15वां जी20 नेताओं का शिखर सम्मेलन

Published By : Admin | November 22, 2020 | 18:23 IST
भारत आगे बढ़ने के लिए 'रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म' के उसी सिद्धांत का पालन और समावेशी विकास के प्रयास कर रहा है, जो सहभागी हो : प्रधानमंत्री
भारत विश्व अर्थव्यवस्था और ग्लोबल सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्तंभ बन जाएगा : पीएम मोदी
भारत न केवल पेरिस समझौतों के लक्ष्यों को पूरा कर रहा है बल्कि उससे अधिक करेगा : प्रधानमंत्री

1. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 21-22 नवंबर, 2020 को सऊदी अरब की ओर से वर्चुअल माध्यम से आयोजित 15वें जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। जी20 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन का एजेंडा एक समावेशी, स्थायी और बेहतर भविष्य बनाने और धरती को सुरक्षित रखने को लेकर एक साइड इवेंट पर केंद्रित था।

2. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि कोविड के बाद की दुनिया में समावेशी, सशक्त और स्थायी रिकवरी के लिए प्रभावी वैश्विक शासन प्रणाली की आवश्यकता है और बहुपक्षीय संस्थानों के स्वरूप, संचालन और प्रक्रियाओं में सुधार के जरिए बहुपक्षवाद की उन्नति समय की जरूरत है।

3. प्रधानमंत्री ने आगे सतत् विकास लक्ष्यों के लिए एजेंडा 2030 के महत्व को रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य 'किसी को भी पीछे नहीं छोड़ना' है। उन्होंने कहा कि भारत आगे बढ़ने के लिए 'रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रांसफॉर्म' के उसी सिद्धांत का पालन और समावेशी विकास के प्रयास कर रहा है, जो सहभागी हो।

4. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बदलती परिस्थितियों के साथ, उन्होंने कहा कि भारत ने एक 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को अपनाया है। अपनी क्षमता और निर्भरता के आधार पर इस दृष्टिकोण को अपनाते हुए भारत विश्व अर्थव्यवस्था और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय स्तंभ बन जाएगा। वैश्विक स्तर पर भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और आपदा प्रबंधन अवसंरचना पर अंतरराष्ट्रीय गठबंधन जैसे संस्थानों की स्थापना की भी पहल की है।

5. 'ग्रह को सुरक्षित रखने पर' आयोजित एक साइड इवेंट में रिकॉर्ड किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन से एकीकृत, व्यापक और समग्र तरीके से लड़ने की आवश्यकता पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत न केवल पेरिस समझौतों के लक्ष्यों को पूरा कर रहा है बल्कि उससे अधिक करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत पर्यावरण के साथ सामंजस्य बनाकर रहने के अपने पारंपरिक लोकाचार से प्रेरित है और कम कार्बन और जलवायु के हिसाब से लचीले विकास दृष्टिकोण को अपनाया है।

उन्होंने कहा कि मानवता की खुशहाली के लिए, हर एक व्यक्ति को खुशहाल होना चाहिए और हमें श्रमिक को केवल उत्पादन के एक कारक के रूप में नहीं देखना चाहिए। इसके बजाय, हमें हर श्रमिक की मानवीय गरिमा पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के दृष्टिकोण हमारे ग्रह की सुरक्षा के लिए सबसे अच्छी गारंटी होंगे।

6. प्रधानमंत्री ने रियाद शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी के लिए सऊदी अरब को धन्यवाद दिया और 2021 में जी20 प्रेसिडेंसी संभालने को लेकर इटली का स्वागत किया। यह निर्णय लिया गया है कि जी20 की प्रेसिडेंसी 2022 में इंडोनेशिया, 2023 में भारत और 2024 में ब्राजील के पास होगी।

7. शिखर सम्मेलन के अंत में, जी20 नेताओं का एक घोषणापत्र जारी किया गया, जिसमें एक समन्वित वैश्विक कार्रवाई, एकजुटता और बहुपक्षीय सहयोग का आह्वान किया गया जिससे वर्तमान चुनौतियों को दूर कर और लोगों को सशक्त बनाकर, ग्रह की सुरक्षा, नई संभावनाओं को आकार देकर सभी के लिए 21वीं सदी के अवसरों को प्राप्त किया जा सके।

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पीएम मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
August 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीने के महत्व पर जोर डालते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। उन्होंने कहा कि सच्ची वीरता और ताकत किसी भी परिस्थिति में समझौता किए बिना अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर दृढ़ रहने में निहित है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- 

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।

अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥” 

इस सुभाषितम् का यह संदेश है कि व्यक्ति को सदैव आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीना चाहिए। सच्ची वीरता और ताकत इसमें है कि किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता किए बिना सत्य, धैर्य और आत्म-गौरव के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहें।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा; 

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।

अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥”