सुप्रभात ह्यूस्टन,
सुप्रभात टेक्सास,
सुप्रभात अमेरिका,
भारत और दुनिया भर में मेरे साथी भारतीयों को शुभकामनाएं।
दोस्तों,

आज सुबह हमारे साथ एक बहुत ही खास व्यक्ति है। उन्हें किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। उनका नाम इस ग्रह का प्रत्येक व्यक्ति जानता है।

वैश्विक राजनीति पर दुनिया की लगभग हर बातचीत में उनका नाम आता है। उनके प्रत्येक शब्द का करोड़ों लोगों द्वारा अनुसरण किया जाता है।

इस महान देश में सर्वोच्च पद ग्रहण करने से पहले भी वह हर घर का जाना-पहचाना नाम था और बहुत लोकप्रिय था।

सीईओ से लेकर कमांडर-इन-चीफ, बोर्डरूम से लेकर ओवल ऑफिस तक, स्टूडियो से लेकर ग्लोबल स्टेज तक, राजनीति से लेकर अर्थव्यवस्था और सुरक्षा तक हर जगह उन्होंने गहरा और स्थायी प्रभाव छोड़ा है।

आज वे हमारे साथ यहां है। इस शानदार स्टेडियम और शानदार सभा में उनका स्वागत करना मेरे लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है।

और मैं कह सकता हूं कि मुझे अक्सर उनसे मिलने का मौका मिला और हर बार मुझे मित्रता, गर्मजोशी, ऊर्जा मिली, ये हैं- संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति - श्री डोनाल्ड ट्रम्प।

यह असाधारण है, यह अभूतपूर्व है।

दोस्तों,

जैसा कि मैंने आपको बताया कि हम कुछ बार मिले हैं और हर बार वे उतनी ही गर्मजोशी, दोस्ताना, सुलभ, ऊर्जावान और वाक्-पटुता से भरे हुए मिले। मैं कुछ और बातों के लिए भी उनकी प्रशंसा करता हूँ।

उनकी नेतृत्व की क्षमता, अमेरिका के लिए एक जुनून, प्रत्येक अमेरिकी के लिए लगाव, अमेरिकी भविष्य में एक विश्वास और अमेरिका को फिर से महान बनाने का एक मजबूत संकल्प।

और उन्होंने पहले ही अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फिर से मजबूत बना दिया है। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया के लिए बहुत कुछ हासिल किया है।

दोस्तों,

हम भारत में राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ बहुत जुड़ाव रखते हैं । उम्मीदवार ट्रम्प के शब्द – ‘अबकी बार ट्रम्प सरकार’ जोर से और स्पष्ट रूप से गूँज रहे हैं और व्हाइट हाउस में उनके उत्सव से लाखों लोगों के चेहर्रों पर खुशी और प्रशंसा की चमक पैदा की है ।

जब मैं उनसे पहली बार मिला, तो उन्होंने मुझसे कहा, ‘व्हाइट हाउस में भारत का एक सच्चा मित्र’ है। आज यहां आपकी मौजूदगी इसका एक प्रबल साक्ष्य है।

इन वर्षों में हम दोनों राष्ट्र अपने रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं। श्रीमान राष्ट्रपति, आज सुबह ह्यूस्टन में, विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के इस उत्सव में आप इस महान साझेदारी की धड़कन सुन सकते हैं।

आप हमारे दो महान राष्ट्रों के बीच मानवीय संबंधों की ताकत और गहराई महसूस कर सकते हैं। ह्यूस्टन से हैदराबाद तक, बोस्टन से बेंगलुरु तक, शिकागो से शिमला तक, लॉस एंजिल्स से लुधियाना तक, न्यू जर्सी से नई दिल्ली तक सभी लोगों का दिल से रिश्ता है।

भारत में इस समय रविवार को देर रात होने के बावजूद करोड़ों लोग अपने टीवी से चिपके हुए हैं और विश्व भर में भी अलग-अलग समय क्षेत्र में लाखों लोग आज हमारे साथ हैं। वे सब इतिहास को बनते हुए देख रहे हैं।

राष्ट्रपति महोदय, आपने मुझे 2017 में अपने परिवार से मिलवाया था और आज मुझे आपको अपने परिवार, एक अरब से अधिक भारतीयों और दुनिया भर में भारतीय विरासत के लोगों से मिलवाने का सम्मान मिला है।

देवियो और सज्‍जनो, मैं आज अपने मित्र, भारत के एक मित्र, एक महान अमेरिकी राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प को आपके समक्ष प्रस्तुत करता हूँ।

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प्रधानमंत्री ने एक जनप्रतिनिधि के वास्तविक संकल्प को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
April 29, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi shared a Sanskrit Subhashitam today highlighting the true resolve of a representative.

The Prime Minister remarked that as vigilant citizens of the country, it is our duty to ensure record voting to make democracy even stronger.

The Prime Minister wrote on X:

"देश के एक सजग नागरिक के रूप में हमारा कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए रिकॉर्ड मतदान सुनिश्चित करें। इस तरह हम न केवल भारतवर्ष के नवनिर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा सकते हैं, बल्कि एक समर्थ और समृद्ध राष्ट्र की नींव को और मजबूत कर सकते हैं।

राज्ञो हि व्रतमुत्थानं यज्ञः कार्यानुशासनम्।

दक्षिणा वृत्तिसाम्यं च दीक्षितस्याभिषेचनम्॥"

From the perspective of the welfare of the people, continuously uplifting them, faithfully performing duties as a sacred responsibility, ensuring fair judgment, giving generously, treating everyone with equality, and keeping oneself pure, disciplined and dedicated with a consecrated spirit, this is the true resolve of a representative.