प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज योग्याकार्ता में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रंबानन मंदिर परिसर में दर्शन किए। एक विशेष पहल के तहत, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति श्री प्रबोवो सुबियांतो भी प्रधानमंत्री के साथ मंदिर दर्शन के लिए उपस्थित रहे। दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की संरक्षण और जीर्णोद्धार परियोजना के शुभारंभ के उपलक्ष्य में एक पट्टिका का अनावरण किया।

9वीं शताब्दी में निर्मित, प्रंबानन मंदिर परिसर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर है जो भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर परिसर भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सभ्यतागत और सांस्कृतिक विरासत का एक स्थायी प्रतीक है।

यह संरक्षण परियोजना राष्ट्रपति श्री प्रबोवो की 2025 में भारत की राजकीय यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच हुए समझौते के बाद शुरू की गई है, जिसमें प्रंबानन परिसर के मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए भारत की सहायता की संभावनाओं का पता लगाने की बात कही गई थी।

दक्षिण-पूर्व एशिया में कई विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार में भारत का सफल इतिहास रहा है। एएसआई ने इससे पहले इंडोनेशिया के बोरोबुदुर मंदिर परिसर का व्यापक तौर पर दस्तावेजीकरण भी किया है। प्रंबानन मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए भारत का समर्थन साझा सभ्यतागत विरासत को संरक्षित करने के प्रति उसके अटूट संकल्प को दर्शाता है।

President Prabowo Subianto and I inaugurated the UNESCO World Heritage Prambanan Temple Compound Restoration and Conservation Project. This initiative is a shining example of the enduring civilisational bonds between India and Indonesia, rooted in a shared heritage that has… pic.twitter.com/Fy8FoBvJ8X
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
The magnificent Prambanan Temple stands as a timeless symbol of our cultural and spiritual links. Preserving such heritage is about safeguarding the traditions that continue to inspire generations.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 8, 2026
India is privileged to partner with Indonesia in this important endeavour. As… pic.twitter.com/m6MCfWKh8n


