“खेल में कभी हार नहीं होती; आप या तो जीतेंगे या सीखेंगे"
"खेल के प्रति सरकार की भावना मैदान पर खिलाड़ियों के जोश में दिखती है"
"राजस्थान के वीर युवाओं ने लगातार देश का नाम रोशन किया है"
"खेल हमें सिखाते हैं कि उत्कृष्टता की कोई सीमा नहीं है और हमें अपनी पूरी ताकत से प्रयास करते रहना चाहिए"
"डबल इंजन सरकार का उद्देश्य राजस्थान के लोगों को सशक्त बनाना और उनके जीवन में सुगमता लाना है"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक वीडियो संदेश के माध्यम से पाली सांसद खेल महाकुंभ को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने सभी खिलाड़िय़ों को उनकी उल्लेखनीय खेल प्रतिभा दिखाने के लिए बधाई देते हुए कहा, ''खेल में कभी हार नहीं होती, इसमें आप या तो जीतते हैं या सीखते हैं। इसलिए मैं न केवल सभी खिलाड़ियों को बल्कि वहां मौजूद उनके खेल प्रशिक्षकों और परिवार के सदस्यों को भी अपनी शुभकामनाएं देता हूं।''

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए युवाओं और राष्ट्र के विकास में खेलों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ''सांसद खेल महाकुंभ में जो उत्साह और आत्मविश्वास दिखा, वह आज हर खिलाड़ी, हर युवा की पहचान बन गया है। खेल के प्रति सरकार की भावना मैदान पर खिलाड़ियों के जोश में दिखती है।” प्रधानमंत्री ने खेल के ऐसे आयोजन कराने में मौजूदा सरकार के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सांसद खेल महाकुंभ जिलों और राज्यों के लाखों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक मंच प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह नई और उभरती प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें भरपूर मौका देने का भी एक माध्यम बन गया है। पीएम मोदी ने खास तौर पर महिलाओं को समर्पित एक प्रतियोगिता के आयोजन का भी जिक्र किया।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने सांसद खेल महाकुंभ में पाली के 1100 से अधिक स्कूली बच्चों सहित 2 लाख से अधिक खिलाड़ियों की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से इन खिलाड़ियों को प्रदर्शन के लिए बेहतर अवसर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पाली से सांसद श्री पी.पी. चौधरी को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए बधाई दी।

राजस्थान सहित पूरे देश के युवाओं को सशक्त करने में खेल की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “राजस्थान के बहादुर युवाओं ने सशस्त्र बलों में अपनी सेवा से लेकर खेल में अपनी उपलब्धियों तक लगातार देश को गौरवान्वित किया है। मुझे विश्वास है कि आप सभी खिलाड़ी इस विरासत को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।”

खेल की परिवर्तनकारी ताकत पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “खेल की सुंदरता न केवल जीतने की आदत विकसित करने में है, बल्कि आत्म-सुधार की निरंतर खोज करने में भी है। खेल हमें सिखाते हैं कि उत्कृष्टता की कोई सीमा नहीं है और हमें अपनी पूरी ताकत से प्रयास करते रहना चाहिए।”

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जोर देकर कहा, “खेल की सबसे बड़ी ताकत युवाओं को विभिन्न बुराइयों से दूर ले जाने की क्षमता है। खेल लचीलापन पैदा करते हैं, एकाग्रता बढ़ाते हैं और हमारा ध्यान केंद्रित रखते हैं। इसलिए, खेल व्यक्तिगत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"

युवा कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “वर्तमान सरकार, चाहे राज्य या केंद्र स्तर पर हो, युवाओं के हितों को प्राथमिकता देती है। सरकार ने खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करके, चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करके और उन्हें संसाधन उपलब्ध कराकर बहुत सहायता की है।

प्रधानमंत्री ने पिछले दशक में खेल बजट में तीन गुना बढ़ोतरी, टीओपीएस सहित विभिन्न योजनाओं के तहत सैकड़ों खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता का प्रावधान और देश भर में कई खेल केंद्रों की स्थापना पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने बताया कि खेलो इंडिया गेम्स के तहत 3,000 से ज्यादा खिलाड़ियों को 50,000 रुपये प्रतिमाह की मदद दी जा रही है। जमीनी स्तर पर लगभग 1,000 खेलो इंडिया केंद्रों में लाखों खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने हाल के एशियाई खेलों में 100 से अधिक पदकों के साथ एक नया रिकॉर्ड स्थापित करने वाले असाधारण प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों की सराहना भी की।

उन्होंने 1 फरवरी को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट को युवाओं पर केंद्रित बजट बताया। उन्होंने कहा, “सड़क और रेलवे जैसे आधुनिक बुनियादी ढांचे पर 11 लाख करोड़ रुपये के निवेश से युवाओं को सबसे अधिक फायदा होगा। हमारे युवा वंदे भारत रेलगाड़ी की 40,000 बोगियों के निर्माण की घोषणा और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास जैसी पहल के सबसे बड़े लाभार्थी होंगे।”

प्रधानमंत्री ने रोजगार के अवसर पैदा करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न पहलों के माध्यम से युवा सशक्तिकरण पर सरकार के फोकस की पुष्टि की। उन्होंने स्टार्टअप्स को टैक्स राहत के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का भी जिक्र किया।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पाली में शुरू की गई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का जिक्र किया। इनमें लगभग 13,000 करोड़ रुपये की सड़कों का निर्माण, रेलवे स्टेशनों, पुलों का विकास और 2 केंद्रीय विद्यालय, पासपोर्ट केंद्र और चिकित्सा कॉलेज सहित शैक्षिक और आईटी केंद्रों की स्थापना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य पाली के लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना और उनके समग्र कल्याण में योगदान देना है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन के आखिर में व्यापक विकासात्मक पहलों के माध्यम से राजस्थान और देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं को सशक्त बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने युवाओं में मजबूत संकल्प और दृढ़ता की भावना को बढ़ावा देने में खेल की भूमिका पर जोर दिया, जो अंततः देश की प्रगति और समृद्धि में योगदान देगा।

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।