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"अस्पताल दोनों देशों के बीच संबंधों का प्रतीक और भारत तथा फिजी की साझा यात्रा में एक और अध्याय है"
"बच्चों का हृदय अस्पताल, न केवल फिजी में बल्कि पूरे दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में अपनी तरह का एक अनूठा अस्पताल है"
"सत्य साई बाबा ने अध्यात्मवाद को कर्मकांडों से मुक्त किया और इसे लोगों के कल्याण से जोड़ा"
"मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि मुझे सत्य साई बाबा का निरंतर आशीर्वाद मिला और आज भी प्राप्त हो रहा है"
"भारत-फिजी संबंध आपसी सम्मान और लोगों के बीच मजबूत आपसी संबंधों पर आधारित हैं"

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज फिजी में श्री श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल के उद्घाटन समारोह को एक वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में, फिजी के प्रधानमंत्री और फिजी के लोगों को अस्पताल के लिए शुभकामनाएं दीं। श्री मोदी ने कहा कि यह अस्पताल दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों का प्रतीक और भारत तथा फिजी की साझा यात्रा का एक और अध्याय है। उन्होंने कहा कि बच्चों का हृदय अस्पताल न केवल फिजी में बल्कि पूरे दक्षिण प्रशांत क्षेत्र में अपनी तरह का एक अनूठा अस्पताल है। प्रधानमंत्री ने कहा, "ऐसे क्षेत्र के लिए, जहां हृदय संबंधी बीमारियां बड़ी चुनौती हैं, यह अस्पताल हजारों बच्चों को नया जीवन प्रदान करने का एक माध्यम बनेगा।" उन्होंने इस बात पर भी संतोष व्यक्त किया कि न केवल बच्चों को विश्व स्तरीय उपचार मिलेगा बल्कि हर तरह की सर्जरी नि:शुल्क की जाएगी। श्री मोदी ने इसके लिए फिजी के साई प्रेम फाउंडेशन, फिजी सरकार और भारत के बच्चों के श्री सत्य साई संजीवनी हृदय अस्पताल की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रह्मलीन श्री सत्य साई बाबा को नमन किया, जिनका मानव सेवा का पौधा एक विशाल बरगद के पेड़ के रूप में विकसित हुआ है और पूरी मानवता की सेवा कर रहा है। प्रधानमंत्री ने स्मरण करते हुए कहा, "श्री सत्य साई बाबा ने आध्यात्मिकता को कर्मकांडों से मुक्त किया और इसे लोगों के कल्याण से जोड़ा। शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों और वंचितों के लिए उनका काम आज भी हमें प्रेरित करता है।” श्री मोदी ने गुजरात में आए भूकंप के समय साई भक्तों की सेवाओं का भी स्मरण किया। प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूं कि मुझे सत्य साई बाबा का निरंतर आशीर्वाद मिला और आज भी प्राप्त हो रहा है।"

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत फिजी संबंध की साझा विरासत मानवता की सेवा की भावना पर आधारित है। श्री मोदी ने कहा कि भारत इन मूल्यों के आधार पर ही महामारी के दौरान अपने दायित्वों को पूरा कर सका। उन्होंने कहा कि हमने 150 देशों को दवाएं और लगभग 100 देशों को करीब 100 मिलियन टीके उपलब्ध कराए हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस तरह के प्रयासों में फिजी को हमेशा प्राथमिकता दी गई है।

प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई पर बातचीत करना जारी रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अलग करने वाले विशाल महासागर के बावजूद, हमारी संस्कृति ने हमें जोड़े रखा है और हमारे संबंध आपसी सम्मान और लोगों के बीच मजबूत आपसी संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने भारत को फिजी के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान करने का अवसर प्राप्त होने के विशेषाधिकार को स्वीकार किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज फिजी के प्रधानमंत्री फ्रैंक बैनीमारामा को जन्मदिन पर बधाई दी। श्री मोदी ने श्री फ्रैंक बैनीमारामा के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंधों के भविष्य में और मजबूत होने की आशा व्यक्त की।

 

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प्रधानमंत्री 6 जुलाई को अग्रदूत समाचार पत्र समूह के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करेंगे
July 05, 2022
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 6 जुलाई, 2022 को शाम 4:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अग्रदूत समाचार पत्र समूह के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, जो अग्रदूत की स्वर्ण जयंती समारोह समिति के मुख्य संरक्षक हैं, भी मौजूद रहेंगे।

अग्रदूत की शुरुआत असमिया भाषा में एक द्वि-साप्ताहिक के रूप में हुई थी। इसकी स्थापना असम के वरिष्ठ पत्रकार कनक सेन डेका ने की थी। वर्ष 1995 में, दैनिक अग्रदूत का एक नियमित दैनिक समाचार पत्र के रूप में प्रकाशन शुरू हुआ और यह असम की एक विश्वसनीय एवं प्रभावशाली आवाज के तौर पर उभरा है।