प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्तमान में ब्राज़ील की राजधानी ब्रासीलिया की राजकीय यात्रा पर हैं। श्री मोदी ने आज ब्रासीलिया के अल्वोराडा पैलेस में ब्राज़ील के राष्ट्रपति, महामहिम लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा से भेंट की। राष्ट्रपति लूला ने श्री मोदी का उनके आगमन पर गर्मजोशी से मेजबानी की और उनका भव्य तथा रंगारंग औपचारिक स्वागत किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति लूला ने सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर के प्रारूपों में वार्ता की और भारत तथा ब्राज़ील के बीच बहुआयामी महत्वपूर्ण साझेदारी के सभी पहलुओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने उन साझा मूल्यों की पुष्टि की जो भारत-ब्राज़ील के मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंधों का आधार हैं। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वास्थ्य और औषधि, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे के विकास, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे और यूपीआई, पारंपरिक चिकित्सा, योग, खेल संबंध, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों, आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और सुपर कंप्यूटर, डिजिटल सहयोग और गतिशीलता जैसे सहयोग के नए क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों की खोज पर भी चर्चा की।

दोनों नेताओं ने व्यापार और वाणिज्यिक मामलों पर चर्चा के लिए एक मंत्रिस्तरीय व्यवस्था की स्थापना का स्वागत किया। उन्होंने भारत-मर्कोसुर अधिमान्य व्यापार समझौते के विस्तार सहित द्विपक्षीय व्यापार को मज़बूत करने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा। दोनों नेताओं ने ऊर्जा क्षेत्र में चल रहे सहयोग का जायजा लेते हुए निवेश के अवसरों का पता लगाने पर सहमति व्यक्त की क्योंकि दोनों देशों में हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में अपार संभावनाएँ उपस्थित हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के बाद भारत के साथ प्रदर्शित की गई एकजुटता और समर्थन के लिए ब्राज़ील का धन्यवाद किया। यह आतंकवाद के सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों का मुकाबला करने के लिए दोनों देशों की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त ना करने की नीति होनी चाहिए और ऐसे अमानवीय कृत्यों को बढ़ावा देने वालों से कड़ाई से निपटा जाना चाहिए। राष्ट्रपति लूला इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों को आतंकवाद से लड़ने और उसे हराने के लिए वैश्विक समुदाय के साथ मिलकर काम करना चाहिए।

दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित वैश्विक शासन संस्थाओं में सुधार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेता जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक कार्रवाई को मज़बूत करने हेतु मिलकर काम करने पर भी सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी सीओपी-30 जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के लिए ब्राज़ील को अपनी शुभकामनाएँ दीं। दोनों नेता ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करते रहने पर सहमत हुए।

वार्ता के बाद, आतंकवाद निरोध, सुरक्षा क्षेत्र में सूचना के आदान-प्रदान, कृषि अनुसंधान, नवीकरणीय ऊर्जा, बौद्धिक संपदा अधिकार और डिजिटल सहयोग [इंडिया स्टैक] के क्षेत्रों में छह समझौता ज्ञापनों [विवरण यहाँ देखे जा सकते हैं] को अंतिम रूप दिया गया। राजकीय यात्रा के अवसर पर एक संयुक्त वक्तव्य [लिंक] भी जारी किया गया।

राष्ट्रपति लूला ने प्रधानमंत्री के सम्मान में एक मध्याह्न भोज का भी आयोजन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला को उनके भव्य आतिथ्य के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

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प्रधानमंत्री ने सामूहिक समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
May 22, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया। जिसमें सभी के विकास, समृद्धि और सामूहिक कल्याण के लिए आशीर्वाद का आह्वान किया गया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:

"वनस्पते शतवल्शो वि रोह सहस्रवल्शा वि वयं रुहेम।

यं त्वामयं स्वधितिस्तेजमानः प्रणिनाय महते सौभगाय॥"


हे वनस्पति, तुम सैकड़ों-हजारों शाखाओं के साथ विकसित और समृद्ध बनो, और हम भी तुम्हारे साथ उन्नति करें। जिस तेजस्वी शक्ति ने तुम्हें महान कल्याण और समृद्धि के लिए विकसित किया है, वही हम सबके लिए भी मंगलकारी हो।