Your Excellency, Prime Minister स्टार्मर,
भारत और UK के business leaders,
नमस्कार!

आज भारत-UK CEOs Forum की इस बैठक में शामिल होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। सबसे पहले मैं प्रधानमंत्री स्टार्मर का उनके मूल्यवान विचारों के लिए आभार व्यक्त करता हूँ।

बीते वर्षों में आप सभी बिजनस लीडर्स के निरंतर प्रयासों से ये फोरम, भारत-UK स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरा है। अभी आपके विचारों को सुन कर मेरा विश्वास और गहरा हुआ है कि हम natural पार्टनर्स के रूप में और तेजी से आगे बढ़ेंगे। और इसके लिए मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूँ।

Friends,

मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच ये वर्ष भारत-UK संबंधों की स्थिरता बढ़ाने वाला रहा है...अभूतपूर्व रहा है। इस वर्ष जुलाई में मेरी UK यात्रा के दौरान हमने Comprehensive Economic and Trade Agreement, यानि सीटा, पर हस्ताक्षर किये थे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि केलिए मैं अपने मित्र Prime Minister स्टार्मर की प्रतिबद्धता और उनकी vision को में ह्रदय से सराहना करता हूँ और उनका अभिनन्दन करता हूँ। ये केवल एक ट्रेड समझौता नहीं, बल्कि विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच shared progress, shared prosperity and shared peoples का रोडमैप है। Market access के साथ-साथ यह समझौता दोनों देशों में MSMEs को बल देगा। इससे लाखों युवाओं के लिए रोज़गार के नए द्वार भी खुलेंगे।

साथियों,

ये सीटा अपने पूरे potential को प्राप्त कर सके, इसके लिए मैं चार नए आयाम, इस सीटा को आपके बीच रखना चाहता हूं। यह मेरे सीटा के जो नए आयाम हैं, शायद इसको काफी ब्रॉड बेस देंगे।

C, यानि Commerce & Economy
E, यानि Education & People-to-People Ties
T, यानि Technology & Innovation
A, यानि Aspirations

आज हमारा द्विपक्षीय व्यापार लगभग 56 बिलियन डॉलर है। हमने 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। मुझे विश्वास है, ये लक्ष्य हम समय से पहले ही हासिल कर सकते हैं।

साथियों,

आज भारत में policy stability, predictable regulation और large-scale demand है। ऐसे में इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, एनर्जी, finance सहित हर क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसर मौजूद हैं। यह भी ख़ुशी का विषय है कि UK की 9 universities भारत में अपना कैंपस खोलने जा रही हैं। आने वाले समय में Academia-Industry की साझेदारी, हमारी इनोवेशन इकानमी का सबसे बड़ा driving force बनेगी।

साथियों,

आज टेलीकॉम, AI, बायोटेक, Quantum, सेमीकंडक्टर, साइबर और स्पेस जैसे क्षेत्रों में हमारे बीच सहयोग की अनगिनत नई संभावनाएं बन रही हैं। डिफेन्स के क्षेत्र में भी, हम co-design और co-production की ओर आगे बढ़ रहे हैं। अब समय है कि हम इन सभी संभावनाओं को कंक्रीट सहयोग में बदलने पर तेज गति से काम करें। क्रिटिकल मिनेरल्स, रेयर-अर्थ, API जैसे स्ट्रटीजिक सेक्टर्स में हमें structured तरीके से आगे बढ़ना चाहिए। इससे हमारे संबंधों को एक फ्यूचरिस्टिक दिशा मिलेगी।

साथियों,

FinTech सेक्टर में आप सभी ने भारत के सामर्थ्य को देखा है। आज विश्व के लगभग पचास प्रतिशत real time digital transactions भारत में हो रहे हैं। Financial Services में UK का अनुभव और भारत का DPI मिलकर पूरी मानवता का हित कर सकते हैं।

साथियों,

हमारे संबंधों को नई ऊर्जा देने के लिए Prime Minister स्टार्मर और मैंने Vision 2035 की घोषणा की थी। यह हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं का ब्लूप्रिन्ट है। भारत और UK जैसी open, democratic societies के बीच, कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है, जिसमें हम सहयोग न बढ़ा सकें। भारत का टैलेंट और scale, और UK की R&D और एक्स्पर्टीज़- ये combination बड़े परिणाम लाने की क्षमता रखता है। इन aspirations और Ambitions को targeted और टाइम-bound तरीके से पूरा करने में आपका सहयोग और समर्थन अति-महत्वपूर्ण है।

Friends,

आप में से अधिकतर कंपनियां भारत में पहले से मौजूद हैं। आज भारत की अर्थव्यवस्था में व्यापक रूप से रिफॉर्म्स किये जा रहे हैं, Compliances को कम करते हुए Ease of Doing Business पर focus किया जा रहा है। हाल ही में हमने GST Reforms की घोषणा की है। इससे हमारे middle class, MSMEs की growth story को नई ताकत मिलेगी...और आप सभी के लिए भी संभावनाएं बढ़ेंगी।

साथियों,

Infrastructure विकास हमारे लिए प्राथमिकता का विषय है। हम नेक्स्ट जनरेशन फिज़िकल इन्फ्रस्ट्रक्चर में इन्वेस्ट कर रहे हैं। 2030 तक, 500 गीगावाट के रीन्युएबल एनर्जी के लक्ष्य की ओर हम तेजी से अग्रसर हैं। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि हम न्यूक्लियर पॉवर सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल रहे हैं। और इन सभी से भारत-UK सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के अवसर बने हैं। मैं आपको भारत की इस विकास यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूँ। मेरा विचार है कि क्या भारत और UK के business leaders मिलकर कुछ ऐसे सेक्टर चुन सकते हैं, जहाँ हम संयुक्त रूप से दुनिया में नंबर वन बन सके ? चाहे वो FinTech हो, Green Hydrogen हो, Semiconductors हों या Start-ups हो। और भी कई क्षेत्र हो सकते हैं। Let India and the UK set Global Benchmarks together!

एक बार फिर, अपना कीमती समय निकालकर यहाँ आने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की शक्ति को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
March 06, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that the people of India, through their firm resolve, make even the most difficult tasks possible. He noted that with tireless effort in the right direction, they achieve even the biggest goals.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“यद् दूरं यद् दुराराध्यं यच्च दूरे व्यवस्थितम्। तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥”

The Subhashitam conveys that no matter how far, difficult, or out of reach a goal may seem, it can be achieved through firm determination and continuous hard work. Determination and patience are the forces that turn the impossible into possible.

The Prime Minister wrote on X;

“भारत के लोग अपने दृढ़ निश्चय से किसी भी कार्य को संभव बना देते हैं। सही दिशा में अपनी अथक मेहनत से वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर दिखाते हैं।

यद् दूरं यद् दुराराध्यं यच्च दूरे व्यवस्थितम्।

तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥”