प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान 20 मई 2023 को हिरोशिमा में कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम श्री यून सुक येओल के साथ मुलाकात की।

दोनों नेताओं ने भारत - कोरिया गणराज्य की विशेष रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की और विशेष रूप से व्यापार और निवेश, उच्च प्रौद्योगिकी, आईटी हार्डवेयर विनिर्माण, रक्षा, सेमीकंडक्टर और संस्कृति के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की।

दोनों नेताओं ने दर्ज किया कि दोनों देश इस वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं और उन्होंने अपने सहयोग को और अधिक बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

राष्ट्रपति यून सुक येओल ने प्रधानमंत्री के जी-20 के नेतृत्व की सराहना की और अपना समर्थन जताया। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष सितंबर में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति यून की भारत यात्रा की उम्मीद जताई।

प्रधानमंत्री ने कोरिया गणराज्य की हिंद-प्रशांत रणनीति और उसमें भारत के महत्व का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का सकारात्मक आदान-प्रदान भी किया।

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प्रधानमंत्री ने सम्मान और सराहना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया
June 17, 2026

प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकृति व्यक्ति को मूल्यवान, गौरवान्वित और संतुष्ट महसूस कराती है। उन्होंने उल्लेख किया कि ऐसी पहचान न केवल आत्मविश्वास को बढ़ाती है, बल्कि व्यक्ति में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करती है।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषित साझा किया-

“त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌ ।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”

यह सुभाषित संदेश देता है कि जब हमें किसी व्यक्ति द्वारा सम्मान के साथ स्वीकार किया जाता है, तो हम अत्यंत गर्व और सौभाग्य का अनुभव करते हैं। यह पूर्णतः सत्य है कि महान व्यक्तियों द्वारा दिया गया सम्मान किसी व्यक्ति के भीतर उसके स्वयं के गुणों के प्रति आत्मविश्वास को गहराई से जगाता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;

“स्नेहपूर्ण सम्मान और स्वीकार्यता व्यक्ति को गर्व और संतोष का अनुभव कराती है। इससे जहां आत्मविश्वास बढ़ता है, वहीं एक नई ऊर्जा और उत्साह का भी संचार होता है।

त्वत्सम्भावितमात्मानं बहु मन्यामहे वयम्‌।

प्रायः प्रत्ययमाधत्ते स्वगुणेषूत्तमादरः।।”