कोकराझार गौरवशाली बोडो संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है: प्रधानमंत्री
ये विकास परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई हैं: प्रधानमंत्री
आज बोडोलैंड शांति और विकास की राह पर चल पड़ा है; असम शांति और विकास का नया अध्याय लिख रहा है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार ने बोडो समाज की धर्म और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी पारंपरिक आस्था, बाथोऊ को भी बड़ा सम्मान दिया गया है: प्रधानमंत्री
हमें असम के विकास की गति को और तीव्र करना होगा, असम की जनता के आशीर्वाद से 'विकसित असम' का संकल्प अवश्य पूरा होगा: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से असम के कोकराझार में विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि खराब मौसम के कारण वे स्वयं कोकराझार नहीं आ सके और उन्होंने उपस्थित नागरिकों से इसके लिए क्षमा मांगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि वे गुवाहाटी से संवाद कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि वे बोडोफा उपेंद्रनाथ ब्रह्मा और रूपनाथ ब्रह्मा जैसे महान व्यक्तित्वों को नमन करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का आना उनके प्रति एक ऋण है, जिसे वे समर्पित सेवा और क्षेत्रीय विकास के माध्यम से चुकाना चाहते हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा, "आपकी सेवा और इस क्षेत्र के विकास के माध्यम से इस ऋण को चुकाना हमेशा से मेरा प्रयास रहा है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुवाहाटी की अपनी पिछली यात्रा के दौरान उन्हें बागुरुम्बा दहौ उत्सव में जीवंत बोडो संस्कृति का अनुभव करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि बोडो समुदाय अपनी भाषा, विरासत और परंपराओं को सावधानीपूर्वक संरक्षित करने के लिए अपार प्रशंसा का पात्र है। श्री मोदी ने कहा कि बाथौ जैसी आध्यात्मिक प्रथाएं और बैसागु जैसे त्योहार भारत की समग्र सांस्कृतिक शक्ति को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि "ये परंपराएं भारत की सांस्कृतिक शक्ति को सुदृढ़ करती हैं"।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोहरी इंजन वाली सरकार असम की विरासत को संरक्षित करने और इसकी तीव्र प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि चालू कार्यक्रम के दौरान 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आरंभ किया गया। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि बोडोलैंड में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए विशेष रूप से 1,100 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम माला अभियान का तीसरा चरण राज्य भर में कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। श्री मोदी ने कहा, "इन पहलों के माध्यम से असम की सड़क कनेक्टिविटी और भी मजबूत होगी।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में क्षेत्रीय परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कामाख्या-चारलापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस और गुवाहाटी-न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि ये परिवहन परियोजनाएं जनता को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देंगी। श्री मोदी ने कहा कि बेहतर व्यवस्था से किसानों को बड़े बाजारों तक सुगम पहुंच मिलेगी और वे सशक्त बन सकेंगे। प्रधानमंत्री ने इन परिवर्तनकारी विकास कार्यों के शुभारंभ पर नागरिकों को बधाई दी। श्री मोदी ने कहा, "ये परियोजनाएं सुनिश्चित करेंगी कि किसानों की उपज सरलता से प्रमुख बाजारों तक पहुंचे।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोकराझार और आसपास के क्षेत्रों ने पिछले कई दशकों में भारी पीड़ा और नुकसान झेला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब पहाड़ियों में केवल हिंसा और हथियारों की आवाजें गूंजती थीं। श्री मोदी ने कहा कि अब वातावरण में सद्भाव आ गया है और 'खाम' और 'सिफुंग' जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि हवा में गूंज रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बोडोलैंड और असम वर्तमान में शांति और समृद्धि का एक नया अध्याय लिख रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, "आज बोडोलैंड शांति और विकास के पथ पर चल पड़ा है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए बीटीआर क्षेत्र में छह महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की आधारशिला आज रखी गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि रेल संपर्क को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें एक रेलवे कार्यशाला की स्थापना भी शामिल है। श्री मोदी ने कहा कि भूटान के लिए आगामी रेल संपर्क और विभिन्न स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यह क्षेत्र एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स केंद्र बन जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोकराझार में वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस का ठहराव इस क्षेत्र की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक है। श्री मोदी ने बल देकर कहा, "इन परियोजनाओं के माध्यम से कोकराझार व्यापार का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे हाग्रामा मोहिलारी और हेमंत बिस्वा शर्मा के नेतृत्व वाली टीमों को विकास के प्रति उनके समर्पण के लिए हार्दिक बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार स्थायी स्थिरता को प्राथमिकता देती है। श्री मोदी ने उल्लेख किया कि बोडो शांति समझौता एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी जिसने सभी प्रमुख संगठनों को एक मंच पर एकजुट किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समावेशी दृष्टिकोण अतीत की राजनीति से अलग था। श्री मोदी ने कहा, "हमने सभी को साथ लाकर स्थायी शांति के लिए ईमानदारी से प्रयास किए।"

श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान सरकार अपने वादों को पूरा करने में सदैव ही सफल रही है। उन्होंने छठी अनुसूची के तहत 2003 में गठित बीटीसी का उदाहरण दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बोडोलैंड विश्वविद्यालय और केंद्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जैसे संस्थान इस प्रतिबद्धता के प्रमाण हैं। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "हमारी दोहरी इंजन वाली सरकार ने ईमानदारी से किए गए हर वादे को पूरा करने का प्रयास किया है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2020 के बोडो समझौते के तहत किए गए सभी वादों को सरकार द्वारा व्यवस्थित रूप से पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वादे के मुताबिक बोडो भाषा को सहयोगी राजभाषा का दर्जा दे दिया गया है। श्री मोदी ने बताया कि 1,500 करोड़ रुपये का विशेष विकास पैकेज लागू किया गया है और साथ ही नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना भी की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 10,000 पूर्व विद्रोहियों को मुख्यधारा में शामिल करना इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी जीत है। श्री मोदी ने कहा, "हम युवाओं को मुख्यधारा में लाने के अपने हर वादे को पूरा कर रहे हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने बोडो समुदाय की आस्था और परंपराओं को राष्ट्रीय मान्यता दिलाने का काम किया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बताया कि बोडो की पारंपरिक आस्था, बाथू को उच्च सम्मान दिया गया है और उसे एक अलग जनगणना कोड भी दिया गया है। श्री मोदी ने कहा कि आध्यात्मिक महत्व के विभिन्न स्थलों के विकास और संरक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह के कदम जनजातीय आबादी की सांस्कृतिक पहचान के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। श्री मोदी ने जोर देकर कहा, "बोडो समाज की परंपराओं को अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है।"

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में अवैध कब्जेदारों से भूमि वापस लेने के लिए चलाए गए व्यापक अभियान पर संतोष व्यक्त किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने असम के मूल निवासियों को कानूनी भूमि स्वामित्व प्रदान करने में सफलता प्राप्त की है। श्री मोदी ने इस महत्वपूर्ण अभियान में जनजातीय समुदाय के सक्रिय सहयोग की सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर राज्य के सपने को साकार करने के लिए असम में विकास की गति को तीव्र करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि जनता के निरंतर आशीर्वाद से 'विकसित असम' का संकल्प अवश्य पूरा होगा। श्री मोदी ने सभी नई परियोजनाओं की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, "जनता के आशीर्वाद से विकसित असम का संकल्प अवश्य पूरा होगा।"

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