आज शुरू किए गए विकास कार्यों से बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और आंध्र प्रदेश तेजी से विकास करेगा: प्रधानमंत्री
अमरावती ऐसी भूमि है जहाँ परंपरा और प्रगति साथ-साथ चलते हैं: प्रधानमंत्री
एनटीआर गारू ने एक विकसित आंध्र प्रदेश की कल्पना की थी, हमें मिलकर अमरावती, आंध्र प्रदेश को विकसित भारत का विकास इंजन बनाना है: प्रधानमंत्री
भारत अब उन देशों में शामिल है जहां बुनियादी ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण हो रहा है: प्रधानमंत्री
विकसित भारत का निर्माण चार स्तंभों - गरीब, किसान, युवा और महिला शक्ति पर किया जाएगा: प्रधानमंत्री
नागयालंका में बनने वाला नवदुर्गा टेस्टिंग रेंज मां दुर्गा की तरह ही देश की रक्षा शक्ति को मजबूत करेगा, इसके लिए मैं देश के वैज्ञानिकों और आंध्र प्रदेश की जनता को बहुत-बहुत बधाई देता हूं: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती में 58,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरावती की पवित्र भूमि पर खड़े होकर, वे केवल एक शहर नहीं बल्कि एक सपने को साकार होते हुए देख रहे हैं- एक नया अमरावती, एक नया आंध्र। प्रधानमंत्री ने कहा, "अमरावती एक ऐसी भूमि है जहाँ परंपरा और प्रगति साथ-साथ चलती है, जो बौद्ध विरासत की शांति और एक विकसित भारत के निर्माण की ऊर्जा दोनों को समेटे हुए है।" उन्होंने कहा कि आज परियोजनाओं की आधारशिला और उद्घाटन किए गए हैं और ये परियोजनाएँ केवल कंक्रीट के ढांचों के लिए नहीं हैं बल्कि आंध्र प्रदेश की आकांक्षाओं और भारत विकास की कल्पना की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान वीरभद्र, भगवान अमरलिंगेश्वर और तिरुपति बालाजी की पूजा-अर्चना करते हुए आंध्र प्रदेश के लोगों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री श्री पवन कल्याण को भी अपनी शुभकामनाएं दीं।

श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि इन्द्र लोक की राजधानी कभी अमरावती कहलाती थी और अब अमरावती आंध्र प्रदेश की राजधानी है, उन्होंने कहा कि यह महज संयोग नहीं है, बल्कि स्वर्ण आंध्र के निर्माण के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो विकास की दिशा में भारत के मार्ग को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अमरावती स्वर्ण आंध्र की कल्पना को ऊर्जा प्रदान करेगा और इसे प्रगति और परिवर्तन का केन्द्र बनाएगा। श्री मोदी ने तेलुगु में कहा, "अमरावती सिर्फ एक शहर नहीं है, यह एक ताकत है, यह वह ताकत है जो आंध्र प्रदेश को एक आधुनिक राज्य में बदल देगी और एक शक्ति जो आंध्र प्रदेश को एक उन्नत राज्य में बदल देगी।"

अमरावती को एक ऐसे शहर के रूप में देखते हुए जहां आंध्र प्रदेश के युवाओं के सपने साकार होंगे, प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आने वाले वर्षों में अमरावती सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित ऊर्जा, स्वच्छ उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अग्रणी शहर के रूप में उभरेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इन क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित करने में राज्य सरकार को पूरा सहयोग दे रही है।

श्री मोदी ने भविष्य की तकनीक को बड़े पैमाने पर देखने और उसे तेजी से लागू करने के लिए श्री चंद्रबाबू नायडू की सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने याद किया कि 2015 में उन्हें प्रजा राजधानी की आधारशिला रखने का सौभाग्य मिला था, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले कई वर्षों में केन्द्र सरकार ने अमरावती के विकास के लिए व्यापक समर्थन दिया है और बुनियादी ढांचे के लिए सभी आवश्यक कदम सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि श्री नायडू के नेतृत्व में नई राज्य सरकार विकास के प्रयासों में तेजी लाई है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उच्च न्यायालय, विधानसभा, सचिवालय और राजभवन सहित प्रमुख संस्थानों के निर्माण को अब प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "एनटीआर गारू ने एक विकसित आंध्र प्रदेश की कल्पना की थी", उन्होंने अमरावती और आंध्र प्रदेश को विकसित भारत का विकास इंजन बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों का आग्रह किया, एनटीआर गारू के सपने को पूरा करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने तेलुगु में कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है और इसे हमें मिलकर हासिल करना चाहिए।

इस बात पर जोर देते हुए कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने भौतिक, डिजिटल और सामाजिक बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर ध्यान केन्द्रित किया है, श्री मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत अब दुनिया में सबसे तेजी से आधुनिकीकरण करने वाले बुनियादी ढांचे वाले देशों में से एक है और आंध्र प्रदेश इस प्रगति से काफी लाभान्वित हो रहा है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये की सड़क और रेल परियोजनाएं आवंटित की गई हैं, जिससे इसके विकास में तेजी आई है। उन्होंने कहा, "आंध्र प्रदेश कनेक्टिविटी के एक नए युग का गवाह बन रहा है, जो जिले-दर-जिले संपर्क को बढ़ाएगा और पड़ोसी राज्यों के साथ कनेक्टिविटी में सुधार करेगा", उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों को बड़े बाजारों तक पहुंच आसान लगेगी और उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक दक्षता से लाभ होगा। श्री मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पर्यटन और तीर्थयात्रा क्षेत्र भी गति पकड़ेंगे, जिससे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। उन्होंने रेनीगुंटा-नायडुपेटा राजमार्ग का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे तिरुपति बालाजी मंदिर तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी, जिससे भक्त बहुत कम समय में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से विकास करने वाले देशों ने अपने रेलवे नेटवर्क को बहुत महत्व दिया है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछला दशक भारतीय रेलवे के लिए परिवर्तनकारी अवधि रहा है, जिसमें भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश में रेलवे विकास के लिए रिकॉर्ड धनराशि आवंटित की है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2009 से 2014 के बीच, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का संयुक्त रेल बजट ₹900 करोड़ से कम था, जबकि आज, अकेले आंध्र प्रदेश का रेल बजट ₹9,000 करोड़ से अधिक है, जो दस गुना से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, “बढ़े हुए रेल बजट के साथ, आंध्र प्रदेश ने 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण हासिल किया है”, उन्होंने कहा कि राज्य अब आठ जोड़ी आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों के साथ-साथ अमृत भारत ट्रेन का संचालन करता है, जो आंध्र प्रदेश से होकर गुजरती है। उन्होंने आगे बताया कि पिछले 10 वर्षों में, राज्य भर में 750 से अधिक रेल फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत आंध्र प्रदेश में 70 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, जिससे यात्रियों के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा सुनिश्चित होगा।

बुनियादी ढांचे के विकास के गुणक प्रभाव पर जोर देते हुए, विनिर्माण क्षेत्र पर इसके प्रत्यक्ष प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, श्री मोदी ने कहा कि सीमेंट, स्टील और परिवहन सेवाओं जैसे कच्चे माल को बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से काफी लाभ होता है, जिससे कई उद्योगों को मजबूती मिलती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास से भारत के युवाओं को सीधे लाभ होता है, जिससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में हजारों युवा वर्तमान बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से रोजगार की नई संभावनाएं प्राप्त कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने लाल किले से अपने संबोधन के दौरान दिए गए वक्तव्य को दोहराते हुए कहा, “विकसित भारत की नींव चार प्रमुख स्तंभों- गरीब, किसान, युवा और महिला सशक्तिकरण पर टिकी है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये स्तंभ उनकी सरकार की नीतियों के केन्द्र में हैं, जिसमें किसानों के कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए, भारत सरकार ने पिछले 10 वर्षों में सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए लगभग ₹12 लाख करोड़ खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को हजारों नए और उन्नत बीज वितरित किए गए हैं, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम फसल बीमा योजना के तहत, आंध्र प्रदेश के किसानों को ₹5,500 करोड़ का दावा निपटान मिला है। इसके अतिरिक्त, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत, आंध्र प्रदेश के लाखों किसानों के खातों में सीधे ₹17,500 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है, जिससे उनकी आजीविका के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित हुई है।

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत देश भर में सिंचाई परियोजनाओं का तेजी से विस्तार कर रहा है, साथ ही नदी-जोड़ने की पहल शुरू कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर खेत तक पानी पहुंचे और किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, श्री मोदी ने जोर देकर कहा कि नई राज्य सरकार के गठन के साथ, पोलावरम परियोजना ने नये सिरे से गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से आंध्र प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में बदलाव आएगा। उन्होंने फिर से पुष्टि की कि उनकी सरकार पोलावरम परियोजना को पूरा करने में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार का पूरा समर्थन कर रही है।

दशकों से भारत को अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने में आंध्र प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीहरिकोटा से छोड़ा गया हर मिशन लाखों भारतीयों को गर्व से भर देता है, जिससे देश के युवाओं को अंतरिक्ष अन्वेषण की ओर प्रेरणा मिलती है। उन्होंने भारत के रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा करते हुए कहा कि एक नया रक्षा संस्थान स्थापित किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि डीआरडीओ की नई मिसाइल परीक्षण रेंज की आधारशिला रखी गई है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नागयालंका में नव दुर्गा परीक्षण रेंज भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने का काम करेगी, जिसे माँ दुर्गा की दिव्य शक्ति से शक्ति मिलेगी। उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए देश के वैज्ञानिकों और आंध्र प्रदेश के लोगों को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत की ताकत सिर्फ़ उसके हथियारों में नहीं बल्कि उसकी एकता में है।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एकता की यह भावना देश भर के शहरों में स्थापित किए जा रहे एकता मॉलों के ज़रिए और भी मज़बूत हुई है। उन्होंने घोषणा की कि विशाखापत्तनम में जल्द ही अपना एकता मॉल होगा, जहाँ पूरे भारत के कारीगर और शिल्पकार एक ही छत के नीचे अपने उत्पाद प्रदर्शित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ये मॉल लोगों को भारत की समृद्ध विविधता से जोड़ेंगे, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे और "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की कल्पना को मज़बूत करेंगे।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) का 10वां संस्करण आंध्र प्रदेश में मनाया जाएगा और वह स्वयं इसमें शामिल होंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अगले 50 दिनों में योग पर अधिक से अधिक गतिविधियाँ करें और विश्व रिकॉर्ड बनाएँ। यह टिप्पणी करते हुए कि आंध्र प्रदेश में न तो सपने देखने वालों की कमी है और न ही सफल लोगों की, प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सही रास्ते पर है और विकास के लिए सही गति पकड़ चुका है। उन्होंने आंध्र प्रदेश की प्रगति में तेजी लाने के लिए निरंतर गति बनाए रखने का आग्रह किया और अपने अटूट समर्थन का आश्वासन देते हुए अपनी बात समाप्‍त की कि वे उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।

इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल श्री सैयद अब्दुल नजीर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केन्द्रीय कैबिनेट के मंत्री तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

देश भर में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश में 7 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न खंडों का चौड़ीकरण, सड़क ओवर ब्रिज और सबवे का निर्माण आदि शामिल हैं। ये परियोजनाएँ सड़क सुरक्षा को और बढ़ाएँगी; रोज़गार के अवसर पैदा करेंगी; तिरुपति, श्रीकालहस्ती, मालाकोंडा और उदयगिरि किले जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को रेलवे परियोजनाएं भी समर्पित कीं, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी और क्षमता को बढ़ाना है। इन परियोजनाओं में बुग्गनपल्ले सीमेंट नगर और पन्यम स्टेशनों के बीच रेल लाइन का दोहरीकरण, रायलसीमा और अमरावती के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना और न्यू वेस्ट ब्लॉक हट केबिन और विजयवाड़ा स्टेशनों के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण शामिल है।

प्रधानमंत्री ने 6 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और एक रेलवे परियोजना की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न खंडों का चौड़ीकरण, एलिवेटेड कॉरिडोर, हाफ क्लोवर लीफ और रोड ओवर ब्रिज का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं से कनेक्टिविटी, अंतर-राज्यीय यात्रा में सुधार होगा, भीड़भाड़ कम होगी और समग्र रसद दक्षता में सुधार होगा। गुंटकल पश्चिम और मल्लप्पा गेट स्टेशनों के बीच रेल ओवर रेल का निर्माण मालगाड़ियों को बायपास करने और गुंटकल जंक्शन पर भीड़भाड़ कम करने का लक्ष्य रखता है।

प्रधानमंत्री ने कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें विधानसभा, उच्च न्यायालय, सचिवालय, अन्य प्रशासनिक भवन और 5,200 से अधिक परिवारों के लिए आवास भवन शामिल हैं, जिनकी लागत 11,240 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें ट्रंक इंफ्रास्ट्रक्चर और बाढ़ शमन परियोजनाएं भी शामिल होंगी, जिसमें 320 किलोमीटर का विश्व स्तरीय परिवहन नेटवर्क शामिल है, जिसमें भूमिगत उपयोगिताओं और उन्नत बाढ़ प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं, जिनकी लागत 17,400 करोड़ रुपये से अधिक है। लैंड पूलिंग स्कीम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में राजधानी अमरावती में 20,400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 1,281 किलोमीटर सड़कें शामिल होंगी, जो सेंट्रल मीडियन, साइकिल ट्रैक और एकीकृत उपयोगिताओं से सुसज्जित होंगी।

प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के नागयालंका में करीब 1,460 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मिसाइल परीक्षण रेंज की आधारशिला भी रखी। इसमें एक प्रक्षेपण केन्द्र, तकनीकी उपकरण सुविधाएं, स्वदेशी रेडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम शामिल होंगे जो देश की रक्षा तैयारियों को बढ़ाएंगे।

प्रधानमंत्री ने विशाखापत्तनम के मधुरवाड़ा में पीएम एकता मॉल की आधारशिला भी रखी। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना, मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करना, एक जिला एक उत्पाद को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना, ग्रामीण कारीगरों को सशक्त बनाना और स्वदेशी उत्पादों की बाजार में उपस्थिति बढ़ाना है।

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अजमेर से शुरू किया गया HPV वैक्सीनेशन अभियान, देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम: राजस्थान में पीएम मोदी
February 28, 2026
Our government is committed to all-round development: PM
आज मुझे अजमेर से राष्ट्रव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने, कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ: प्रधानमंत्री
The HPV vaccination campaign has commenced from Ajmer, this campaign is a significant step towards empowering the Nari Shakti of the country: PM
The double-engine government is moving forward by taking both Rajasthan’s heritage and development together: PM
The campaign to link rivers started by our government will significantly benefit Rajasthan: PM
There is no shortage of sunlight in Rajasthan, this very sunshine is becoming a source of savings and income for the common man: PM
A very significant role is being played by the PM Surya Ghar Free Electricity Scheme, this scheme has the power to change Rajasthan's destiny: PM

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।