे संबंधों के केन्‍द्र में हमारे लोग हैं। हमने लोगों के आपसी मेलजोल, सम्‍पर्क और पर्यटन को बढ़ाने के‍ लिए कई कदम उठाए हैं।

हम श्रीलंका के नागरिकों के लिए सिंहाला तथा तमिल नववर्ष 14 अप्रैल, 2015 को आगमन पर वीजा और इलैक्‍ट्रॉनिक ऑथराइजेशन की सुविधा का विस्‍तार करेंगे।

एयर इंडिया जल्‍द ही नई दिल्‍ली से कोलंबो के बीच सीधी विमान सेवा शुरू करेगी।

हम श्रीलंका में रामायण से और भारत में महात्‍मा बुद्ध से जुड़े स्‍थलों के विकास के लिए सहयोग करेंगे।

इस वर्ष हम श्रीलंका में भारत महोत्‍सव का आयोजन करेंगे। श्रीलंका में सही अर्थों में बौद्ध धर्म फला-फूला है। भारत महोत्‍सव में हमारे बौद्ध स्‍थलों का प्रदर्शन भी किया जायेगा।

27.5 PM Modi and President Mr. Maithripala Sirisena AT signing of agreements between India and Sri La (3)

युवा मामलों में सहयोग पर सहमति पत्र हमारे संबंधों में एक महत्‍वपूर्ण दीर्घकालिक निवेश बनेगा।

भारत को श्रीलंका के विकास में सहयोग करने का सौभाग्‍य मिला है

हम रेल क्षेत्र के लिए 318 मिलियन अमरीकी डॉलर तक का एक नया ऋण देंगे। इस राशि का उपयोग रोलिंग स्‍टॉक की खरीद तथा रेलवे पटरियों को दोबारा बिछाने और उन्‍हें उन्‍नत बनाने के लिए किया जायेगा।

हमें खुशी है कि हमने मतारा के रूहुना विश्‍वविद्यालय में रवीन्‍द्रनाथ टैगोर सभागार के निर्माण के लिए सहायता की।

मैं, कल उन आवास और कुछ अन्‍य परियोजनाओं का निरीक्षण करूंगा, जिनका निर्माण भारत की वित्‍तीय सहायता से किया जा रहा है। मुझे प्रसन्‍नता है कि इन योजनाओं के तहत 27 हजार से अधिक मकानों का निर्माण किया जा चुका है।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (3)

भारतीय रिजर्व बैंक और सैंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका 1.5 बिलियन अमरीकी डॉलर के मुद्रा विनिमय समझौता किया हैं। इससे श्रीलंका के रूपये को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।

हमने मछुआरों के मुद्दे पर चर्चा की। इस जटिल मुद्दे में दोनों पक्षों के आजीविका और मानवीय चिंता से जुड़े हित शामिल हैं। इस मुद्दे को हमें इसी नजरिये से देखने की जरूरत है। साथ ही, इस मुद्दे का एक दीर्घकालिक समाधान ढूंढने की भी आवश्‍यकता है।

यह महत्‍वपूर्ण है कि भारत और श्रीलंका की मछुआरा एसोसिएशन बैठक कर शीघ्र ही इस मुद्दे का दोनों पक्षों को स्‍वीकार्य समाधान खोजें। इस स्‍वीकार्य समाधान को दोनों देशों की सरकारें आगे बढ़ा सकती है

इस अवसर पर मैं कहना चाहता हूं कि राष्‍ट्रपति सिरिसेना द्वारा श्रीलंका के समावेशी भविष्‍य निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय है।

मैं, श्रीलंका में शांति, सामंजस्‍य और प्रगति की नई यात्रा के लिए समर्थन और शुभकामनाएं देता हूं।

हम, श्रीलंका में तमिल समुदाय के साथ समाज के सभी वर्गों को समानता, न्‍याय, शांति और सम्‍मान दिलाने के भविष्‍य निर्माण के प्रयासों का समर्थन करते हैं।

27 PM Modi at Joint Press Statement WITH President Mr. Maithripala Sirisena, in Colombo Sri Lanka (1)

हमारा विश्‍वास है कि 13वें संशोधन को शीघ्र और पूरी तरह से लागू करने से इन प्रयासों में प्रगति होगी।

मैं, इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि को बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने में भारत की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त करता हूं।

मैं, गर्मजोशी भरे स्‍वागत और आतिथ्‍य के लिए राष्‍ट्रपति सिरिसेना को एक बार फिर धन्‍यवाद देना चाहता हूं।

आज की बैठक सकारात्‍मक रही है। इससे आत्‍मविश्‍वास और उम्‍मीद जगी है कि हमारे संबंध भविष्‍य में और बेहतर बनेंगे।

धन्‍यवाद।

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संसद का सुचारु संचालन और देश को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प समय की जरूरत: पीएम मोदी
July 20, 2026
आशा है कि इस सत्र में सार्थक चर्चाएं होंगी जो भारत के विकास पथ को सुदृढ़ करेंगी: प्रधानमंत्री
हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून जितना प्रोएक्टिव होगा, मानसून सत्र भी उतना ही अधिक प्रोडक्टिव बनेगा, जिससे देश के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा: पीएम मोदी
पिछले एक महीने में देश ने राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय और अंतरिक्ष स्तर पर कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनसे हर भारतीय का सीना गर्व से भर गया है: पीएम मोदी
पश्चिम एशिया में चुनौतियों के बावजूद, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा। यह देश की मजबूती और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है: पीएम मोदी
संसद का सुचारु संचालन और देश को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प ही समय की जरूरत है: पीएम मोदी

स्वागत है भाई आप सबका।

मानसून का भी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी प्रारंभ हो रहा है। मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रोएक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं, और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। और इसलिए, हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे, मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे।

साथियों,

पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं और देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो। एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले वर्ष मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’ पर पहुंचा था और परसों ही भारत का एक युवा स्टार्टअप, उसने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार से प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है, बहुत बड़ी सफलता है। और ये जो स्काई रूट स्टार्टअप है, उसमें जो नौजवान काम कर रहे हैं, मुझे बताया गया, उनकी पूरी टीम की जो एवरेज एज है, वो सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया। मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं, मैं देश के ये स्टार्टअप ने 28 के एवरेज वाले नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है। उनको तो बधाई है ही है, लेकिन ऐसी बातें जो हैं, जो भारत को आत्मविश्वास से भर देती है। विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य, सर्व-स्वीकृत बनता जाता है।

साथियों,

ये संयोग नहीं, ये एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है। इससे बड़ा संदेश देश के लिए कोई और प्रेरणा नहीं दे सकता है।

साथियों,

जो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर के आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं, और सफल भी हो रहे हैं।

साथियों,

पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई। पिछले कुछ सप्ताह पहले, एक सेमीकंडक्टर प्लांट, यानी तीसरा, देश को समर्पित किया गया। अभी कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन और विश्व में बहुत कम देश ऐसे हैं कि जिनके पास ये सुविधा है। लेकिन भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन देशवासियों को समर्पित की है, वो सबसे ताकतवर इंजन वाली है, और सबसे लंबी है। ये अपने आप में भारत के वैज्ञानिक, भारत के इंजीनियर्स, भारत के इनोवेटर्स, भारत के उद्यमी, भारत के श्रमिक, ये जो एक लक्ष्य लेकर के देश के लिए जी रहे हैं, देश के लिए काम कर रहे हैं, उसी का परिणाम है।

साथियों,

हम भली-भांति जानते हैं और पूरी दुनिया चिंतित भी है, लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थितियां बनती रही है। पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो एनर्जी के लिए औरों पर डिपेंडेंट है, उनके लिए ये पश्चिम एशिया का युद्ध एक बहुत ही बड़ा संकट का कारण रहा। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फर्टिलाइजर, केमिकल्स, यानी हर विषय में अनेक बाधाएं, अनेक संकट आए। उसके बावजूद भी भारत 7.7 परसेंट के ग्रोथ से दुनिया की मेजर इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बनके रहा। ये भारत के सामर्थ्य का परिचायक है। भारत किस प्रकार से उत्साह और उमंग के साथ नई ऊंचाइयों को पार करना चाहता है। उसकी इसमें एक झलक है और ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पीड पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस स्पीड में नई ऊर्जा भर सकता है। सकारात्मक स्पिरिट राष्ट्र के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत आवश्यक होता है। हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी है, दल उनका कोई भी हो, लेकिन उनके पास एक लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव की, उनके ज्ञान की संसद को भी जरूरत है, देश को भी जरूरत है। और इसके लिए संसद का चलना, सार्थक चर्चा होना, मिल जुलकर के देश को आगे ले जाने के संकल्प लेना, ये मैं समझता हूं कि बहुत ही समय की मांग है। एस्पिरेशन से भरे हुए देश के युवाओं की मांग है कि हम आगे बढ़े। आज समय की मांग है कि राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रहे, आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे, वे अपनी आवाज को बुलंद करें, देश को दिशा दे, और इसलिए मैं आशा करता हूं, और मुझे पक्का विश्वास है, जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले, ये संसद की हमारी भूमिका है। मैं सभी सांसदों से बढ़-चढ़कर के इस सदन में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रित करता हूं। आज सुबह स्पीकर महोदय जी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देश के सांसदों का स्वागत करने के अपने भाव को व्यक्त किया है। मैं भी उसमें अपना स्वर मिलाता हूं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

नमस्कार।