चीन के तियानजिन में SCO समिट से इतर, पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक की, जहाँ यूक्रेन संघर्ष चर्चा का मुख्य विषय रहा। पीएम मोदी ने शांति की दिशा में हाल के प्रयासों का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया और रेखांकित किया कि स्थायी शांति का मार्ग खोजना आवश्यक है। व्यापक मानवीय पहलू पर जोर देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह केवल एक क्षेत्रीय चिंता नहीं, बल्कि मानवता का आह्वान है।
पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए हालिया संघर्षों और सप्लाई चेन में आई बाधाओं से पैदा हुई वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर बात की। उन्होंने भारत को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने लोगों से ईंधन की खपत कम करने, कारपूलिंग अपनाने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने की अपील की, ताकि आयात पर दबाव कम हो और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके।
पीएम मोदी ने लोगों को जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और घरेलू पर्यटन अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया। आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए उन्होंने नागरिकों से गैरजरूरी विदेशी सामान की खरीद से बचने, मेड-इन-इंडिया उत्पादों को समर्थन देने और सोना व खाद्य तेल जैसे आयात कम करने की अपील की। उन्होंने केमिकल फर्टिलाइजर पर निर्भरता घटाने और नेचुरल फार्मिंग व सोलर पावर आधारित कृषि समाधानों पर अधिक फोकस करने का भी आह्वान किया।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट राष्ट्रीय प्रयास जरूरी है। उन्होंने कहा कि टिकाऊ विकास, आत्मनिर्भरता और रेसपॉन्सिबल कंजम्पशन की दिशा में हर नागरिक का छोटा योगदान भी भारत के भविष्य को मजबूत बना सकता है।


