प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने वेदों के शाश्वत ज्ञान को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम के एक श्‍लोक को साझा किया।

“ऊर्ध्वमूलमधःशाखमश्वत्थं प्राहुरव्यम्।”

छंदंसि यस्य पूर्णानि यस्तं वेद स वेदवित्।।"

सुभाषितम् का तात्‍पर्य है, "ज्ञानी कहते हैं कि यह संसार एक शाश्वत पीपल वृक्ष के समान है, जिसकी जड़ें ऊपर और शाखाएं नीचे हैं। इसके पत्ते वेद हैं और जो इस सांसारिक वृक्ष को समझ लेता है, उसे वेदों का ज्ञाता कहा जाता है।"

श्री मोदी ने कहा कि ज्ञान का दीपक न केवल अज्ञानता के अंधकार को मिटाता है, बल्कि पूरे विश्व को प्रकाशित करता है और महर्षि दयानंद सरस्वती जी इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

"ज्ञान का दीपक केवल अज्ञानता का अंधकार मिटाता है, बल्कि समस्त जगत को भी आलोकित करता है। महर्षि दयानंद सरस्वती जी का दिव्य व्यक्तित्व साक्षात उदाहरण है।"

ऊर्ध्वमूलमधःशाखमश्वत्थं प्राहुरव्ययम्।

छंदंसि यस्य पूर्णानि यस्तं वेद स वेदवित्।।"

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प्रधानमंत्री ने डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
September 08, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने महान गायक-संगीतकार और गीतकार डॉक्टर भूपेन हजारिका को उनकी 100वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है।

प्रधानमंत्री ने कहा है कि डॉ. भूपेन हजारिका के सुरों ने असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना को पूरे देश तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि डॉ. हजारिका ने अपने संगीत के माध्यम से अनगिनत लोगों के विचारों और भावनाओं को अत्यंत खूबसूरती से व्यक्त किया और लोगों को करीब लाये।

श्री मोदी ने विगत वर्ष गुवाहाटी में डॉ. हजारिका की जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ में भाग लेने की यादें भी ताजा कीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भूपेन दा का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा;

“मैं प्रसिद्ध व्यक्तित्व डॉ. भूपेन हजारिका जी को उनकी 100वीं जयंती पर याद कर रहा हूं।”

उनकी आवाज ने असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना को पूरे देश तक पहुंचाया।

अपने संगीत के माध्यम से उन्होंने अनगिनत लोगों के विचारों और भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त किया। उनके गीतों लोगों को करीब लाये।

मैं पिछले वर्ष गुवाहाटी में उनके जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ में शामिल हुआ था। उसकी यादें मेरे मन में बनी हुई हैं। भूपेन दा का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।