प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत का एक सुभाषितम साझा किया है, जिसमें सदा गतिशील सूर्य की तरह जीवन में प्रगति के लिए सक्रिय रहने के महत्व पर जोर दिया गया है।
"चरन् वै मधु विन्दति चरन् स्वादुमुम्बरम्
सूर्यस्य पश्य श्रेमाणं यो न तन्द्रयते चरंश्चरैवेति॥"
इस सुभाषितम् में का मतलब, "जो निरंतर प्रगति करता रहता है, उसे ही संसार में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त होते हैं, ठीक उसी प्रकार जैसे सदा गतिशील सूर्य यश प्राप्त करता है। इसलिए, व्यक्ति को सदा सक्रिय रहना चाहिए।"
श्री मोदी ने कहा कि आज से शुरू हुई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भी भगवान सूर्य के प्रकाश से जगमगा रही है, जो हम सभी के जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं।
प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:
"भगवान सूर्य हम सबके जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। आज के दिन शुरू हुई पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भी उन्हीं से रोशन है। यह देशवासियों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही है।
चरन् वै मधु विन्दति चरन् स्वादुमुम्बरम्
सूर्यस्य पश्य श्रेमाणं यो न तन्द्रयते चरंश्चरैवेति॥"
भगवान सूर्य हम सबके जीवन में ऊर्जा और उत्साह का संचार करते हैं। आज के दिन शुरू हुई पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भी उन्हीं से रोशन है। यह देशवासियों को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित कर रही है।
— Narendra Modi (@narendramodi) February 13, 2026
चरन् वै मधु विन्दति चरन् स्वादुमुम्बरम्
सूर्यस्य पश्य श्रेमाणं यो न… pic.twitter.com/NWZisQ3lWr


