प्रधानमंत्री कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस पश्चिमी गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए नई गति प्रदान करेगा
यह सम्मेलन सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, पर्यटन सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगा
वाइब्रेंट गुजरात के सफल मॉडल की पहुंच और प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए, पूरे गुजरात में चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जा रहे हैं
इन रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करना और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ाना है

प्रधानमंत्री 11 जनवरी 2026 को राजकोट का दौरा करेंगे और कच्छ एवं सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। दोपहर लगभग 1:30 बजे, वह सम्मेलन में ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 2:00 बजे, प्रधानमंत्री राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। वह इस अवसर पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री 14 ग्रीनफील्ड स्मार्ट गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जीआईडीसी) एस्टेट के विकास की घोषणा करेंगे और राजकोट में जीआईडीसी के मेडिकल डिवाइस पार्क का उद्घाटन करेंगे।

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 11 से 12 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जो कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के 12 जिलों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। विशेष रूप से इन क्षेत्रों को समर्पित, इस सम्मेलन का उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में निवेश और औद्योगिक विकास के लिए नई गति प्रदान करना है। सम्मेलन के मुख्य क्षेत्रों में सिरेमिक, इंजीनियरिंग, पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स, मत्स्य पालन, पेट्रोकेमिकल्स, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई, पर्यटन और संस्कृति शामिल हैं। जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन इस सम्मेलन के लिए भागीदार देश होंगे।

वाइब्रेंट गुजरात के सफल मॉडल की पहुंच और प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए, पूरे राज्य में चार वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तर गुजरात क्षेत्र के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस का पहला संस्करण 9-10 अक्टूबर 2025 को मेहसाणा में आयोजित किया गया था। वर्तमान संस्करण कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद दक्षिण गुजरात (9-10 अप्रैल 2026) और मध्य गुजरात (10-11 जून 2026) क्षेत्रों के लिए रीजनल कॉन्फ्रेंस क्रमशः सूरत और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री के विकसित भारत @2047 के विजन के अनुरूप और वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट की सफलता और विरासत को आगे बढ़ाते हुए, इन रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना, विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना और वैश्विक जुड़ाव को बढ़ाना है। वाइब्रेंट गुजरात मंच को सीधे क्षेत्रों (रीजन) तक ले जाकर, यह पहल विकेंद्रीकृत विकास, व्यापार करने में सुगमता, इनोवेशन-आधारित विकास और स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने पर प्रधानमंत्री के जोर को भी दर्शाती है।

ये रीजनल कॉन्फ्रेंस न केवल क्षेत्रीय उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और नई पहलों की घोषणा करने के लिए एक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करेंगे, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाकर, नवाचार को बढ़ावा देकर और राज्य के हर हिस्से में रणनीतिक निवेश को सुगम बनाकर गुजरात की विकास गाथा को मिलकर लिखने के साधन के रूप में भी काम करेंगे। इन रीजनल कॉन्फ्रेंस की उपलब्धियों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के अगले संस्करण के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा।

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प्रधानमंत्री 12 जनवरी को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के समापन सत्र में शामिल होंगे
January 10, 2026
प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय के युवा प्रतिनिधियों सहित देश भर के लगभग 3,000 युवा नेताओं के साथ बातचीत करेंगे
चुने हुए प्रतिभागी राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित दस अलग-अलग विषयों पर प्रधानमंत्री के सामने अपनी अंतिम प्रस्तुतियां देंगे
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में देश भर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया

स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी को शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री देश भर के लगभग 3,000 युवाओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। चुने हुए प्रतिभागी दस अलग-अलग विषयों पर प्रधानमंत्री के सामने अपनी अंतिम प्रस्तुतियां देंगे, जिसमें वे राष्ट्रीय महत्व के मुख्य क्षेत्रों के संबंध में युवाओं के दृष्टिकोणों और कार्यान्वित किए जाने योग्य विचारों को साझा करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 से संबंधित निबंध संकलन जारी करेंगे। इस संकलन में युवा प्रतिभागियों द्वारा भारत की विकास संबंधी प्राथमिकताओं और राष्ट्र निर्माण के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर लिखे गए चुने हुए निबंध शामिल होंगे।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग, जो अब अपने दूसरे संस्करण में है, एक ऐसा राष्ट्रीय मंच है जिसे भारत के युवाओं और राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच व्यवस्थित बातचीत को आसान बनाने हेतु डिजाइन किया गया है। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किए गए प्रधानमंत्री के उस आहवान के अनुरूप है, जिसमें एक लाख युवाओं को बिना किसी राजनीतिक जुड़ाव के राजनीति में शामिल करने और उन्हें विकसित भारत से संबंधित अपने विचारों को साकार करने हेतु एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करने की बात कही गई थी।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026, जो 9 जनवरी से 12 जनवरी 2026 के दौरान आयोजित किया जा रहा है, में देश भर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने अलग-अलग स्तर पर हिस्सा लिया है। राष्ट्रीय-स्तर के चैंपियनशिप में शामिल होने वाले युवा नेताओं को एक कठिन एवं योग्यता-आधारित तीन-चरणों वाली चयन प्रक्रिया के माध्यम से चुना गया है। इस चयन प्रक्रिया में देश भर में आयोजित डिजिटल क्विज, एक निबंध प्रतियोगिता और राज्य-स्तरीय विजन संबंधी प्रस्तुतियां शामिल हैं।

इस डायलॉग का दूसरा संस्करण इसके पहले संस्करण की सफलता से प्रेरित है और इसमें डिजाइन फॉर भारत एवं टेक फॉर विकसित भारत - हैक फॉर ए सोशल कॉज की शुरुआत, विस्तारित विषयगत जुड़ाव और पहली बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी जैसे कुछ नए अहम बदलाव किए गए हैं, जिससे डायलॉग का दायरा तथा प्रभाव और अधिक सशक्त होगा।