प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज देश के प्रत्येक नागरिक के लिए सस्ती और सुलभ स्‍वास्‍थ्‍य सेवा सुनिश्चित करने की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया है। जन औषधि केन्द्रों और आयुष्मान भारत जैसी परिवर्तनकारी पहलों को आगे बढ़ाते हुए, सरकार ने अब #NextGenGST सुधारों के तहत एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।

एक्स पर डॉ. सुमीत शाह के एक पोस्ट का जवाब देते हुए श्री मोदी ने लिखा:

"प्रत्येक भारतीय के लिए किफायती स्वास्थ्य सेवा हमेशा से हमारा लक्ष्य रहा है।

जन औषधि केंद्रों से आयुष्मान भारत तक और अब आवश्यक स्वास्थ्य उत्पादों पर जीएसटी में कमी के साथ, 33 जीवन रक्षक दवाओं पर शून्य कर सहित, हम गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल को सभी के लिए अधिक सुलभ और किफायती बनाने की अपनी यात्रा जारी रखेंगे।

#NextGenGST”

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प्रधानमंत्री ने ज्ञान के सार को आत्मसात करने पर केंद्रित संस्कृत सुभाषित साझा किया
January 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जो ज्ञान की विशालता के बीच केवल उसके सार पर ध्यान केंद्रित करने की शाश्वत बुद्धिमत्ता पर जोर देता है।

संस्कृत श्लोक-

अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।
यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥

यह सुभाषित इस भाव को व्यक्त करता है कि यद्यपि ज्ञान प्राप्ति के लिए असंख्य शास्त्र और विविध विद्याएँ उपलब्ध हैं, किंतु मानव जीवन समय की सीमाओं और अनेक बाधाओं से बंधा हुआ है। अतः, मनुष्य को उस हंस के समान बनना चाहिए जो दूध और पानी के मिश्रण में से केवल दूध को अलग करने की क्षमता रखता है अर्थात, हमें भी अनंत सूचनाओं के बीच से केवल उनके सार—उस परम सत्य को पहचानना और ग्रहण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

“अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।

यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥”