प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में 30,500 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्धाटन करेंगे,राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे
ईज ऑफ मोबिलिटी बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सेवारी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन करेंगे
लगभग 17,840 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, अटल सेतु भारत का सबसे लंबा पुल है जो देश का सबसे लंबा समुद्री पुल भी है
प्रधानमंत्री ईस्टर्न फ्रीवे के ऑरेंज गेट को मरीन ड्राइव से जोड़ने वाली भूमिगत सड़क सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे
प्रधानमंत्री रत्न और आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम में, एसईईपीजेड एसईजेड में 'भारत रत्नम' और न्यू एंटरप्राइजेज एंड सर्विसेज टॉवर (एनईएसटी) 01 का उद्घाटन करेंगे
रेल और पेयजल से संबंधित कई परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की जाएंगी
महिला सशक्तिकरण की दिशा के एक अन्य प्रयास में, प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में नमो महिला सशक्तिकरण अभियान भी शुरू करेंगे
प्रधानमंत्री 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन करेंगे
महोत्सव की थीम - विकसित भारत@2047 : 'युवा के लिए, युवा के द्वारा' है

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 12 जनवरी 2024 को महाराष्ट्र का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:15 बजे नासिक पहुंचेंगे, जहां वे 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। दोपहर करीब 3:30 बजे प्रधानमंत्री मुंबई में अटल बिहारी वाजपेयी सेवारी-न्हावा शेवा अटल सेतु का उद्घाटन करेंगे। लगभग 4:15 बजे, प्रधानमंत्री नवी मुंबई में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे।

अटल बिहारी वाजपेई सेवारी - न्हावा शेवा अटल सेतु

प्रधानमंत्री का विज़न शहरी परिवहन बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को मजबूत करके नागरिकों की 'ईज़ ऑफ मोबिलिटी' को बेहतर बनाना है। इस विज़न के अनुरूप, मुंबई ट्रांसहार्बर लिंक (एमटीएचएल), का नाम अब 'अटल बिहारी वाजपेयी सेवारी-न्हावा शेवा अटल सेतु' रखा गया है,जो अब तैयार हो गया है। इस पुल का शिलान्यास भी दिसंबर 2016 में प्रधानमंत्री ने किया था।

अटल सेतु का निर्माण 17,840 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। यह पुल लगभग 21.8 किमी लंबा और 6-लेन वाला है जो 16.5 किमी लंबा समुद्र के ऊपर और लगभग 5.5 किमी जमीन पर बना है। यह भारत का सबसे लंबा पुल है, जो देश का सबसे लंबा समुद्री पुल भी है। यह मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और मुंबई से पुणे, गोवा और दक्षिण भारत की यात्रा में लगने वाले समय को भी कम करेगा। यह मुंबई बंदरगाह और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।

नवी मुंबई में सार्वजनिक कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नवी मुंबई में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में 12,700 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री ईस्टर्न फ्रीवे के ऑरेंज गेट को मरीन ड्राइव से जोड़ने वाली भूमिगत सड़क सुरंग की आधारशिला भी रखेंगे। 9.2 किलोमीटर लंबी सुरंग 8700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई जाएगी और यह मुंबई में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास होगा जो ऑरेंज गेट और मरीन ड्राइव के बीच यात्रा में लगने वाले समय को भी कम करेगा।

प्रधानमंत्री सूर्या क्षेत्रीय थोक पेयजल परियोजना का पहला चरण राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह परियोजना जो 1975 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित की गई है, महाराष्ट्र के पालघर और ठाणे जिले को पेयजल आपूर्ति प्रदान करेगी, जिससे लगभग 14 लाख से अधिक लोगो को लाभ होगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री करीब 2000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं में 'उरण-खारकोपर रेलवे लाइन के चरण 2' का लोकार्पण भी शामिल है, जो नवी मुंबई से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा क्योंकि नेरुल/बेलापुर से खारकोपर के बीच चलने वाली उपनगरीय सेवाओं को अब उरण तक बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री उरण रेलवे स्टेशन से खारकोपर तक चलने वाली ईएमयू ट्रेन के उद्घाटन कार्यक्रम को भी हरी झंडी दिखाएंगे।

अन्य रेल परियोजनाएं जो राष्ट्र को समर्पित की जाएगी उनमें ठाणे-वाशी/पनवेल ट्रांस-हार्बर लाइन पर एक नया उपनगरीय स्टेशन 'दीघा गांव' और खार रोड और गोरेगांव रेलवे स्टेशन के बीच नई छठवीं लाइन शामिल है। इन परियोजनाओं से मुंबई के हजारों दैनिक यात्रियों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री सांताक्रूज इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग जोन- स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईईपीजेड एसईजेड) में रत्न और आभूषण क्षेत्र के लिए 'भारत रत्नम' (मेगा कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर) का उद्घाटन करेंगे, जो 3डी मैटल प्रिंटिंग सहित विश्व में उपलब्ध सर्वोत्तम मशीनों में से एक है। इसमें विशेष रूप से विकलांग छात्रों सहित इस क्षेत्र के लिए कार्यबल के कौशल के लिए एक प्रशिक्षण स्कूल भी स्थापित किया जाएगा। मेगा सीएफसी रत्न और आभूषण व्यापार में निर्यात क्षेत्र को बदल देगा जिससे घरेलू विनिर्माण को भी मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री एसईईपीजेड एसईजेड पर न्यू एंटरप्राइजेज एंड सर्विसेज टॉवर (एनईएसटी)-01 का भी उद्घाटन करेंगे। एनईएसटी-01 मुख्य रूप से रत्न और आभूषण क्षेत्र की इकाइयों के लिए है, जिन्हें मौजूदा स्टैंडर्ड डिजाइन फैक्ट्री-I से यहां स्थानांतरित किया जाएगा। नए टावर को उद्योग की मांग के अनुसार बड़े पैमाने पर डिजाइन किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नमो महिला सशक्तीकरण अभियान की शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य कौशल विकास प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास के द्वारा महाराष्ट्र राज्य में महिलाओं को अनुभव प्रदान करके सशक्त बनाना है। इस अभियान के तहत राज्य और केंद्र सरकारों के महिला विकास कार्यक्रम की समग्रता और परिपूर्णता की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।

27वाँ राष्ट्रीय युवा महोत्सव

प्रधानमंत्री का यह निरंतर प्रयास रहा है कि युवाओं को देश की विकास यात्रा का अहम हिस्सा बनाया जाए। इस लक्ष्य के एक अन्य प्रयास में, प्रधानमंत्री नासिक में 27वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव (एनवाईएफ) का उद्घाटन करेंगे।

राष्ट्रीय युवा महोत्सव प्रत्येक वर्ष 12 से 16 जनवरी तक आयोजित किया जाता है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानन्द की जयंती है। इस वर्ष इस महोत्सव की मेजबानी महाराष्ट्र कर रहा है। इस वर्ष के महोत्सव का विषय विकसित भारत@2047: युवाओं के लिए, युवाओं के द्वारा है।

राष्ट्रीय युवा महोत्सव एक ऐसा मंच बनाना चाहता है जहां भारत के विभिन्न क्षेत्रों के युवा एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना में अपने अनुभव साझा कर सकें और एकजुट होकर राष्ट्र की नींव मजबूत कर सकें। पूरे देश से लगभग 7500 युवा प्रतिनिधि नासिक में आयोजित इस महोत्सव में भाग लेंगे। सांस्कृतिक प्रदर्शन, स्वदेशी खेल, भाषण और विषयगत आधारित प्रस्तुति, युवा कलाकार शिविर, पोस्टर मेकिंग, कहानी लेखन, युवा सम्मेलन, खाद्य महोत्सव आदि सहित विभिन्न कार्यक्रम इस महोत्सव के दौरान आयोजित किए जाएंगे।

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India's data centre boom could create 1 lakh engineering jobs by 2030

Media Coverage

India's data centre boom could create 1 lakh engineering jobs by 2030
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Cabinet approves two multitracking projects covering Four Districts across Odisha and Jharkhand, increasing the existing network of Indian Railways by about 145 Kms
July 15, 2026
The total estimated cost of the projects is Rs 3,907 crore (approx.) and will be completed up to 2030-31

The Cabinet Committee on Economic Affairs, chaired by the Prime Minister Shri Narendra Modi, today has approved 02 (Two) projects of Ministry of Railways with total cost of Rs.3,907 crore (approx.). These projects include:

  1. Paradeep – Haridaspur - Doubling
  2. Rajkharsawan – Dangoaposi - 4th Line

The increased line capacity will significantly enhance mobility, resulting in improved operational efficiency and service reliability for Indian Railways. These multi-tracking proposals are poised to streamline operations and alleviate congestion. The projects are in line with the Prime Minister Shri Narendra Modiji’s Vision of a New India which will make people of the region “Atmanirbhar” by way of comprehensive development in the area which will enhance their employment/ self-employment opportunities.

The projects are planned on PM-Gati Shakti National Master Plan with focus on enhancing multi-modal connectivity & logistic efficiency through integrated planning and stakeholder consultations. These projects will provide seamless connectivity for movement of people, goods, and services.

The 02 (Two) projects covering 04 Districts across the States of Odisha and Jharkhand will increase the existing network of Indian Railways by about 145 Kms.

The proposed multi-tracking project will enhance connectivity to approx. 1,526 villages, which are having a population of about 14 lakhs.

The proposed capacity enhancement will improve rail connectivity to several prominent tourist destinations across the country, including Lalitgiri Buddhist Complex, Shree Baladevjew Temple, Meghahatuburu Hills, etc.

The proposed projects are essential routes for transportation of commodities such as coal, iron ore, dolomite, limestone, gypsum, etc. The capacity augmentation works will result in additional freight traffic of magnitude 44 MTPA (Million Tonnes Per Annum). The Railways being environment friendly and energy efficient mode of transportation, will help both in achieving climate goals and minimizing logistics cost of the country, reduce oil import (06 Crore Litres) and lower CO2 emissions (29 Crore Kg) which is equivalent to plantation of 01 (One) Crore trees.