आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन,पूरे भारत की स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना को मज़बूत करने संबंधी देश की सबसे बड़ी योजनाओं में एक होगी
आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना में मौजूद महत्वपूर्ण कमियों को दूर करना है
5 लाख से अधिक आबादी वाले सभी जिलों में गहन चिकित्सा (क्रिटिकल केयर) सेवाएं उपलब्ध होंगी
सभी जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जायेंगी
नेशनल इंस्टिट्यूशन ऑफ वन हेल्थ,4 नए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान स्थापित किए जाएंगे
आईटी सक्षम रोग निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी
प्रधानमंत्री यूपी में नौ मेडिकल कॉलेजों का भी उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री वाराणसी के लिए 5200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 25 अक्टूबर, 2021 को उत्तर प्रदेश की यात्रा पर जायेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 10.30 बजे सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1.15 बजे वाराणसी में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का शुभारंभ करेंगे। वे वाराणसी के लिए 5200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन,पूरे भारत की स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना को मज़बूत करने संबंधी देश की सबसे बड़ी योजनाओं में एक होगी। यह योजना,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अतिरिक्त होगी।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विशेषकर गहन चिकित्सा (क्रिटिकल केयर) सुविधाओं तथा प्राथमिक देखभाल संबंधी सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना में मौजूद कमियों को दूर करना है।यह योजना विशेष रूप से चिन्हित 10 राज्यों के 17,788 ग्रामीण स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों को समर्थन प्रदान करेगी। इसके अलावा, सभी राज्यों में 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

5 लाख से अधिक आबादी वाले देश के सभी जिलों में एक्सक्लूसिव क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के माध्यम से गहन चिकित्सा (क्रिटिकल केयर) सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जबकि शेष जिलों को रेफरल सेवाओं के माध्यम से कवर किया जाएगा।

देश भर में प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में नैदानिक ​​सेवाओं की एक पूरी श्रृंखला की सुविधा मिलेगी। सभी जिलों में एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत, नेशनल इंस्टिट्यूशन ऑफ वन हेल्थ, 4 नए राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, डब्लूएचओ दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए एक क्षेत्रीय अनुसंधान प्लेटफार्म, 9 जैव सुरक्षा स्तर III प्रयोगशालाएँ तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में 5 नए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का लक्ष्य ब्लॉक, जिला, क्षेत्रीय और मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क विकसित करके एक आईटी सक्षम रोग निगरानी प्रणाली का निर्माण करना है। सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं को जोड़ने के लिए एकीकृत स्वास्थ्य सूचना पोर्टल का विस्तार, सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों में किया जाएगा।

आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का उद्देश्य 17 नई सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों का संचालन करना और प्रवेश-बिंदुओं पर 33 मौजूदा सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों को मजबूत करना है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों तथा रोग के प्रकोप ​​​​का प्रभावी ढंग से पता लगाया जा सके, जांच व रोकथाम की जा सके और मुकाबला किया जा सके। यह किसी भी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक अग्रिम पंक्ति के प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार करने की दिशा में भी कार्य करेगा।

उद्घाटन किए जाने वाले नौ मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर, एटा, हरदोई, प्रतापगढ़, फतेहपुर, देवरिया, गाजीपुर, मिर्जापुर और जौनपुर जिलों में स्थित हैं। केंद्र प्रायोजित योजना के तहत "जिला / रेफरल अस्पतालों से जुड़े नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना" के लिए 8 मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं और जौनपुर में एक मेडिकल कॉलेज को राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों के माध्यम से स्थापित किया गया है तथा इसका संचालन भी शुरू हो गया है।

केंद्र प्रायोजित योजना के तहत पिछड़े और आकांक्षी जिलों के साथ-साथ उन जिलों को वरीयता दी जाती है, जहां सुविधायें उपलब्ध नहीं हैं। इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता में वृद्धि करना, मेडिकल कॉलेजों के वितरण में मौजूदा भौगोलिक असंतुलन में सुधार करना और जिला अस्पतालों की मौजूदा अवसंरचना का प्रभावी ढंग से उपयोग करना है। योजना के तीन चरणों के अंतर्गत, देश भर में 157 नए मेडिकल कॉलेज मंजूर किए गए हैं, जिनमें से 63 मेडिकल कॉलेजों का पहले से ही संचालन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में यूपी के राज्यपाल और मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी उपस्थित रहेंगे।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Chronic therapies power 11% growth in Indian pharma market in May

Media Coverage

Chronic therapies power 11% growth in Indian pharma market in May
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने बधाई दी
June 09, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को सबसे लंबे समय तक भारत का निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर दुनिया भर के नेताओं ने गर्मजोशी भरी बधाई दी है। विश्‍व भर के नेताओं ने प्रधानमंत्री के बदलाव लाने वाले शासन, 'ग्लोबल साउथ' की वकालत और एक समावेशी व आर्थिक रूप से गतिशील भारत की उनकी कल्‍पना की सराहना की।

श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायके ने 8 जून 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में श्रीलंका की सरकार और वहां के लोगों की ओर से उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा: "यह उपलब्धि न केवल आपके कार्यकाल की अवधि को दर्शाती है, बल्कि उस भरोसे और विश्वास का भी प्रमाण है जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जनता ने बार-बार आपके नेतृत्व में जताया है।" राष्ट्रपति ने भारत के उल्लेखनीय आर्थिक और सामाजिक बदलाव का भी ज़िक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विज़न ने भारत की सीमाओं से परे, श्रीलंका सहित कई देशों के लोगों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 4-6 अप्रैल 2025 के दौरान श्रीलंका का दौरा किया था। यह इस द्वीप देश की उनकी चौथी यात्रा थी, जिसके दौरान उन्हें 'मित्र विभूषण' से सम्मानित किया गया - यह श्रीलंका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है जो किसी विदेशी गणमान्य व्यक्ति को दिया जाता है। इस यात्रा ने भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति को और मज़बूत किया; श्रीलंका भारत की अटूट साझेदारी से सबसे ज़्यादा लाभ उठाने वाले देशों में से एक है, जिसमें 2022 में श्रीलंका की आर्थिक मुश्किलों के दौरान भारत का अहम सहयोग भी शामिल है।

पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को "एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल" बताया। उन्होंने कहा - "आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है।" प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की। मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी। यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (एफआईपीआईसी) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी। इस यात्रा ने 'ग्लोबल साउथ' के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।

त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्‍व में भारत वैश्विक मामलों में एक प्रमुख आवाज़ बनकर उभरा है।" उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की साधारण शुरुआत से लेकर तीन कार्यकाल तक 1.4 अरब लोगों वाले देश का नेतृत्व करने तक के सफ़र पर प्रकाश डाला और विदेश नीति, आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक-आर्थिक विकास में भारत की अहम उपलब्धियों पर बल दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 3-4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की एक ऐतिहासिक यात्रा की - जो 26 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा थी - और यह यात्रा त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय प्रवासियों के आगमन की 180वीं वर्षगांठ के मौके पर हुई।