प्रधानमंत्री सूरत, भावनगर, अहमदाबाद और अंबाजी में आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 29,000 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे
इन परियोजनाओं का उद्देश्य विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं तैयार करना, आवागमन की सुविधा बढ़ाना और जीवनयापन की सुगमता में महत्वपूर्ण सुधार लाना है
प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे और गांधीनगर-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे
प्रधानमंत्री वंदे भारत एक्सप्रेस और अहमदाबाद मेट्रो में यात्रा भी करेंगे
प्रधानमंत्री भावनगर में दुनिया के प्रथम सीएनजी टर्मिनल की आधारशिला रखेंगे
प्रधानमंत्री सूरत में हीरा कारोबार के विकास में तेजी लाने की परियोजना- ड्रीम सिटी के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री नई ब्रॉड गेज लाइन की आधारशिला रखेंगे, जिससे तीर्थयात्रियों के लिए अंबाजी की यात्रा करना आसान हो जाएगा
प्रधानमंत्री अंबाजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे; गब्बर तीर्थ में महाआरती में शामिल होंगे
प्रधानमंत्री अहमदाबाद में नवरात्रि उत्सव समारोह में भाग लेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 29 और 30 सितंबर को गुजरात के दौरे पर जाएंगे। प्रधानमंत्री 29 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे सूरत में 3400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री भावनगर जाएंगे। वहां दोपहर करीब 2 बजे वे 5200 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री शाम करीब 7 बजे अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में 36वें राष्ट्रीय खेल का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री रात करीब नौ बजे अहमदाबाद के जीएमडीसी मैदान में नवरात्रि महोत्सव में शामिल होंगे।

30 सितंबर को सुबह करीब 10:30 बजे प्रधानमंत्री गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस को गांधीनगर स्टेशन पर हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और वहां से ट्रेन में कालूपुर रेलवे स्टेशन जाएंगे। सुबह लगभग 11:30 बजे प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना को हरी झंडी दिखाएंगे और कालूपुर स्टेशन से दूरदर्शन केंद्र मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो रेल से यात्रा करेंगे। दोपहर करीब 12 बजे प्रधानमंत्री अहमदाबाद में अहमदाबाद एजुकेशन सोसाइटी में एक सार्वजनिक समारोह में अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद शाम करीब 5:45 बजे प्रधानमंत्री अंबाजी में 7200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। शाम करीब सात बजे प्रधानमंत्री अंबाजी मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद शाम करीब 7:45 बजे वह गब्बर तीर्थ में महाआरती में शामिल होंगे।

इन विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण, विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं विकसित करने, शहरी आवागमन की सुविधा बढ़ाने और मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी में सुधार को लेकर प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे आम लोगों के जीवन को आसान बनाने में उनकी सरकार द्वारा निरंतर ध्यान केंद्रित किए जाने का भी पता चलता है।

सूरत में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री 3400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इनमें जल आपूर्ति, जल निकासी परियोजनाओं, ड्रीम सिटी, जैव विविधता पार्क और अन्य विकास कार्यों जैसे सार्वजनिक बुनियादी सुविधाएं, विरासत सुरक्षा, सिटी बस/बीआरटीएस बुनियादी सुविधाएं, इलेक्ट्रिक वाहन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त विकास कार्य शामिल हैं।

प्रधानमंत्री सड़क परियोजना के पहले चरण के कार्यों और डायमंड रिसर्च एंड मर्केंटाइल (ड्रीम) सिटी के मुख्य प्रवेश द्वार का उद्घाटन करेंगे। ड्रीम सिटी परियोजना को सूरत में हीरा कारोबार के तेजी से विकास को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्यिक और आवासीय स्थान की बढ़ती मांग को पूरा करने के दृष्टिकोण के साथ शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे।

प्रधानमंत्री डॉ. हेडगेवार ब्रिज से भीमराड-बमरोली ब्रिज तक 87 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बन रहे बायोडायवर्सिटी पार्क की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री सूरत के विज्ञान केंद्र में खोज संग्रहालय का भी उद्घाटन करेंगे। बच्चों के लिए निर्मित, संग्रहालय में इंटरैक्टिव डिस्प्ले, प्रश्नोत्तरी-आधारित गतिविधियां और जिज्ञासा-आधारित क्रियाकलाप होंगे।

भावनगर में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री भावनगर में 5200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री भावनगर में दुनिया के प्रथम सीएनजी टर्मिनल और ब्राउनफील्ड बंदरगाह की आधारशिला रखेंगे। बंदरगाह को 4000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया जाएगा, जो दुनिया के चौथे सबसे बड़े लॉक गेट सिस्टम के साथ दुनिया के पहले सीएनजी टर्मिनल के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा होगा। सीएनजी टर्मिनल के अलावा, यह बंदरगाह इस क्षेत्र में विभिन्न आगामी परियोजनाओं की भविष्य की जरूरतों और मांगों को भी पूरा करेगा। बंदरगाह में मौजूदा सड़क मार्ग और रेलवे नेटवर्क से सीधे डोर-स्टेप कनेक्टिविटी के साथ अत्याधुनिक कंटेनर टर्मिनल, बहुउद्देशीय टर्मिनल और लिक्विड टर्मिनल होगा। इससे न केवल कार्गो को संभालने में आने वाली लागत की बचत होने से आर्थिक लाभ होगा, बल्कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार भी पैदा होगा। साथ ही, यह सीएनजी आयात टर्मिनल स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए ऊर्जा का एक अतिरिक्त वैकल्पिक स्रोत प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री भावनगर में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे, जो 20 एकड़ में फैला है और इसे लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। केंद्र में समुद्री जलीय गैलरी, ऑटोमोबाइल गैलरी, नोबेल पुरस्कार गैलरी- फिजियोलॉजी और मेडिसिन, इलेक्ट्रो मैकेनिक्स गैलरी, जीवविज्ञान से संबंधित विज्ञान गैलरी सहित कई थीम आधारित दीर्घाएं हैं। यह केंद्र एनिमेट्रोनिक डायनासोर, विज्ञान विषय-आधारित टॉय ट्रेन, प्रकृति की खोज से संबंधित यात्रा, मोशन सिमुलेटर, पोर्टेबल सौर वेधशाला आदि जैसे बाहरी प्रतिष्ठानों के माध्यम से बच्चों के लिए खोज और अन्वेषण के लिए एक रचनात्मक मंच भी प्रदान करेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री सौनी योजना लिंक 2 के पैकेज 7, 25 मेगावाट पलिताना सोलर पीवी प्रोजेक्ट, एपीपीएल कंटेनर (आवदकृपा प्लास्टोमेक प्राइवेट लिमिटेड) परियोजना सहित कई अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और सौनी योहना लिंक 2 के पैकेज 9, चोरवडला जोन जलापूर्ति परियोजना सहित अन्य परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

अहमदाबाद में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में आयोजित भव्य उद्घाटन समारोह में 36वें राष्ट्रीय खेल के शुभारंभ की घोषणा करेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय खेल में भाग लेने वाले देश भर के एथलीटों को भी संबोधित करेंगे। इस आयोजन के दौरान, प्रधानमंत्री देसर में विश्वस्तरीय "स्वर्णिम गुजरात खेल विश्वविद्यालय" का भी उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक परियोजना से देश के खेल शिक्षा परिदृश्य के बदलने की उम्मीद है।

गुजरात राज्य में पहली बार राष्ट्रीय खेल का आयोजन हो रहा है। यह 29 सितंबर से 12 अक्टूबर, 2022 तक आयोजित किया जाएगा। देश भर के लगभग 15,000 खिलाड़ी, कोच और अधिकारी विभिन्न प्रकार के 36 खेलों में भाग लेंगे, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा राष्ट्रीय खेल बन जाएगा। खेल आयोजन अहमदाबाद, गांधीनगर, सूरत, वडोदरा, राजकोट और भावनगर के छह शहरों में आयोजित किए जाएंगे। तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, गुजरात ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ एक सशक्त आधारभूत खेल सुविधा स्थापित करने की यात्रा शुरू की, जिससे राज्य को बहुत कम समय में खेलों की तैयारी करने में मदद मिली।

अहमदाबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। इसमें अपैरल पार्क से थलतेज तक लगभग 32 किमी का ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और मोटेरा से ग्यासपुर के बीच नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर शामिल है। पूर्व-पश्चिम गलियारे में थलतेज-वस्त्र मार्ग में 17 स्टेशन हैं। इस कॉरिडोर में चार स्टेशनों के साथ 6.6 किमी का भूमिगत खंड भी है। ग्यासपुर को मोटेरा स्टेडियम से जोड़ने वाले 19 किमी उत्तर-दक्षिण गलियारे में 15 स्टेशन हैं। पहले चरण की पूरी परियोजना 12,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित की गई है। अहमदाबाद मेट्रो भूमिगत सुरंगों, वायडक्ट और पुलों, एलिवेटेड और भूमिगत स्टेशन भवनों, गिट्टी रहित रेल पटरियों और चालक रहित ट्रेन संचालन के अनुरूप रोलिंग स्टॉक आदि से युक्त एक विशाल अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजना है। मेट्रो ट्रेन सेट ऊर्जा की कम खपत वाली एक प्रणाली से सुसज्जित है, जिससे ऊर्जा की खपत में लगभग 30 से 35 प्रतिशत की कमी हो सकती है। ट्रेन में अत्याधुनिक सस्पेंशन सिस्टम है जो यात्रियों को बहुत ही सहज सवारी का अनुभव प्रदान करती है। अहमदाबाद में पहले चरण की मेट्रो परियोजना के उद्घाटन से शहर के लोगों को विश्वस्तरीय मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी मिलेगी। भारतीय रेल, और बस प्रणाली (बीआरटीएस, जीएसआरटीसी और सिटी बस सेवा) के साथ मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान की जा रही है। इसमें रानिप, वदाज, एईसी स्टेशन आदि पर बीआरटीएस और गांधीधाम, कालूपुर और साबरमती स्टेशन पर भारतीय रेल के साथ कनेक्टिविटी शामिल है। कालूपुर में, मेट्रो लाइन को मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ने वाली हाई स्पीड रेल प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

प्रधानमंत्री गांधीनगर और मुंबई के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस के नए और उन्नत वर्जन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वंदे भारत एक्सप्रेस एक बेहतर और विमान यात्रा जैसा अनुभव प्रदान करती है। यह स्वदेशी रूप से विकसित ट्रेन टक्कर-रोधी प्रणाली- कवच सहित अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस है। सभी श्रेणियों में बैठने की सीटें हैं, जबकि एग्जीक्यूटिव कोच में 180 डिग्री घूमने वाली सीटों की अतिरिक्त सुविधा है। प्रत्येक कोच में 32 इंच की स्क्रीन होती है, जो यात्रियों से संबंधित सूचना प्रदान करने के साथ-साथ मनोरंजन भी करती है।

अंबाजी में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री अंबाजी में 7200 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री पीएम आवास योजना के तहत बनाए गए 45,000 से अधिक घरों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री प्रसाद योजना के तहत अंबाजी मंदिर में तरंगा हिल-अंबाजी-आबू रोड नई ब्रॉड गेज लाइन और तीर्थ सुविधाओं के विकास की परियोजना का शिलान्यास करेंगे। नई रेल लाइन से 51 शक्तिपीठों में से एक अंबाजी जाने वाले लाखों भक्तों को लाभ होगा और इन सभी तीर्थ स्थलों पर भक्तों को पूजा-अर्चना के क्रम में बेहतर अनुभव होगा। जिन अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें एयरफोर्स स्टेशन, दीसा में रनवे और संबद्ध बुनियादी ढांचे का निर्माण; अंबाजी बाईपास रोड सहित अन्य शामिल हैं।

प्रधानमंत्री वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर के 62 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू महेसाणा सेक्शन और 13 किलोमीटर लंबे न्यू पालनपुर-न्यू चटोदर सेक्शन (पालनपुर बाईपास लाइन) को भी समर्पित करेंगे। यह पिपावाव, दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (कांडला), मुंद्रा और गुजरात के अन्य बंदरगाहों से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। इन सेक्शन के खुलने से 734 किलोमीटर का वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर चालू हो जाएगा। इस खंड के खुलने से गुजरात के मेहसाणा-पालनपुर, राजस्थान में स्वरूपगंज, केशवगंज, किशनगढ़; हरियाणा में रेवाड़ी-मानेसर और नारनौल में उद्योगों को लाभ होगा। प्रधानमंत्री मीठा-थराड-दीसा सड़क के चौड़ीकरण सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे।

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प्रधानमंत्री ने आदर्श शिक्षक के गुणों को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
June 01, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that some people are highly skilled at performing a task themselves, while others are particularly adept at imparting that knowledge or skill to others. He noted that a person who possesses both these qualities-self-mastery and the ability to teach others-deserves to be regarded among the finest of teachers.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।। ”

The Subhashitam conveys that while some excel in practice and others in teaching, the one who combines both mastery of a subject and the ability to effectively impart it to others is worthy of being placed in the foremost rank of teachers.

The Prime Minister wrote on X;

“श्लिष्टा क्रिया कस्यचिदात्मसंस्था सङ्क्रान्तिरन्यस्य विशेषयुक्ता।

यस्योभयं साधु स शिक्षकाणां धुरि प्रतिष्ठापयितव्य एव।।”