Your Excellency, प्रेसीडेंट ली,

दोनों देशों के delegates,
मीडिया के साथियों,

नमस्कार!

अपनी पहली भारत यात्रा पर प्रेसिडेंट ली का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। प्रेसिडेंट ली का जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है। हर चुनौती ने उनके भीतर जनसेवा के संकल्प को और सशक्त किया है। भले ही यह उनकी पहली भारत यात्रा हो, लेकिन भारत के प्रति उनकी आत्मीयता हमारी पहली मुलाकात से ही स्पष्ट रही है।

Friends,

आठ वर्ष बाद कोरिया के राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा, अत्यंत महत्वपूर्ण है। डेमोक्रैटिक वैल्यूस, मार्केट ईकानमी और respect for rule of law, हम दोनों देशों के DNA में हैं। इंडो-पेसिफिक क्षेत्र में भी हमारा common outlook है। इन सबके आधार पर, पिछले एक दशक में हमारे संबंध अधिक गतिशील और व्यापक हुए हैं।

और आज, प्रेसीडेंट ली की यात्रा से, हम इस ट्रस्टेड पार्ट्नर्शिप को एक फ्यूचरिस्टिक पार्ट्नरशिप में ट्रांसफार्म करने जा रहे हैं। हम chips से लेकर शिप्स, टैलेंट से लेकर टेक्नॉलजी, environment से लेकर एनर्जी, हर क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों को साकार करेंगे। और साथ मिलकर दोनों देशों की progress और prosperity सुनिश्चित करेंगे।

Friends,

भारत और कोरिया का बाइलैटरल ट्रेड, आज ट्वेंटी सेवन बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है। 2030 तक इसे फिफ्टी बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

दोनों देशों के बीच फाइनैन्शल flows को सुगम बनाने के लिए, हमने भारत-कोरिया फाइनैन्शल फोरम की शुरुआत की है। बिजनस सहयोग को बल देने के लिए, हमने एक इन्डस्ट्रीअल को-ऑपरेशन कमिटी का गठन किया है। क्रिटिकल टेक्नॉलजी और सप्लाइ चेन्स में सहयोग बढ़ाने के लिए, हम इकनॉमिक सिक्युरिटी डाइअलॉग शुरू कर रहें हैं।

कोरिया की कम्पनीस, खास कर SMEs की भारत में एंट्री सहज करने के लिए , हम कोरियन इन्डस्ट्रीअल township भी स्थापित करेंगे। और अगले एक वर्ष के अंदर, हम भारत-कोरिया ट्रेड अग्रीमन्ट को अपग्रेड भी करेंगे।

Friends,

आज हम अगले दशक की success स्टोरीस की नींव रख रहे हैं। AI, सेमीकन्डक्टर और इनफार्मेशन टेक्नॉलजी में साझेदारी और प्रगाढ़ करने के लिए हम इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज लॉन्च कर रहें हैं। शिप बिल्डिंग, सस्टे-निबिलिटी, स्टील और पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में हम MOU कर रहे हैं।

कल्चर और क्रिएटिव इंडस्ट्री मे आपसी सहयोग से हम फिल्म, एनिमेशन और गेमिंग में भी नए आयाम स्थापित करंगे। आज का Business Forum इन अवसरों को ठोस परिणामों में बदलने का मंच बनेगा।

Friends,

भारत और कोरिया के बीच हजारों वर्ष पुराने सांस्कृतिक संबंध हैं। 2000 साल पहले, अयोध्या की राजकुमारी सूरीरत्ना और कोरिया के राजा किम-सुरो की कहानी, हमारी साझा विरासत है।

आज भारत में के-पॉप, के-ड्रामा, बहुत ही पोपुलर हो रहें हैं। उसी तरह, कोरिया में भी भारतीय सिनेमा और संस्कृति की पहचान बढ़ रही है। हमे बहुत खुशी है, कि प्रेसीडेंट ली खुद भारतीय सिनेमा के प्रशंसक हैं। इस कल्चरल कनेक्ट को मजबूत करने के लिए, हम 2028 में भारत-कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित करेंगे।

इसके साथ-साथ, people-to-people कान्टैक्ट मजबूत करने के लिए, हम एजुकेशन, रिसर्च सहयोग, और टुरिज़म को भी बढ़ावा देंगे।

Friends,

वैश्विक तनाव के इस दौर में, भारत और कोरिया मिलकर शांति और स्थिरता का संदेश देते हैं। हमे बहुत खुशी है, कि आज कोरिया इंटरनेशनल सोलर अलायेन्स, और इंडो-पेसिफिक ओशियन्स इनिश्येटिव से जुड़ रहा है। हम अपने साझा प्रयासों से एक peaceful, progressive और इन्क्लूसिव इंडो-पेसिफिक के लिए योगदान देते रहेंगे।

हम इस बात पर भी सहमत हैं कि, वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए global institutions में सुधार आवश्यक है।

Your Excellency,

लगभग 100 वर्ष पहले, भारत के महान कवि, गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टागोर ने कोरिया को "lamp of the east” कहा था। और आज, विकसित भारत 2047 के हमारे संकल्प को साकार करने के लिए, कोरिया एक महत्वपूर्ण साझेदार है।

आइए, हम अपनी पार्ट्नर्शिप से, दोनों देशों के साथ-साथ, पूरे विश्व की प्रगति और समृद्धि का रास्ता बनाएं।

बहुत बहुत धन्यवाद।

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