प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अस्‍ताना में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान कजाकिस्‍तान, चीन और उजबेकिस्‍तान के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

वीरवार को कजाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति नुरसुलतान नजरवायेव के साथ अपनी बैठक में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2017-18 में संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्‍यता के लिए कजाकिस्‍तान को अपनी बधाई दी। राष्‍ट्रपति नजरवाये प्रधानमंत्री की गर्मजोशी से अगवानी की और 2015 में उनके कजाकिस्‍तान दौरे की याद दिलाई। दोनों ही नेताओं ने पिछले दौरे के दौरान निर्णयों एवं करारों की प्रगति की समीक्षा की। इस समय कजाकिस्‍तान भारत को यूरेनियम का सबसे बड़ा सप्‍लायर है और दोनों ही पक्षों ने साझेदारी कायम रखने पर सहमति जताई है। हाइड्रोकार्बन के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा हुई। 

  

प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्‍ट्रीय ऊर्जा समूह की सदस्‍यता के लिए कजाकिस्‍तान को आमन्त्रित किया। दोनों नेताओं ने कनेक्टिविटी बढ़ाने के महत्‍व पर भी चर्चा की। इस सन्‍दर्भ में ईरान में चाबहार पोर्ट के कनेक्टिीविटी पर भी विचार विमर्श किया गया। दिल्‍ली और अस्‍ताना को जोड़ने के लिए दो फ्लाईट शीघ्र ही शुरू की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने आज चीन के राष्‍ट्रपति शीं जिनपिंग के साथ सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्‍मक बैठक की। प्रधानमंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन में भारत की पहुंच का समर्थन करने के लिए उनके प्रति धन्‍यवाद ज्ञापित किया। दोनों नेताओं ने बहुध्रुवीय विश्‍व की स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते हुए उल्‍लेख किया कि भारत-चीन सम्‍बद्ध स्‍थायित्‍व का एक घटक है और दोनों देशों को साथ काम करना महत्‍वपूर्ण है। व्‍यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, युवा और सांस्‍कृति आदान-प्रदान के मुद्दों पर चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री ने उजबेकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति शवकत मिरजीयोयेव के साथ सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्‍मक बैठक की। इसमें आर्थिक, व्‍यापार और स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्रों में सशक्‍त प्रयासों पर चर्चा की गई। 

  

 

प्रधानमंत्री मोदी ने अस्ताना में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-अफगानिस्तान के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा की। 

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प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प, आत्मसंयम और बुद्धिमत्ता के गुणों पर आधारित संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 02, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। इसका तात्‍पर्य है दृढ़ संकल्प और आत्म-संयम ही वह शक्तियां हैं जो कठिनतम मार्गों को भी सुगम बना देती हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज हमारे युवा इसी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

"दृढ़ निश्चय और आत्म-संयम वह शक्ति है, जो कठिन से कठिन राह को भी आसान बना देती है। आज हमारे युवा साथी इसी संकल्प के साथ राष्ट्र निर्माण में निरंतर जुटे हुए हैं।

निश्चित्य यः प्रक्रमते नान्तर्वसति कर्मणः।

अबन्ध्यकालो वश्यात्मा स वै पण्डित उच्यते॥"

जो व्यक्ति किसी कार्य को भली-भांति सोच-समझकर दृढ़ निश्‍चय के साथ आरंभ करता है और बीच में अधूरा नहीं छोड़ता, जो समय का सदुपयोग करता है तथा अपनी इन्द्रियों पर पूर्ण नियंत्रण रखता है। ऐसा व्‍यक्ति ही वास्‍तव में बुद्धिमान होता है।