आज की गई नियुक्तियां केवल सरकारी नौकरियां नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के अवसर हैं: प्रधानमंत्री
जब युवा सफल होते हैं, तो राष्ट्र सफल होता है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार ने अकेले रोज़गार मेलों के माध्यम से 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए: प्रधानमंत्री
दिवाली की रिकॉर्ड बिक्री से प्रदर्शित होता है कि किस प्रकार जीएसटी बचत उत्सव ने मांग, उत्पादन और रोजगार को ऊर्जाशील बना दिया : प्रधानमंत्री
प्रतिभा सेतु पोर्टल सुनिश्चित करता है कि संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिभा नष्ट न हो- इसे राष्ट्र निर्माण के लिए पुनर्निर्देशित किया गया : प्रधानमंत्री
युवा कर्मयोगी विकसित भारत की ओर यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार मेले को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इस वर्ष का प्रकाश पर्व दिवाली, सभी के जीवन में नई रोशनी लेकर आया है। त्योहारों के बीच स्थायी नौकरियों के लिए नियुक्ति पत्र मिलने से त्योहार की प्रसन्नता और रोजगार की सफलता- दोनों की खुशी मिलती है। श्री मोदी ने बताया कि यह प्रसन्नता आज देश भर के 51,000 से अधिक युवाओं को प्राप्त हुई है। प्रधानमंत्री ने उनके परिवारों को इससे मिलने वाली असीम प्रसन्नता की बात की और नियुक्ति पाने वाले सभी युवकों और उनके परिवार के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने उनके जीवन की इस नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।

श्री मोदी ने नवनियुक्त युवाओं में उत्साह, कड़ी मेहनत की क्षमता और पूरे हुए सपनों से उपजे आत्मविश्वास को रेखांकित करते हुए कहा कि जब यह भावना राष्ट्र सेवा के जुनून के साथ जुड़ जाती है, तो उनकी सफलता व्यक्तिगत उपलब्धि से बढ़कर देश की सफलता बन जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की नियुक्तियां केवल सरकारी नौकरियां नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के अवसर हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नियुक्त व्यक्ति निष्ठा और ईमानदारी से काम करेंगे और भारत के भविष्य के लिए बेहतर व्यवस्थाएं बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रधानमंत्री ने नवनियुक्त लोगों से 'नागरिक देवो भव' के मंत्र को न भूलने और सेवा व समर्पण की भावना को कायम रखते हुए काम करने की अपील की।

प्रधानमंत्री ने कहा, "पिछले 11 वर्षों से राष्ट्र एक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि युवा सशक्तिकरण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले युवा भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने का एक सशक्त माध्यम बन गए हैं और हाल के दिनों में इन मेलों के माध्यम से 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। श्री मोदी ने कहा कि ये प्रयास केवल सरकारी नौकरियों तक ही सीमित नहीं हैं। सरकार ने साढ़े तीन करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लक्ष्य के साथ 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' आरंभ की है। उन्होंने कहा कि कौशल भारत मिशन जैसी पहल युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर रही है, जबकि राष्ट्रीय करियर सेवा जैसे मंच नए अवसरों से जोड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मंच के माध्यम से 7 करोड़ से अधिक रिक्तियों की जानकारी युवाओं के साथ साझा की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए एक बड़ी पहल- 'प्रतिभा सेतु पोर्टल' की घोषणा की, जो उन उम्मीदवारों को अवसर प्रदान करता है जो संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की अंतिम सूची में तो पहुंच गए थे, लेकिन चयनित नहीं हुए। उन्होंने बल देकर कहा कि उनके प्रयास व्यर्थ नहीं जाएंगे, क्योंकि निजी और सार्वजनिक दोनों संस्थान अब इस पोर्टल के माध्यम से इन प्रतिभाशाली व्यक्तियों से जुड़ रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि युवा प्रतिभाओं का यह अधिकतम उपयोग विश्व को भारत की युवा क्षमता का प्रदर्शन कराएगा।

श्री मोदी ने यह रेखांकित करते हुए कि जीएसटी बचत उत्सव ने त्योहारों के मौसम को समृद्ध बनाया है, देश भर में जीएसटी दरों में कटौती जैसे महत्वपूर्ण सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का प्रभाव उपभोक्ता बचत से कहीं अधिक है, क्योंकि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार रोजगार के अवसरों का भी विस्तार कर रहे हैं। जब रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होती हैं, तो मांग बढ़ती है; मांग बढ़ने से उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला में तेज़ी आती है; और कारखानों में उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं। इसलिए जीएसटी बचत उत्सव एक रोज़गार उत्सव में भी बदल रहा है। प्रधानमंत्री ने धनतेरस और दिवाली के दौरान हुई रिकॉर्ड तोड़ बिक्री का उल्लेख किया, जिसमें नए रिकॉर्ड बने और पुराने रिकॉर्ड टूट गए, जिससे पता चलता है कि किस प्रकार जीएसटी सुधारों ने देश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र और खुदरा व्यापार पर इन सुधारों के सकारात्मक प्रभाव का उल्लेख किया, जो अब विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग और वितरण में रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा, "भारत वर्तमान में विश्व का सबसे युवा देश है और भारत के युवाओं की शक्ति इसकी सबसे बड़ी संपत्ति है।" उन्होंने इस बात पर बल दिया कि यह भरोसा और आत्मविश्वास विदेश नीति सहित सभी क्षेत्रों में देश की प्रगति का मार्गदर्शन करता है, जिसे अब युवा भारतीयों के हितों को ध्यान में रखकर आकार दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि भारत के राजनयिक जुड़ाव और वैश्विक समझौता ज्ञापनों में युवाओं के प्रशिक्षण, कौशल विकास और रोजगार सृजन के प्रावधान तेज़ी से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की हाल की यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने एआई, फिनटेक और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले भारत और ब्रिटेन के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता भी नए अवसर खोलेगा। इसी तरह, कई यूरोपीय देशों के साथ निवेश साझेदारी से हज़ारों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। श्री मोदी ने कहा कि ब्राज़ील, सिंगापुर, कोरिया और कनाडा जैसे देशों के साथ समझौते निवेश को बढ़ावा देंगे, स्टार्टअप्स और एमएसएमई की सहायता करेंगे, निर्यात बढ़ाएंगे और युवाओं के लिए वैश्विक परियोजनाओं पर काम करने के नए अवसर सृजित करेंगे।

प्रधानमंत्री ने यह रेखांकित करते हुए कि आज जिन सफलताओं और विज़न पर चर्चा हो रही है, आने वाले समय में उसमें नवनियुक्त युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान देखने को मिलेगा। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि उनके जैसे युवा कर्मयोगी इस संकल्प को साकार करेंगे। उन्होंने इस यात्रा में 'आई-गॉट कर्मयोगी भारत प्लेटफॉर्म' की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और बताया कि लगभग डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी पहले से ही इसके माध्यम से सीख रहे हैं। उन्होंने नवनियुक्त लोगों को इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जो एक नई कार्य संस्कृति और सुशासन की भावना का संचार करेगा। श्री मोदी ने यह टिप्पणी करते हुए समापन किया कि युवाओं के प्रयासों से ही भारत का भविष्य सुदृढ़ और उसके नागरिकों के सपने साकार होंगे। उन्होंने एक बार फिर सभी नियुक्त लोगों को अपनी शुभकामनाएं दीं।

 

पूरा भाषण पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
PLI schemes attract ₹2 lakh crore investment till September, lift output and jobs across sectors

Media Coverage

PLI schemes attract ₹2 lakh crore investment till September, lift output and jobs across sectors
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने 2001 के संसद हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
December 13, 2025

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज 13 दिसंबर 2001 को हुए जघन्य आतंकवादी हमले के दौरान भारत की संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर सुरक्षाकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र कर्तव्य निभाते हुए प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धापूर्वक याद करता है। उन्होंने कहा कि गंभीर खतरे के समय भी उनका साहस, सतर्कता और अटूट कर्तव्यनिष्ठा प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

 

श्री मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

“आज के दिन, हमारा देश उन लोगों को याद करता है जिन्होंने 2001 में हमारी संसद पर हुए जघन्य हमले में अपने प्राणों की आहुति दी। गंभीर खतरे के बावजूद, उनका साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्‍ठा सराहनीय थी। भारत उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सदा कृतज्ञ रहेगा।”