राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने ईरान और इस क्षेत्र की स्थिति पर अपना दृष्टिकोण साझा किया
प्रधानमंत्री ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सभी मुद्दों को सुलझाने पर भारत के निरंतर रुख को दोहराया
प्रधानमंत्री ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई, तथा ऊर्जा और सामान के निर्बाध आवागमन के संबंध में भारत की प्राथमिकता पर बल दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज इस्लामी गणराज्य ईरान के के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेशकियन के साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत की।

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने प्रधानमंत्री को ईरान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी और इस क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।

प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने भारत के इस निरंतर रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही सुलझाया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने ईरान सहित इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई के संबंध में भारत की प्राथमिकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा और सामान के निर्बाध आवागमन के महत्व पर भी ज़ोर दिया।

दोनों नेता एक-दूसरे के संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।

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प्रधानमंत्री ने कृषि और फसलों को मानव जीवन का आधार बताने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 11, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसमें यह दर्शाया गया है कि कृषि केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूलभूत आधार भी है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया:

"कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।

ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।
कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद॥

#12YearsOfKisanSamriddhi"

खेती और फसल ही मानव जीवन के आधार हैं। जो इस सत्य को समझता है, वही कृषि कार्य को सही ढंग से करता है और उसी के माध्यम से समाज का भरण-पोषण होता है।