शिखर सम्मेलन का विषय - "समकालीन चुनौतियों का जवाब: प्रथाओं के लिए दर्शन"
शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिष्ठित विद्वान, संघ के अग्रणी व्यक्ति और धर्म के अनुयायी भाग लेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 अप्रैल, 2023 को सुबह 10 बजे होटल अशोक, दिल्ली में विश्व बौद्ध शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के सहयोग से संस्कृति मंत्रालय द्वारा 20-21 अप्रैल को दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। विश्व बौद्ध शिखर सम्मेलन का विषय "समकालीन चुनौतियों का जवाब: प्रथाओं के लिए दर्शन" है।

शिखर सम्मेलन, बौद्ध और सार्वभौमिक चिंताओं के संबंध में वैश्विक बौद्ध धम्म नेतृत्व और विद्वानों को एक साथ लाने का एक प्रयास है, ताकि इन मामलों को सामूहिक रूप से संबोधित करने के लिए नीतिगत इनपुट प्रस्तुत किया जा सके। शिखर सम्मेलन में चर्चा इस बात का पता लगाएगी कि कैसे बुद्ध धम्म के मौलिक मूल्यों से समकालीन परिस्थितियों में प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त किये जा सकते हैं।

शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के प्रतिष्ठित विद्वान, संघ के अग्रणी व्यक्ति और धर्म के अनुयायी भाग लेंगे, जो वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे तथा बुद्ध धम्म में इनके समाधान की तलाश करेंगे, जो सार्वभौमिक मूल्यों पर आधारित होंगे। चार विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा: बुद्ध धम्म और शांति; बुद्ध धम्म: पर्यावरण संकट, स्वास्थ्य और स्थायित्व; नालंदा बौद्ध परंपरा का संरक्षण; बुद्ध धम्म तीर्थयात्रा, जीवित विरासत और बुद्ध अवशेष: दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशिया के देशों के लिए भारत के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का सहनीय आधार।

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पीएम ने संपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से पुष्ट ज्ञान का महत्व बताने वाला संस्कृत सुभाषित साझा किया
February 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषित साझा किया जिसमें समग्र और वैज्ञानिक दृष्टि से आधारित ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। इस प्रकार का सटीक ज्ञान व्यक्ति को पूर्णता, स्पष्टता और सत्य की परम अनुभूति तक पहुंचने में सहायक होता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक प्राचीन संस्कृत श्लोक उद्धृत किया:

“ज्ञानं तेऽहं सविज्ञानमिदं वक्ष्याम्यशेषतः।

यज्ज्ञात्वा नेह भूयोऽन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते।।”