ओडिशा और बिहार के बाद, इस बार पश्चिम बंगाल में भी कमल खिलेगा: बैरकपुर चुनावी रैली में पीएम मोदी
जब से मैंने घर छोड़ा है, मुझे आप सबके बीच रहकर ही खुशी और सुकून मिला है और आप ही मेरा परिवार हैं: पीएम मोदी
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाकर हमने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों में से एक को पूरा किया है: बैरकपुर में पीएम मोदी
TMC की एकमात्र रणनीति गाली-गलौज करना, धमकियां देना और झूठी बातें फैलाना ही लगती है: बैरकपुर में पीएम मोदी
पिछले 15 सालों में TMC का एक भी नेता अपने काम या उपलब्धियों का हिसाब नहीं दे पाया है: बैरकपुर में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को बैरकपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए राज्य के भविष्य को ‘पूर्वोदय’ से जोड़ते हुए अपना विजन पेश किया। ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ सभा की शुरुआत करते हुए उन्होंने बच्चों एवं कलाकारों द्वारा बनाए गए चित्रों की सराहना की। उन्होंने धन्यवाद पत्र भेजने की बात कही, जिससे सभा का माहौल भावनात्मक और आत्मीय बन गया।

प्रधानमंत्री ने बैरकपुर की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि 1857 के पहले स्वतंत्रता संग्राम में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने इसे वर्तमान परिवर्तन की ऊर्जा से जोड़ते हुए कहा कि आज यही भूमि बंगाल में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर रही है। उन्होंने जनता के उत्साह को देखते हुए विश्वास जताया कि आगामी चुनाव परिणाम राज्य में नई सरकार का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

अपने संबोधन में पीएम ने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि दशकों से देशभर में काम करने के बावजूद उन्हें बंगाल के चुनाव अभियान में एक विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने इसे मां काली की कृपा और बंगाल की जनता के प्रेम से जोड़ा। उन्होंने कहा, ‘इस चुनाव में, एक अलग ही अनुभव कर रहा हूं। इतनी गर्मी के बावजूद इतनी रैलियों के बावजूद मुझे बंगाल के इस चुनाव में जरा भी थकान महसूस नहीं हुई। मैं देखता था कि रोड शो तय स्थान पर खत्म होने के बाद भी बहुत आगे तक लोग कतार में लगे हैं। तो मैं दोगुने उत्साह से फिर उनके बीच चला जाता था। हेलीपैड पर भी यही होता था। ये रोड शो मेरे लिए राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहा। मैं अनुभव करता था ये रोड शो मेरे लिए तीर्थ यात्रा की तरह रहे हैं। मैं मां काली के भक्तों के बीच जाता था, तो संभवत: इसलिए मां काली भी मुझे निरंतर नई ऊर्जा से भरती जा रही थीं।‘

प्रधानमंत्री ने बंगाल के प्रति अपने भावनात्मक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा कि यहां की जनता का स्नेह उनके जीवन की ‘सबसे बड़ी पूंजी’ है। उन्होंने एक घटना का उल्लेख किया जिसमें एक युवती उनसे मिलने के लिए उत्सुक थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से मिल नहीं पाई। इस पर उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास को अपना दायित्व बताया।

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल का चुनाव केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के विकास से जुड़ा हुआ है। उन्होंने ‘अंग, बंग और कलिंग’ की ऐतिहासिक अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के समग्र विकास के लिए इन क्षेत्रों का सशक्त होना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि बिहार और ओडिशा में परिवर्तन के बाद अब बंगाल की बारी है।

पीएम ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उनके संकल्पों को पूरा करना भाजपा की प्राथमिकता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को उसी दिशा में उठाया गया कदम बताया और बंगाल की समृद्धि को अगला लक्ष्य बताया।

प्रधानमंत्री ने राज्य की वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में विकास, महिला सुरक्षा, किसानों और युवाओं के लिए अपेक्षित कार्य नहीं हुए। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों का पतन हो रहा है, जूट मिलें और कारखाने बंद हो रहे हैं, जिससे रोजगार संकट बढ़ा है। बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जहां कभी उत्पादन होता था, वहां अब असुरक्षा और हिंसा का माहौल है।

पीएम मोदी ने ‘डबल इंजन सरकार’ की अवधारणा को प्रस्तुत करते हुए आश्वासन दिया कि भाजपा की सरकार बनने पर औद्योगिक पुनरुद्धार, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत कोलकाता क्षेत्र को एक प्रमुख औद्योगिक हब बनाने का वादा किया।

पीएम ने युवाओं के लिए पांच प्रमुख गारंटियों की घोषणा की, जिनमें पारदर्शी सरकारी भर्तियां, रिक्त पदों को भरना, क्रिएटिव इकॉनॉमी का विस्तार, ग्रामीण रोजगार की गारंटी और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए वित्तीय सहायता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये केवल वादे नहीं बल्कि ‘मोदी की गारंटी’ हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता से जुड़े कई वादे किए। उन्होंने मातृशक्ति के लिए वित्तीय सहायता, बेटियों की शिक्षा के लिए सहयोग, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की बात कही। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करने का आश्वासन दिया।

पीएम मोदी ने कोलकाता की पहचान और विरासत को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शहर को ‘सिटी ऑफ जॉय’ से ‘सिटी ऑफ फ्यूचर’ बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। साथ ही, अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की बात कही, जबकि शरणार्थियों को नागरिकता और अधिकार देने का भरोसा दिलाया।

प्रधानमंत्री ने सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध आह्वान का उल्लेख करते हुए जनता से एक अवसर देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह चुनाव हिंसा, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और भय से मुक्ति का अवसर है। प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से अधिकतम मतदान सुनिश्चित करने और भाजपा के समर्थन में जनसंपर्क बढ़ाने का आह्वान किया।

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।