प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 4 जनवरी 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय माप पद्धति सम्‍मेलन में उद्घाटन भाषण देंगे। वह ‘नेशनल एटॉमिक टाइमस्‍केल’ और ‘भारतीय निर्देशक द्रव्य’ राष्ट्र को समर्पित करेंगे और राष्ट्रीय पर्यावरण संबंधी मानक प्रयोगशाला (नेशनल एनवायरमेंटल स्टैंडर्ड लैबोरेट्री) की आधारशिला भी रखेंगे। इस अवसर पर केन्‍द्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी उपस्थित रहेंगे।

नेशनल एटॉमिक टाइमस्‍केल भारतीय मानक समय 2.8 नैनो सेकंड की सटीकता के साथ देता है। भारतीय निर्देशक द्रव्‍य अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रयोगशालाओं में जांच और मापांकन में सहयोग कर रहा है। राष्ट्रीय पर्यावरण संबंधी मानक प्रयोगशाला नजदीकी परिवेश की वायु और औद्योगिक उत्सर्जन निगरानी उपकरणों के प्रमाणीकरण में आत्मनिर्भरता में सहायता करेगी।

सम्‍मेलन के बारे में

नेशनल माप पद्धति सम्‍मेलन 2020 का आयोजन वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनपीएल), नई दिल्ली द्वारा किया जा रहा है, जो अपनी स्थापना के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सम्‍मेलन का विषय है, ‘मेट्रोलॉजी फॉर द इन्‍क्‍लूसिव ग्रोथ ऑफ द नेशन।

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प्रधानमंत्री ने आदि शंकराचार्य को श्रद्धांजलि अर्पित की
April 21, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एके आदि शंकराचार्य को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा है कि उनके गंभीरतापूर्ण उपदेश, विचार और अद्वैत वेदांत का दर्शन विश्व स्तर पर अनगिनत लोगों का मार्गदर्शन करते आ रहे हैं। आध्यात्मिक चिंतन को पुनर्जीवित करने और देश भर में आध्यात्मिक केंद्र स्थापित करने के उनके प्रयास प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। श्री मोदी ने यह भी कहा कि "उनका ज्ञान हमारे मार्ग को प्रकाशित करता रहेगा और सत्य, करुणा तथा सामूहिक कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।"

प्रधानमंत्री ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा है:

भारत के महानतम आध्यात्मिक गुरुओं में से एक आदि शंकराचार्य की जयंती के पावन अवसर पर मैं उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। उनके गंभीरतापूर्ण उपदेश, विचार और अद्वैत वेदांत का दर्शन विश्व भर में अनगिनत लोगों का मार्गदर्शन करते आ रहे हैं। उन्होंने सद्भावना, अनुशासन और सभी के अस्तित्व की एकात्मकता पर बल दिया। आध्यात्मिक चिंतन को पुनर्जीवित करने और देश भर में आध्यात्मिक केंद्र स्थापित करने के उनके प्रयास प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं। उनका ज्ञान हमारे मार्ग को प्रकाशित करता रहेगा और सत्य, करुणा तथा सामूहिक कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करेगा।