प्रधानमंत्री दौसा, राजस्थान में 18,100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे
प्रधानमंत्री दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे के दिल्ली-दौसा-लालसोट सेक्शन का लोकार्पण करेंगे – इस सेक्शन के शुरू हो जाने से दिल्ली से जयपुर का यात्रा समय लगभग पांच घंटे से कम होकर लगभग साढ़े तीन घंटे हो जायेगा
प्रधानमंत्री बेंगलुरु में 14वें एयरो इंडिया 2023 का उद्घाटन करेंगे
एयरो इंडिया 2023 में स्वेदशी उपकरणों/प्रौद्योगिकियों को दर्शाया जायेगा तथा विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी की जायेगी – ये गतिविधियां प्रधानमंत्री की परिकल्पना ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर दी वर्ल्ड’ के अनुरूप हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 फरवरी को राजस्थान और 13 फरवरी को कर्नाटक का दौरा करेंगे।

प्रधानमंत्री 12 फरवरी को लगभग तीन बजे अपराह्न दौसा पहुंचेंगे और 18,100 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़क विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।

प्रधानमंत्री 13 फरवरी को लगभग साढ़े नौ बजे प्रातः बेंगलुरु के येलहंका में वायु सेना स्टेशन पर 14वें एयरो इंडिया 2023 का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री दौसा में

नये भारत में विकास, प्रगति और कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी को मद्देनजर रखते हुये प्रधानमंत्री का जोर है कि देश में उत्कृष्ट सड़क अधोसंरचना तैयार की जाये। इस दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलने के लिये देशभर में अनेक विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है। ऐसी ही एक महत्त्वपूर्ण परियोजना है दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे, जिसके सबसे पहले पूरे हो जाने वाले दिल्ली-दौसा-लालसोट सेक्शन का लोकार्पण प्रधानमंत्री करेंगे।

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे का दिल्ली-दौसा-लालसोट सेक्शन 246 किलोमीटर लंबा है, जिसे 12,150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इस सेक्शन के चालू हो जाने से दिल्ली से जयपुर का यात्रा समय पांच घंटे से कम होकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जायेगा। इस सेक्शन के खुल जाने से पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास को भी शक्ति मिलेगी।

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस-होगा, जिसकी कुल लंबाई 1,386 किलोमीटर है। इसके बन जाने से दिल्ली और मुम्बई के बीच की यात्रा दूरी में 12 प्रतिशत की कमी आयेगी और सड़क की लंबाई 1,424 किलोमीटर से कम होकर 1,242 किलोमीटर रह जायेगी। यात्रा के समय में भी 50 प्रतिशत की कमी आयेगी; पहले जहां 24 घंटे लगते थे, वहीं अब 12 घंटे लगेंगे। यह एक्सप्रेस-वे छह राज्यों – दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा तथा कोटा, इंदौर, जयपुर, भोपाल, वडोदरा और सूरत जैसे मुख्य शहरों को जोड़ेगा। एक्सप्रेस-वे 93 पीएम गतिशक्ति आर्थिक संकुलों, 13 बंदरगाहों, आठ प्रमुख हवाई अड्डों और आठ बहुविध लॉजिस्टिक पार्कों को भी सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट, नवी मुम्बई एयरपोर्ट और जेएनपीटी पोर्ट जैसी निर्मित होने वाली ग्रीनफील्ड अधोसंरचनाओं को भी फायदा पहुंचेगा। इस एक्सप्रेस-वे से आसपास के सभी क्षेत्रों की विकास-दिशा पर निर्णायक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इस तरह देश के आर्थिक बदलाव में इसका महत्त्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।

अपने कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री 247 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी आधारशिला रखेंगे, जिन्हें 5940 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जाना है। इन परियोजनाओं में 2000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित होने वाला बांदीकुई से जयपुर का 67 किमी लंबा चार लेनों वाला शाखा-मार्ग, लगभग 3775 करोड़ रुपये से विकसित होने वाला कोटपुतली से बाराओदानियो और लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले लालसोट-करोली सेक्शन के दो लेन वाले पक्के किनारे (पेव्ड शोल्डर) शामिल हैं।

 

प्रधानमंत्री बेंगलुरु में

प्रधानमंत्री 13 फरवरी को लगभग साढ़े नौ बजे प्रातः बेंगलुरु के येलहंका में वायु सेना स्टेशन पर 14वें एयरो इंडिया 2023 का उद्घाटन करेंगे। एयरो इंडिया 2023 की विषयवस्तु “रन-वे टू अ बिलियन अपॉरट्यूनिटीज़” है।

प्रधानमंत्री की परिकल्पना ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर दी वर्ल्ड’ के अनुरूप एयरो इंडिया 2023 में स्वदेशी उपकरणों/प्रौद्योगिकियों को दर्शाया जायेगा तथा विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी की जायेगी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर प्रधानमंत्री के जोर देने के क्रम में इन गतिविधियों को दो दर्शाया जायेगा, जिनमें डिजाइन तैयार करने में देश की अग्रणी भूमिका, यूएवी सेक्टर, रक्षा क्षेत्र और भावी प्रौद्योगिकियों को पेश करने वाले कार्यक्रम होंगे। इनके अलावा कार्यक्रम में स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान – तेजस, एचटीटी-40, डॉर्नियर लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर को निर्यात के लिये प्रस्तुत किया जायेगा। कार्यक्रम के जरिये स्वदेशी एमएसएमई और स्टार्ट-अप का एकीकरण भी संभव होगा, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से सम्बंधित है। इसके जरिये विदेशी निवेश सहित सह-विकास और सह-उत्पादन के लिये साझेदारी भी आमंत्रित की जायेगी।

एयरो इंडिया 2023 में 80 से अधिक देश भाग लेंगे। लगभग 30 देशों के मंत्री और वैश्विक व भारतीय ओईएम के 65 सीईओ के भी एयरो इंडिया 2023 में हिस्सा लेने की संभावना है।

एयरो इंडिया 2023 प्रदर्शनी में लगभग 100 विदेशी और 700 भारतीय कंपनियों सहित 800 से अधिक रक्षा कंपनियां भाग लेंगी। प्रदर्शनी में भाग लेने वाली भारतीय कंपनियों में एमएसएमई और स्टार्ट-अप शामिल हैं, जो देश में विशिष्ट प्रौद्योगिकियों की उन्नति, एयरोस्पेस में वृद्धि और रक्षा क्षमताओं को पेश करेंगे। एयरो इंडिया 2023 में प्रमुख प्रदर्शकों में एयरबस, बोइंग, डसॉल्ट एविएशन, लॉकहीड मार्टिन, इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्री, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, आर्मी एविएशन, एचसी रोबोटिक्स, एसएएबी, सफ्रान, रॉल्स रॉयस, लार्सन एंड टुब्रो, भारत फोर्ज लि. भारत फोर्ज लि, एचएएल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और बीईएमएल लिमिटेड शामिल हैं।

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
APEDA Facilitates First Export Of Premium Areko Cherries And Scentrose Plums From J&K To Singapore

Media Coverage

APEDA Facilitates First Export Of Premium Areko Cherries And Scentrose Plums From J&K To Singapore
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
सोशल मीडिया कॉर्नर 19 जुलाई 2026
July 19, 2026

Exports Booming, Skies Opening, Energy Transforming — PM Modi’s India in Full Flight